नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ आपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने मंगलवार को उन दो नोटिस पर रोक लगा दीं जो कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम की ओर से रिलायंस कम्युनिकेशन्स को जारी की गईं थी। ये नोटिस भुगतान में देरी के कारण कंपनी को दिये गये स्पेक्ट्रम लाइसेंस को रद्द करने के लिए जारी किए गए थे।न्यायाधीश एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय खंडपीठ ने 20 मार्च 2019 को डॉट की ओर से एक्सिस बैंक को लिखे एक पत्र पर भी रोक लगा दी है। यह पत्र एक्सिस बैंक को 2,000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भुनाने के लिए भेजा गया था। यह गारंटी अनिल अंबानी समूह की कंपनी ने दे रखी है।अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कहा कि आरकॉम को सरकार की ओर से भेजा गया कारण बताओ नोटिस और एक्सिस बैंक को 4 फरवरी को भेजा गया पत्र उसके आदेश के खिलाफ है। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में बिना उसकी मंजूरी के संपत्ति बिक्री पर रोक लगाई हुई है।एनसीएलएटी ने कहा कि आर कॉम को सरकार द्वारा भेजा गया कारण बताओ नोटिस तथा एक्सिस बैंक को चार फरवरी को दिया गया पत्र उसके आदेश के खिलाफ है। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में बिना उसकी मंजूरी के संपत्ति बिक्री पर रोक लगाई हुई है। एनसीएलएटी ने कहा, " दूरसंचार विभाग की ओर से 14 और 15 मार्च की तारीख वाला कारण बताओ नोटिस और 20 मार्च 2019 को भेजा गया पत्र ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ है।"

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