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सिडनी। चेतेश्वर पुजारा इस इस टेस्ट सीरीज से पहले यानी साल 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए थे तब उन्होंने इस टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज में तीन शतकों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाए थे और टीम इंडिया की जीत में बड़ी भागेदारी की थी, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। पुजारा अब तक खेले पांच पारियों में सबसे बड़ी पारी 50 रन की ही खेल पाए हैं और कंगारू गेंदबाज उन पर लगाम लगाने में सफल रहे हैं।आखिर चेतेश्वर पुजारा क्यों इस बार सफल नहीं हो पा रहे हैं, इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने खुलासा किया। कमिंस ने पुजारा के बारे में कहा कि, आपको पता है कि वो ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके खिलाफ आपको बहुत ज्यादा गेंदबाजी करनी होगी। हमने पुजारा के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज से पहले ही रणनीति बनाई थी कि, उनके लिेए रन बनाना जितना संभव हो सके कम करेंगे। वो 200 या 300 गेंद खेलें हम उन्हें अच्छी गेंद डालकर चुनौती देंगे और किस्मत से हमारी ये योजना अब तक सफल रही है।आपको बता दें कि इस टेस्ट सीरीज की पांच पारियों में से चार बार पुजारा को कमिंस ने अपना शिकार बनाया है जबकि एक बार वो नाथन लियोन की गेंद पर आउट हुए। सिडनी टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 176 गेंदों पर 50 रन बनाए और उनकी धीमी बल्लेबाजी की जमकर आलोचना हो रही है। वहीं दूसरी तरफ पैट कमिंस ने कहा है कि, तीसरे टेस्ट में अब तक उनकी टीम बेहतर स्थिति में है , लेकिन टीम इंडिया वापसी कर सकती है। कमिंस ने कहा कि, भारत अच्छी टीम है और मुझे भरोसा है कि वो वापसी करेंगे। सिडनी टेस्ट मैच में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट के नुकसान पर 103 रन बना लिए हैं और उसे कुल 197 रन की बढ़त हासिल हो गई है। 

नई दिल्ली:- सिडनी टेस्ट मैच के दूसरे व तीसरे दिन जो वाकया हुआ वो जैंटलमैन गेम क्रिकेट को शर्मशार करने वाला है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम मजबूत स्थिति में दिख रही है, लेकिन खेल के दौरान जो कुछ मैदान पर हुआ उसे कहीं से भी सही नहीं कहा जा सकता। दरअसल दूसरे व तीसरे दिन जब भारतीय टीम फील्डिंग कर रही थी उस दौरान टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह व मो. सिराज को स्टेडियम में मौजूद दर्शकों द्वारा गालियां दी गई साथ ही नस्लभेदी टिप्पणी भी इन पर की गई।इस मामले के सामने आने के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने इसकी शिकायत मैच रेफरी के पास दर्ज कराई है। क्रिकबज के रिपोर्ट के मुताबिक सिडनी टेस्ट मैच के दूसरे व तीसरे दिन दर्शकों ने दोनों तेज गेंदबाजों पर नस्लभेदी टिप्पणी की। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम के बाहर बुमराह व सिराज समेत टीम इंडिया के अधिकारी आइसीसी और स्टेडियम सुरक्षा अधिकारियों के साथ बातचीत करते नजर आए। यही नहीं टीम इंडिया के कार्यवाहर टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे व आर अश्विन भी इस मामले पर अंपायर पॉल विल्सन व पॉल राफेल से बात करते दिखे। रिपोर्ट के मुताबिक नशे में धुत्त कुछ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट फैंस के एक ग्रुप ने ऐसा किया। आपको बता दें कि तीसरे टेस्ट मैच में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने 2 विकेट के नुकसान पर 103 रन बना लिए हैं और इस टीम की कुल बढ़त अब 197 रन की हो गई है। इससे पहले टीम इंडिया पहली पारी में 244 रन पर आउट हो गई थी जिसमें शुभमन गिल व चेतेश्वर पुजारा ने अर्धशतक लगाए थे। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने स्टीव स्मिथ की शतकीय पारी यानी 131 रन के दम पर 338 रन बनाए। वहीं इस मैच में टीम इंडिया के विकेटकीपर रिषभ पंत व ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा चोटिल भी हो गए। रिषभ पंत की जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी रिद्धिमान साहा निभा रहे हैं। 

नई दिल्ली। पैन कार्ड का इस्तेमाल वित्तीय लेनदेन के कार्यों में प्रमुखता से होता है। साथ ही यह आईडी कार्ड के रूप में भी कार्य करता है। अगर आप संगठित क्षेत्र में काम करते हैं, तो सैलरी प्राप्त करने के लिए पैन कार्ड का होना आवश्यक है। आपके पैन कार्ड में जन्म की तारीख के ठीक नीचे पैन (Permanent Account Number) अंकित होता है। यह 10 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है। पैन कार्ड पर दर्ज इन अल्फान्यूमेरिक नंबरों का एक खास मतलब होता है और इनमें कुछ जानकारियां छिपी होती हैं।आइए जानते हैं कि पैन कार्ड में किस प्रकार की जानकारी छुपी होती है। पैन कार्ड के इन नंबर्स को समझने के लिए आप अपने पैन कार्ड को हाथ में ले लीजिए। अब आप पाएंगे कि जन्मतिथि के ठीक नीचे एक अल्फान्यूमेरिक नंबर अंकित है। पैन की शुरुआत अंग्रेजी के कुछ लेटर्स के साथ होती है, जो बड़े अक्षरों में लिखे होते हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, किसी भी पैन के शुरुआती तीन डिजिट अंग्रेजी के अल्फाबेटिक सीरीज को दिखाते हैं। इस अल्फाबेटिक सीरीज में AAA से लेकर ZZZ तक में अंग्रेजी के किसी भी तीन अक्षर की सीरीज हो सकती है। इसे आयकर विभाग तय करता है।पैन का चौथा अक्षर आयकरदाता के स्टेटस को दिखता है। जैसे चौथे स्थान पर अगर P है, तो यह दिखाता है कि यह पैन नंबर पर्सनल है यानी किसी एक व्यक्ति का है। वहीं, F से पता चला चलता है कि वह नंबर किसी फर्म का है। इसी तरह C से कंपनी, AOP से एसोसिएशन ऑफ पर्सन, T से ट्रेस्ट, H से अविभाजित हिन्दू परिवार, B से बॉडी ऑफ इंडिविजुअल, L से लोकल, J से आर्टिफिशियल ज्युडिशियल पर्सन और G से गवर्नमेंट होता है।पैन का पांचवां डिजिट भी अंग्रेजी का एक अक्षर होता है। यह पैनकार्ड धारक के सरनेम के पहले अक्षर को दिखाता है। उदाहरण के लिए किसी का सरनेम कुमार या खुराना है तो पैन का पांचवां डिजिट K होगा।सरनेम के पहले अक्षर के बाद चार अंक होते हैं। ये नंबर  00001 से 9999 के बीच कोई भी चार अंक हो सकते हैं। ये नंबर आयकर विभाग के उस सीरीज को दिखाते हैं, जो उस समय चल रही होती है।पैन कार्ड का 10वां डिजिट भी अंग्रेजी का एक अक्षर होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक यह एक अल्फाबेट चेक डिजिट हो सकता है। यह A से Z के बीच का कोई भी अक्षर हो सकता है।

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन व एमडी मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर अरबपतियों की सूची में फिसल गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, भारत के सबसे अमीर व्यक्ति अंबानी अब इस सूची में फिसलकर 13 वें स्थान पर आ गए हैं। ब्लूमबर्ग रैंकिंग के अनुसार, इस समय मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 74.3 बिलियन डॉलर है। यहां बता दें कि अगस्त 2020 में मुकेश अंबानी ब्लूमबर्ग रैकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गए थे। इसके बाद आरआईएल के शेयरों में गिरावट के चलते उनकी कुल संपत्ति में गिरावट आने लगी।पिछले तीन महीनों में आरआईएल (RIL) के शेयरों में करीब 14 फीसद की गिरावट आई है और ये अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 2,369.35 से 18.3 फीसद गिर गए हैं। रिलायंस द्वारा फ्यूचर ग्रुप का खुदरा और थोक कारोबार को खरीदने के सौदे की घोषणा के बाद आरआईएल के शेयरों में यह उछाल आई थी।वहीं, टेस्ला इंक (Tesla Inc) और स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस को पीछे छोड़ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग रैंकिंग के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 209 बिलियन डॉलर हो गई है। उधर जेफ बेजोस 186 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। इस सूची में तीसरे नंबर पर बिल गेट्स हैं, इनकी कुल संपत्ति 134 बिलियन डॉलर है।ब्लूमबर्ग बिलेनियर लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं बर्नार्ड अर्नोल्ट। इनकी कुल संपत्ति इस समय 117 बिलियन डॉलर है। वहीं, लिस्ट में पांचवें नंबर पर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हैं, जिनकी कुल संपत्ति 101 बिलियन डॉलर है।बता दें कि टेस्‍ला सबसे मूल्‍यवान कार निर्माता कंपनी बन गई है। कंपनी के शेयरों में भारी उछाल से ऐसा हुआ है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कार निर्माता टेस्‍ला में मस्‍क (Elon Musk) की 20 फीसद हिस्सेदारी है।

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों को लेकर विज्ञान भवन में केंद्र सरकार औ किसान नेताओं के बीच आठवें दौर की वार्ता खत्म हो गई है। यहां केंद्र सरकार की ओर कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे। बैठक से ठीक पहले दोनों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। वहीं, आज  किसान और सरकार के बीच बैठक खत्म होने के बाद अगली बैठक अब 15 जनवरी के बाद होगी। वहीं, दिल्ली बॉर्डर पर किसान का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 44 वें दिन भी जारी है। कृषि मंत्री ने आज की वार्ता में समाधान निकलने की उम्मीद जताई थी।बता दें कि प्रदर्शनकारी किसान अभी भी अपने जिद पर अड़े हैं। केंद्र से वार्ता से पहले गुरुवार को उन्होंने दिल्ली बॉर्डर पर ट्रैक्टर मार्च निकाला और अपनी मांगों के माने जाने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। केंद्र ने कहा कि वह कानून वापस लेने के अलावा किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है। माना जा रहा है कि विज्ञान भवन में होने वाली इस वार्ता के दौरान किसानों के समक्ष सरकार नया फार्मूला पेश कर सकती है। कानूनों की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन हो सकता है। इसके अलावा कानूनों पर एतराज जताने वाले राज्यों को कुछ शर्तों के साथ रियायत देने पर विचार किया जा सकता है। इसमें राज्यों की भूमिका के साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी जा सकती है।केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सोम प्रकाश के साथ, किसान यूनियन के नेताओं के साथ सरकार की वार्ता की अगुआई कर रहे हैं। आज आयोजित होने वाली वार्ता काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चार जनवरी को हुई पिछली बातचीत बेनतीजा रही थी। 30 दिसंबर को छठे दौर की वार्ता में थोड़ी सफल रही थी। इस दौरान सरकार ने आंदोलनकारी किसानों की दो मांगों को मान लिया था। इसके अलावा अन्य दौरों की बातचीत बेनतीजा रही है।

सरकार कानूनों में सुधार के लिए तैयार :-केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ पहले कि वार्ता में किसान यूनियन के नेताओं का विषय था कि हम इसमें सुधार चाहते हैं। सरकार सुधार के लिए तैयार है। मुझे विश्वास है कि आज की वार्ता में वे इस बात को समझेंगे। किसान यूनियन के नेता सोचकर आएंगे कि समाधान करना है तो समाधान अवश्य होगा।बुधवार को उन्होंने कहा था कि राजनीति के लिए कम्युनिस्ट आग में घी डाल रहे हैं। वो देश में शांति नहीं चाहते। साथ उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

कानूनों के फायदे समझाने का अवसर है वार्ता : पीयूष गोयल;-किसान संगठनों से चल रही बातचीत उन्हें नए कृषि कानूनों के फायदे बताने का अवसर है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को यह बात कही।ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंड‌र्ड्स के 74वें स्थापना दिवस पर खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि किसी भी चीज को देखने का अलग-अलग नजरिया होता है। उदाहरण के तौर पर किसान संगठनों के साथ बातचीत को समस्या या अवसर किसी भी रूप में देखा जा सकता है।

पूरे देश को इन कानूनों के फायदे के बारे में बताया जा सकता है:-गोयल ने कहा, 'कोई अच्छा काम आसान नहीं होता। मुश्किलें हमेशा आएंगी। हर काम में समस्या आती है, लेकिन सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि हम चीजों को कैसे देखते हैं और उनसे किस तरीके से निपटते हैं। सबकुछ नजरिये पर निर्भर है। किसान संगठनों के साथ बातचीत को मैं ऐसा अवसर मानता हूं जिसमें किसानों,  पूरे देश को इन कानूनों के फायदे के बारे में बताया जा सकता है।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच देश के 33 राज्यों के 736 जिलों में आज कोरोना वैक्सीनेशन के ड्राई रन का दूसरा फेज चल रहा है। इसका मकसद यह है कि रियल वैक्सीनेशन शुरू करने से पहले पता चल जाए कि क्या-क्या दिक्कतें आ सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ड्राई रन का जायजा लेने के लिए आज तमिलनाडु के दौरे पर हैं। उन्होंने कहा है कि अगले कुछ दिनों में हम देश के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाना शुरू कर पाएंगे।

इस तरह चल रहा है ड्राई रन;-ड्राई रन की प्रक्रिया में वैक्सीनेशन के अलावा चार चरण शामिल हैं। इनमें 1. बेनीफिशियरी (जिन लोगों को डमी वैक्सीन लगाई जानी है) की जानकारी, 2. जहां वैक्सीन दी जानी है उस जगह की डिटेल, 3. मौके पर डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन और 4. वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल और रिपोर्टिंग की जानकारी अपलोड करना शामिल है। ड्राई रन की लिस्ट में शामिल लोगों को डमी वैक्सीन दी जा रही है। इस दौरान वैक्सीनेशन शुरू करने के लिए जरूरी इंतजामों का रिव्यू किया जा रहा है। हर सेंटर पर तीन कमरे बनाए गए हैं। पहला कमरा वेटिंग के लिए। इसमें हेल्थ वर्कर की पूरी जानकारी का डेमो मिलान किया जा रहा है। दूसरे कमरे में वैक्सीन दी जा रही है। तीसरे कमरे में वैक्सीन लगवाने वाले को 30 मिनट रखा जा रहा है। ताकि उसे कोई परेशानी होने पर इलाज दिया जा सके।

13-14 जनवरी से शुरू हो सकता वैक्सीनेशन:-कोरोना वायरस से बचाव के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह तैयार है। उसने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जल्द से जल्द वैक्सीन की डिलीवरी लेने की तैयारी करने को कहा है। केंद्र सरकार की तैयारी को देखकर लग रहा है कि 13-14 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है, जिसके संकेत पिछले हफ्ते दिए गए थे। दो राज्यों को छोड़कर पूरे देश में 8 जनवरी को ड्राई रन हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि पहले जिन चार राज्यों में ड्राई रन हुआ था, उससे काफी सबक मिले हैं। इन्हें ध्यान में रखकर पूरे देश में ड्राई रन करवाया जा रहा है।

क्या है सरकार का टीकाकरण प्लान?;-सरकार ने पूरे टीकाकरण को तीन फेज में बांटा है। पहले फेज में प्राइमरी हेल्थ सेंटर तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। दूसरे फेज में हितग्राही की पहचान और तीसरे चरण में टीकाकरण के बाद निगरानी होगी। हर राज्य को पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 5 जनवरी को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर वैक्सीन की डिलीवरी लेने को कहा है।

कैसे और कब होगा वैक्सीन का ट्रांसपोर्ट?:-केंद्र सरकार के मुताबिक, एक-दो दिन में कोरोना वैक्सीन का ट्रांसपोर्टेशन शुरू हो जाएगा। पुणे इसका सेंट्रल हब होगा। यहीं से वैक्सीन का वितरण होगा। यात्री विमानों का इस्तेमाल वैक्सीन वितरण के लिए हो सकेगा। इस समय देशभर में 41 डेस्टिनेशन (एयरपोर्ट्स) की पहचान की गई है, जहां वैक्सीन की डिलीवरी होगी। उत्तरी भारत में दिल्ली और करनाल को मिनी हब बनाया जाएगा। पूर्वी क्षेत्र में कोलकाता और गुवाहाटी को मिनी हब बनाया जाएगा। गुवाहाटी को पूरे नॉर्थ-ईस्ट के लिए नोडल पॉइंट बनाया है। चेन्नई और हैदराबाद दक्षिण भारत के लिए निर्धारित पॉइंट्स होंगे।

किसे और कब लगाई जाएगी वैक्सीन?;-कोरोना वैक्सीन के लिए सरकार का विस्तार से प्लान जारी हुआ है। प्राथमिक ग्रुप में 30 करोड़ लोगों की पहचान की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के मुताबिक सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके अलावा 50 वर्ष से कम उम्र के ऐसे लोग भी वैक्सीन लगाने के पात्र होंगे, जिन्हें डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी कोई बीमारी होगी। हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ये हाई प्रायोरिटी ग्रुप में हैं और इनका डेटा पहले से ही कोविन वैक्सीन डिलीवरी मैनेजमेंट सिस्टम पर मौजूद है। यह काम केंद्र ने राज्य सरकारों को दिया था।

वैक्सीन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकेंगे;-पात्र लोगों की पहचान के लिए जनगणना रजिस्टरों और वोटर लिस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। जल्द ही ऐसी व्यवस्था भी जारी होगी, जिसमें लोग खुद-ब-खुद अपना रजिस्ट्रेशन वैक्सीन के लिए कर सकेंगे। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे लोगों की पहचान करें। वैक्सीनेशन प्रक्रिया को ट्रैक करने और उसकी निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म कोविन (Co-WIN) बनाया गया है। इस पर रजिस्ट्रेशन के बिना वैक्सीन नहीं लगेगी। वैक्सीन लगने के बाद भी इस पर ट्रैकिंग हो सकेगी।

नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी के बीच दिल्‍ली में कुछ कौवों की मौत से प्रशासन के स्‍तर पर हड़कंप की स्‍थिति बनी हुई है। दिल्‍ली के मयूर विहार में करीब 20 कौवों की मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज- तीन स्थित सेंट्रल पार्क में कौवे मरे मिले हैं। वहीं कुछ कौवे बीमार दिख रहे हैं। यहां के स्‍थानीय लोग बर्ड फ्लू की आशंका के कारण दहशत में हैं। कोरोना महामारी के बीच कुछ राज्‍यों में बर्ड फ्लू ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। इस कारण दिल्‍ली सरकार पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही थी। हर जगह पक्षियों पर नजर रखी जा रही थी खास कर बाहर से आने वाले पक्षियों पर प्रशासन ज्‍यादा अलर्ट है। यह भी बता दें कि पिछले कुछ जगहों पर सरकार ने मुर्गों की जांच के लिए भी सैंपल लिए थे।इधर, पूर्वी जिलाधिकारी अरुण मिश्रा ने बताया कि कुछ सैंपल जमा करके जांच के लिए जालंधर भेजे गए हैं। वेटरनरी विभाग के डॉक्टर 24 घंटे मामले की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि अभी फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है, देखा जा रहा है कौवों की मौत कैसे हुई है।इधर, अधिकारियों का कहना है कि अब तक बर्ड फ्लू के कारण चिड़ियाघर के एक भी पक्षी की मौत नहीं हुई है। लगातार कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारी व डाॅॅक्टरों की टीम लगातार इसकी जांच भी कर रहे हैं। वहीं, देश के अन्य राज्यों से दिल्ली पहुंचे पक्षियों की निगरानी भी की जा रही है। अब तक बाहर से आए पक्षी की भी कोई मौत नहीं हुई है। कर्मचारी लगातार तालाब व अन्य स्थानों पर इसकी जांच में लगे हुए हैं।

मुर्गा मंडी में गंदगी के बीच अवैध रूप से काटे जा रहे मुर्गे:-गाजीपुर मुर्गा व मछली मंडी में गंदगी की भरमार है। अवैध तरीके से मुर्गे और मछलियों को काटा जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली बूचड़खाना निगरानी समिति द्वारा गठित पांच सदस्यीय उप समिति ने अपनी रिपोर्ट में निरीक्षण के दौरान की विचलित कर देने वाली तस्वीरें लगाई है। जिसमें कुछ लोग मंडी में मुर्गों को पैर से कुचलते दिख रहे हैं। समिति ने सिफारिश की है कि मंडी में अवैध रूप से मुर्गा व मछली काटने की गतिविधि को रोका जाए।

इस्‍लामाबाद। मुंबई हमले का सरगना और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकी उर रहमान लखवी को पाकिस्‍तान की एक अदालत ने टेरर फंडिंग मामले में कुल 15 साल कैद की सजा सुनाई है। बीते दिनों लखवी को आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उसे आतंकवाद निरोधक विभाग यानी सीटीडी ने गिरफ्तार किया था। लखवी मुंबई हमला मामले में साल 2015 से ही जमानत पर था लेकिन एफएटीएफ के खौफ और अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के चलते पाकिस्‍तानी सरकार को आखिरकार उस पर शिकंजा कसना पड़ा। 

अलग-अलग अपराधों में पांच-पांच साल कैद:-समाचार एजेंसी रॉयटर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि लखवी को टेरर फंडिंग के तीन अलग अलग अपराधों में पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। पंजाब के आतंकवाद निरोधक विभाग यानी सीटीडी पंजाब की खुफिया सूचना पर एक अभियान के बाद लखवी को आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। बीते दिनों पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकवाद निरोधक विभाग यानी सीटीडी के अधिकारियों ने लखवी से पूछताछ भी की थी। 

आतंकवाद निरोधक अदालत में हुई सुनवाई:-सीटीडी के मुताबिक, लखवी पर एक दवाखाना चलाने के लिए जुटाए गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में करने का आरोप है। लखवी और अन्य ने इस दवाखाने से जुटाए गए धन को एकत्रित किया और इसका इस्तेमाल टेरर फंडिंग में किया। लखवी के खिलाफ मुकदमा लाहौर स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत (Anti Terrorism Court, ATC Lahore) में चला। 

संयुक्त राष्ट्र घोषित कर चुका है आतंकी:-लश्कर-ए-तैयबा और अल-कायदा से जुड़े होने और आतंकवाद के लिए रकम, योजना और सहायता मुहैया कराने के साथ साथ हमलों की साजिशें रचने को लेकर लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने साल 2008 में ही वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया था। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों में घोषित आतंकियों और समूहों की संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध लगाए जाने जैसे प्रावधान हैं। हालाकि बाद में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल- कायदा प्रतिबंध समिति ने लखवी को निजी खर्च के लिए डेढ़ लाख रुपये के मासिक भुगतान की इजाजत दे दी थी। 

रंग ला रहा अंतरराष्‍ट्रीय दबाव ;-इसी का फायदा उठाकर वह पाकिस्‍तान में खुलेआम घूम रहा था और आतंकियों के लिए धन मुहैया कर रहा था। माना जा रहा है कि आतंकवादियों पर शिकंजा कसने के लिए इमरान खान की सरकार पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव और एफएटीएफ की कार्रवाई के डर के चलते ही लखवी के खिलाफ (Zakiur Rehman Lakhvi) यह कदम उठाया गया है। पाकिस्तान साल 2018 से ही टेरर फंडिंग और आतंकवादियों को संरक्षण देने के कारण फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बना हुआ है। 

एफएटीएफ की बैठक से पहले कार्रवाई का दिखावा :-फरवरी महीने में एफएटीएफ की बैठक होनी है जिसमें आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्‍तान की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा होगी। इसी बैठक में पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ एक्‍शन को लेकर सफाई देनी होगी। पाकिस्तान पर आरोप लगते रहे हैं कि उसने आतंकियों की फंडिंग रोकने के लिए पुख्ता उपाय नहीं किए हैं। इस बार पाकिस्तान को यह बताना होगा कि उसने क्‍या प्रभावी कदम उठाए हैं। माना जा रहा है कि आर्थिक बदहाली की मार झेल रही इमरान सरकार ने ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए ही दिखावे के तौर पर यह कदम उठाया है। 

कोलकाता। आगामी चार मई से सीबीएसइ बोर्ड की परीक्षा के मद्देनजर इस बार बंगाल विधानसभा का चुनाव समय से कुछ पहले ही शुरू हो सकता है। इसके साथ ही राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान हुई भारी हिंसा एवं मौजूदा समय में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए इस बार आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावना है।चुनाव आयोग के सूत्रों ने यह संकेत दिए हैं। इससे पहले 2016 में बंगाल विधानसभा का चुनाव चार अप्रैल से शुरू हुआ था। इस दौरान सात चरणों में 19 मई तक मतदान हुए थे। यानी मतदान से लेकर मतगणना प्रक्रिया को पूरा करने में डेढ़ महीने से भी अधिक समय लगा था। लिहाजा इस बार मार्च के मध्य से चुनाव शुरू हो सकता है। क्योंकि इस साल चार मई से सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा कराने की घोषणा की है।परीक्षा शुरू होने के बाद माइक बजाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में मतदान को समय से पहले शुरू करना होगा।दरअसल, 2018 में राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान काफी हिंसा हुई थी। बंगाल में इससे पूर्व भी चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है। विरोधी पार्टियों ने इस बार भी चुनाव में भारी हिंसा होने की आशंका जताई है। साथ ही इस बार कोरोना महामारी का असर भी है। ऐसे में इस बार आठ चरणों में चुनाव होने की संभावना है।ऐसे में अगर मार्च महीने के मध्य से मतदान प्रक्रिया शुरू होती है, तो प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम 45 दिन का समय लगेगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी में ही विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है।गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले 15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद विधानसभा चुनाव को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है। 

रांची।चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए बिना किसी उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श के ही रिम्‍स निदेशक के बंगले में शिफ्ट किए जाने पर झारखंड हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने शुक्रवार को जेल मैनुअल उल्लंघन से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार कानून से चलती है, व्यक्ति विशेष से नहीं। अदालत ने कहा कि लालू को कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा होने पर रिम्स प्रबंधन को पहले इसकी जानकारी किसी भी माध्यम से बिरसा मुंडा जेल अथॉरिटी को देनी चाहिए थी।इसके बाद जेल अथॉरिटी लालू प्रसाद यादव को शिफ्ट करने के लिए रिम्स में ही या फिर अन्य वैकल्पिक स्थान का चयन करती। रिम्स प्रबंधन ने लालू को निदेशक बंगले में शिफ्ट करने के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई। कोर्ट ने कहा कि रिम्स प्रबंधन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि लालू प्रसाद को निदेशक बंगले में शिफ्ट करने के पहले और कौन से विकल्पों पर विचार किया था तथा निदेशक बंगले को ही क्यों चुना गया। रिम्स निदेशक को कुछ और विकल्पों पर गौर करते हुए नियमों और प्रावधानों के अनुसार ही निर्णय लेना चाहिए था।शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत में जेल आइजी और एसएसपी की ओर से रिपोर्ट पेश की गई। सरकार की ओर से बताया गया कि उस दौरान कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा था। ऐसे में रिम्स प्रबंधन ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लालू प्रसाद को निदेशक बंगले में शिफ्ट किया। अदालत को बताया गया कि जेल से बाहर इलाज के लिए यदि कैदी शिफ्ट किए जाते हैं तो उसकी सुरक्षा और उसके लिए क्या व्यवस्था होगी। इसका स्पष्ट प्रावधान जेल मैनुअल में नहीं है।जेल के बाहर सेवादार दिया जा सकता है या नहीं, इसकी भी जेल मैनुअल में स्पष्ट जानकारी नहीं है। सरकार अब जेल मैनुअल में बदलाव कर रही है और तब तक एक एसओपी तैयार की जा रही है। इस पर अदालत ने सरकार को 22 जनवरी तक जेल मैनुअल में बदलाव और अपडेट एसओपी की जानकारी मांगी है। साथ ही जेल आइजी और रिम्स प्रबंधन से भी रिपोर्ट तलब की है।बता दें कि दिसंबर 2020 में सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से लालू प्रसाद से तीन माह में मुलाकात करने वालों की सूची मांगी थी। पिछली सुनवाई में लालू प्रसाद के निदेशक बंगला में शिफ्ट करने और सेवादार दिए जाने के मामले पर सरकार से जानकारी मांगी थी।

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