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चंडीगढ़।पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। आज पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को पंजाब में निष्प्रभावी करने के लिए तीन बिल पेश किए गए, जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। इसके साथ ही सीएम ने किसानों से अपील की कि वह रेलवे ट्रैक खाली कर दें। राज्य में ट्रेनों की आवाजाही ठप होने से नुक्सान झेलना पड़ रहा है। प्रस्ताव व बिलों के पास होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, नेता प्रतिपक्ष व आप विधायक हरपाल सिंह चीमा व अकाली विधायक शरणजीत सिंह ढिल्लों के साथ राज्यपाल से मिलने गए और उन्हें कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव व विधानसभा द्वारा पास बिलों को सौंपा।सदन के नेता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आपातकालीन सत्र में बिल लाने में देरी हुई। मुख्यमंत्री सरकारी प्रस्ताव पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। वह इस संबंध में केंद्र को तीन पत्र भी लिख चुके हैं। पंजाब विधानसभा में केंद्र के कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए एक साथ एक प्रस्ताव व तीन बिल पेश किए गए।बिल पास होने के बाद सीएम सीधे कांग्रेस, आप व अकाली दल के विधायकों के साथ पंजाब के राज्यपाल के पास जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने कहा कि विधानसभा केंद्र के कानून पर गहरा खेद व्यक्त करती है। विधानसभा ने पहले भी इनके खिलाफ प्रस्ताव पास किया था, पर फिर भी केंद्र सरकार ने कानून पारित कर दिए। कहा कि केंद्र ने व्यापारियों के लिए ये कानून बनाए हैं न कि खेती या किसानों के लिए।केंद्र के तीन कृषि कानूनों के प्रभाव को राज्य में रोकने के लिए पंजाब सरकार ने जो तीन बिल पेश किए हैं उनमें किसानों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की गई है। मंडियों के बाहर खरीद करने वालों को कोई टैक्स अदा न करने के प्रावधान को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने अपने कानून में कहा है कि पंजाब राज्य में कहीं भी गेहूं और धान न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर नहीं खरीदा जा सकेगा, अगर कोई कंपनी कॉरपोरेट व्यापारी आदि ऐसा करते हैं तो उन्हें 3 साल का सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।इसके अलावा केंद्रीय कानून में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट में किसानों और कंपनियों के बीच विवाद होने पर केवल एसडीएम तक ही केस लड़े जाने का प्रावधान किया हुआ है, जबकि इसके प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने अपने एक्ट में प्रावधान किया है कि सिविल कोर्ट में किसान जा सकेंगे। आवश्यक कानून जिसमें केंद्रीय कानून में कहा गया है कि खरीदी जाने वाली फसल के बारे में कोई भी लिमिट नहीं होगी और न ही यह कहां भंडारण की गई है इसके बारे में बताने की जरूरत है। इस प्रभाव को कम करने के लिए पंजाब सरकार ने अपने बिल में कहा है कि खरीदी जाने वाली फसल की सीमा राज्य सरकार द्वारा तय की जाएगी और इसे कहां स्टोर किया गया है यह भी बताना होगा इन बिलों पर बहस चल रही है।सदन के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने संविधान का उल्लंघन किया हैं। कहा कि पंजाब ने ने देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। अब उन्हीं किसानों को बर्बाद किया जा रहा है। क्या यह इंसाफ है।कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि केंद्र के नए कानून मंडियों को बर्बाद कर देंगे। सिद्धू ने केंद्र से सवाल किया जहां फ्री मंडियां हैं वहां के किसानो की हालत क्या है। किसानों को सीधी अदायगी के खिलाफ भी बोले, कहा जो केंद्र सरकार GST का पैसा नहीं दे रही, वह किसानों को उनके खाते में पैसे डाल देगी? सिद्धू ने कहा कि जो किसानों के साथ खड़ा होगा वही केंद्र में सरकार बनाएगा।विधानसभा में परगट सिंह ने कहा कि इजरायल की संसद देश है, लेकिन उसने अपनी खेती की जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी जैसी वस्तु को बहुत बढ़िया तरीके से इस्तेमाल किया है। हमने ऐसा कोई प्रोग्राम नहीं चलाया। उन्होंने कहा कि अब ट्रैक्टरों पर चढ़कर रैलियां करने की जरूरत नहीं, बल्कि हाउस में मिल बैठकर बात करने की जरूरत है और 1 दिन का सेशन नहीं, बल्कि 6 से 7 दिन का सेेेेशन होना चाहिए, ताकि हर विधायक को खुलकर बोलने का मौका मिल सके। नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा सत्र की दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले बिल की कॉपी न मिलने पर नाराजगी जताई। आप विधायकों ने पूरी रात विधानसभा परिसर में ही गुजारी। विपक्ष के नेता ने कहा कि आखिर कैप्टन अमरिंदर सिंह किस बात से इतना डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बिल की कॉपी विधायकों को एडवांस में नहीं मिल जाती तब तक वह उसकी तैयारी कैसे कर सकेंगे। दिलचस्प बात यह है कि कल स्पीकर विधानसभा राणा केपी सिंह ने विपक्ष को आश्वस्त किया था कि शाम 5 बजे तक बिल की कॉपी सभी विधायकों को मिल जाएगी, लेकिन वह आज सुबह तक भी नहीं दी गई। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि सीकर विधानसभा के कस्टोडियन है लेकिन वह कॉन्ग्रेस के पक्ष में रह कर बात कर रहे हैं।इससेे पूर्व सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। पंजाब सरकार की ओर से लाए जा रहे बिल की कापी नहीं मिलने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सदन में रात तक धरना दिया। रात को उनसे सदन खाली करवा लिया गया जिसके बाद वे लाबी में धरने पर बैठ गए।वहीं, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) विधायकों ने पंजाब भवन में जाने की मंजूरी न देने पर गेट के बाहर ही धरना लगा दिया। इस कारण पंजाब भवन में किसान नेताओं से बातचीत करने आए तीन कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुखबिंदर सिंह सरकारिया लगभग बंधक बन गए। रास्ता नहीं मिलने पर वे पार्किंग क्षेत्र में से कंटीली तार हटवा कर बाहर निकले। विधानसभा सत्र से पहले आप और शिअद विधायकों ने केंद्र सरकार के नए तीन कृषि कानूनों की प्रतियां अलग-अलग जलाईं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू समेत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई।

नेता प्रतिपक्ष चीमा ने उठाया बिल की कापी न देने का मुद्दा;-सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी विधायकों को बिल की कापी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार किसान विरोधी कानून को निरस्त करने के लिए बिल ला रही है लेकिन यह बिल क्या है, इसके बारे में विधायकों को नहीं पता। इस पर मंत्री ब्रह्म मोङ्क्षहद्रा की अनुपस्थित में संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने सदन को भरोसा दिया कि शाम पांच बजे तक सभी सदस्यों को बिल की कापी भेज दी जाएगी।इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन स्थगित होने के बावजूद आप के विधायक सदन में ही डटे रहे। उनकी मांग थी कि जब तक बिल की कापी नहीं मिलती तब तक वह सदन से बाहर नहीं जाएंगे। इस दौरान विधायकों ने सदन के अंदर से वीडियो बनाकर संदेश भी सोशल मीडिया पर डाले। रात आठ बजे के करीब सदन को सैनिटाइज करने के लिए उनसे बाहर जाने को कह दिया गया। उसके बाद वे लाबी में धरने पर बैठ गए ।

सरकार किसानी पर बात करने से भाग रही : मजीठिया;-उधर, पंजाब भवन के गेट के सामने धरना दे रहे अकाली दल के विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानी मुद्दे को लेकर विशेष सत्र बुलाया लेकिन किसानी पर कोई बात नहीं की। न ही उन्हें बिल की कापी दी गई। या तो सरकार किसानों की समस्या का हल निकालना नहीं चाहती या फिर वह केंद्र की मोदी सरकार के साथ मिल गई है। करीब तीन घंटे बाद जब उन्हें पता चला कि मंत्री जा चुके हैं तो उन्होंने धरना खत्म किया और स्पीकर से मिलने के लिए चले गए।

सिद्धू भी पहुंचे;-करीब सवा साल बाद नवजोत सिंह सिद्धू सदन में नजर आए। जब से उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है, उन्होंने सदन में आना बंद कर दिया था।

चार साल बाद ऐसा नजारा:-चार साल पहले जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने पर उसने भी सदन के भीतर धरना दिया था। कांग्रेस विधायक तीन दिन सदन में ही धरना देते रहे क्योंकि दो दिन अवकाश था।

पेरू। हम सभी ने अब तक इंसानों द्वारा बनाई गई मू्र्तियों और आकृतियों के बारे में देखा और सुना है, ये दोनों चीजें अपने आप में आकर्षक और खूबसूरत है। दक्षिणी पेरू में नाजका लाइन्स रेगिस्तान है। यहां पहाड़ों पर कई आकृतियां बनाई गई है। ये आकृतियां किसने बनाई ये आज भी रहस्य बना हुआ है। इन नई छवियों के बाद शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि उन्हें इस क्षेत्र की संस्कृति के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। ऐसी छवियों को गढ़ने की संस्कृति तकरीबन 1000 साल पुरानी मानी जा रही है।

200 ईसा पूर्व से मौजूद रेखाएं :-पेरू में स्थित इस रेगिस्तान पर ऐसी कई आकृतियां बनी हुई हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरान हो सकता है। इनमें से कुछ आकृतियां इंसानों, पौधों और जानवरों की मालूम पड़ती हैं। इसके अलावा रेगिस्तानी सतह पर सीधी रेखाएं भी दिखाई पड़ती हैं। ऐसा माना जाता है कि ये रेखाएं 200 ईसा पूर्व से यहां मौजूद हैं। ये रेखाएं करीब 500 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई हैं। हेलिकॉप्टर की मदद से इन्हें और साफ-साफ देखा जा सकता है। एक बात ये भी कही जाती है कि यहां दूसरे ग्रहों से आए यूएफओ उतरे थे, जिसके चलते सतह पर इतनी संरचनाएं बनी थीं। 

एक नई कलाकृति चर्चा का केंद्र :-इन दिनों यहां दिखी एक नई कलाकृति को लेकर चर्चा हो रही है। ये कलाकृति एक बड़ी बिल्ली की है। पेरू में एक पहाड़ी पर 40 गज की दूरी तक फैली ये नई छवि देखने को मिली है। इस कलाकृति में बिल्ली की पूंछ, आंख और अन्य चीजें साफतौर पर दिख रही हैं। पुरातत्वविदों ने इस नाजका लाइन्स को एक यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित कर रखा है। 

लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित :-पेरू के संस्कृति मंत्रालय ने यहां लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित कर रखा है, लोग इस आकृति को दूर से ही देख सकते हैं। मंत्रालय का कहना है कि यदि लोगों को इन आकृतियों के आसपास जाने दिया गया तो वो वहां पहुंचकर इनके साथ कुछ न कुछ करेंगे जिससे ये खराब हो जाएंगी। इस वजह से इनका वहां आना-जाना प्रतिबंधित किया गया है। पुरातत्वविदों के मुताबिक यहां पर काफी संख्या में चित्र बने हुए थे इनमें से कुछ चित्र समय के साथ धुंधले पड़ गए हैं या मिट गए हैं।

हवाई सर्वेक्षणकर्ता ने खोजा था इलाका;-मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि खोज से पता चलता है कि एक बार फिर इस साइट की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत है। नाजका लाइन्स को पहली बार 1927 में पेरू के एक हवाई सर्वेक्षणकर्ता ने खोजा था। उसने सबसे पहले चिड़ियों, एक बंदर और एक ओर्का की छवियाँ देखीं थीं। यूनेस्को ने 1994 के बाद से नाजसा और पाल्पा की लाइन्स एंड ज्योग्लिफ्स को वर्ल्ड हेरिटेज साइट नामित किया है।माना जाता है कि बिल्ली की इस तरह की छवि नाजका में पहले से मौजूद किसी भी प्रागैतिहासिक भूगोल की तुलना में पुरानी है। पेरू की प्रमुख मोहिनी इसला कहती हैं कि यह काफी चौंकाने वाला है कि हम अभी भी नए आंकड़े ढूंढ रहे हैं लेकिन हम यह भी जानते हैं कि वहां और भी बहुत कुछ पाया जा सकता है। 

पहचान बताने के लिए उकेरी गई थी पहाड़ों पर आकृत्ति ;-माना जाता है कि उस समय के लोगों ने ये डिजाइन तब बनाए गए थे जब वो अपने लोगों को किसी जगह पर मिलने के बारे में जानकारी देना चाहते होंगे। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि जो लोग यात्रा करते थे उन्होंने ये संकेत मार्कर के तौर पर लिख दिए थे जो आज शोध का विषय बने हुए हैं। साल 2019 में जापान के शोधकर्ताओं ने उपग्रह फोटोग्राफी और थ्री डी इमेजिंग की सहायता से इस साइट पर 140 से अधिक नए जियोग्लाइफ का पता लगाया था।

कोरोना महामारी के दौरान जारी रहा काम;-कोरोनोवायरस महामारी के दौरान भी साइट पर अनुसंधान और संरक्षण कार्य जारी था, उस दौरान सभी देशों ने अधिकांश पर्यटक स्थल बंद कर दिए थे। पुरातत्वविद् और कर्मचारी मिराडोर नेचुरल पर काम कर रहे थे। वो संरक्षित स्थल का एक महत्वपूर्ण बिंदु था। जब उन्होंने टीले की सफाई की तो एक बिल्ली के शरीर को दिखाने वाली स्पष्ट रेखाएँ उभरीं।संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जो बिल्ली की आकृति अब दिखाई दे रही है वो गायब होने वाली था क्योंकि यह काफी ढलान पर स्थित है। प्राकृतिक कटाव के प्रभाव से यह काफी प्रभावित हुई है। महामारी के दौरों को बंद करने से पहले, आगंतुकों को केवल विमानों और लुकआउट बिंदुओं से लाइनें और आंकड़े देखने की अनुमति थी। पेरू के एक अधिकारी और पुरातत्वविद लुइस जैमे कास्टिलो ने कहा कि यदि लोग ऐसी जगहों पर पहुंच जाते हैं तो वो उन रेखाओं पर चलते हैं जिससे नुकसान होता है, इससे ये पुरातात्विक चीजें खत्म हो जाती हैं।

नाजका लाइंस से अलग:-नाजका लाइंस से हटकर ये पुरातात्विक आकृतियां रेगिस्तान में न होकर पहाड़ी इलाकों में बनी हुई हैं। इस वजह से इन्हें मैदान से देखा जा सकता है। स्थानीय लोग इनके बारे में लंबे समय से जानते हैं।

पुरानी सभ्यता के राज;-पल्पा की मिट्टी पर मिले ये चित्र हजारों साल पुराने हैं। माना जा रहा है कि इन्हें इंसानों द्वारा 500 ईसा पूर्व से ईसा की 200वीं सदी के बीच बनाया गया होगा। ये पाराकास सभ्यता और टोपारा सभ्यता से जुड़े माने जाते हैं।

सांस्कृतिक मान्यताएं;-वैज्ञानिकों का अनुमान था कि नाजका लाइंस का संबंध जन्म या प्रजनन से जुड़े रीति रिवाजों से रहा होगा। इससे अलग अब वैज्ञानिक यह भी कह रहे हैं कि जब मौसम में उतार-चढ़ाव होता होगा, स्थानीय लोग ऐसी छवियां बनाते होंगे। जो एक लंबे समय के बाद इंसानों को देखने को मिली है।

नई दिल्ली। नासा अंतरिक्ष में नई-नई खोजों के लिए काम करता रहता है। इसी दिशा में अब वो एक नए छुद्र ग्रह बेनू के करीब पहुंचकर वहां से सैंपल लेने की कोशिश कर रहा है। नासा का यह भी कहना है कि लगभग 150 साल के दरम्यान ये ग्रह धरती के बेहद करीब आ जाएगा, उस दौरान ये धरती को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकता है। खैर ये अभी काफी लंबे समय की बात है मगर इन चीजों को ध्यान में रखते हुए नासा इसकी जांच करना चाह रही है।

ऑनलाइन होगा प्रसारण:-नासा की वेबसाइट पर लिखा है कि जीएमटी के अनुसार 21 बजे अंतरिक्ष टेस्ट यान के बेनू ग्रह के नजदीक पहुंचने का ऑनलाइन प्रसारण किया जाएगा। यह अंतरिक्षयान तीन साल बाद सितंबर 2023 में धरती पर वापस लौटेगा। इस परियोजना पर 1 अरब डॉलर का खर्च आया है और नासा को उम्मीद है कि उसके लाए सैंपल से 4.5 अरब साल पुराने सौरमंडल की उत्पत्ति के राज खुलेंगे। छुद्र ग्रहों को सौरमंडल की उत्पत्ति के दौरान पैदा हुआ माना जाता है।

ओसिरिस अंतरिक्ष यान पहुंच रहा बेनू के करीब;-नासा ने एक टेस्ट अंतरिक्ष यान ओसिरिस रेक्स अंतरिक्ष में भेजा है। ये अंतरिक्ष यान आज (मंगलवार) छुद्र ग्रह बेनू के अत्यंत करीब पहुंच रहा है और वहां अपनी जांच शुरू करेगा। नासा का कहना है कि बाद में वो रोबोट को भेजेगा, फिर वो रोबोट वहां से सैंपल को कलेक्ट करेगा और उस सैंपल को धरती पर भेजेगा। ओसिरिस रेक्स ओरिदिन, स्पेक्ट्रल इंटरप्रेटेशन, रिसोर्स आइडेंटिफिकेशन और एक्प्लोरर का छोटा रूप है और उसका काम बेनू छुद्र ग्रह से सैंपल लाना है। नासा ने बेनू को 500,000 छुद्र ग्रहों में से चुना है और अब वहां अंतरिक्ष यान भेजा है।

जापान ने भेजा था हायाबूसा, पहले भी हुई है सैंपल लाने की कोशिश:-अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने इससे पहले दो बार अंतरिक्ष यान के छुद्र ग्रह तक पहुंचने की कोशिश का सफल परीक्षण किया है। चूंकि टेस्ट यान ओसिरिस रेक्स धरती से 29 करोड़ किलोमीटर दूर है नासा से भेजे जाने वाले सिग्नल को वहां तक पहुंचने में 16 मिनट लगते है। ओसिरिस रेक्स पहला अमेरिकी अंतरिक्ष यान है जो किसी छुद्रग्रह को भेजा गया है, 2005 में जापान ने अपना हायाबूसा टेस्ट यान एक छुद्र ग्रह को भेजा था। वह 2010 में वहां की सतह से जमा सैंपल लेकर आया था। बाद में और भी यान भेजे गए लेकिन कोई सैंपल लेकर नहीं आया।

29 करोड़ किलोमीटर दूर है बेनू;-नासा के अनुसार बेनू ग्रह धरती से 29 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित है। नासा का कहना है कि करीब 550 मीटर व्यास का बेनू अगले 150 साल में धरती के बहुत करीब पहुंच सकता है। भले ही उस समय धरती से टक्कर का जोखिम बहुत कम है लेकिन नासा इस ग्रह को इस समय सबसे खतरनाक छुद्र ग्रह मान रहा है। ओसिरिस रेक्स को 2016 में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था और वह बड़े वैन के आकार का है। उसे बेनू तक पहुंचने में दो साल लगे। तब से छह मीटर लंबा और 2,100 किलो भारी टेस्ट यान छुद्र ग्रह के चक्कर काट रहा है।

छुद्र ग्रह पर उतरेगा रोबोट, लेगा सतह से सैंपल;-जब ओसिरिस रेक्स बेनू के करीब पहुंचेगा तो उसकी रोबोट वाली बांह बाहर निकलेगी, जिसका नाम टागसैम है। वह ग्रह की सतह को पांच सेकंड के लिए छुएगा, नाइट्रोजन गैस छोड़ेगा ताकि सतह पर धूल उड़े और उसके बाद 60 से 2,000 ग्राम धूल इकट्ठा करेगा और उसके बाद आगे बढ़ जाएगा। ये सैंपल लेकर वो वापस आएगा, यहां लैब में इस सैंपल की जांच की जाएगी।  

नई दिल्ली। चेन्नई सुुपर किंग्स आइपीएल 2020 में प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए जूझ रही है। टीम की हालत अच्छी नहीं कही जा सकती और 10 मैचों में सिर्फ तीन जीत के बाद टीम के छह अंक हैं और प्वाइंट टेबल में ये टीम आखिरी नंबर पर है। हालांकि इस बात पर यकीन नहीं होता कि सीएसके जैसी टीम की ये हालत हो सकती है, लेकिन ये सच्चाई है जो सबके सामने हैं। राजस्थान के खिलाफ तो इस टीम ने इस सीजन का सबसे कम स्कोर यानी 125 रन ही बना पाई और सात विकेट से मुकाबला गंवा दिया।टीम की सात हार और कप्तान धौनी के प्रदर्शन को लेकर अब सीएसके की काफी आलोचना की जा रही है। अब टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज आकाश ने भी मजाकिया अंदाज में इस टीम की आलोचना कर डाली। अपने यूट्यूब चैनल के जरिए उन्होंने सीएसके पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, चेन्नई एक्सप्रेस अब मालगाड़ी बन गई है और वो बहुत धीमे-धीमे चल रहे हैं। सीएसके के लिए लगभग ये टूर्नामेंट खत्म हो चुका है। आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि, राजस्थान के खिलाफ उनका ये मैच काफी महत्वपूर्ण था। अगर आप सारे बचे हुए मैच भी जीत लेते हैं तो तब भी आपके 14 अंक ही होंगे और ऐसी स्थिति में सीएसके का टॉप तीन टीमों के आसपास भी पहुंचना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लग रहा था कि, 14 अंकों के साथ क्वालीफाई करना संभव होगा, लेकिन अब मुझे लगता है कि ऐसा आसान नहीं होगा क्योंकि कोलकाता भी इस दौड़ में है और यहां से प्लेऑफ तक पहुंचना मुश्किल होगाउन्होंने सीएसके की प्लेइंग इलेवन में केदार जाधव को जगह दिए जाने के बारे में कहा कि, राजस्थान के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी करना सही फैसला था, लेकिन केदार जाधव को प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों दी गई। मैं केदार को पसंद करता हूं, लेकिन उनका क्रम तय नहीं है। उन्हें निचले क्रम में भेजा गया था और यहीं से सब कुछ गलत हो गया। सीएसके के लिए 125 का स्कोर सही नहीं था और टीम को हार मिली। 

अबू धाबी। भारत के पूर्व क्रिकेटर अजीत अगरकर को लगता है कि चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को नंबर 5 से नीचे बल्लेबाजी नहीं करनी चाहिए। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13 वां संस्करण अभी तक CSK के लिए अच्छा नहीं रहा है। टीम 10 मैचों में 6 अंक के साथ अंक तालिका में सबसे नीचे हैं। मौजूदा सीजन में, धौनी के बल्लेबाजी क्रम में काफी बदलाव देखने को मिला। अगरकर ने स्टार स्पोर्ट्स फैन वीक पर दिनेश कार्तिक द्वारा कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) की कप्तानी छोड़ने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे गलत फैसला बताया।अगरकर ने कहा कि मेरी राय में, एमएस धौनी को नंबर 5 से नीचे बल्लेबाजी नहीं करनी चाहिए। यह स्पष्ट रूप से  स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन वह नंबर 5 से नीचे नहीं खेल सकते। उन्होंने कहा कि धौनी की क्रिकेट को लेकर समझ काफी शानदार है। वह अन्य क्रिकेटरों के इतर वह चीजों को देखकर परिस्थिति का आसानी से अनुमान लगा सकते हैं।आप देख सकते हैं, जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है, उनका फॉर्म बेहतर हो रहा है। तो, मेरी समझ से उन्हें नंबर 5 से नीचे बल्लेबाजी नहीं करनी चाहिए। गौरतलब है कि सोमवार को चेन्नई को राजस्थान रॉयल्स (RR) के हाथों सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अगरकर ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की कप्तानी इयोन मोर्गन को सौंपने के दिनेश कार्तिक के फैसले पर भी विचार रखा। उन्होंने कहा कि यह सही कदम नहीं था। सात मैचों के बाद जब आप अंक तालिका में चौथे स्थान पर हैं, तो मेरी राय में यह सही कदम नहीं है। इससे टीम को नुकसान होता है और मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ यह देखने को मिला। भले ही यह एक कठिन मैच था। मुझे नहीं लगता कि यह सही कदम था। आप  एक सत्र के दौरान एक निश्चित कप्तान को लेकर योजना बनाते हैं। अंक तालिका में चौथे स्थान पर होने के बावजूद ऐसा फैसला करना मेरे लिए हैरानी भरा था।

नई दिल्ली। ताइवान के साथ औपचारिक रूप से व्यापार वार्ता शुरू करने के लिए भारत सरकार के भीतर समर्थन बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि दोनों ही देश चीन की हरकतों से परेशान हैं। व्यापार सौदों पर बातचीत से दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच करीबी और बढ़ जाएगी। ताइवान कई वर्षों से भारत के साथ ट्रेड डील पर बात करना चाहता है, लेकिन भारत सरकार इसको टालती रही हैं, क्योंकि इससे चीन के साथ रिश्ते अधिक खराब होने की आशंका थी।अब नरेंद्र मोदी सरकार में ऐसे कई लोग हैं, जो ताइवान के साथ औपचारिक रूप से ट्रेड डील पर वार्ता के पक्षधर हैं। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग के अनुसार, भारत अगर ताइवान के साथ व्यापार सौदे करता है, तो हमें इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अधिक निवेश मिल सकेगा। ब्लूमबर्ग को नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक सरकारी सूत्र ने यह जानकारी दी। हालांकि, सूत्र ने यह बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेड डील पर दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू करने का अंतिम निर्णय कब लिया जाएगा।इस महीनें की शुरुआत में मोदी सरकार ने ताइवान की फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप, विस्ट्रॉन ग्रुप और पेगाट्रॉन कॉर्पोरेशन को स्मार्टफोन के उत्पादन के लिए मंजूरी प्रदान की थी। इससे भारत में एक बड़ा निवेश आ सकेगा।भारत के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता योगेश बवेजा ने इस मामले में अभी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, ताइवान के शीर्ष वार्ताकार John Deng ने भी ई-मेल पर टिप्पणी मांगे जाने का कोई तत्काल जवाब नहीं दिया है।भारत अगर औपचारिक रूप से ताइवान के साथ ट्रेड डील पर बातचीत शुरू करता है, तो यह ताइवान के लिए एक बड़ी जीत होगी। साथ ही चीन की हरकतों से परेशान दो देशों के रिश्ते मजबूत होंगे। बता दें कि ताइवन को चीन के दबाव के कारण किसी भी बड़े देश के साथ व्यापार वार्ता शुरू कने में बड़ा संघर्ष करना पड़ा है।

नई दिल्ली। इस फेस्टिव सीजन में अपना घर खरीदने के इच्छुक लोगों के बड़ी खबर है। रटन टाटा की कंपनी टाटा हाउसिंग बेहद कम ब्याज दर पर होम लोन की पेशकश कर रही है। टाटा हाउसिंग ने सोमवार को होम लोन के लिए एक योजना लॉन्च की है। इस योजना के अंतर्गत होम लोन लेने वालों को एक साल तक सिर्फ 3.99 फीसद ब्याज दर का भुगतान करना होगा। बाकी की लागत कंपनी खुद वहन करेगी। कंपनी होम लोन के ग्राहकों को आकर्षित तकने के लिए यह योजना लेकर आई है। यह योजना 10 परियोजनाओं के लिए है। योजना का फायदा 20 नवंबर तक लिया जा सकेगा।टाटा हाउसिंग ने एक बयान जारी कर कहा, 'योजना के तहत होम लोन के ग्राहकों को एक वर्ष के लिए सिर्फ 3.99 फीसद फ्लैट ब्याज दर का भुगतान करना होगा, शेष लागत कंपनी उठाएगी।'टाटा हाउसिंग द्वारा लॉन्च की गई इस योजना में आठ लाख रुपये तक के गिफ्ट वाउचर्स का भी प्रावधान है। कंपनी के अनुसार, बुकिंग के बाद होम लोन ग्राहकों को 25,000 रुपये से लेकर आठ लाख रुपये तक के गिफ्ट वाउचर्स प्रदान किये जाएंगे। ये गिफ्ट वाउचर्स संपत्ति के आधार पर होंगे। कंपनी ने बताया कि गिफ्ट वाउचर्स संपत्ति के रजिस्ट्रेशन और 10 फीसद भुगतान के बाद ही जारी होंगे।टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के एमडी और सीईओ संजय दत्त ने कहा, 'कोविड-19 संकट से रियल एस्टेट सेक्टर को काफी चोट पहुंची है, लेकिन लॉकडाउन प्रतिबंध धीरे-धीरे हटने से इस सेक्टर में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस सेक्टर को राहत प्रदान करने लिए सरकार और केद्रीय बैक की तरफ से भी कई कदम उठाए गए। अब तब सेक्टर में सुधार दिख रहा है, तो निजी क्षेत्र को घर खरीदारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।' 

टीवी सीरियल 'मेरे डैड की दुल्हन' में नजर आ रही एक्ट्रेस श्वेता तिवारी की नई तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर आग ही लगा दी है। श्वेता ने बिकिनी में ढेर सारी फोटोज क्लिक करवाई हैं। वहीं उनकी बेटी भी उनको कम्पनी देती हुई नजर आ रही हैं।टीवी की संस्कारी बहुओं में से एक श्वेता तिवारी ने तो बिकिनी पहनकर हर किसी के होश उड़ा दिए हैं।बिकिनी के साथ ही काला चश्मा पहनकर श्वेता तिवारी ने हर किसी को अपना दीवाना बना लिया है।श्वेता तिवारी स्विमिंग पूल के किनारे आकर ही सनबाथ लेती हुई नजर आईं। इस दौरान उनकी बेटी पलक तिवारी ने उनकी ढेर सारी तस्वीरें क्लिक कर डाली हैं।स्विमिंग पूल के अंदर ही श्वेता तिवारी छई छपा छई करती हुई नजर आई है। श्वेता तिवारी की तस्वीरों से साफ है कि उन्होंने बेटी पलक तिवारी की कम्पनी में खूब मस्ती की है।स्विमिंग पूल के अंदर ही श्वेता तिवारी जमकर कातिलाना पोज देती हुईं नजर आई हैं। श्वेता तिवारी की तस्वीरों पर फैंस लगातार कमेंट की बरसात कर रहे हैं।इन दिनों 'मेरे डैड की दुल्हन' में श्वेता तिवारी के किरदार की शादी का ट्रैक चल रहा है। ऐसे में श्वेता पिछले दिनों शूटिंग में काफी व्यस्त थी।सोशल मीडिया पर श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी की तस्वीरें भी आग की तरह फैल रही हैं।श्वेता तिवारी ने आज अपनी बेटी पलक के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का फैसला लिया था। वहीं पलक तिवारी भी हर एक मूवमेंट को खुलकर जीती हुई नजर आई हैं।पलक तिवारी की इन तस्वीरों को श्वेता तिवारी ने ही क्लिक किया है। वैसे मानना पड़ेगा कि मम्मी और बेटी ने मिलकर मंगलवार को और भी खूबसूरत बना दिया है।

पटना।बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर यह बड़ी खबर है। राज्‍य में वीआइपी नेताओं (VIP Politicians) के मूवमेंट के दौरान हमले (Terror Attack) की आशंका को देखते हुए पुलिस मुख्‍यालय (Police HQ) ने हाई अलर्ट (High Alert) जारी किया है। पुलिस मुख्‍यालय ने इससे संबंधित आदेश सभी रेंज आइजी, डीआइजी व जिलाें के एसपी को जारी कर दिया है। विदित हो कि बिहार में चुनाव प्रचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) एवं उत्‍तर प्रदेश (UP) के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) सहित कई हाई प्रोफाइल नेता आने वाले हैं। सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर पहले से गंभीर हो गई है। खास बात यह भी है कि कुछ साल पहले पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक चुनावी रैली के दौरान सीरियल ब्‍लास्‍ट हो चुका है।

वीआइपी नेताओं पर हमले की आशंका:-मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्‍यालय को बिहार चुनाव के दौरान आने वाले वीआइपी नेताओं पर हमले की आशंका है। इस बाबत विशेष जानकारी देने से पुलिस ने इनकार किया है। हालांकि, पुलिस मुख्‍यालय के निर्देशानुसार सुरक्षा व्‍यवस्‍था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है।

पुलिस को सभी सावधानी बरतने का निर्देश;-बिहार के एडीजी जितेंद्र कुमार ने बताया कि चुनाव प्रचार को लेकर कई राष्‍ट्रीय नेता आ रहे हैं। इस दौरान भीड़ होगी। इसे देखते हुए सभी सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।

बिहार आ रहे पीएम मोदी व राहुल गांधी:-चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार में 12 चुनावी रैलियां होने वाली हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी छह रैलियां करने वाले हैं। दोनों की पहली रैलियां 23 अक्‍टूबर को हैं। इसके पहले एत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की पहली रैली मंगलवार को है। गृहमंत्री अमित शाह तथा कांग्रेस की प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी बिहार आने वाले हाई प्रोफाइल नेताओं में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar), उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी (Sushil Modi) तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) की जनसभाओं में भी सुरक्षा कड़ी की जा रही है।

पीएम मोदी की रैली के दौरान पहले हो चुका हमला:-विदित हो कि बीते 2014 के लोक सभा चुनाव के प्रचार के दाैरान पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान रैली स्‍थल के आसपास सीरियल बम ब्‍लास्‍ट (Gandhi Maidan Serial Blast) हुए थे। तब नरेंद्र मोदी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों से अपील कर भगदड़ को बड़ी संख्‍या में मौतों को टाल दिया था।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की नेता इमरती देवी पर पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमलनाथ की टिप्पणी को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। भाजपा उनकी इस टिप्पणी का जमकर विरोध कर रही है। 'मौन उपवास' के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कमलनाथ को पार्टी के सभी पदों से हटाने की मांग की है।उन्होंने पत्र में लिखा, 'आपकी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने यह (अभद्र) टिप्पणी की है। क्या यह ठीक है? क्या गरीब महिला का कोई सम्मान नहीं होता है? अगर आपको लगता है कि वह टिप्पणी गलत थी तो आप क्या कार्रवाई करेंगी? मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप फैसला लें।'उन्होंने कहा, 'मैंने एक स्पष्टीकरण की उम्मीद की थी, लेकिन बयान को बेशर्मी के साथ जायज ठहराया जा रहा है। आप मुझे गाली दे सकते हैं, मुझे कोई नाम दे सकते हैं, लेकिन एक महिला को लेकर इस तरह की टिप्पणी हर बेटी और मां के खिलाफ है। नवरात्री में महिलाओं का अपमान किया गया है। उन्होंने (कमलनाथ) बेशर्मी की सभी सीमाओं को पार कर दिया है।'उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से आग्रह किया कि कमलनाथ को तुरंत पार्टी पदों से हटा दें और उनकी बयान की कड़ी निंदा करें। साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी से कहा कि यदि आप इस अभद्र टिप्पणी पर प्रतिक्रिया करने में विफल रहती हैं, तो मुझे यह विश्वास करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि आप इसके समर्थन में हैं।

कमलनाथ ने दी सफाई;-कमलनाथ ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि मैंने किसी का अपमान करने के उद्देश्य से ऐसा नहीं कहा। उन्होंने कहा कि मैं उनका नाम भूल गया था। फिर एक शख्स के हाथ में कागज की तरफ इशारा करते हुए वो बोले कि यह हमारी लिस्ट है, जिसमें आइटम नं.1, आइटम नं.2 लिखा है। क्या यह किसी का अपमान है? शिवराज मौका ढूंढ़ रहे हैं, कमलनाथ किसी की अपमान नहीं करता।गौरतलब है कि एक जनसभा के दौरान कमलनाथ ने इमरती देवी को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ये सुरेश राजे हमारे उम्मीदवार हैं। सरल, सीधे-साधे, ये तो करेंगे। ये उसके जैसे नहीं है, क्या नाम है उसका (भीड़ में से आवाज आती है इमरती), मैं क्या उसका नाम लूं, मेरे से ज्यादा तो आप लोग पहचानते हो, पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि ये क्या (अशोभनीय शब्द) है।

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