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नई दिल्ली। कड़ाके की ठंड के बीच दिल्ली-एनसीआर में रविवार को तड़के शुरू हुई बारिश दोपहर तक चलती रही। बारिश से लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, एक बार फिर भारतीय मौमस विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। आइएमडी की माने तो दिल्ली, हरियाणा के पलवल, होडल में आने वाले कुछ घंटों में बारिश हो सकती है। राजस्थान के नदबई, नगर,  लक्ष्मगढ़, भरतपुर, मेंहदीपुर बालाजी में भी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बरसाना, नंदगांव, खतौला, गलौटी और चपरौला में भी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया और कहा है कि अगले दो से तीन दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।

इन हिस्सों में अगले दो दिन में हो सकती है बारिश;-भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर, नरवाना, राजंद, भिवानी, झज्जर, रोहतक, कोसली, मातनहेल, चरखाद्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले एक दो दिनों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।हालांकि, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहेगी, मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में अगले दो से तीन दिनों में तापमान में पांच से नौ डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।

पश्चिमी विक्षोभ के चलते बदला मौसम का मिजाज:-आइएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली-एनसीआर के मौसम में यह बदलाव देखा गया है। बारिश होने के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने कहा कि हल्की बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में पारा 6 जनवरी तक बढ़ जाएगा।

IMD ने जारी किया हिमाचल प्रदेश के लिए येलो अलर्ट:-मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि 5 जनवरी तक मध्यम और उच्च पहाड़ियों में भारी बर्फबारी और 3 से 5 जनवरी तक मैदानी और कम पहाड़ियों में गरज और बिजली गिरने की संभावना है।

बीजिं। अपने केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) की शक्ति का विस्तार करने के लिए चीन ने एक जनवरी से अपने राष्ट्रीय रक्षा कानून में संशोधन किया है। इसका प्रयोग करके देश और विदेश में 'राष्ट्रीय हित' की रक्षा में सैन्य और नागरिक संसाधनों को जुटाया जा सकेगा। ये संशोधन सैन्य नीति तैयार करने में राज्य परिषद की भूमिका को ना केवल कमतर करते हैं बल्कि सीएमसी को निर्णय लेने की संपूर्ण शक्ति प्रदान करते हैं। 

26 दिसंबर को कानून में किए गए ये संशोधन;-दक्षिण चीन मार्निग पोस्ट के अनुसार, सशस्त्र बलों को जुटाने और तैनात करने के आधार के रूप में पहली बार 'विकास हितों' और 'विकास हितों की सुरक्षा' को कानून में जोड़ा गया है। पूरे दो साल के विचार-विमर्श के बाद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस द्वारा 26 दिसंबर को कानून में ये संशोधन पारित किए गए। इसमें तीन आर्टिकल हटाए गए हैं जबकि छह जोड़े गए हैं। पुराने कानून में 50 से अधिक संशोधन भी किए गए हैं। यह कानून विशेष रूप से पारंपरिक हथियारों को कवर करने वाली नई रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्राइवेट इंटरप्राइज को तैयार करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी समन्वय तंत्र के निर्माण की आवश्यकता पर केंद्रित है।

बीजिंग। कंप्यूटर सिमुलेशन और प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों पर आधारित एक अध्ययन के अनुसार मूलरूप से कैंसर का इलाज करने के लिए विकसित की गई कीमोथेरेपी दवा ना केवल कोरोना के इलाज में मददगार हो सकती है बल्कि यह दोबारा संक्रमण से भी बचाती है। 'पीएलओएस कंप्यूटेशनल बायोलॉजी' नामक पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में कई कंप्यूटेशनल तकनीकों का उपयोग किया गया है।इस हाइब्रिड दृष्टिकोण का इस्तेमाल करते हुए चीन स्थित शेंजेन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मौजूदा 1906 दवाओं का परीक्षण किया। शोध के दौरान विज्ञानियों ने चार दवाओं की पहचान की जिन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के दौरान कोरोना वायरस के खिलाफ उपयोगी पाया गया।शोधकर्ताओं के मुताबिक दो दवाएं प्रलाट्रेक्सेट और एजिथरोमाइसिन दोबारा वायरस के संक्रमण से बचाती हैं। आगे के लैब परीक्षणों से यह भी पता चला कि रेमेडिसिविर की तुलना में प्रलाट्रेक्सेट अधिक दृढ़ता से संक्रमण को रोकती है।विज्ञानियों के मुताबिक निष्कर्ष बताते हैं कि कोरोना के इलाज के लिए प्रलाट्रेक्सेट को दोबारा बनाया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि कीमोथेरेपी दवा महत्वपूर्ण दुष्प्रभावों का संकेत देती है और इसे टर्मिनल लिम्फोमा वाले लोगों के लिए ही फिलहाल उपयोग किया जा सकता है। यही वजह है कि विज्ञानियों ने कोरोना रोगियों के तत्काल इलाज के लिए इस दवा को उपयुक्त नहीं बताया है। इस शोध ने उन दवाओं की पहचान करने के लिए नई रणनीति के महत्व पर प्रकाश डाला, जिन्हें फिर से तैयार किया जा सकता है। 

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एहतियात के तौर पर आइसोलेट (अलग-थलग) किए गए पांच भारतीय खिलाड़ियों के साथ पूरी टीम सीरीज के तीसरे टेस्ट के लिए एक साथ चार्टर्ड विमान से सोमवार को मेलबर्न से सिडनी रवाना होगी। भारतीय उप कप्तान रोहित शर्मा, रिषभ पंत, शुभमन गिल, पृथ्वी शॉ और नवदीप सैनी के खिलाफ बायो-बबल (कोरोना से बचाव के लिए बनाया गया सुरक्षित माहौल) के उल्लंघन को कथित तौर पर तोड़ने की जांच जारी है, लेकिन उन्हें टीम के साथ यात्रा करने से नहीं रोका जाएगा।क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने रविवार को कहा कि वे इस मामले की जांच बीसीसीआइ के साथ मिलकर कर रहे हैं। यह मामला तब तूल पकड़ा जब नवलदीप सिंह नाम के एक प्रशंसक ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें ये पांचों एक इंडोर रेस्तरां में खाना खा रहे थे। बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने कहा, 'अगर आप सीए के बयान को ध्यान से पढ़ेंगे तो उन्होंने कभी नहीं कहा कि यह एक उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वे यह निर्धारित करना चाहते हैं कि क्या यह उल्लंघन है। इसलिए टीम के साथ सिडनी जाने वाले इन पांच खिलाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। पूरी टीम कल (सोमवार) दोपहर उड़ान भर रही है।'यह पता चला है कि सीए के इस मसले से निपटने के तरीके से भारतीय टीम खुश नहीं है। सूत्र ने कहा, 'उस प्रशंसक ने अगर इंटरनेट मीडिया पर खिलाड़ी (पंत) को गले लगाने को लेकर झूठ नहीं बोला होता तो यह मामला बड़ा नहीं होता। खिलाड़ी अंदर इसलिए गए क्योंकि वहां बूंदाबांदी हो रही थी। उसने बिना अनुमति के वीडियो बनाया और फिर बिना किसी के कहे ही पब्लिसिटी के लिए बिल का भुगतान कर उसे इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। क्या आप यह कहना चाहते हैं कि सीए ऐसे व्यक्ति के वीडियो के आधार पर निर्णय लेगा, जिसने पहले झूठ बोला और फिर अपने बयान से मुकर गया।'इस पूरे मामले के बाद टीम के प्रशासनिक प्रबंधक गिरिश डोंगरे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहा है। बीसीसीआइ के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डोंगरे बीसीसीआइ के कार्मचारी हैं और उन्हें कोविड-19 प्रोटोकॉल को लेकर टीम को संभालने के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों के लिए प्रोटोकॉल की हर बात याद रखना जरूरी नहीं है। इस काम के लिए एक पेशेवर टीम है, जिन्हें यह सुनिश्चित करना है कि हर नियम का पालन किया जाए। यह सुनिश्चित करने के लिए डोंगरे का कर्तव्य था कि खिलाड़ियों को बताया जाए कि वे एक इंडोर क्षेत्र में नहीं जा सकते।'ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने रविवार को दावा किया था कि ब्रिसबेन में आइसोलेट के कड़े नियमों के कारण भारतीय टीम चौथे टेस्ट के लिए वहां की यात्रा नहीं करना चाहती है, लेकिन यह पता चला है कि सीरीज का चौथा और आखिरी टेस्ट अपने तय कार्यक्रम 15 जनवरी से ब्रिसबेन के गाबा मैदान में ही खेला जाएगा। न्यू साउथ वेल्स (सिडनी में तीसरे टेस्ट का स्थल) और क्वींसलैंड राज्य (ब्रिसबेन) सरकार के बीच कोविड-19 को लेकर सीमा प्रतिबंध एक समस्या है। सिडनी और आसपास के इलाकों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण क्वींसलैंड ने न्यू साउथ वेल्स से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं। टेस्ट मैच हालांकि इसके लिए एक अपवाद होगा और खिलाड़ी आइपीएल जैसे सख्त बायो-बबल में रहेंगे। बीसीसीआइ ने अभी तक चौथे टेस्ट को ब्रिसबेन से सिडनी स्थानांतरित करने के बारे में सीए से संपर्क नहीं किया है। बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने कहा, 'स्थिति हमेशा बदल रही है। इसके लिए कुछ और दिन इंतजार करना चाहिए।'

साल 2020 OTT मीडिया प्लेटफॉर्म ZEE5 के लिए बहुत ही खास रहा। इस साल बहुत बड़ी संख्या में यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुडें और फिल्म, वेबसीरिज और टीवी सीरियल्स के माध्यम से खुद का मनोरंजन किया। इस प्लेटफॉर्म की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां अलग-अलग भाषा और जॉनर के बेहतरीन कॉन्टेंट मिल जाते हैं। इनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को ऐसे कॉन्टेंट प्रदान करना है, जो वास्तविक, प्रासंगिक और भरोसेमंद हो। आइए, साल 2020 में ZEE5 पर दिखाए गये उन फिल्मों और वेब सीरीज के बारे में जानते हैं, जिसे देखने के बाद दर्शकों की तरफ से काफी सराहना मिली।  

चिंटू का बर्थडे (Chintu Ka Birthday):-चिंटू का बर्थडे फिल्म को IMBd में 10 में से 7.8 की रेटिंग मिली हुई है। इससे यह पता चलता है कि इसके कॉन्टेंट और किरदारों पर मेहनत की गई है। इस फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों ने भी काफी सराहा है। यह एक ऐसे आम व्यक्ति की कहानी है  जो इराक में रहता है, लेकिन युद्ध की वजह से वह और उसका परिवार वहां फंस जाते हैं। इसी माहौल में वह अपने बेटे का बर्थडे कैसे मनाता है यही फिल्म की कहानी है। फिल्म में इराक के हालात और परिवार की भावनाओं को बहुत ही अच्छे से दिखाया गया है। देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आम व्यक्ति के किरदार में अभिनेता विनय पाठक काफी जचे हैं। इसके अलावा फिल्म में तिलोत्तमा शोम, सीमा पाहवा, वेदांत छिब्बर और खालिद मास्क ने भी जबर्दस्त काम किया है।  

चुड़ैल्स (Churails):-चुड़ैल्स को IMBd में 10 में से 8.5 की रेटिंग मिली हुई है। चार किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती यह वेब सीरीज समाज में महिलाओं की स्थिति, उनके टूटते सपने और उनपर हो रहे अत्याचार को बेबाक तरीके से दिखाया गया है। जिन चार चुड़ैल्स की बात हो रही है, उनमें एक वकील, एक वेडिंग प्लानर, एक बॉक्सर और एक हत्या के मामले में 20 साल की सजा काट चुकी महिला है। अगर आपने अभी तक यह वेब सीरीज नहीं देखी है तो आपको जरूर देखनी चाहिए। आसिम अब्बासी के निर्देशन में बनी इस वेब सीरीज में सारावत गिलानी, यशरा रिजवी, निमरा बूचा और मेहर बानो मुख्य किरदारों में शामिल हैं।  मी रक्सम (Mee Raqsam):-जब भी बाप-बेटी के मजबूत रिश्ते की बात होगी वहां मी रक्सम फिल्म का जरूर नाम आएगा। इस फिल्म को निर्देशक बाबा आजमी ने पर्दे पर खूबसूरत तरीके से उतारा है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक बाप अपनी बेटी के सपनों को पूरा करना चाहता है, लेकिन समाज के ठेकेदार उस पर कई तरह से बंदिशें लगाते हैं। फिल्म का कॉन्टेंट रुढ़िवादी सोच पर गहरे रूप से चोट करता है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, दानिश हुसैन, अदिति सुबेदी, श्रद्धा कौल और फारुख जफर की जबर्दस्त और मंजी हुई एक्टिंग देखने को मिलती है।   

परीक्षा (Pareeksha):-2020 में दिल को छूने वाली और सार्थक कहानियों में फिल्म परीक्षा भी शामिल है। यह फिल्म बेहद इमोशनल और सच्ची घटना पर आधारित है। इसे देखने वाले दर्शक जुड़ाव महसूस करते हैं। फिल्म एक ऐसे रिक्शा चालक की कहानी है, जिसके सपने बहुत बड़े हैं। वह अपने होशियार बच्चे को प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए संघर्ष करता है। यह फिल्म हमारे एजुकेशन सिस्टम पर सवाल उठाती है कि कैसे प्रतिभाशाली गरीब बच्चे को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। रिक्शा चालक के रूप में आदिल हुसैन ने शानदार काम किया है। फिल्म में प्रियंका बोस, संजय सूरी और चाइल्ड आर्टिस्ट शुभम झा की परफॉर्मेंस भी बेमिसाल है।  

अभय 2 (Abhay 2);-इमोशनल और समाज को संदेश देने वाले कॉन्टेंट के अलावा ZEE5 पर कई ऐसी वेब सीरीज रिलीज हुई, जो क्राइम, रहस्य और रोमांच पर आधारित थी। उन्हीं वेब सीरीज में से एक है अभय सीजन 2। पहले सीजन की तरह इस सीजन को भी दर्शकों ने ढेर सारा प्यार दिया। इसमें STF अधिकारी अभय प्रताप सिंह की कहानी दिखाई गई है, जो सूझबूझ के साथ आपराधिक मामलों का निपटारा करता है। अगर आपको ऐसी कहानी पसंद है जो आपको अंत तक बांधे रखे तो आप यह वेब सीरीज जरूर देखें। केन घोष द्वारा निर्देशित इस वेब सीरीज में कुणाल खेमू, चंकी पांडे, राम कपूर, आशा नेगी, बिदिता बेग, राधव जुयल, निधि सिंह और शान कक्कर हैं। इसमें सभी किरदारों ने अपनी परफॉर्मेंस से प्रभावित किया है। 

नई दिल्ली। FAU-G (Fearless And United Guards) गेम को काफी इंतजार के बाद आखिरकार भारत में लॉन्च किया जा रहा है। FAU-G गेम भारत में 26 जनवरी 2021 यानी गणतंत्र दिवस को लॉन्च किया जाएगा। FAU-G गेम का ऐलान करीब 4 माह पहले किया गया था। इसका प्री-रजिस्ट्रेशन पिछले साल नवंबर में शुरू हुआ था। गेम के प्री रजिस्ट्रेशन के 24 घंटों के दरम्यान करीब 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया था। जो कि इस बात का संकेत है कि यूजर्स के बीच यह लॉन्च से पहले ही लोकप्रिय होने लगा है। कंपनी की तरफ से जारी वीडियो में लॉन्चिंग डेट 26/1 दी गई है। इसमें 14,000 फीट की ऊंचाई 34.7378 डिग्री नार्थ 78.7780 डिग्री ईस्ट और माइनस 30 डिग्री तापमान में लद्दाख में LAC के नजदीक भारतीय सैनिक अपनी शौर्य प्रदर्शन करते देखे जा सकते हैं। साथ ही वीडियो के बैकग्राउंड में एक संगीत सुनाई दे रहा है। बता दें कि FAU-G गेम का प्री-रजिस्ट्रेशन Google Play स्टोर से शुरू किया गया था। बैंग्लोर बेस्ड डेवलपर्स nCore Games की तरफ से ट्ववीटर के जरिए FAU-G गेम की लॉन्चिंग डेट का ऐलान किया गया। यह गेम Google Play स्टोर यूजर के लिए उपलब्ध रहेगा। हालांकि Apple App स्टोर पर फोन की लॉन्चिंग के बारे में कोई जानकारी नही मिली है। 

दशहरा पर जारी हुआ था PUB-G की टीजर ;-PUB-G गेम के टीजर वीडियो को दशहरा के मौके पर जारी किया गया था। बता दें कि भारत में PUBG बैन के बाद ही FAU-G गेम का ऐलान किया गया था। बॉलीवुड एक्टर Akshay Kumar की तरफ से भी एक ट्वीट करके FAUG Games का टीजर जारी करके गेम्स के बारे में जानकारी दी गई थी। FAUG गेम में भी गालवान घाटी को प्रमुखता से दिखाया गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि FAUG Games का पहला एपिसोड गालवान घाटी (Galwan Valley) की घटना पर आधारित होगा, जहां भारतीय सैनिक अपने शौर्य को प्रदर्शन करेंगे। 

नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी के बीच भारतीयों को नए साल पर खुशखबरी मिली है। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक कोरोना वैक्सीन को लेकर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की बैठक में ऑक्सफोर्ड एस्ट्रेजेनेका की कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को इमरजेंसी अप्रूवल देने पर विचार किया गया। जिसके बाद सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई जा रही कोविशील्ड वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई। हालांकि सरकार के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की कोविशील्ड को पैनल से मंजूरी के लिए सिफारिश मिल गई है। लेकिन अभी इस पर अंतिम फैसला DCGI द्वारा लिया जाना है। इस फैसले के साथ ही भारत में वैक्‍सीन की शुरुआत हो जाएगी।एस्‍ट्राजेनेका की 5 करोड़ से अधिक डोज इसके स्‍थानीय निर्माता सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया ने तैयार कर रखा है। खबर यह भी मिली है कि शनिवार को सुबह ही कोल्‍ड स्‍टोरेस से वैक्‍सीन के शॉट्स की सप्‍लाई  भारत के विभिन्‍न राज्‍यों में की जाएगी।बता दें कि अमेरिका के बाद कोविड संक्रमण के सबसे अधिक मामले भारत में ही हैं। ब्रिटेन व अर्जेंटीना में  सार्वजनिक इस्‍तेमाल के लिए वैक्‍सीन को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। नाम न बताने की शर्त पर दो सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई है कि भारत के सेंट्रल ड्रग्‍स स्‍टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (CDSCO) जिनके एक्‍सपर्ट इस सप्‍ताह दूसरी बार मिल रहे हैं, वे भारत बायोटेक द्वारा विकसित वैक्‍सीन को मंजूरी दे सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, 'एस्‍ट्राजेनेका और भारत बायोटेक को आज मंजूरी मिल जाएगी।' आज की तारीख को दिमाग में रखते हुए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। वहीं अन्‍य सूत्रों को भारत बायोटेक को लेकर संशय है। CDSCO के प्रतिनिधि ने बयान देने से इनकार कर दिया।उल्‍लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 फाइजर वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसके बाद दुनिया के गरीब देशों को भी वैक्‍सीन मिल सकेगा। यूरोप और अमेरिका में यह टीका पहले से ही उपलब्ध है। दुनिया के देशों में दवा नियामक एजेंसी किसी भी कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देने का काम करती है, लेकिन कमजोर सिस्टम वाले देश इसके लिए आमतौर पर WHO पर निर्भर करते हैं।WHO ने गुरुवार को बताया कि कोरोना टीके के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी देने के फैसले से देशों के लिए यह वैक्सीन आयात करने और इसे लगाने का रास्ता प्रशस्त होगा। संयुक्त राष्ट्र की यह स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि फाइजर की वैक्सीन तय सुरक्षा मानकों पर खरी पाई गई है। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने संयुक्त रूप से वैक्सीन विकसित की है। इस कंपनी के टीके को अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन, कनाडा और मेक्सिको समेत दुनिया के कई देशों में मंजूरी मिल चुकी है। इन जगहों पर यह टीका लगाया जा रहा है। फाइजर की वैक्सीन को बहुत कम तापमान पर रखता होता है, जो विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन की तैयारियो को लेकर भारत सरकार पूरी तरह से लगी हुई है। पिछले दिनों वैक्सीन के लिए कई राज्यों में ड्राई रान का सफल आयोजन किया गया। वहीं, अब देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन किए जाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने समीक्षा बैठक की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को मॉक की तैयारियों के लिए दिल्ली सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की। वैक्सीन की यह मॉक ड्रिल जो 2 जनवरी यानी शनिवार के लिए निर्धारित की गई है।

यूपी के छह सेंटर पर किया जाएगा ड्राई रन:-यूपी की राजधानी लखनऊ में छह सेंटर पर ड्राई रन होगा। यूपी के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि हम कल लखनऊ में छह सेंटरों पर कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन करेंगे। सहारा अस्पताल, आरएमएल अस्पताल, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और एसजीपीजीआई सहित छह केंद्रों पर ड्राई रन होगा।

झारखंड के पांच जिलों में किया जाएगा ड्राई रन;-झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया है कि राज्य के पांच जिलों रांची, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, पलामू और पाकुड़ में कल यानी शनिवार, 2 जनवरी को कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी कर ली गई है। इस अभियान के लिए 7000 लोगों को ट्रेनिंग दी गई है।वहीं, आज स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए दिल्ली सरकार के अधिकारियों से बात की। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान की प्रक्रिया चुनावी तैयारियों के समान है।

चुनावी प्रक्रिया के सामान है यह ड्राई रन:-डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि टीकाकरण अभियान की प्रक्रिया चुनाव के समान है। किसी भी चुनाव में, हम बूथ पर लोगों को उसी तरह प्रशिक्षित करते हैं। हमें अधिक जनशक्ति की आवश्यकता होती है, इसलिए हमें यहां उन लोगों को प्रशिक्षित करना होगा जो प्रस्तावित लाभार्थियों की देखरेख कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर 2,000 से अधिक मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया है। 700 से अधिक जिलों में राज्य और जिला स्तर पर प्रशिक्षण चल रहा है।

कोल्ड स्टोरेज, तापमान इंजेक्शन की व्यस्था की होगी निगरानी:-टीकाकरण अभियान के लक्ष्य के बारे में डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि इस मॉक ड्रिल में हर विवरण को शामिल किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मिनट के विवरणों पर पूरी तरह से शोध किया जाए। कोल्ड स्टोरेज, तापमान, बिजली और इंजेक्शन की व्यवस्था, स्टाफ और चुनौतियां, जो ड्रिल के दौरान सामने आएंगी इन सभी चीजों का अध्ययन मॉक ड्रिल में किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, फ्रंटलाइन कर्मचारी जो इस अभियान के तहत काम कर रहे हैं, उन्हें सूचीबद्ध किया गया है और सूची COVID-19 प्लेटफॉर्म पर भी अपलोड की जाएगी।उन्होंने कहा कि कोरोनो वायरस वैक्सीन के ड्राई रन को दरियागंज, जीटीबी अस्पताल और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में आयोजित किया जाएगा। अंत उन्होंने कहा कि सभी के लिए 2021 का साल 2020 से बेहतर होगा।

भोपाल। शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल (Shivraj Singh Chouhan cabinet) का विस्तार तीन जनवरी को होगा। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजभवन में दोपहर 12.30 बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। मुख्‍यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान का यह तीसरा कार्यकाल है और इस कार्यकाल में तीसरी बार मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक का शपथ ग्रहण समारोह भी संभव है।उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) जो मध्‍य प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही हैं... वह नए मंत्रियों और मुख्य न्यायाधीश मोहम्‍मद रफीक (Mohammad Rafiq) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। मौजूदा वक्‍त में मोहम्‍मद रफीक (Mohammad Rafiq) ओडिशा हाईकोर्ट (Orissa High Court) के मुख्‍य न्‍याधीश हैं। बीते 31 दिसंबर को मोहम्‍मद रफीक का तबादला इसी पद पर मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट में हुआ था।बीते तीन नवंबर को 28 सीटों पर आए उपचुनाव के नतीजों के बाद से ही कैबिनेट विस्तार की चर्चा जोर पकड़ने लगी थी। इस उपचुनाव में भाजपा ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि विपक्षी कांग्रेस को नौ सीटें हासिल हुई थीं। इसके साथ 230 सदस्‍यीय सदन में भाजपा 126 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी। कांग्रेस कुल 96 सीटों के साथ मुख्‍य विपक्षी पार्टी है। सत्तारूढ़ भाजपा के 19 विजेताओं में से 15 लोग ऐसे थे जिन्होंने वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी और बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत शिवराज कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सिलावत और राजपूत पहले मंत्रिमंडल में थे और उपचुनावों में तकनीकी आधार पर इस्तीफा देने को मजबूर हुए थे क्योंकि छह महीने के भीतर राज्य विधानसभा के लिए चुना जाना अनिवार्य है। तीन तत्‍कालीन मंत्री एदल सिंह कंसाना, इमरती देवी और गिरराज दंडोतिया उपचुनाव हार गए थे। इस वजह से उन्हें मंत्रिमंडल छोड़ना पड़ा था।

नई दिल्‍ली। कांग्रेस नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (All India Congress Committee, AICC) का सत्र बुलाए जाने पर जल्‍द फैसला करेगी। कांग्रेस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र बुलाए जाने के मसले पर चर्चा के लिए अगले हफ्ते वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक होने की संभावना है। मालूम हो कि लोकसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार की जिम्‍मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने जुलाई 2019 में अध्‍यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था तभी से पार्टी प्रेसिडेंट का पद खाली है।हालांकि राहुल के इस्‍तीफे के बाद सोनिया गांधी ने अगस्‍त 2019 से पार्टी की अंतरिम अध्‍यक्ष के तौर पर कमान संभाल ली थी लेकिन एक पूर्णकालिक अध्‍यक्ष चुने जाने के मसले पर वरिष्‍ठ नेता समय समय पर आवाज उठाते रहे हैं। बीते दिनों पार्टी के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में आमूलचूल बदलाव की वाकालत की थी। नेताओं ने कांग्रेस में जमीनी स्‍तर से लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी तक में बदलाव की मांग की थी। अध्‍यक्ष को लेकर पार्टी के इन वरिष्‍ठ नेताओं द्वारा अपनी बात रखे जाने के बावजूद अभी तक कांग्रेस अध्‍यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है।बीते दिनों सोनिया गांधी ने पार्टी की अंदरूनी कलह को थामने के लिए वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई थी जिसमें राहुल गांधी से लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और अन्‍य पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद नेताओं ने बताया था कि सभी नेता चाहते थे कि राहुल दोबारा पार्टी की कमान संभालें। इस पर राहुल गांधी का कहना था कि पार्टी अध्‍यक्ष के मसले को चुनावी प्रक्रिया पर छोड़ दिया जाना चाहिए। वहीं सोनिया गांधी का कहना था कि मौजूदा वक्‍त में सभी को एक साथ मिलकर संगठन को मजबूत बनाने की जरूरत है। बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं को बताया था कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है जिसको और मजबूत करने की दरकार है। राहुल ने भी पार्टी को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की थी। बंसल ने यह भी कहा था कि राहुल को दोबारा अध्‍यक्ष बनाए जाने पर किसी को कोई समस्‍या नहीं है। वहीं रणदीप सुरजेवाला का कहना था कि 99.9 फीसद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मानते हैं कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को राहुल गांधी ही तगड़ी चुनौती दे सकते हैं। 

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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