नई दिल्ली - भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को जानकारी दी है कि वो अगले हफ्ते एमएसएमई और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
आरबीआइ की ओर से एमएसएमई सेक्टर के लोन को एक बार पुर्नगठन किए जाने का तोहफा दिए जाने के बाद दास ने ट्वीट किया, "अगले सप्ताह हम MSME सेक्टर और NBFC के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।"
आरबीआइ के बोर्ड ने 19 नवंबर की अहम बैठक में सुझाव दिया था कि आरबीआइ 25 करोड़ रुपये तक के दबावग्रस्त लेकिन स्टैंडर्ड असेट्स के पुनर्गठन के लिए अपनी योजना पर दोबारा विचार करे। लेकिन यह कदम इस तरह उठाया जाए कि वित्तीय स्थिरता बरकरार रहे।
नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में तरलता की समस्या देश के सबसे बड़े एनबीएफसी में से एक आईएलएंडएफएस के एक के बाद एक लोन डिफाल्ट की सीरीज के बाद पैदा हुई। सरकार ने IL&FS के बोर्ड को अपने अधीन लेकर कर्ज में डूबी इस कंपनी की कई संपत्तियों का मुद्रीकरण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि एमएसएमई के कर्जो के पुनर्गठन का मुद्दा सरकार और आरबीआइ के बीच काफी गरम रहा था। वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने 19 नवंबर की आरबीआइ बोर्ड की बैठक में एमएसएसई सेक्टर में नकदी किल्लत पर विस्तृत प्रजेंटेशन दिया था। सरकार ने इस सेक्टर को मदद पहुंचाने के लिए कई सुझाव दिए थे।

 

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