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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से निपटने के लिए जनता के सहयोग से कोविड केयर फंड की स्थापना का एलान किया है। फंड का आकार 1000 करोड़ रुपये होगा।इस फंड में 76.14 करोड़ रुपये का पहला अंशदान बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने स्वेच्छा से अपना एक दिन का वेतन देकर किया। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को उनके सरकारी आवास पर इस फंड के लिए 76.14 करोड़ रुपये की धनराशि का चेक भेंट किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लंबी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोविड केयर फंड के माध्यम से राज्य के मेडिकल कॉलेजों में टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़ाने का काम किया जाएगा। क्वारंटाइन वार्ड, आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटर की व्यवस्था करने के साथ एन-95 मास्क, पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट और सैनिटाइजर बनाने की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। कोविड-19 के बेहतर उपचार के लिए हर जिले में लेवल-1, 2 व 3 के अस्पतालों की श्रृंखला बनायी जाएगी। इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, जनता के अलावा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत औद्योगिक घरानों से भी सहायता ली जाएगी।
फायर बिग्रेड के वाहनों से होगा एरिया सैनिटाइजेशन;-कोरोना वायरस से बचाव में एरिया सैनिटाइजेशन के लिए फायर ब्रिगेड ने जरूरत पडऩे पर दमकल वाहनों के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया है। डीजी फायर सर्विस आरके विश्वकर्मा ने इसके लिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा एसपी को पत्र भेजा है। डीजी ने पत्र में कहा कि सीएफओ से एक वाटरमिस्ट वाहन लेकर नगर निगम या नगर पालिका द्वारा एरिया सैनिटाइजेशन का काम किया जा सकता है। डीजी ने चार मुख्य हिदायतें भी दी हैं। इसके तहत लोगों व पशुओं पर और घरों व बिल्डिंगों के भीतर छिड़काव न करने को कहा गया है। छिड़काव के दौरान मीडिया कर्मियों को बेवजह न बुलाने की हिदायत भी दी गई है। फायर कर्मी खुद फोटो खींचकर मीडिया को वाट्सएप से उपलब्ध कराएंगे। इस दौरान अनावश्यक भीड़ न जुटने देने के भी निर्देश दिए गए हैैं।
मोबाइल एप से पहुंचेंगे आश्रय स्थलों व कम्युनिटी किचेन तक:-कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन में लोगों को यथास्थान रोकने के लिए बनाये गए आश्रय स्थलों और जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराने के लिए संचालित कम्युनिटी किचेन की लोकेशन को लोग अब अपने स्मार्टफोन के जरिए गूगल मैप पर देख सकेंगे। राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने केंद्र सरकार व अन्य एजेंसियों के सहयोग से इसके लिए मोबाइल एप विकसित किया है, जिसके जरिये प्रदेश के सभी जिलों में लोग अपने पास के आश्रय स्थल या कम्युनिटी किचेन की लोकेशन का पता लगाकर वहां पहुंच सकेंगे।प्रमुख सचिव आइटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने बताया कि इसके लिए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गुजरात के भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशंस एंड जियो इनफॉर्मेटिक्स और रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर लखनऊ की ओर से विकसित उप्र सेंटर ऑफ जियो इन्फार्मेटिक्स पोर्टल पर इनपुट टैग करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस एप के जरिए लोग आश्रय स्थलों और कम्युनिटी किचेन में उपलब्ध शौचालय, पेयजल, सैनिटाइजर, भोजन, बिस्तर व सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकेंगे। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से इस ऐप को शनिवार से गूगल मैप पर संचालित कर दिया गया। रोज इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी, जिससे यह पता चल सके कि कितने लाभार्थियों को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई।

नई दिल्‍ली। देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तीन हजार को पार कर गया है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने शनिवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस से बीते 24 घंटे में 13 लोगों की मौत हो गई है जबकि 525 नए मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों के साथ ही देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्‍या बढ़कर 3072 हो गई है। इनमें 2784 एक्‍ट‍िव केस और 75 मौतें भी शामिल हैं जबकि 213 लोग ठीक भी हो चुके हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने अपनी रोनाना की प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि देश के 17 राज्यों में कोरोना वायरस के 1023 मामले तब्‍लीगी जमात के निजामुद्दीन में हुए कार्यक्रम से जुड़े पाए गए हैं। कुल आए मामलों में 30 फीसद एक जगह से संबंधित हैं। इसीलिए हर स्‍तर पर हमारी यही कोशिश होनी चाहिए कि सभी मिलकर काम करें जिससे कहीं चूक नहीं होने पाए। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि नौ फीसद कोरोना के मरीज 0 से 20 साल की उम्र के बीच हैं जबकि 42 फीसद 20 से 40, 33 फीसद 40 से 60 और 17 फीसद मरीज 60 साल के ऊपर के हैं। संयुक्‍त सचिव (Lav Aggarwal) ने बताया कि अब तक भारत में 2,902 मामले सामने आए हैं। कल से अब तक यानी एक दिन में 601 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। यही नहीं बीते 24 घंटे में 12 मौतें भी हुई हैं। इस आंकड़े के साथ अब तक देश में कोरोना से 68 लोगों की मौत हो गई है जबकि 183 लोग बीमारी को शिकस्‍त देकर ठीक भी हुए हैं। अब तक की जो भी डेथ रिपोर्टें हैं उनमें ज्यादा तर उम्र या फिर अन्य बीमारियों की वजह रही हैं। इसलिए हाई रिस्क लोग सरकार के निर्देशों का पालन करें। इसके साथ ही अग्रवाल ने यह भी चेताया कि यदि किसी भी स्‍तर पर चूक हुई तो स्थिति खराब हो सकती है। वैसे तब्लीगी जमात ने देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को कितना जटिल बना दिया है, इसका इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले दो दिनों के भीतर जितने भी नए मामले सामने आ रहे हैं उनमें ज्‍यादातर जमात से ही जुड़े हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कल यानी शुक्रवार को बताया था कि 14 राज्यों में 647 कोरोना पॉजिटिव मामले तब्लीगी जमात से जुड़े हैं। ये मामले अंडमान निकोबार से लेकर असम, दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में मिले हैं।

नई दिल्‍ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कोरोना वायरस महामारी (Pandemic Covid-19) के खिलाफ जंग को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (US President Donald Trump) से शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने बताया कि मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक बातचीत की। हमने एक अच्छी चर्चा की और कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई (fight against coronavirus) में भारत और अमेरिका की साझेदारी को पूरी ताकत के साथ इस्‍तेमाल करने पर सहमति व्यक्त की।वहीं समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस लड़ाई में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के साथ भी फोन पर बातचीत कोरोना से जंग में सहयोग की पेशकश की है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही जब दोनों देश इस महामारी से पूरी ताकत से निपट रहे हैं। हालांकि अमेरिका में मरने वालों व संक्रमितों का आंकड़ा भारत के मुकाबले बहुत ज्यादा है। भारत में जहां संक्रमितों की संख्या 3072 है वहीं मरने वालों की संख्‍या 75 पर पहुंच गई है। जबकि अमेरिका में 278,458 से अधिक संक्रमित हैं और मरने वालों की संख्या 7100 से अधिक हो गई है।उल्‍लेखनीय है कि अमेरिका इन दिनों कोरोना महामारी के नए केंद्र के तौर पर उभरा है। अमेरिका में गुरुवार और शुक्रवार के दरम्‍यान 24 घंटे में 1,480 लोगों की मौत हुई है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिका में मरने वालों की संख्‍या 7,406 हो गई है। यही नहीं बीते 24 घंटे में ही 33 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आने से पीडि़तों का आंकड़ा पौने तीन लाख के पार पहुंच गया है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम एक अदृश्य दुश्मन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने इस जंग में न्यूयॉर्क को हॉटस्पाट करार देते हुए लोगों से घर पर बने कपड़े का मास्क पहनने और चिकित्साकर्मियों के लिए मेडिकल मास्क की उपलब्धता बनाए रखने का आग्रह किया है।कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए गठित ह्वाइट हाउस के टास्क फोर्स के कई सदस्यों ने यह संभावना जताई है कि अमेरिका में यह खतरनाक बीमारी अगले दस दिनों में अपने चरम पर होगी। ट्रंप ने बताया कि आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स ने अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 100 ज्यादा सुविधा केंद्रों को अस्पताल के लिए निर्धारित किया है। उल्‍लेखनीय है कि भारत दुनिया में दवाओं का बड़ा निर्यातक है। यही वजह है कि दुनिया की निगाहें भारत की ओर हैं। अमेरिका भी खोज और उच्च तकनीक वाले उपकरणों के निर्माण में एक महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखता है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देश मिलकर कोरोना वायरस से प्रभावी लड़ाई लड़ सकते हैं।अभी कल यानी शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस से जूझने के तौर-तरीके को और प्रभावी बनाने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। पीएम मोदी और नेतन्‍याहू ने कोरोना के खिलाफ मौजूदा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए गठजोड़ बनाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति बनाए रखने और उच्च तकनीक के संसाधनों के इस्तेमाल पर भी बातचीत हुई।

कोलकाताः निजामुद्दीन में तब्लीगी मरकज मामला सामने आने के बाद से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। कई फिल्मी हस्तियों से लेकर जाने-माने चेहर इस पर अपनी-अुपनी प्रतिक्रिया जता चुके हैं और जता रहे हैं। इसी कड़ी में बंगाली फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री व तृणमूल की लोकसभा सांसद नुसरत जहां ने एक न्यूज चैनल पर कहा कि भारत में बहुत सारे धर्म हैं और कोई भी धार्मिक प्रोग्राम या किसी भी तरह के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले रहा है। ऐसे में मरकज मामले ने हमें कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में काफी पीछे कर दिया है।नुसरत जहां ने कहा कि मरकज के मौलाना साद का एक ऑडियो टेप वायरल हुआ है जिसमें साद लोगों को सलाह देते सुनाई दे रहे हैं कि लोग कोरोना वायरस से डरकर मस्जिदों को छोड़ कर ना भागें। पर मैं हाथ जोड़कर सबसे विनती करती हूं कि ऐसे समय में हमें राजनीतिक, धार्मिक और जातियों से जुड़ी बातों को नहीं करना चाहिए। ये एक ऐसा समय है जब हमें बिना कोई अफवाह फैलाए सरकार की मदद करनी चाहिए और उनके आदेशों का पालन करते हुए घरों में ही रहना चाहिए।नुसरत जहां ने लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि बीमारी कभी किसी जाति-धर्म को देखकर नहीं आती। इसलिए हमें सतर्क रहना होगा और इस संवेदनशील समय में इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए घरों में रहना होगा। तभी हम इस वायरस की जंग को जीत पाने में कामयाब हो पाएंगे। मालूम हो कि इससे पहले मशहूर कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए कहा था कि आप किस धर्म से हैं इससे फर्क नहीं पड़ता। अगर आप लॉकडाउन को तोड़ते हैं तो इससे आप बाकी लोगों के साथ-साथ खुद के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। वहीं फराह खान ने इस मामले को लोगों की गैरजिम्मेदाराना हरकत बताई थी।

नई दिल्‍ली।कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देश में लागू लॉकडाउन में बैंकिंग कार्यों के लिए बहुत कम लोग बाहर निकल रहे हैं। अब तो देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक बैंक ने अपने ग्राहकों को डोर स्टेप बैंकिंग सुविधा भी मुहैया करवा दी है। एसबीआई ग्राहकों के लिए यह सुविधा कार्यकारी दिनों में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक उपलब्ध है। अगर आप भी इसका लाभ लेना चाहते हैं, तो 1800111103 नंबर पर कॉल कर सेवाओं के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। मालूम हो कि सर्विस रिक्वेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन होम ब्रांच पर होगा। अगर आप भी Lockdown में घर बैठे बैंक से पैसे मंगाना चाहते हैं तो ये 5 जरूरी बातें ध्‍यान में रखनी होंगी।
क्‍या-क्‍या मिलेंगी सुविधाएं
-नकदी देने के लिए
-नकदी लेने के लिए
-चेक देने के लिए
-ड्राफ्ट की डिलिवरी करने के लिए
-टर्म डिपॉजिट एडवाइज की डिलिवरी के लिए
-लाइफ सर्टिफिकेट के लिए
-केवाईसी दस्तावेज देने के लिए
ध्‍यान में रखनी होंगी ये बातें
-यह सुविधा सिर्फ वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग लोगों के लिए ही उपलब्ध है। गैर-व्यक्तिगत और नाबालिग खाते भी इस सुविधा के योग्य नहीं हैं।
-इन सेवाओं के लिए खाताधारक को होम ब्रांच से पांच किलोमीटर के दायरे में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ मौजूद रहना होगा।
-अगर आपने पूरी तरह से अपने अकाउंट को केवाईसी करवाया है, डोरस्टेप बैंकिंग सेवाएं तभी आपको मिल पाएंगी।
-गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 60 रुपये और जीएसटी प्रति विजिट शुल्क जो वित्तीय लेनदेन के लिए 100 रुपये होगा।
-ज्वाइंट अकाउंट वाले ग्राहक इन सेवाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
-गैर-व्यक्तिगत और नाबालिग खाते भी इस सुविधा के योग्य नहीं होंगे।
-निकासी चेक या फिर पासबुक द्वारा ही की जा सकेगी।
-RBI गवर्नर बोले-लोग घर पर रह कर ही डिजिटल लेन-देन करें
-भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से डिजिटल लेन-देन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, लोग घर पर रह कर ही डिजिटल लेन-देन करें। इसके लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य मोबाइल एप इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

नई दिल्ली। कोरोना के चलते देश में लॉकडाउन की जो स्थिति है, उसे देखते हुए सरकार ने छात्रों को घर बैठे आनलाइन पढ़ाने के साथ ही अब आनलाइन परीक्षा कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को इसे लेकर इंदिरा राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति की अगुवाई में एक कमेटी गठित करने का ऐलान किया है। साथ ही आनलाइन शिक्षा और आनलाइन परीक्षा कराने से जुड़े सुझाव जल्द देने को कहा है।
निशंक की केंद्रीय विवि के कुलपतियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वार्ता :-निशंक शनिवार को देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोरोना से जुड़ी तैयारियों को लेकर बात कर रहे थे। इस दौरान कोरोना के चलते नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में देरी को देखते हुए सभी कुलपतियों से छात्रों की आनलाइन पढ़ाई शुरु कराने के निर्देश दिए है। साथ ही यूजीसी की अगुवाई में एक नया एकेडेमिक कैलेंडर तैयार करने का भी सुझाव दिया। जिसमें कम समय में छात्रों का कोर्स पूरा कराया जा सके, ताकि सत्र में विलंब न हो। उन्होंने इसे लेकर यूजीसी की अगुवाई में एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए।
एचआरडी मंत्री ने कहा- कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहें विश्वविद्यालय:-इस बीच उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से कोरोना के किसी भी संदिग्ध की तुरंत जांच कराए जाने के भी निर्देश दिए है। इस बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने अपने यहां कोरोना से निपटने के लिए 40 बिस्तर वाले कोरेनटीन कक्षों को तैयार करने की भी जानकारी दी। हालांकि इस पर केंद्रीय मंत्री ने दोनों ही संस्थानों से अपने चलाए जा रहे अस्पताओं को भी कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रों, शिक्षकों की खास ख्याल रखने के भी निर्देश दिए।
पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की सभी लाइटें बंद करके जलाएं दीया:-केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान कुलपतियों से प्रधानमंत्री के पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट तक के लिए घरों की सभी लाइटों को बंद करके बालकनी में खड़े होकर दीया, मोमबत्ती, टार्च लाइट आदि जलाने के अनुरोध में सभी से बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। साथ ही छात्रों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
बीएचयू के कुलपति को मंत्री ने लगाई जमकर फटकार;-कोरोना काल में अपने विश्वविद्यालय को छोड़कर दिल्ली में बैठे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राकेश भटनागर को जमकर फटकार लगाई। दरअसल शनिवार की वीडियो कांफ्रेसिंग में मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सभी कुलपतियों से अपील कर रहे थे कि छात्रावासों में रह रहे बच्चों का ख्याल रखें। छात्रावासों में अभी रह रहे बच्चों के बारे में जानकारी ली जा रही थी कि किस राज्य के कितने बच्चे हैं और कितने विदेशी। चर्चा के दौरान निशंक अचानक ही भटनागर से पूछ बैठे कि वह अभी कहां है? वीसी ने बताया कि वह अभी दिल्ली में है। इस पर मंत्री ने फिर पूछा-कब से है। इस पर उन्होंने लॉकडाउन से पहले से ही दिल्ली में मौजूद होने की बात कही। इसके बाद मंत्री जी भड़क गए। बताया जाता है कि उन्होंने कहा कि कुलपति की जिम्मेदारी नहीं है कि वह ऐसे वक्त में अपने विश्वविद्यालय में रहें। यह बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।

नई दिल्ली। पूरा विश्व एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है और इससे भारत भी अछूता नहीं है। देश ने ऐसा माहौल कभी नहीं देखा, जहां वो घर में रहने के लिए मजबूर हैं ताकि वे सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें। सामाजिक दूरी को असली और कारगर हथियार मानकर घर में रहकर एक तरफ लोगों ने एकजुटता की मिसाल पेश की है, तो वहीं दूसरी तरफ वो योद्धा भी हैं जो हमारी मदद के लिए मैदान में डटकर खड़े हैं। इनमें डॉक्टर, नर्स, पुलिस, लोगों तक खाने-पीने की चीजें और दवाईयां पहुंचाने वाले कर्मचारी शामिल हैं। हमें ऐसे करोना सिपाहियों को सलाम करना चाहिए, जो न केवल हमें वायरस से बचा रहे हैं, बल्कि हमारी जरूरतों को भी समय पर उपलब्ध करा रहे हैं।यह संकट का समय है और इस संकट से निकलने के लिए हर किसी को पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान देना चाहिए ताकि सबके दिलों से निकले कि भारत के साथ #HumSabEkSaath हैं। इस तरह की एकजुटता Amazon, BigBasket, Grofers और MedLife ने भी दिखाई है। ये सभी ई-कॉमर्स कंपनियां इस मुश्किल समय में एक साथ मिलकर लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर हैं।इन ई-कॉमर्स कंपनियों के एक साथ आने का मकसद घरों में रह रहे देशवासियों की जरूरतों को पूरा करना है, जिससे कि वो सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें। इसके लिए उन्होंने मैदान में अपने योद्धा उतारे हैं। ये योद्धा दिन-रात आपकी सेवा में लगे हुए हैं और जरूरत के सामान आपके घर पहुंचा रहे हैं। इसमें खाने-पीने की चीजें, दवाईयां और दूसरे सामान शामिल है। जब-जब इस धरती पर संकट उत्पन्न हुआ तब-तब भारतीय लोगों ने #HumSabEkSaath हैं के भाव के साथ एकजुटता दिखाई है। वर्तमान स्थिति भी कुछ ऐसी है। COVID-19 एक ऐसा दुश्मन है जिसे हम बंदूक या बम से नहीं मार सकते। इसे हम तभी खत्म कर सकते हैं जब हम सामाजिक दूरी के दिशा निर्देशों का पालन करें और घर में रहें। रही बात आपकी जरूरतों को पूरा करने की तो इसके लिए Amazon और दूसरी ई-कॉमर्स कंपनियों के योद्धा हमेशा तैयार हैं।

कानपुर। देश-दुनिया में बड़े से बड़े लोग जिस फोर्ब्स की सूची अपना नाम देखने की तमन्ना रखता है, उस सूची में आइआइटी कानपुर के पांच पूर्व छात्रों ने नाम कमाकर शहर ही नहीं देश का सिर ऊंचा किया है। मजबूत इच्छाशक्ति, बुलंद हौंसले और मेहनत के दम पर पांचों पूर्व छात्रों ने ये कमाल करके दिखाया है।
आइआइटी निदेशक ने दी बधाई;-आइआइटी कानपुर से पासआउट होने के बाद पांचों छात्र अपने पैरों पर खड़े हुए और दूसरों के लिए रोजगार का जरिया तलाशा। उनकी इस कामयाबी पर फोर्ब्स की 30 अंडर 30 एशिया की सूची में शामिल किया गया है। तीन पूर्व छात्र फाइनेंस एंड वेंचर कैपिटल और दो पूर्व छात्रों को इंडस्ट्रीज मैनुफैक्चरिंग एंड एनर्जी कैटेगरी में शामिल किया गया है। इसपर आइआइटी निदेशक प्रो.अभय करंदीकर और डीन ऑफ एल्युमिनाई एसोसिएशन प्रो.जयंत कुमार सिंह ने पांचों पूर्व छात्रों को बधाई दी है।
दस कैटेगरी में हुआ चयन:-पांचों छात्रों को 22 देशों के करीब 3500 प्रतिभागियों के आकलन के बाद यह उपलब्धि मिली है। फोर्ब्स 30 अंडर 30 एशिया में 10 कैटेगरी निर्धारित थी, जिसमें आर्ट इंटरटेनमेंट एंड स्पोर्ट्स, फाइनेंस एंड वेंचर कैपिटल, मीडिया, मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग, रिटेल एंड ई-कॉमर्स, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी आदि शामिल है।
जानें-क्या हैं उनका खास काम;-2014 बैच के मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग के आदित्य प्रसाद, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के गौरव कुमार व हर्ष पोखरना ने पासआउट होने के बाद एक कंपनी बनाई। 25 अगस्त 2017 को ओके क्रेडिट नाम से एप लांच किया। यह एप व्यवसाइयों और कारोबारियों के लिए तैयार किया गया, जिसमें बही खाता, कलम की जरूरत नहीं पड़ती है। इसको कारोबारियों और दुकानदारों ने हाथों हाथ लिया। इसे चलाना बेहद आसान है, दुकानदार के पास अलर्ट और ग्राहक के पास मैसेज आता है। अबतक 10 करोड़ से अधिक लोग इस एप को डाउनलोड कर चुके हैं। इसके चलते उनके नाम फोर्ब्स की फाइनेंस एंड वेनचर कैपिटेल कैटेगिरी में शामिल किया गया है।इसी तरह 2017 बैच के मकैनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक निखिल कुरेले और हर्षित राठौर ने नोक्का रोबोटिक्स नाम से कंपनी बनाई। दोनों पूर्व छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग पर आधारित रोबोट की सहायता से सोलर पैनल के रखरखाव की तकनीक विकसित की है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके नाम फोर्ब्स की इंडस्ट्री मैन्यूफैक्चर इनर्जी कैटेगिरी में शामिल किया गया है। मौजूदा समय में दोनों आइआइटी के विशेषज्ञों के सहयोग से पोर्टेबल वेंटीलेटर तैयार कर रहे हैं।

नई दिल्लीl फिल्म एक्ट्रेस कनिका कपूर ने का पांचवा कोरोना वायरस का टेस्ट नेगेटिव आया हैंl यह टेस्ट कल शाम किए गए थे। उनके तीनों बच्चे खुशी से नाच रहे हैं।इस बारे में ANI ने ट्वीट किया हैंl उन्होंने लिखा है, 'बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर का COVID-19 के लिए पांचवा टेस्ट नेगेटिव आया हैंl हालांकि उन्हें लखनऊ के PGI अस्पताल में रहना होगाl जब तक कि उनका और एक टेस्ट नेगेटिव नहीं आ जाताl' इस बारे में संजय गांधी पीएचआईएमएस अस्पताल के डॉ. धीमान ने स्पॉटबॉय को बताया कि कनिका का कोरोना वायरस का टेस्ट नेगेटिव आया हैंl वह कहते है, 'कनिका ने का टेस्ट नेगेटिव आया हैl' डॉ. धीमान ने यह भी बताया हैं कि एक बार और टेस्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगीl अलग परीक्षण अगले 48 घंटों में किया जाएगा।गौरतलब है कि कनिका कपूर का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद लखनऊ में अफरा-तफरी मच गई थींl कई लोगों को अपने आपको सेल्फ-आइसोलेशन में डालना पड़ा थाl इसमें कई नामी-गिरामी नेता और सरकारी बाबू शामिल थेl गौरतलब है कि कनिका कपूर पर अपनी ट्रेवल हिस्ट्री छिपाने का आरोप लगा थाl वह लंदन से मुंबई और फिर लखनऊ आई थीं और इस बीच उन्होंने कई पार्टी भी की थींl इसके चलते वह कई लोगों के संपर्क में आई और इस बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ गयाlकनिका कपूर बॉलीवुड सिंगर है और कई फिल्मों में गाने गा चुकी हैंl इसमें बेबी डॉल फेमस हैंl वह कई लाइव शो भी कर चुकी हैl अब भी कनिका पर खतरा बना हुआ है और उनकी अगली रिपोर्ट पर ही यह कहा जा सकता हैं कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करेंगे या नहींl हालांकि यह उनके लिए और उनके फैन्स से लिए एक राहत की खबर हैंl उनके फैन्स ने अब राहत की सांस ली होगीl

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों की संख्या और उनके हॉटस्पॉट की पहचान के बाद सरकार ने वायरस को उसी इलाके तक सीमित रखने के लिए कंटेनमेंट प्लान तैयार कर लिया है। हॉटस्पॉट वाले इलाके में कोरोना वायरस के और फैलने की स्थिति में कंटेनमेंट प्लान को लागू किया जाएगा। प्लान में विस्तार से बताया गया है कि वायरस को फैलने के लिए किन-किन उपायों की जरूरत होगी और किस-किसकी क्या भूमिका होगी।
वायरस को सीमित रखने का काम युद्ध स्तर पर होगा:-शनिवार को जारी कंटेनमेंट प्लान के अनुसार कोरोना वायरस के स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस की तरह कुछ इलाकों में आउटब्रेक होने की आशंका है। वहीं देश के अधिकांश हिस्से इससे बचे रहेंगे। ऐसे में इस वायरस को उसी इलाके तक सीमित रखने का काम युद्ध स्तर पर करना होगा। इसमें जरा भी चूक से वायरस दूसरे इलाके में तबाही मचा सकता है। सरकार को आशंका है कि कोरोना वायरस के आउटब्रेक की आशंका शहरों के घनी आबादी वाले इलाकों में ज्यादा और खुले ग्रामीण इलाके में कम है।
केवल 14 फीसदी मरीजों को अस्पताल में रखने की होगी जरूरत:-कोरोना के आउटब्रेक की स्थित में तैयारियों की रूपरेखा बताते हुए कंटेनमेंट प्लान में कहा गया है कि इससे पीड़ित 81 फीसदी मरीजों में सामान्य रूप से बीमारी के लक्षण होते हैं। केवल 14 फीसदी मरीजों को अस्पताल में रखने की जरूरत होगी और केवल पांच फीसदी ऐसे मरीज होते हैं जिन्हें वेंटिलेटर जैसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ऱखना होगा।
गंभीर मरीजों को ही कोरोना के लिए बने विशेष अस्पतालों में रखा जाएगा;-जाहिर है कि सामान्य रूप से बीमार लोगों को अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनके लिए कोरोना के लिए बने विशेष अस्पतालों के पास ही निगरानी में रखे जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए होटल, गेस्ट हाउस से लेकर मौजूदा कोरेंटाइन सेंटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोरोना के लिए बने विशेष अस्पताल में केवल उन्हीं मरीजों को रखा जाएगा, जिनकी स्थिति गंभीर हो। स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर इस्तेमाल के लिए यह जरूरी है।
कंटेनमेंट प्लान- किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी;-शनिवार को जारी कंटेनमेंट प्लान का सबसे अहम हिस्सा ऐसे इलाके को पूरी तरह अलग-थलग रखने का है। इसके अनुसार ऐसे इलाके से किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। सारे रास्तों को बंद कर दिया जाएगा। जरूरी सेवाओं के लिए हर आने-जाने वाले की विस्तृत जानकारी रखी जाएगी और उसके बारे में लगातार अधिकारियों को अपडेट किया जाएगा।
कंटेनमेंट प्लान में बड़े पैमाने पर टेस्टिंग का अभियान चलाया जाएगा;-जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में चलने वाले कंटेनमेंट प्लान में लोगों में बड़े पैमाने पर टेस्टिंग का अभियान चलाया जाएगा और कोरोना के हर पोजेटिव को तत्काल अलग-थलग किया जाएगा। वहीं आम लोगों को वायरस से बचने के लिए व्यापक और सघन प्रचार अभियान चलाया जाएगा, ताकि जो लोग इससे बचें होंगे, उन्हें वायरस से बचाया जा सके।
हर व्यक्ति की कोरोना जांच कराकर वायरस की उपस्थिति सुनिश्चत की जाएगी:-आउटब्रेक वाले इलाके में सांस और जुकाम से ग्रसित हर व्यक्ति की कोरोना जांच कराकर इसके वायरस की उपस्थिति सुनिश्चत की जाएगी। इसके साथ ही उन लोगों की भी सैंपल टेस्टिंग की जाएगी, जिनमें कोरोना के लक्षण सामने नहीं आए हैं। ताकि इससे पता लगाया जा सके कि कितने लोग ऐसे हैं, जो कोरोना वायरस से ग्रसित तो हुए, लेकिन वह उन्हें प्रभावित नहीं कर सका।
कंटेनमेंट प्लान में चिह्नित किये गए इलाके को बफर जोन बनाया जाएगा:-कंटेनमेंट प्लान में चिह्नित किये गए इलाके के चारों ओर एक बफर जोन की पहचान किये जाने का भी प्रावधान है। इस बफर जोन में कोरोना के वायरस के लक्षण वाले मरीजों पर खास ध्यान रखा जाएगा। ताकि किसी तरह यदि कंटेनमेंट वाले इलाके से वायरस बाहर निकलने में सफल भी हो जाए, तो इसे बफर जोन में ही रोका जा सके।

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