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नई दिल्ली। दिल्ली के भजनपुरा इलाके के एक घर में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों का शव सड़ी-गली हालत में मिला। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक ही घर में पांच लोगों का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
सभी एक ही परिवार के;-मृतकों की पहचान शंभूनाथ (45), पत्नी सुनीता (42), बेटे शिवम (17), सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर अंदर से बंद था। बाहरी प्रवेश की आशंका नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। डीसीपी ज़िला पुलिस उपायुक्त वेद प्रकाश सूर्या मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है, तीन शव एक कमरे में और दो शव एक कमरे में मिले हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार भी मौके पर पहुंचे।जानकारी के मुताबिक बुधवार दिन में करीब 11:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि गली नंबर-11, सी ब्लॉक, भजनपुरा में एक घर से बदबू आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर बंद था। पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। यहां पांच शवों को देखकर पुलिसकर्मी और पड़ोसी भी सहम गए। सभी शव आसपास ही पड़े थे और घर में सभी सामान अपनी जगह पर थे। ऐसे में आत्महत्या की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
पांच दिन पहले की हो सकती है घटना:-पुलिस के मुताबिक शवों की हालत को देखकर आशंका है कि इनकी मौत चार से पांच दिन पहले हुई है। जांच में पता चला है कि शंभूनाथ यहां परिवार के साथ करीब छह महीने से किराये पर रह रहे थे। वह ई-रिक्शा चलाते थे। परिवार का आसपड़ोस के लोगों से कम बोलचाल था। आशंका है कि आर्थिक परेशानी के कारण परिवार ने यह कदम उठाया, लेकिन पुलिस इस बाबत कोई भी बयान देने से बच रही है।
इन लोगों का मिला शव
शंभु कुमार
सुनीता
शिवम
सचिन
कोमल
तीनों बच्चे यमुना विहार बी-2 राजकीय स्कूल में पढ़ते थे। यह भी जानकारी सामने आई है कि मृतक परिवार मूल रूप से ज़िला सुपौल, गांव मलहनी बिहार का रहने वाला था।

कोलकाता। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की भारी बहुमत से जीत पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने केजरीवाल को बधाई दी है। साथ ही उन्हें सलाह दी है कि वह दिल्ली के स्कूलों और मदरसों में हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कराएं।कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, 'अरविंद केजरीवाल जी को जीत की बधाई। निश्चित ही जो हनुमानजी की शरण में आता है उसे आशीर्वाद मिलता है। अब समय आ गया है कि हनुमान चालीसा का पाठ दिल्ली के सभी स्कूलों, मदरसों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में भी जरूरी हो।' उन्होंने आगे लिखा, 'बजरंगबली की कृपा से अब दिल्लीवासी बच्चे क्यों वंचित रहें?'जानकारी हो कि दिल्ली में चुनाव भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन 'हनुमान जी ' पर चल रही राजनीतिक उठा-पटक अबतक शांत नहीं हुई है। हनुमान चालीसा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भी शांत नहीं हुआ है। भाजपा की हार के बाद बुधवार सुबह भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई देते हुए एक बार फिर हनुमान जी को बीच में लेकर आ गए।दिल्ली में आम आदमी पार्टी की भारी बहुमत से जीत पर अरविंद केजरीवाल को चौतरफा बधाई मिल रही हैं। विपक्ष के तमाम नेताओं समेत बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी उन्हें बधाई देते हुए सलाह दी है कि वह दिल्ली के स्कूलों और मदरसों में हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कराएं। विजयवर्गीय ने कहा कि बजरंगबली की कृपा से दिल्ली के बच्चे क्यों वंचित रहें। निश्चित ही जो हनुमानजी की शरण में आता है उसे आशीर्वाद मिलता है। अब समय आ गया है कि हनुमान चालीसा का पाठ दिल्ली के सभी विद्यालयों, मदरसों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में भी जरूरी हो। जानकारी हो कि एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि अभी तो केजरीवाल जी ने हनुमान चालीसा पढ़नी शुरू की है, आप देखना आगे-आगे क्या होता है। ओवैसी भी एक दिन हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ता दिखाई देगा।बता दें कि इस चुनाव में एक न्यूज चैनल को साक्षात्कार के दौरान अरविंद केजरीवाल ने हनुमान चालीसा गाकर सुनाया था, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता उनपर चारों ओर से हमलावर हो गए हैं। कपिल मिश्रा ने भी इसे लेकर केजरीवाल पर निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीट किया था कि केजरीवाल हनुमान चालीसा पढ़ने लगे हैं, अभी तो ओवैसी भी हनुमान चालीसा पढ़ेगा। ये हमारी एकता की ताकत है। ऐसे ही एक रहना है। इकट्ठा रहना है। एक होकर वोट करना है। कपिल मिश्रा ने आगे लिखा कि हम सबकी एकता से 20 प्रतिशत वाली वोट बैंक की गंदी राजनीति की कब्र खुदकर रहेगी।

आजमगढ़। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि जहां-जहां जुल्म होगा, वहां-वहां जाऊंगी। सरकार का काम जनता को सुरक्षा देना है, जबकि लोगों पर जुल्म ढाया जा रहा है। सीएए के विरोध में धरने पर बैठी महिलाएं खुद उठने वालीं थीं, लेकिन उसके बावजूद जानबूझकर पुलिस ने ज्यादती की। केंद्र सरकार का नया कानून संप्रदाय नहीं संविधान के खिलाफ है। बिलरियागंज में हुए जुल्म की मानवाधिकार आयोग में जिम्मेदार अधिकारियों के नाम सहित शिकायत करूंगी, ताकि कोई बचने नहीं पाए।कांग्रेस महासचिव बिलरियागंज में पांच फरवरी को हुए बवाल के क्रम में कथित तौर पर पीड़ित महिलाओं से मिलने आईं थीं। वह दोपहर में 1.05 बजे पहुंच गईं थी। डेढ़ घंटे तक महिलाओं से मुलाकात के बाद निकलीं तो मीडिया से चलते-चलते रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग संविधान तोड़ने का काम कर रहे हैं। मौलाना ने हिंसा की बात नहीं की, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
प्रियंका गांधी से मिलकर निकलीं महिलाएं आश्वस्त नजर आ रहीं थीं;-उधर प्रियंका गांधी से मिलकर निकलीं महिलाएं आश्वस्त नजर आ रहीं थीं। उन्होंने कहा कि हमे न्याय का भरोसा मिला है। उन्हें सुनने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। इससे पूर्व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को दिन में 11 बजे आजमगढ़ जिले में प्रवेश कर गईं। उनका जगह-जगह लोगों ने जबरदस्त स्वागत किया गया।
काले झंडे एवं काले कपड़े दिखाकर विरोध किया गया;-कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी गुरुवार सुबह 11 बजे आजमगढ़ में प्रवेश कर गईं थीं। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने एक निजी व्यक्ति के खाली पड़े स्थान को चिह्नित किया गए थे। करीब एक बजे महिलाओं से मुलाकात के लिए बनाए गए स्थल पर पहुंचने के लिए भीड़ ने जोर आजमाइ्श की लेकिन पुलिस ने किसी को जाने नहीं दिया। आजमगढ़ से बिलरियागंज रोड पर पटवा सरैया बाजार मे प्रियंका गांधी के बिलरियागंज जाने पर काले झंडे एवं काले कपड़े दिखाकर विरोध किया गया। पुलिस ने तत्‍काल ऐसे लोगो को खदेड़ दिया। महिलाओं को वहीं पर मुलाकात कराने की व्यवस्था की गई है लेकिन मीडिया की एंट्री पर पाबंदी रही। अपर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ही मीडिया से रूबरू होना नहीं चाहती हैं।
कांग्रेस नेता अजय राय भी बाहर ही रह गए:-महिलाओं से मुलाकात को बनाए गए स्थल पर पहुंचने के लिए भीड़ ने जोर आजमाइ्श की लेकिन पुलिस ने किसी को जाने नहीं दिया। कांग्रेस नेता अजय राय भी बाहर ही रह गए, जिन्हें बाद में अंदर बुलाया गया।

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के गार्गी कॉलेज में छेड़खानी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। याचिका दाखिल कर इस मामले में सीबीआइ जांच की मांग की गई है।छह फरवरी को कॉलेज में एक कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें कई लोग शामिल हुए थे। कॉलेज की एक छात्रा ने बताया कि कार्यक्रम में कई लड़कियां भी शामिल हुई हैं। इसमें बाहर के कुछ शरारती तत्‍व बाहर घुस गए और हमारे साथ छेड़खानी करने लगे। शोर-शराबे के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि इस दौरान कई घंटे हंगामा होता रहा।

धनुषकोडि। रामेश्‍वरम स्थित धनुषकोडि (Dhanushkodi) में आ रहे पर्यटक यहां मौजूद गंगाचिल्‍ली (seagulls) के झुंड को देख मंत्रमुग्‍ध हैं। बुधवार को seagulls का यह झुंड रामेश्‍वरम के अराइकल मुनाई प्‍वाइंट (Arichal Munai point) पर पहुंचा जिसे देख वहां मौजूद पर्यटक अचरज में पड़ गए। जो पर्यटक यहां के खूबसूरत बीच को निहारने आए उन्‍हें यहां दुर्लभ seagulls भी दिख गए।वर्ष 1964 में इस तट पर आए चक्रवाती तूफान के बाद धनुषकोडि तबाह हो गया था। भारत व श्रीलंका को आपस में जोड़ने वाला एकमात्र स्‍थल धनुषकोडि में आए चक्रवाती तूफान के कारण सौ से अधिक यात्रियों वाली एक रेलगाड़ी भी समुद्र में डूब गई थी। तब से यह जगह सुनसान हो गई। अभी भी बर्बाद हुए चर्च के अवशेष वहां बिखरे पड़े हैं। 1964 से पहले यह आइलैंड मुख्‍य पर्यटक स्‍थल था। यहां रेलवे स्टेशन, अस्पताल, चर्च, होटल और पोस्ट ऑफिस बना हुआ था।समुद्र के मध्य में स्थित रामेश्‍वरम पहुंचने के लिए करीब पांच किमी समुद्र को पार करना पड़ता है। श्रीलंका के करीब मौजूद यह क्षेत्र रेल और सड़क दोनों से जुड़ा है। यहीं मौजूद धनुषकोडि गांव से श्रीलंका की दूरी महज 29 किमी है। यही वह स्थान है जहां से लंका जाने के लिए भगवान राम ने सेतु का निर्माण किया था।इस जगह के नाम के बारे में कहा जाता है कि रावण के भाई विभीषण के आग्रह पर भगवान राम ने अपने धनुष के एक सिरे से सेतु को तोड़ दिया था और इसके बाद ही इसे धनुषकोडि नाम दिया गया। तमिल में कोडि का अर्थ सिरा होता है। तमिलनाडु के पूर्वी तट पर मौजूद रामेश्वरम भारत का अंतिम छोर है। यहां से श्रीलंका को देखा जा सकता है।

 

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी से साफ इनकार कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बुधवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है और अब बैलेट पेपर पर वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि आयोग आने वाले दिनों में विभिन्न चुनावी सुधारों और मॉडल कोड पर राजनीतिक दलों के साथ काम करेगा।'टाइम्स नाउ समिट' को संबोधित करते हुए सीईसी ने जोर देकर कहा कि दिन-प्रतिदिन का संवाद अधिक कठिन होता जा रहा है और इसे टालना चाहिए।उन्होंने कहा कि ईवीएम, कार या पेन की तरह खराब हो सकती हैं, लेकिन उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनें अभी 20 साल से उपयोग में हैं और बैलेट पेपर पर लौटने का कोई सवाल ही नहीं है।उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न अदालतों ने वोट डालने के लिए मशीनों के इस्तेमाल को सही ठहराया है।
मतदान के बाद EVM पर बोले थे मुख्य चुनाव आयुक्त:-इससे पहले दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly Elections 2020) के लिए शनिवार को मतदान के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अरोड़ा ने नई दिल्ली विधानसभा सीट के निर्माण भवन (Nirman Bhawan) में पोलिंग सेंटर पर जाकर अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने दिल्ली वालों से अपील करते हुए कहा कि शाम तक जितना ज्यादा वोट कर सकते हैं करें। राजनीतिक पार्टियों द्वारा ईवीएम मशीन पर सवाल उठाए जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सवाल उठाना उनका काम है उत्तर देना हमारा दायित्व है।सुनील अरोड़ा के साथ दिल्ली (Delhi) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणवीर सिंह भी थे। मतदान के बाद अरोड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि मतदाताओं में मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए उत्साह दिख रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार अधिक मतदान होने के बारे में भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, 'उम्मीद पर जीवन कायम है।'

बेंगलुरु। कर्नाटक के कांग्रेस विधायक एनए हैरिस के बेटे मोहम्मद नालपाड की कार दुर्घटना का शिकार हो गई है। मोहम्मद नालपाड की लग्जरी स्‍पोर्ट्स कार हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 4 लोग घायल हो गए। बता दें कि मोहम्मद नालपाड 2 साल पहले मर्डर के एक केस में जमानत पर बाहर है। जेल से बाहर आते ही वह फिर से विवादों में घिर गए हैं।बता दें कि मोहम्मद नालपाड 2018 में पब के अंदर एक व्‍यक्ति से भिड़ गए थे। इस दौरान नालपाड ने इस शख्स बेहद बुरी तरह पीटा, ऐसे आरोप उन पर लगे हैं। इस मामले में वह जेल में बंद था। अभी वह जमानत पर बाहर है। हालांकि, बाहर आते ही वह फिर एक विवाद में घिर गए हैं। अब उनकी कार से बड़ा हादसा हो गया है। यह सड़क दुर्घटना बेंगलुरु रोड के पास हुई।ये सड़क हादसा रविवार को बेंगलुरु के बेलारी रोड पर हुआ। बताया जा रहा है कि मोहम्मद नालपाड की कार बड़ी तेज गति में थी। कार ने पहले मोटरसाइकिल को टक्‍कर मारी। इसके बाद ऑ‍टोरिक्‍शा से टकरा गई और फिर सड़क किनारे बनी दुकान के ऊपर चढ़ गई। इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं।इस एक्‍सीडेंट के बारे में पुलिस कमिश्नर रविकांते गौड़े ने कहा कि बालकृष्ण नाम का एक व्यक्ति आत्मसमर्पण करने के लिए आया, जो कार चला रहा था। लेकिन जांच में पता चला कि वह नालपाड था, जो कार चला रहा था। पुलिस ने आरोपी पेश होने का नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता एस प्रकाश का कहन है कि नालपाड पर गुंडा एक्ट के तहत केस दर्ज होना चाहिए। कोर्ट को इस मामले पर संज्ञान लेना चाहिए और उसकी जमानत रद कर देनी चाहिए। वह एक सीरियल अपराधी है जो लोगों को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे शख्‍स को बाहर रहने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा चीन के डॉक्टरों में बढ़ गया है। संक्रमित रोगियों की बढ़ती संख्या का इलाज और मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी के कारण डॉक्टरों के ही संक्रमित होने का जोखिम बन गया है। सबसे भयंकर स्थिति वुहान में है, जहां से यह वायरस फैलना शुरू हुआ है। यहां हर सप्ताह हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। बता दें कि चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बुधवार को 1,110 हो गई। 44,200 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।कई डॉक्टरों को उचित मास्क या प्रोटेक्टिव बॉडी सूट के बिना रोगियों को देखना पड़ रहा है। यही नहीं उन्हें उसी उपकरण का फिर से उपयोग करने का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उन्हें नियमित रूप से बदलना चाहिए। वुहान के एक सामुदायिक केंद्र के एक डॉक्टर ने कहा कि वह और कम से कम उसके 16 अन्य सहयोगियों में नए वायरस के समान लक्षण दिखा रहे हैं।
नेपाल में आइसोलेशन सेंटर के खिलाफ प्रदर्शन:-नेपाल ने चीन के वुहान शहर से अपने लोगों को वापस लाकर भक्तरपुर प्रांत में रखने की बात कही है। इसके बाद से यहां स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आइसोलेशन सेंटर बस्तियों के करीब है। इस कारण वे भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।
जापानी क्रूज पर 39 नए मामलों की पुष्टि;-जापान के योकोहामा तट पर खड़े डायमंड प्रिंसेस क्रूज पर 39 नए मामलों की पुष्टि हुई है। जापान के स्वास्थ्य मंत्री कतसुनोबू काटो ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार क्रूज पर इसके 174 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि 53 में से 39 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने साथ ही कहा कि वहां तैनात कुछ अधिकारी भी इससे संक्रमित हो गए हैं।
सिंगापुर में 45 मामले सामने आए:-कोरोना वायरस के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए, दक्षिण कोरिया और इजराइल ने अपने नागरिकों को सिंगापुर की यात्रा न करने की सलाह दी है, जहां 10 फरवरी को घातक वायरस के पहले मामले की पुष्टि हुई थी। यहां अभी-तक 45 मामले सामने आए हैं।
कई देशों ने जारी की एडवाइजरी;-सीएनए ने बताया कि इंडोनेशिया और ताइवान ने अपने लोगों को सिंगापुर का दौरा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है, जबकि कुवैत और कतर ने भी यात्रा सलाह जारी की है। दोनों देशों ने नागरिकों को महामारी के मद्देनजर देश में गैर-जरूरी यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया है।
हांगकांग में 49 मामले सामने आए;-समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार चीन के स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि 8,204 मरीज गंभीर स्थिति में है और 16,067 लोगों को वायरस से संक्रमित होने का संदेह है। कुल 4,740 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। मंगलवार के अंत तक, हांगकांग में एक मौत सहित 49 मामले सामने आए हैं, मकाऊ में 10 और ताइवान में 18 मामले दर्ज किए गए हैं।
वायरस को 'COVID-19' नाम दिया गया:-समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार मंगलवार को 94 लोगों की हुबेई प्रांत में मौत हुई। जबकि, 1,638 नए मामले सामने आए हैं। बता दें कि हुबेई से ही यह वायरस दिसंबर में फैला था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा आयोजित जिनेवा में एक सम्मेलन में आधिकारिक तौर पर वायरस को 'COVID-19' नाम दिया गया था।

 

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश स्थित रामपुर के नवाब खानदान की बहू नूर बानो को तालीम उस जमाने में मिली जब मुस्लिम लड़कियों के लिए यह बहुत सहज नहीं था। राजस्थान के महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल में मिली तहजीब ने जिंदगी को आसान कर दिया। खुद इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकीं रामपुर की इस पूर्व सांसद के पास यादों का भी खजाना है। बेशुमार यादें हैं। नवाब रजा अली खां साहब ने कैसे उन्हें बहू बनाने का निर्णय किया और इस खानदान में वह कैसे आईं, यह उन्हें आज भी बखूबी याद है। जमीन-जायदाद के बंटवारे के बीच उनकी चिंता उन कुछ खास दस्तावेज को भी सहेजने की है, जिनमें खानदान की शानो-शौकत के किस्से दर्ज हैं। खासबाग महल की दीवारों पर लगी पेंटिंग के खराब होने का दुख उन्हें सालता है। उनसे मुरादाबाद के संपादकीय प्रभारी की बातचीत के प्रमुख अंश :
रामपुर के इस नवाब खानदान से आपका ताल्लुक कैसे बना?
मैं राजस्थान में महारानी गायत्री देवी पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। मेरे वालिद अमीनुद्दीन खां साहब की रामपुर के नवाब रजा अली खां साहब से पहचान थी। वैसे तो हम लोग मूलरूप से फिरोजपुर झिरका (हरियाणा) के रहने वाले थे, लेकिन अंग्रेजों से अदावत के कारण रियासत छूट गई और जयपुर आकर बसना पड़ा। यहां उस समय देश में पहला स्कूल ऐसा खुला था, जहां लड़कियों की पढ़ाई की मुकम्मल व्यवस्था महारानी गायत्री देवी ने की थी। नवाब रजा अली खां साहब से एक दिन जयपुर किसी काम से आए थे और मेरे घर मेहमान थे। तभी उन्होंने मुझे बहू बनाने का फैसला कर लिया था।
जीवन में किस चीज को सर्वाधिक अहमियत आप देती हैं?
मैं रिश्ते को बहुत महत्व देती हूं। धन-दौलत, शानो-शौकत सब समय के साथ मिट जाता है, छूट जाता है पर रिश्ता कायम रहता है। पीढ़ी दर पीढ़ी उसकी छाप बनी रहती है। मुझे देखिए, किस रिश्ते की बदौलत इतना सम्मान रामपुर के लोगों ने दिया। यह रिश्ता नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां की बेगम या नवाब रजा अली खां खानदान की बहू होने से जुड़ा है। यह रिश्ता रामपुर के आम आदमी से मोहब्बत का है, तभी तो नवाब मिक्की मियां और मैंने सात बार भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व किया।
अपने राजनीतिक जीवन के बारे में कुछ बताइए?
राजनीति में मैं मिक्की मियां साहब के बाद आई। मुझे सबका बहुत सहयोग मिला। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हर पारिवारिक आयोजन में मैं मौजूद रही। मेनका गांधी और सोनिया गांधी को बहू रूप में जब नेहरू परिवार लाया था, मैं साक्षी बनी थी। मेरा सौभाग्य रहा कि महारानी गायत्री देवी और इंदिरा गांधी के बीच आपसी संबंध चाहे जैसे रहे हों, मैं दोनों का स्नेह पा सकी।
क्या प्रिवी पर्स खत्म करने के फैसले के पीछे गायत्री देवी से खराब रिश्ता भी एक कारण था?
(इस सवाल को टाल कर वह कहती हैं-) देश की कई बड़ी हस्तियों के साथ ही इंदिरा गांधी का भी मेरे रामपुर वाले घर पर आना हुआ था।
आपके शौक क्या थे और क्या हैं?
पहले पियानो बजाती थी, अब नहीं बजाती हूं। इस समय फूलों की क्यारी सजाने का शौक बना है। मुझे हथियार चलाने की ट्र्रेंनग मिली थी। नवाब साहब हमें शिकार पर साथ ले जाते थे पर मैंने कभी शिकार नहीं किया। मेरे जीवन का एक शौक रक्षा बंधन का भी है। मैं करीब चार दशक से कोटा के राज परिवार के बृजराज सिंह को राखी बांधती हूं।
संसदीय जीवन की कुछ यादें ?
सऊदी में हज यात्रियों के लिए बनी टेंट सिटी में जब 1997 में आग लग गई थी। तब मेरी अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार ने भेजा था। सऊदी में किसी मुस्लिम महिला का प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता के रूप में जाना महत्वपूर्ण बात थी। इसके बाद दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मुझे संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर पर आयोजित एक डिबेट में हिस्सा लेने भेजा था।
बंटवारे के बाद ऐतिहासिक मूल्य की जो संपत्ति मिलेगी, उसका क्या करेंगी?
बहुत कुछ सरकार के निर्णय पर निर्भर करता है। मेरे खानदान ने हमेशा दुनिया के भले के लिए सोचा। नवाब साहब जब रामपुर में बेटियों की पढ़ाई के लिए प्रयास कर रहे थे, तब उनका बहुत विरोध हुआ था, लेकिन आज इसकी अहमियत सबको मालूम है। दुनिया उसी को याद करती है जो दुनिया के लिए कुछ करता है। हथियारों का भी बंटवारा होगा। मेरी कोशिश होगी कि खानदानी विरासत की चीजें आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षित रहें।

 

 

 

नई दिल्ली। मौसम विभाग की ताजा जानकारी की बात की जाए तो अभी भी लोगों को ठंड से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिंदू कुश, पीर पंजाल और मध्य हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी हो सकती है। यानी पहाड़ों पर, जिनमें हिमाचल और जम्मू-कश्मीर मुख्य हैं, यहां बर्फबारी होगी।मौसम विभाग ने बताया कि बर्फबारी की वजह से उत्तरी मैदानी इलाकों में एक बार फिर ठंड बढ़ने की संभावना है। बता दें कि उत्तरी और उत्तर-मध्य क्षेत्र में जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा मध्य प्रदेश राज्य आते हैं। यहां के प्रमुख शहरों में नई दिल्ली, कानपुर, जयपुर, लखनऊ, इंदौर, लुधियाना, चंडीगढ़ आदि आते हैं। आइए जानते हैं राज्यों का हाल...
जम्मू-कश्मीर में मौसम फिर बदला:-उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बादल छाने के साथ ही एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। बादल छाये रहने के साथ ही तापमान में भी हल्की गिरावट आई है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी शुरू हो चुकी है। कश्मीर के गुलमर्ग, पहलगाम आदि क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है।मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर से मिली जानकारी अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का दबाव बना हुआ है। यह दबाव 13 फरवरी तक सक्रिय रहेंगे। उसके साथ ही मौसम साफ होने लगेगा। उसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी। 19 के बाद फिर से पश्चिमी विक्षोभ का दवाब बनता दिख रहा है।
झारखण्ड में नहीं रुक रहा शीतलहर का प्रकोप:-झारखण्ड की राजधानी रांची में पिछले दिनों से चल रही शीतलहर लोगों की परेशानी का सबब बन गई है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 25.5 व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया। सामान्य तापमान की अपेक्षा अधिकतम तापमान में शून्य व न्यूनतम तापमान में 5.0 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग के निदेशक डॉ. एसडी कोटाल ने बताया कि फिलहाल झारखंड के ऊपर कोई सिनोप्टिक तंत्र कारगर नहीं है। संभवत: बुधवार से न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के तहत अगमी छह दिनों तक आसमान साफ रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना;-मौसम विभाग ने 11 व 12 फरवरी को प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी जबकि मैदानी क्षेत्रों में कुछ जगह बारिश की संभावना जताई थी। ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। प्रदेश में सुबह व शाम का तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस नीचे है। तामपान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बर्फबारी व बारिश की संभावना है। प्रदेश में 13 से 16 फरवरी तक मौसम साफ रहने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश में दिन-रात की ठंड;-राजधानी लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, बरेली सहित ज्यादातर शहरों में तापमान सामान्य चार से पांच डिग्री नीचे चले जाने की आशंका है। इस दौरान शीत लहर जैसे हालात बन सकते हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ, कानपुर, आगरा, और प्रयागराज जिलों में अगले कुछ घंटे के दौरान मौसम के बिगड़ने का पूर्वानुमान लगाया है। पिछे कुछ दिन से उत्तर प्रदेश के शहरों में बादल छाए हुए हैं।वहीं, बताया गया कि जब तक आकाश में बादल छाय रहेंगे, तब तक तापमान में उतार चढ़ाव रहेगा। उत्तर भारत की तरफ से आने वाली हवाओं के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक एक नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में 11 फरवरी को आएगा और यह 14 फरवरी तक रहेगा। इसके प्रभाव से उत्तराखंड सहित कई पहाड़ी राज्यों में 3-4 दिन बारिश और बर्फबारी का देखने को मिलेगी।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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