नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रोमोटर्स मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह से पूछा है कि वह किस तरह 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे। सिंगापुर की एक ट्रिब्यूनल ने सिंह बंधुओं के खिलाफ आदेश दिया है, जिसके मुताबिक उन्हें दाइची सैंक्यों को 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना है।चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कोर्ट में मौजूदा सिंह बंधुओं को उनके वित्तीय और कानूनी सलाहकारों से विचार विमर्श करने के लिए कहा है, ताकि वह ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन कर सकें।कोर्ट ने कहा, 'यह किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा का मामला नहीं है, बल्कि देश की प्रतिष्ठा का मामला है। आप कभी फार्मा इंडस्ट्री की पहचान थे और यह ठीक नहीं लगता कि आप कोर्ट में आएं।'बेंच ने सिंह बंधुओं को 28 मार्च को अदालत में पेश होकर भुगतान योजना सौंपने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि कोर्ट में यह आपकी आखिरी मौजूदगी हो।'सुप्रीम कोर्ट जापानी दवा कंपनी दाइची सैंक्यो की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जो 3,500 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए कोर्ट गई है। मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह के खिलाफ सिंगापुर की ट्रिब्यूनल ने आदेश पारित कर 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।

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