नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खुदरा महंगाई के अनुमान को घटाकर 2.8 प्रतिशत कर दिया है।महंगाई में आई कमी और अर्थव्यवस्था में सुस्ती को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ी राहत देते हुए ब्याज दरों में कटौती की है।अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए 3.2-3.4 प्रतिशत महंगाई का अनुमान लगाया गया है। जबकि तीसरी तिमाही में इसके बढ़कर 3.9 फीसदी होने का अनुमान है।आरबीआई ने कहा, 'आने वाले दिनों में कई कारण महंगाई को दिशा देंगे। कई सामानों की कीमतों में आई भारी गिरावट की वजह से खाद्य महंगाई दर नीचे आई है। अनाजों की कीमतों में भी नरमी आई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई खाद्य पदार्थों की सप्लाई में इजाफा हुआ है।'गौरतलब है कि महंगाई में आई कमी और अर्थव्यवस्था में सुस्ती को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बड़ी राहत देते हुए ब्याज दरों में कटौती की है।गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में हुई समीक्षा बैठक के बाद आरबीआई ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे 6.25 फीसद कर दिया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपने मौद्रिक रुख को ''सख्त'' से बदलकर ''सामान्य/न्यूट्रल'' कर दिया है।आरबीआई ने महंगाई के लिए 4 फीसद (+- दो फीसद) का लक्ष्य रखा है। ईंधन की कीमतों में गिरावट से देश की खुदरा महंगाई दर दिसंबर में घटकर 2.19 फीसद हो गई। नवंबर में यह 2.33 फीसद थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में पिछले महीने तेज गिरावट आई, क्योंकि साल 2017 के दिसंबर में सीपीआई की दर 5.21 फीसदी थी। पिछले कुछ महीनों में महंगाई दर आरबीई के तय लक्ष्य से नीचे रही है।ब्याज दरों को तय करने वक्त आरबीआई खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है

 

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