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बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत को दुनिया से अलविदा कहे कल तीन महीने हो जाएंगे। इतना समय बीत जाने के बाद भी फैंस सुशांत सिंह राजपूत को भुला नहीं पा रहे हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनका परिवार और फैंस उनकी हर एक ख्वाहिश को पूरा करना चाहते हैं ताकि दिवंगत अभिनेता की आत्मा को शांति मिल सके। यही वजह है जो आज अंकिता लोखंडे ने सुशांत सिंह राजपूत को याद करते हुए वृक्षारोपण किया है।सुशांत सिंह राजपूत अपने जीते जी 1000 पेड़ लगाना चाहते थे ताकि लोगों को ताजी ऑक्सीजन मिल सके लेकिन ऐसा न हो सका। उससे पहले ही सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली।अंकिता लोखंडे चाहती हैं कि वह किसी भी हालत में सुशांत सिंह राजपूत की इस आखिरी इच्छा को पूरा कर दें। तभी तो उन्होंने सुबह होते ही अपने घर में पौधे लगाने शुरु कर दिए।बीते कई दिनों से अंकिता लोखंडे सोशल मीडिया पर फैंस से गुजारिश कर रही थीं कि वो सभी मिलकर सुशांत सिंह राजपूत के अधूरे सपने को पूरा करें। इस काम को करने के लिए अंकिता लोखंडे ने आज का दिन चुना था।सुशांत सिंह राजपूत की याद में पौधे लगाते हुए अंकिता लोखंडे ने लिखा कि,मेरा बेटा आज पेड़ लगाने में मेरा पार्टनर बना है। हम दोनों मिलकर सुशांत सिंह राजपूत की याद में पौधे लगा रहे हैं ताकि उसके अधूरे सपने को पूरा किया जा सके।पौधे लगाने की मुहिम सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने शुरु की थी। इस मुहिम में अंकिता लोखंडे उनका पूरा साथ दे रही हैं।इस तस्वीर में अंकिता लोखंडे का डॉगी भी उनकी मदद उनका कर रहा है। तस्वीर में दोनों बड़े ही क्यूट लग रहे हैं।पौधा लगाने के बाद अंकिता लोखंडे मजे से कैमरे के आगे पोज देती नजर आईं। इस दौरान अंकिता लोखंडे के हाथ मिट्टी में सने दिखे।अंकिता लोखंडे की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। अंकिता लोखंडे को देखकर फैंस को एक बार फिर से सुशांत सिंह राजपूत की याद आ गई है।अंकिता लोखंडे की इस मुहिम में फैंस उनको पूरा सपोर्ट कर रहे हैं। इस बात का सबूत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें हैं जिनमें फैंस पौधे रोपते दिख रहे हैं।अंकिता लोखंडे की तरह की सुशांत सिंह राजपूत के फैंस भी उनकी इस अधूरी इच्छा को पूरा करना चाहते हैं। तभी तो देशभर में लोग आज सुशांत सिंह राजपूत की याद में वृक्षारोपण कर रहे हैं।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy-2020) आने के बाद अब पूरा जोर इसके अमल को लेकर है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 21वीं सदी में स्कूली शिक्षा के विषय पर देशभर के शिक्षकों को वर्चुअल संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति नए भारत की, नई उम्मीदों की, नई आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। इसके पीछे पिछले 4-5 वर्षों की कड़ी मेहनत है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मार्कशीट 'प्रेशर शीट' और परिवारों के लिए 'प्रेस्टीज शीट' बन गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य इस दबाव को दूर करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल और सभी जिम्मेदार लोगों तक इसे पहुंचाने के लिए 'शिक्षा पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व आठ से 25 सितंबर तक चलेगा।

'21वीं सदी में स्कूली शिक्षा' के विषय पर PM मोदी के संबोधिन की मुख्य बातें

- 2022 में जब आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे तब भारत का हर स्टूडेंट राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा तय किए गए दिशा-निदेर्शों में पढ़े ये हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मैं सभी शिक्षकों, प्रशासकों, स्वयंसेवी संगठनों और अभिभावकों से आहृवान करता हूं कि वे इस मिशन में अपना सहयोग दें: पीएम मोदी

- राष्ट्रीय शिक्षा नीति की इस यात्रा के पथ-प्रदर्शक देश के शिक्षक हैं। चाहे नए तरीके से लर्निंग हो, विद्यार्थी को इस नई यात्रा पर लेकर शिक्षक को ही जाना है। हवाई जहाज कितना ही एडवांस हो, उड़ाता पायलट ही है। इसलिए सभी शिक्षकों को भी कुछ नया सीखना है और कुछ पुराना भूलना भी है: पीएम मोदी

- पढ़ाई से मिल रहे इस तनाव से अपने बच्चों को बाहर निकालना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रमुख उद्देश्य है। परीक्षा इस तरह होनी चाहिए कि छात्रों पर इसका बेवजह दबाव न पड़े। कोशिश ये होनी चाहिए कि केवल एक परीक्षा से विद्यार्थियों को मूल्यांकन न किया जाए: पीएम मोदी

- सीख तो बच्चे तब भी रहे होते हैं जब वो खेलते हैं, जब वो परिवार में बात कर रहे होते हैं, जब वो बाहर आपके साथ घूमने जाते हैं। लेकिन अक्सर माता-पिता भी बच्चों से ये नहीं पूछते कि क्या सीखा? वो भी यही पूछते हैं कि मार्क्स कितने आए। हर चीज यहीं आकर अटक जाती है: पीएम मोदी

- राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्रों को कोई भी विषय चुनने की आजादी दी गई है। ये सबसे बड़े सुधार में से एक है। अब हमारे युवा को साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स के किसी एक ब्रेकैट में ही फिट होने की जरूरत नहीं है। देश के छात्रों की प्रतिभा को अब पूरा मौका मिलेगा: पीएम मोदी

- हमारी पहले की जो शिक्षा नीति रही है, उसने छात्रों को बहुत बांध कर रखा था। जो विद्यार्थी साइंस लेता है वो आर्ट्स या कोमर्स नहीं पढ़ सकता था। आर्ट्स और कोमर्स वालों के लिए मान लिया गया कि ये हिस्ट्री ज्योग्राफी और अकाउंट्स इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि ये साइंस नहीं पढ़ सकते: पीएम मोदी

- कितने ही प्रोफेशन हैं जिनके लिए गहन कौशल की जरूरत होती है, लेकिन हम उन्हें महत्व ही नहीं देते। अगर छात्र इन्हें देखेंगे तो एक तरह का भावनात्मक जुड़ाव होगा, उनका सम्मान करेंगे। हो सकता है बड़े होकर इनमें से कई बच्चे ऐसे ही उद्योगों से जुड़ें: पीएम मोदी

- हमें शिक्षा में आसान और नए-नए तौर-तरीकों को बढ़ाना होगा। Engage, Explore, Experience, Express और Excel हमारे प्रयोग का मूलमंत्र होना चाहिए: पीएम मोदी

- कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बारे में देश भर के शिक्षकों से सुझाव मांगे थे। एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। ये सुझाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति को और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद करेंगे: पीएम मोदी

- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी नए भारत की, नई उम्मीदों की, नई आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। इसके पीछे पिछले 4-5 वर्षों की कड़ी मेहनत है, हर क्षेत्र, हर विधा, हर भाषा के लोगों ने इस पर दिन रात काम किया है। लेकिन ये काम अभी पूरा नहीं हुआ है: पीएम मोदी

- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ऐलान होने के बाद बहुत से लोगों के मन में कई सवाल आ रहे हैं। ये शिक्षा नीति क्या है? ये कैसे अलग है। इससे स्कूल और कॉलेजों में क्या बदलाव आएगा। हम सभी इस कार्यक्रम में इकट्ठा हुए हैं ताकि चर्चा कर सकें और आगे का रास्ता बना सकें: पीएम मोदी

- मुझे खुशी है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के इस अभियान में हमारे प्रधानाचार्य और शिक्षक पूरे उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं। कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के शिक्षकों से उनके सुझाव मांगे थे। एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं: पीएम मोदी

- पिछले तीन दशकों में दुनिया का हर क्षेत्र बदल गया, हर व्यवस्था बदल गई। इन 3 दशकों में हमारे जीवन का शायद ही कोई पक्ष हो जो पहले जैसा हो। लेकिन वो मार्ग, जिस पर चलते हुए समाज भविष्य की तरफ बढ़ता है, हमारी शिक्षा व्यवस्था, वो अब भी पुराने ढर्रे पर ही चल रही थी: पीएम मोदी

- आज हम सभी एक ऐसे क्षण का हिस्सा बन रहे हैं, जो हमारे देश के भविष्य निर्माण की नींव डाल रहा है, जिसमें नए युग के निर्माण के बीज पड़े हैं। नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के भारत को नई दिशा देने वाली है: पीएम

मोदी इससे पहले सात सितंबर को भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर राज्यपालों और राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर चुके हैं। इसमें उन्होंने शिक्षा नीति के अमल का पूरा रोडमैप दिया था। साथ ही कहा था कि इसेलागू करने को लेकर ज्यादा लचीला रुख अपनाया जाए। मोदी इससे पहले भी कई मौकों पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल को लेकर अपनी बात रख चुके हैं। हालांकि, अब तक के आयोजनों में यह इसलिए भी अलग है, क्योंकि इनमें नीति लागू कराने वाली जमीनी टीम शामिल है।

पीएम ने राज्यपालों के वर्चुअल सम्मेलन को किया था संबोधित:-इससे पहले 7 सितंबर को पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका पर आयोजित राज्यपालों और राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि विदेश नीति, रक्षा नीति की तरह ही शिक्षा नीति भी देश की होती है, किसी सरकार की नहीं। जिस प्रकार नीति को लचीलेपन के विजन के साथ लाया गया है, उसी तरह सभी को इसके अमल को लेकर भी ज्यादा-से-ज्यादा लचीलापन दिखाना होगा। साथ ही यह भी कहा कि यह नीति सिर्फ पढ़ाई-लिखाई के तौर-तरीकों में ही बदलाव के लिए नहीं है। यह 21वीं सदी के भारत के सामाजिक और आर्थिक जीवन को नई दिशा देने वाली है।

अहमदाबाद। गुजरात के अमरेली जिले के एक एडिशनल जज ने आधी रात में महिला पुलिस अधिकारी को मोबाइल पर आईलवयू का मैसेज भेजा। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी ने जज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। इससे पहले महिला पुलिस अधिकारी ने जब फोन करके मैसेज के बारे में बात की तो जज ने बताया कि उसकी नौकरानी ने यह मैसेज कर दिया है। अमरेली जिले के राजुला कस्बे में सैशन कोर्ट के एडिशनल जज के मोबाइल से 30 अगस्त को रात्रि करीब ढाई बजे वहां की महिला पुलिस उपनिरीक्षक के मोबाइल पर गुड मॉर्निंग, मिस यू डियर व लव यू टू के मैसेज किए गए। सुबह करीब आठ बजे जब इस महिला पुलिस अधिकारी ने अपने मोबाइल पर ये मैसेज देखे तो उसने उस नंबर पर कॉल बैक किया, जिसे किसी ने रिसीव नहीं किया।इसके बाद इसी नंबर पर उसने दो-तीन बार कॉल किया तो किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद उक्‍त महिला अधिकारी ने पुलिस थाने जाकर अपने ऑफिस के फोन से कॉल किया तो सामने वाले व्‍यक्ति ने बोला कि मैं सैशन कोर्ट एडिशनल जज एसपी भट्ट बोल रहा हूं। जब महिला पुलिस अधिकारी ने मोबाइल पर भेजे गए मैसेज के बारे में पूछा तो उसने कहा कि मेरे यहां काम करने आने वाली महिला ने भूलवश ये मैसेज किए हैं। जज साहब का यह जवाब पीड़िता पुलिस अधिकारी की समझ से बाहर था कि एक नौकरानी किसी महिला पुलिस अधिकारी को ऐसे मैसेज भला क्‍यों भेजेगी। इस पर उक्‍त महिला पुलिस अधिकारी ने अमरेली के पुलिस अधीक्षक निर्लिप्‍त रॉय को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है। गौरतलब है कि गुजरात के प्रशासनिक हलके में पिछले साल हड़कंप मचाने वाले आइएएस गौरव दहिया के वकील का आरोप है कि उन्हें बदनाम करने के लिए गुजरात के आला अधिकारियों ने ही एक साजिश के तहत दिल्ली की महिला लीनू सिंह को मोहरा बनाया। फेसबुक के जरिए मित्र बनी लीनू पहले से शादीशुदा है। वह पति के साथ मिलकर दहिया को ब्लैकमेल कर 20 करोड़ रुपये की रकम और दिल्ली में एक फ्लैट की मांग कर रही थी। गुजरात कैडर-2010 के आइएएस गौरव दहिया के खिलाफ जुलाई 2019 में लीनू सिंह ने दिल्ली पुलिस की महिला सेल के समक्ष धोखा देकर विवाह करने व शोषण का आरोप लगाया था।

नई दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने 9 सितंबर को चंडीगढ़ से मुंबई जा रहीं कंगना रनोट की फ्लाइट में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी किए जाने पर इंडिगो एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी है।  नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक अधिकारी ने बताया कि हमने ऐसे कुछ वीडियो देखे हैं जिसमें मीडियाकर्मी 6E264 उड़ान में एक दूसरे से बहुत सटकर खड़े थे। यह सुरक्षा और शारीरिक दूरी के नियमों के उल्लंघन की तरह है।जिस पर इंडिगो एयरलाइंस ने अपना बयान डीजीसीए को दे दिया है। अपने बयान में इंडिगो ने कहा कि जिस फ्लाइट में कंगना रनोट सफर कर रही थी उस पर सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसके साथ ही इंडिगो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हमारे केबिन क्रू और यहां तक कैप्टन द्वारा फोटोग्राफी को प्रतिबंधित करने और शारीरिक दूरी का पालन करने समेत अन्य सभी घोषणाएं की गईं।बता दें कि कंगना रनोट 9 सितंबर को चंडीगढ़-मुंबई उड़ान के दौरान आगे की कतार में बैठी थीं। कई मीडियाकर्मी भी उसी उड़ान में सवार हुए थे। जो कि यह मीडियाकर्मी शारीरिक दूरी का उल्लंघन करते हुए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर रहे थे। डीजीसीए ने शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए 25 मई को नियम जारी किया था। इसमें कहा गया था कि गंतव्य पर आगमन के बाद यात्री को (विमान से) क्रम से जाने की अनुमति देनी चाहिए ताकि ज्यादा लोग कहीं एकत्र ना हों।गौरतलब है कि इन दिनों कंगना रनोट महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ खुल कर सामने आ गई हैं। मुंबई में उनके ऑफिस में तोड़-फोड़ किए जाने के बाद अब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर वंशवाद का आरोप लगाया है। वहीं, दूसरी ओर कंगना रनोट के समर्थन में देश के कई बड़े नेता उनके साथ आ गए हैं और सोशल मीडिया में भी कंगना रनोट को पूरा समर्थन मिल रहा है।

भोपाल। कांग्रेस ने मध्‍य प्रदेश में होने वाले उप चुनावों के लिए 15 सीटों पर अपने उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट जारी की है। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने अभी प्रदेश में उपचुनावों की तारीख घोषित नहीं की है लेकिन कांग्रेस ने लड़ाई के लिए तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। सांवेर से प्रेमचंद गुडडू को प्रत्याशी घोषित किया गया है। इसके अलावा आगर से विपिन वानखेड़े को टिकट दिया गया है। कांग्रेस द्वारा जारी की गई उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट इस प्रकार है... मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटे हैं। राज्य में 27 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। इन 27 सीटों में से भाजपा को नौ सीटें जीतनी है। यदि ऐसा हुआ तो वह 116 के बहुमत के आकंड़े को हासिल कर लेगी। फिलहाल भाजपा को 107 विधायकों का समर्थन हासिल है और कांग्रेस के पास 72 विधायक हैं। कांग्रेस ने जिन 15 सीटों पर अपने उम्‍मीदवारों का नाम घोषित किया है उनमें नौ सीटें एससी (scheduled caste) के लिए आरक्षित हैं।जारी सूची में चार सीटें सामान्‍य जबकि दो सीटे एसटी (scheduled tribes) श्रेणी के तहत आरक्षित हैं। दिमानी सीट से रविंद्र सिंह तोमर, अंबाह एससी सुरक्षित सीट से सत्यप्रकाश शेकरवर, गोहद एससी सुरक्षित सीट से मेवाराम जाटव, ग्वालियर (सामान्‍य) सीट से सुनील शर्मा, दबरा एससी सुरक्षित सीट से सुरेश राजे, भंदर एससी सुरक्षित सीट से फूल सिंह बरैया, करेरा एससी सुरक्षित सीट से प्रगीलाल जाटव, बमोसी सामान्‍य सीट से कन्हैया लाल अग्रवाल, अशोक नगर एससी सुरक्षित सीट से आशा दोहरे को उम्‍मीदवार बनाया गया है। अनुपपूर एसटी (scheduled tribes) सीट से विश्वनाथ सिंह कुंजम, सांची एससी (scheduled caste) सुरक्षित सीट से मदनलाल चौधरी अहीवार, आगर एससी (scheduled caste) सुरक्षित सीट से विपिन वानखेड़े, हाटपिपलिया सामान्‍य सीट से राजवीर सिंह बघेल, नेपानगर एसटी (scheduled tribes) सुरक्षित सीट से राम किशन पटेल और सनवर एससी (scheduled caste) सुरक्षित सीट से प्रेमचंद गुड्डु को मौका दिया गया है। सूबे की 27 सीटों में अधिकतर कांग्रेस के विधायकों के इस्तीफा देने और पाला बदलने की वजह से खाली हुई हैं।

वाशिंगटन। तमाम चुनावी सर्वे में आगे चल रहे डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हमले तीखे होते जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि चीन को लेकर बिडेन कमजोर हैं और बिडेन परिवार सीधे चीनी सेना को हमारा देश 'बेच' रहा है। वह यहां तक कह गए कि यदि कभी बिडेन चुनाव जीते तो चीन ही अमेरिका का मालिक होगा। ट्रंप व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से मुखातिब थे।

चीन के मामले में बिडेन कमजोर;-ट्रंप ने कहा, 'चीन के मामले में बिडेन कमजोर हैं। कल इस बात का पता चला कि एक बड़े चीनी सैन्य रक्षा ठीकेदार को मिशिगन की ऑटो पा‌र्ट्स निर्माता कंपनी की बिक्री संभव बनाने में एक अमेरिकी कंपनी का हाथ था। यह वही कंपनी है, जिसका आंशिक मालिकाना हक बिडेन के बेटे हंटर के पास है। हंटर बिडेन के पास शंघाई की निजी इक्विटी फर्म बोहाई हार्वेस्ट आरएसटी की दस फीसद हिस्सेदारी है।'

मिशिगन की नौकरियां चीन को बेचीं:-ट्रंप ने पत्रकारों को भी लपेटा। उन्‍होंने कहा- आप मिशिगन संबंधी वित्तीय लेन-देन की खबरें नहीं दे रहे हैं। आप इस बारे में लिखना ही नहीं चाहते। क्या आप लिखना चाहते हैं? बिडेन ने अपने पूरे करियर में मिशिगन की नौकरियां चीन को बेचीं। राष्ट्रपति ने कहा कि अब तो बिडेन परिवार सीधे चीनी सेना को हमारा देश बेच रहा है। अब अचानक वह चीन को मिशिगन की कंपनियां बेच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी सेना को अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग की नौकरियां मिलीं और बिडेन परिवार ने इसके बदले पैसे लिए।

वैक्‍सीन लाने में बाधा डालने का लगाया आरोप;-अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि कोरोना वैक्सीन लाने की राह में बिडेन बाधा डाल रहे हैं। कहा-बिडेन ने तो वैक्सीन के खिलाफ जनता के बीच अभियान ही छेड़ दिया है। यह बहुत गलत है, क्योंकि आने वाली हमारी कई वैक्सीन लाजवाब हैं। बिडेन चुनावी लाभ के लिए दूसरे लोगों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराष्ट्रपति रहते हुए बिडेन यह नहीं समझ पाए थे कि स्वाइन फ्लू बहुत घातक है।

हैरिस के निशाने पर ट्रंप:-उपराष्ट्रपति पद की डेमोक्रेट प्रत्याशी कमला हैरिस ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर ट्रंप ने अमेरिकी लोगों को जानबूझ कर गुमराह किया। चंदा जुटाने के एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान अमेरिका के खोजी पत्रकार बॉब वुडवर्ड की नई किताब 'रेज' का उल्लेख करते हुए हैरिस ने कहा कि ट्रंप कोरोना को लेकर झूठ बोलते रहे, क्योंकि उन्हें डर था कि सच सामने आने से उन्हें नुकसान होगा। ट्रंप ने वायरस पैदा नहीं किया, लेकिन वह अपना फर्ज भी नहीं निभा पाए। खासकर संकट के क्षणों में, नेता की यह जिम्मेदारी होती है कि वह न केवल हमें बचाए, बल्कि सच्चाई भी बताए। ट्रंप ने ऐसा नहीं किया। एक राष्ट्रपति के लिए यह अक्षम्य है।

वाशिंगटन। राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं को रिझाने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने सुपरहिट बॉलीवुड फिल्म 'लगान' के 'चले चलो' गीत की तर्ज पर एक म्यूजिकल वीडियो जारी किया है।

बॉलीवुड सिंगर तितली ने बिडेन के लिए गाया- चले चलो..चले चलो, बिडेन को वोट दो:-इस गीत के बोल कुछ यूं हैं-चले चलो..चले चलो, बिडेन को वोट दो, बिडेन की जीत हो, उनकी हार हां। इसे सिलिकन वैली निवासी बॉलीवुड सिंगर तितली बनर्जी ने गाया है। इसे जारी किया है उद्यमी दंपती अजय व विनीता भुटोरिया ने।

यह गीत बिडेन को वोट देने के लिए भारतीय समुदाय को प्रेरित करता है;-सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर वीडियो रिलीज होने के बाद विनीता भुटोरिया ने कहा, 'यह एक युद्ध गीत है। इसमें भारतीयता का जोश है। यह बिडेन को वोट देने के लिए हमारे समुदाय को प्रेरित करता है।'

राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिण एशियाई समुदाय के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं;-उन्होंने कहा कि तीन नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिण एशियाई समुदाय के वोट जीत-हार तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

नई दिल्ली। आइपीएल के पिछले 12 सीजन में ना जाने कितने रिकॉर्ड बने और टूटे, लेकिन एक रिकॉर्ड ऐसा है जो 2013 के बाद से नहीं टूटा है। ये रिकॉर्ड है किसी टीम द्वारा एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का और ये कमाल साल 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने किया था। आइपीएल के इस सीजन में विराट की कप्तानी वाली बैंगलोर की टीम ने पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ ये कमाल किया था। उस मैच में विराट की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 263 रन बनाए थे। कमाल की बात ये है कि इस स्कोर को अब तक कोई भी टीम पार नहीं कर पाई है।यही नहीं इस लीग में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड भी आरसीबी के नाम पर ही और ये कमाल इस टीम ने साल 2016 में गुजरात लायंस के खिलाफ किया था। गुजरात के खिलाफ इस मैच में विराट की टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 248 रन बनाए थे। इस साल विराट की टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन हैदराबाद के हाथों इस टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इस साल विराट कोहली ने एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड साथ ही एक ही सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी कायम किया था।आइपीएल का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम पर है। एम एस धौनी की कप्तानी में इस टीम ने ये कमाल साल 2010 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ किया था और 20 ओवर में 5 विकेट पर 246 रन बनाए थे। इंडियन प्रीमियर लीग में चौथा सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स के नाम पर है। इस टीम ने 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ ये उपलब्धि हासिल की थी और 6 विकेट पर 245 रन बनाए थे। वहीं सीएसके के नाम पर इस लीग का पांचवां सबसे बड़ा स्कोर है और इस टीम ने भी पंजाब के खिलाफ 2008 में 5 विकेट पर 240 रन बनाकर ये कामयाबी अपने नाम की थी। 

आइपीएल में 5 सबसे बेस्ट स्कोर बनाने वाली टीमें

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर- विरुद्ध पुणे वॉरियर्स इंडिया- 263/5 (2013)

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर- विरुद्ध गुजरात लायंस- 248/3 (2016)

चेन्नई सुपर किंग्स- विरुद्ध राजस्थान रॉयल्स- 246/5 (2010)

कोलकाता नाइट राइडर्स- विरुद्ध किंग्स इलेवन पंजाब- 245/6 (2018)

चेन्नई सुपर किंग्स- विरुद्ध किंग्स इलेवन पंजाब- 240/5 (2008)

लाहौर। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर मौजूदा समय में पाकिस्तान की टीम के चीफ सलेक्टर बनने की रेस में चल रहे हैं। पीसीबी ने उनके मुख्य चयनकर्ता बनने के लिए ऑफर किया है। शोएब अख्तर भी चाहते हैं कि अगर उनको सही ऑफर मिलता है तो वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ काम करेंगे, लेकिन इसी बीच उन्होंने भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली को दुश्मन बता दिया है। हालांकि, उनके इस बयान के मायने अलग हैं।दरअसल, पाकिस्तान में एक टीवी शो के दौरान शोएब अख्तर से पाकिस्तानी क्रिकेटरों की आलोचना करने को लेकर सवाल किए गए। शोएब अख्तर से शो के एंकर ने पूछा कि आप पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों की आलोचना करते हैं, लेकिन आपका रवैया भारतीय खिलाड़ियों के साथ ऐसा नहीं है। क्रिकेट को लेकर अपनी बेबाक राय रखने के लिए मशहूर शोएब अख्तर ने कहा है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के खाते में इतने रन हैं कि उनकी बुराई नहीं की जा सकतीरावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख्तर ने अपने जवाब में कहा, "मैंने टीम इंडिया की भी आलोचना की है, लेकिन विराट कोहली 12 हजार रन बना चुके हैं तो आप क्या कहें, रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक जड़े हैं, इस बारे में आप क्या कहेंगे। आपको दुश्मन की गुणवत्ता के बारे में जानना चाहिए। विराट कोहली महान बल्लेबाज बन गए हैं, आप क्या कह सकते हैं, क्या मुझे ये कहना चाहिए कि वह खराब व्यक्ति हैं या फिर वह अच्छे खिलाड़ी नहीं है।"शोएब अख्तर इसलिए भी विराट कोहली और रोहित शर्मा की तारीफ करते हैं, क्योंकि वे वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में नंबर 1 और नंबर 2 बल्लेबाज हैं। पाकिस्तान के पास मौजूदा समय में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है जो इन दो खिलाड़ियों को मात दे पाए। हर कोई बाबर आजम की बात करता है, लेकिन बाबर आजम और विराट कोहली में जमीन-आसमान का अंतर है, क्योंकि उन्होंने अभी काफी कम क्रिकेट खेली है। 

नई दिल्ली। यह बहुत जरूरी नहीं है कि क्रेडिट स्कोर 750 से ऊपर हो तभी लोन मिल पाएगा। क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच आंका जाता है, जबकि 750 से ऊपर के स्कोर को बेहतर माना जाता है। हालांकि, कई लोग अभी भी नहीं जानते कि क्रेडिट स्कोर को बेहतर कैसे बनाया जाए। जिनकी सैलरी कम है वे भी क्रेडिट स्कोर बेहतर बना सकते हैं। कभी-कभी व्यक्ति कुछ मूर्खतापूर्ण गलतियां करते हैं जिसके कारण उनका क्रेडिट स्कोर नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाता है। ऐसे ही कुछ गलतियों के बारे में जानिए और आप इससे बचके रहिये।

1. लोन पेमेंट में चूक: समय पर अपने कर्ज के ईएमआई का भुगतान नहीं करने से आपका क्रेडिट स्कोर कम हो जाएगा। कभी-कभी, हम नियत तारीख के भीतर क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने में विफल रहते हैं जिसके कारण बैंक जुर्माना लगाता है। इसका क्रेडिट स्कोर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। अगर आपके पास पैसे की दिक्कत नहीं है तो भी बैंक यह मानेंगे कि आप धन की कमी के कारण क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए लोन की किस्त का भुगतान समय पर कर दें। 

2. बहुत अधिक कर्ज लेना: यदि आप बहुत अधिक असुरक्षित लोन जैसे क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि, पर्सनल लोन लेते हैं तो यह आपको क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करेगा। बड़ी मात्रा में अवैतनिक देय राशि डिफ़ॉल्ट के जोखिम को बढ़ाती है। यदि आपकी मासिक कर्ज चुकौती (सभी कर्जों पर ब्याज और मूलधन) आपके घर के वेतन का 50% से अधिक है, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को कम कर देगा और दिखाएगा कि आप एक कमजोर ग्राहक हैं और किसी भी समय डिफ़ॉल्ट हो सकते हैं।

3क्रेडिट कार्ड का अत्यधिक उपयोग: यदि आप अक्सर अपने सभी कार्डों में अधिकतम क्रेडिट सीमा का उपयोग करते हैं तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, 30% से कम की क्रेडिट उपयोग अनुपात (CUR) को बनाए रखना हमेशा अच्छे क्रेडिट स्कोर के लिए उचित होता है।

4. बहुत अधिक कर्ज के लिए आवेदन करना: कभी-कभी संपत्ति खरीदते समय लोग एक साथ लोन अस्वीकृति की संभावना को कम करने और ज्यादा बेहतर रेट प्राप्त करने के लिए कई बैंकों के साथ कर्ज के लिए आवेदन करते हैं। हालांकि, उन्हें ध्यान देना चाहिए कि हर बार जब वे लोन के लिए आवेदन करते हैं तो उनके बाकी के क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में भी जाना जाता है।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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