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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भीषण चक्रवाती तूफान 'निवार' में बदल गया है। तूफान धीरे-धीरे तेज हो रहा है और इसके रात तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट पर टकराने की संभावना है। इस दौरान 100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेगी, जो आगे चलकर 145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी। मौसम विभाग इसपर कड़ी नजर बनाए हुए है। चक्रवात का असर भी अब कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। चेन्नई और कांचीपुरम में तेज बारिश शुरू हो गई है। तूफान के मद्देनजर दक्षिण-पश्चिम रेलवे ने कल के लिए निर्धारित दो ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा चेन्नई से आने और जाने वाली 26 उड़ानों को भी रद कर दिया गया है।

- चक्रवाती तूफान निवार के मद्देनजर दक्षिण रेलवे ने 26 नवंबर की 7 ट्रेनें कैंसल की।

- भारी बारिश के बाद चेन्नई के पूनमल्ली के आसपास के क्षेत्र में गंभीर जल-जमाव हो गया है। तूफान की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के तंजावुर, तिरुवूर, नागापट्टिनम, कुड्डलोर, चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, मायलादुथिराई, अरियालुर, पेरम्बलुर, कल्लूराची, विल्लुपुरम, तिरुवन्नमलाई के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी कि गई है।

- तूफान के खतरे को देखते हुए पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कलापेट इलाके के आस-पास क्षेत्रों का जायज़ा लिया। ममल्लापुरम में तेज़ हवाएं के साथ बारिश हो रही है। आज मध्यरात्रि और कल सुबह निवार तूफान के कराईकल और ममल्लापुरम के बीच लैंडफॉल होने की संभावना है।

- मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चक्रवात निवार धीरे-धीरे तेज हो रहा है। यह संरचनात्मक क्षति, पेड़ों को उखाड़ने, टिन के घरों को नुकसान पहुंचाने, केले और धान की फसलों को बर्बाद करने में सक्षम है। इस दौरान तेज हवाएं और तेज बारिश होगी। सबसे अधिक प्रभाव पुडुचेरी और कराईकल में होगा।

- तमिलनाडु में तूफान निवार का असर देखने को मिल रहा है। चेन्नई में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया है। चक्रवाती तूफान निवार आज तमिलनाडु के तट से टकराएगा। विभाग के अनुसार चक्रवात निवार अगले 12 घंटों के दौरान एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा और यह पुडुचेरी के दक्षिण-पूर्व में 380 किलोमीटर और चेन्नई से 430 किमी दूरी पर है।

- तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के आसपास कराईकल और मामल्लपुरम के बीच देर शाम तेज हवा के साथ चक्रवाती तूफान पहुंचेगा। तूफान के मद्देनजर तमिलनाडु और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और असुरक्षित इलाकों से लोगों को निकालने सहित एहतियाती उपाय सरकार द्वारा किए जा रहे हैं।

एनडीआरएफ की 22 टीमें तैनात:-तूफान से तबाही की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ ने बचाव कार्य के लिए 22 टीमों को तैनात किया है, जिसमें कुल 1,200 जवान शामिल हैं। इसमें तमिलनाडु में 12, पुडुचेरी में तीन और आंध्र प्रदेश में सात टीमें हैं। वहीं, एनडीआरएफ मुख्यालय, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित बटालियनों के कमांडेंट संबंधित राज्य अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर और टीमों को गुंटूर (आंध्र प्रदेश), त्रिशूर (केरल) और मुंडली (ओडिशा) में रिजर्व रखा गया है।

केंद्र ने लिया तैयारियों का जायजा;-कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कमेटी (एनसीएमसी) ने भी निवार से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तैयारी इस प्रकार की हो कि किसी की जान नहीं जाए तथा बिजली और दूरसंचार जैसी सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जा सकें। प्रभावित राज्यों को आपदा राहत फंड भी जल्द जारी किए जाने का आश्वासन दिया गया है।

चेन्नई में दिखने लगा असर:-चक्रवात के असर से हो रही बारिश के कारण चेन्नई में सड़कों पर पानी भरने से जगह-जगह यातायात जाम होता रहा। अन्ना सलाई, जीएसटी रोड तथा काठीपाड़ा जंक्शन पर ज्यादा जाम देखा गया। इसके फोटो इंटरनेट मीडिया पर भी खूब चले। शहर में हालात पर नजर रखने के लिए 15 आइएएस अधिकारियों को लगाया गया है। चेन्नई महानगरपालिका 176 राहत शिविर चलाएगा।

नई दिल्‍ली। गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस से संबंधित निगरानी, ​​नियंत्रण और सावधानी के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संक्रमण की रोकथाम के कड़े उपाय करना, विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी (SOPs) जारी करने और भीड़ को नियंत्रण रखना अनिवार्य होगा। नए दिशा निर्देश के तहत कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी गई है। स्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि निर्धारित कंटेनमेंट उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए। राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देश 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे। नए आदेशों का मुख्य फोकस कोरेाना के संक्रमण पर पाए गए काबू को मजबूत करना है। कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हाल में मामलों में बढ़ोतरी के चलते इस बात पर जोर दिया जाता है कि सावधानी बरतने की जरूरत है। गृह मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति के अपने आकलन के आधार पर राज्य, केंद्रशासित प्रदेश केवल निषिद्ध क्षेत्रों में रात्रिकालीन कर्फ्यू जैसी स्थानीय पाबंदियां लगा सकते हैं। गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन लागू करने के पहले राज्यों, केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को केंद्र से अनुमति लेनी होगी।

कोलकाता : वीरभूम जिले के नानूर और साइंथिया इलाके में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की सभा में भाग लेने के लिए जाते समय भाजपा के दो कार्यकर्ताओं की गोली मार दी गई। दोनों का उपचार स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। भाजपा ने हमले का आरोप तृणमूल पर लगाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की बुधवार को सिउड़ी जिला स्कूल मैदान में एक सभा थी। 

जिले के विभिन्न हिस्सों से भाजपा कार्यकर्ता पहुंच रहे थे;-उक्त सभा में जिले के विभिन्न हिस्सों से भाजपा कार्यकर्ता पहुंच रहे थे। गेरुआ पार्टी का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं को तृणमूल ने नानूर के शिमुलिया गांव में सभा में जाने से रोकने के लिए हमला कर दिया। बम फेंके गए और दो भाजपा कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई। 

दोनों के पेट में गोली लगी जो सियान अस्पताल में भर्ती:-दोनों के पेट में गोली लगी है जिसे स्थानीय सियान अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह भी आरोप है कि खैराशोल-शिमुलिया मार्ग पर भाजपा कार्यकर्ताओं से संबंधित कई बसों को रोका गया। इसी तरह की घटना सैंथिया के भ्रामराकल गांव में हुई। 

विरोध पर भाजपा समर्थक धनुष और तीर के साथ बैठे;-भाजपा अनुसार, दिलीप घोष की सभा में पार्टी समर्थक जा रहे थे। भ्रामरकल इलाके उन्हें रोका गया। इसका जब विरोध किया गया तो भाजपा समर्थक धनुष और तीर के साथ सड़कों पर बैठ गए। इलाके में तनाव है। इसबीच स्थानीय तृणमूल नेताओं ने भाजपा के सभी आरोपों से इन्कार किया है। 

इस घटना से तृणमूल का लेना-देना नहीं : अभिजीत:-जिला तृणमूल के समन्वयक अभिजीत सिंह ने कहा कि इस घटना से तृणमूल का कोई लेना-देना नहीं है। यह सब भाजपा की गुटबाजी की वजह से हुई है। पुलिस की जांच में सब सामने आ जाएगा। आरोपितों के पकड़े जाने पर सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। इस घटना से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल पर जमकर निशाना साधा था।

नई दिल्ली: Twitter पर ब्लू टिक चेकमार्क हासिल करना आसान नही होता है। यूजर को एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Twitter ने पिछले तीन साल से ब्लू टिक चेकमार्क की रिक्वेस्ट को होल्ड कर रखा था। लेकिन अब कंपनी साल 2021 से दोबारा से ब्लू टिक चेकमार्क देने जा रही है। लेकिन कंपनी ने इसके लिए पुरानी प्रक्रिया के नियम और शर्तों में बदलाव किया है। साथ ही Twitter की तरफ से ब्लू टिक चेकमार्क का भी प्रावधान जोड़ा है। ऐसे में Twitter पर आपकी तरफ से की जाने वाली एक भी गलती से ब्लू टिक हट सकता है। 

कब हट सकता है ब्लू टिक 

    • अगर आप Twitter पर ज्यादा एक्टिव नही रहते हैं, तो इस स्थिति में आपके अकाउंट का ब्लू टिक हटाया जा सकता है। 
    • Twitter के यूजरनेस और बायो बदलने पर भी ब्लू टिक हटाया जा सकता है। 
    • अगर आपने किसी पोस्ट के लिए ट्वीटर वेरिफिकेशन्स कराया है और उसमें बदलाव हो जाता है, तो भी ब्लू टिक हट सकता है। 
    • अगर आपने फॉलोअर बढ़ाने वाली किसी लिंक पर क्लिक किया है, तो आपका ब्लू टिक हट सकता है। 
    • ट्वीटर पर न्यूड, भ्रामक और हिंसात्मक पोस्ट करने पर ब्लू टिक हट सकता है। 

 Twitter ने जारी किया ड्रॉफ्ट:-Twitter की तरफ से कुछ नियम और शर्तों का एक ड्रॉफ्ट जारी किया गया है। साथ ही Twitter Verification प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने का ऐलान किया गया है, जिसे साल 2017 में बंद कर दिया गया था। लेकिन Twitter दोबारा से साल 2021 से ब्लू टिक बैज के लिए वेरिफिकेशन्स प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। ऐसे में अब लोग ब्लू टिक के लिए दोबारा से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। 

टोक्यो। चीन और जापान के बीच सेनकाकू द्वीप पर चला आ रहा गतिरोध बरकरार है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच व‍िवाद काफी पुराना है। इस द्वीप को लेकर एक बार फ‍िर दोनों देशों के नेता वार्ता कर रहे हैं। बता दें कि हाल ही में जापान के स्‍थानीय परिषद में चीन और ताइवान के साथ विवादित सेनकाकू द्वीप क्षेत्र में स्थित कुछद्वीपों की प्रशासनिक स्थिति बदलने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी। इस विधेयक के अनुसार टोक्‍यो द्वारा नियंत्रित  सेनकाकू द्वीप जिसे जापान में टोनोशीरो तथा ताइवान और जापान में दियोयस के नाम से जाना जाता है, का नाम बदलकर टोनोशीरो सेनकाकू कर दिया गया है।गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ दो दिवसीय यात्रा पर जापान पहुंचे हैं और प्रमख रूप से सेनकाकू द्वीप के विवाद और घुसपैठ के मुद्दे पर ही दोनों पक्षों के बीच वार्ता हो रही है। जापान ने चीन से सख्त आपत्ति जताई है कि वह निरंतर उसके क्षेत्र के द्वीपों पर घुसपैठ करने का प्रयास कर रहा है। दोनों ही पक्ष सहमत हैं कि वे भड़काने वाली गतिविधियों से परहेज करेंगे। ज्ञात हो कि पूर्वी चीन सागर के सेनकाकू द्वीप पर निरंतर चीन घुसपैठ के प्रयास करता रहा है, वह इसको अपना डियाओयू द्वीप बताता है। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। केटो ने बताया कि इस साल चीन 306 बार घुसपैठ का प्रयास कर चुका है। हमने यहां आए चीन के विदेश मंत्री वांग यी से अपना विरोध जता दिया है।सेनकाकू द्वीप एक निर्जन द्वीप समूहों का हिस्‍सा है। यह पूर्वी चीन सागर में स्थित है। चीन ड‍ियाओयू द्वीप  तथा उससे संबद्ध क्षेत्र को अपनी सीमा में स्थित मानता है। चीन के अनुसार जापान द्वारा क्षेत्र की प्रशासनिक स्थिति में किया गया बदलाव चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्‍लंघन करता है। चीन ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के लिए दृढ़ है। इतना ही नहीं चीन ने इन द्वीपों के आस-पास के क्षेत्र में जहाजों के बड़े भी तैनात कर रखे हैं। उधर, ताइवान का दावा है कि डियाओयू द्वीपीय क्षेत्र उसका हिस्‍सा है। उसने कहा इसमें किसी भी तरह के बदलाव अमान्‍य होंगे। उधर, वर्ष 2014 में अमेरिका ने यह स्पष्ट किया था जापान की सुरक्षा के लिए की गई अमेरिका-जापान सुरक्षा संधि विवादित द्वीपों को भी कवर करती है। अत: सेनकाकू द्वीप विवाद में अमेरिका भी शामिल हो सकता है।

वैंकूवर। उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के मामलों की संयुक्त राष्ट्र वाकई गंभीरता से जांच करना चाहता है तो उसे वहां से आ रही जानकारियों पर भरोसा करना पड़ेगा। चीन नहीं चाहेगा कि आधिकारिक रूप से कोई उसके शिनजियांग क्षेत्र में जांच करे। यह बात उइगर मुस्लिमों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली मेतसेदिक-किरा ने कही। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को इस गभीर मसले पर दखल देना चाहिए।मेतसेदिक 2006 में भागकर कनाडा पहुंच गई थीं। तब से चीन में रह रहे उनके परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि चीन की सरकार झूठ बोलने में माहिर है। यह भी सही है कि आधिकारिक रूप से जांच करने वाली किसी भी टीम को इस क्षेत्र में चीन नहीं जाने देगा। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र ही वहां हो रहे जनसंहार को रोक सकता है।उल्लेखनीय है कि सितंबर माह में दो दर्जन से अधिक मानवाधिकार संगठनों और 16 मानवाधिकारों के विशेषज्ञों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से शिनजियांग प्रांत में हो रहे उत्पीड़न और नरसंहार के मामलों को जांचने की मांग की थी। कनाडा में रहने वाले उइगरों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है। इस महीने की शुरुआत में, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने स्वीकार किया कि चीन में में चीनी प्रवासी का उत्पीड़न को बढ़ गया है।हाल ही में, सीबीसी के साथ एक टेलीविज़न साक्षात्कार में संयुक्त राष्ट्र में कनाडा के राजदूत बॉब राए ने मानवाधिकार परिषद से शिनजियांग में चीन की कार्रवाई की जांच करने की मांग की थी। उइगर अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों को कनाडाई संस्थानों के हालिया बयानों की उम्मीद जगी है। इस बीच पोप फ्रांसिस ने पहली बार चीनी मुस्लिम उइगरों को 'सताया हुआ' बताया है और अल्पसंख्यकों पर चीन के अत्याचारों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। मानवाधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से पोप से शिनजियांग मुद्दे पर अपनी टिप्पणी जारी करने का आग्रह कर रहे थे।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (कोविड-19) से पूरी दुनिया जूझ रही है। इस घातक वायरस से निपटने के लिए अभी तक कोई सटीक दवा या वैक्सीन मुहैया नहीं हो पाई है। ऐसे में बचाव के तौर पर मास्क पहनने, हाथ धोने और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कवायद में अध्ययनों की एक समीक्षा में यह दावा किया गया है कि अगर 70 फीसद लोग निरंतर मास्क पहनें तो कोरोना महामारी रुक सकती है।फिजिक्स ऑफ फ्लूइड्स पत्रिका में प्रकाशित शोध में फेस मास्क पर किए गए अध्ययनों की समीक्षा की गई है। इसमें इस बात की भी समीक्षा की गई है कि क्या फेस मास्क पहनने से किसी संक्रमित व्यक्ति से कोरोना के प्रसार पर अंकुश लग सकता है। सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी के विज्ञानी संजय कुमार ने बताया, 'सर्जिकल मास्क जैसे फेस मास्क सर्वाधिक कारगर पाए गए हैं। ये करीब 70 फीसद प्रभावी होते हैं। अगर करीब 70 फीसद लोग इस तरह के प्रभावशाली मास्क सार्वजनिक स्थलों पर पहने तो महामारी के उन्मूलन की राह प्रशस्त हो सकती है।'उन्होंने कहा कि कपड़ों से बने मास्क भी अगर नियमित रूप से पहने जाएं तो कोरोना के प्रसार को धीमा किया जा सकता है। कोरोना की रोकथाम के लिए कपड़ों से निर्मित मास्क, सर्जिकल मास्क और एन95 जैसे मास्क इस्तेमाल किए जा रहे हैं। अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया है कि हाइब्रिड पॉलिमर मैटेरियल्स कणों को फिल्टर करने में सर्वाधिक प्रभावी होते हैं। विज्ञानियों के अनुसार, फेस मास्क का मुख्य काम खांसने, छींकने, सांस लेने और बातचीत के दौरान मुंह और नाक से निकलने वाले तरल कणों को फिल्टर करना होता है। पांच से दस माइक्रोन के कण आम होते हैं, जबकि पांच माइक्रोन से छोटे कण ज्यादा घातक हो सकते हैं। 

वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कोरोना महामारी को लेकर चीन पर फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) कोरोना के बारे में दुनिया को अलर्ट करने में पूरी तरह विफल रही।पोंपियो ने कहा कि चीन ने अपने उन बहादुर नागरिकों को भी चुप करा दिया, जिन लोगों ने वुहान से पैदा हुए कोरोना वायरस के बारे में कोई जानकारी देने की कोशिश की। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, 'मैं उस विषय के बारे में बात करना चाहता हूं, जो सबके दिमाग में है। अमेरिका, कुवैत और दुनियाभर में लोग जूझ रहे हैं, क्योंकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी विश्व को अलर्ट करने में विफल रही। बहादुर चीनी नागरिकों को भी शांत कर दिया गया।'अमेरिकी विदेश मंत्री ने गत सितंबर में भी चीन पर यह आरोप लगाया था कि वह वुहान से उत्पन्न हुए कोरोना के बारे में जानता था, लेकिन दुनिया को सचेत नहीं किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह दावा कर चुके हैं कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर की एक प्रयोगशाला से फैला है। दुनिया में कोरोना महामारी से अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित है। विश्व में अब तक पाए गए कुल संक्रमित लोगों में से करीब एक चौथाई मामले अकेले अमेरिका में मिले हैं। पोम्पेओ ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को पता था कि कोरोनो वायरस वुहान में कैसे फैला था। उन्होंने लोगों को वायरस की चेतावनी देने वाले पत्रकारों को गायब कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने वुहान के लोगों को विदेश यात्रा पर भी जाने की अनुमति दी। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के नए आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस के 5 करोड़ 96 लाख 28 हजार 581 मामले सामने आए हैं। वुहान से उत्पन्न वायरस से दुनिया भर में 14 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है।

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग इस समय अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ हैं। बतौर असिस्टेंट कोच रिकी पोंटिंग कंगारू टीम के साथ जुड़े हुए हैं। पोंटिंग को स्टीव स्मिथ को थ्रो डाउन देना पड़ रहा है, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास भारत की तरह कोई थ्रोडाउन विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में रिकी पोंटिंग अपने खिलाड़ियों को थ्रो डाउन कराकर भारत के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए तैयार कर रहे हैं।जो खिलाड़ी यूएई में आइपीएल खेलकर लौटे हैं, जिनमें स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर, पैट कमिंस, ग्लेन मैक्सवेल, जोश हेजलवुड और मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, उनको रिकी पोंटिंग सिडनी के ओलंपिक पार्क में अलग से ट्रेनिंग दे रहे हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर उन खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं जो आइपीएल में नहीं खेल थे। रिकी पोंटिंग भी आइपीएल का हिस्सा थे, क्योंकि वे बतौर कोच दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़े हुए थे।लैंगर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमें यहीं एक दूसरे की मदद करने की जरूरत है। मैं 10 साल पहले बल्लेबाजी कोच था, उसके दो-तीन साल तक रहा। यह काफी मुश्किल काम है। दुख की बात यह है कि हमारे पास ग्रैम हिक(थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट) नहीं हैं। पहले हमारे पास मिशेल डी वेनटुओ थे (दोनों बल्लेबाजों की मदद के लिए थे)। यह (बल्लेबाजों की मदद करना) बड़ी जिम्मेदारी है। मैं पोंटिंग को जानता हूं, वह 10 दिन से स्मिथ को थ्रो डाउन कर रहे हैं, उनके हाथ दर्द करने लगे हैं।"ऑस्ट्रेलियाई टीम के मुख्य कोच लैंगर ने आगे कहा, "मैं कुछ महीनों से पोंटिंग से मजाक करता हूं और पूछता हूं कि स्मिथ थ्रो डाउन करना कैसा है? हमारे खिलाड़ी गेंद को मारना पसंद करते हैं। यह हमारे काम का हिस्सा है। हमें अपने खिलाड़ियों को अच्छे से अच्छे से तैयार करना है। हमें यह करना है चाहे थ्रो डाउन विशेषज्ञ के तौर हो या किसी और तरीके से। हम काफी मेहनत कर रहे हैं। वार्नर, स्मिथ, मैक्सवेल यह सभी पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, डेनियल सैम्स, एंड्रयू टाय की गेंदों का सामना कर रहे हैं।"

नई दिल्ली।कोरोना वायरस महामारी के बीच भारतीय टीम पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए मैदान पर होगी। भारतीय टीम को कोविड 19 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उतरना है। दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत शुक्रवार 27 नवंबर से हो रही है। इसके बाद टी20 और फिर टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, लेकिन वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट को दो अहम सवालों के जवाब देने होंगे।दरअसल, भारतीय टीम को वनडे सीरीज से पहले जिन दो सवालों के जवाब देने हैं, उनमें एक सवाल तो ये है कि केएल राहुल किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे, जबकि दूसरा सवाल ये है कि कप्तान विराट कोहली प्रमुख स्पिनर के तौर पर युजवेंद्रा चहल और कुलदीप यादव की जोड़ी में से किस खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करेंगे। केएल राहुल को असमंजस की स्थिति इसलिए भी बनी हुई है, क्योंकि टीम के नियमित सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं हैं और विकेटकीपर के लिए रिषभ पंत भी टीम का हिस्सा नहीं हैं।सलामी बल्लेबाज के तौर पर अगर भारतीय टीम शिखर धवन के साथ केएल राहुल को मौका देती है तो फिर उनके लिए 50 ओवर विकेटकीपिंग करना मुश्किल होगा। वहीं, अगर फॉर्म में चल रहे मंयक अग्रवाल को ओपनर के तौर पर खिलाया जाता है तो फिर केएल राहुल किस स्थान पर बल्लेबाजी करेंगे ये देखने वाली बात होगी। अगर मयंक अग्रवाल को ड्रॉप किया जाता है, केएल राहुल को ओपनर बनाया जाता है तो विकेटकीपर के तौर पर संजू सैमसन को मौका मिल सकता है। हालांकि, केएल राहुल इस बात को कबूल कर चुके हैं कि वे किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।उधर, भारतीय टीम मैनेजमेंट और खासकर विराट कोहली के लिए ये बड़ा सवाल रहेगा कि युजवेंद्रा चहल और कुलदीप यादव में से किस खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में जगह दी जाए। हालांकि, जब-जब ऐसी स्थिति आती है तो कप्तान कोहली चहल के साथ जाते हैं। मौजूदा समय में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल सकता है कि विराट कोहली फिर से चहल को प्लेइंग इलेवन में शामिल करें, क्योंकि कुलदीप यादव का फॉर्म सही नहीं है।

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