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नई दिल्ली। वोडाफोन आइडिया को उम्मीद है कि अगले तीन-चार महीने में इंडस टावर में अपनी 11.15 फीसद हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे लगभग 5,500 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है। भारती इन्फ्राटेल द्वारा अप्रैल 2018 में किए गए एक अनुबंध के अनुसार, कंपनी के पास भारती ग्रुप की सबसे बड़ी मोबाइल टावर कंपनी में विलय से पहले इंडस टावर में 11.15 फीसद हिस्सेदारी बेचकर नकदी प्राप्त करने का विकल्प है।वोडाफोन आइडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अक्षय मूंद्रा ने कहा, 'अभी एनसीएलटी में प्रक्रिया चल रही है और अनुमान है कि अगले तीन-चार महीने में यह पूरी हो जाएगी। विलय से पहले हमें नकदी प्राप्त करने का अधिकार है। हालांकि, मूल्य में उतार-चढ़ाव हो सकता है। मूल्य भारती इन्फ्रा टेल के शेयर की कीमतों पर निर्भर है। भारती इन्फ्राटेल की मौजूदा शेयर कीमतों के अनुसार, नकद मूल्य 5,500 करोड़ रुपये है।'कंपनी को उम्मीद है कि इंडस टावर में अपनी हिस्सेदारी बेचने से जुटाई गई राशि और 25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू की बदौलत वह लंबे समय तक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम होगी।वोडाफोन आइडिया के सीईओ बालेश शर्मा ने कहा, 'हमें भरोसा है कि राइट्स इश्यू और इंडस टावर लिमिटेड की हिस्सेदारी बेचकर जुटाई गई राशि के जरिए हमें जरूरी निवेश कर अपना रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।'

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