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बॉलीवुड स्टार और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी इन्जॉय कर रही है। अदाकारा ने कुछ दिनों पहली ही अपने प्रेग्नेंसी का ऐलान करते हुए बेबी बंप फ्लॉन्ट किया था। जिसके बाद इस क्यूट कपल की तस्वीर ने कई दिनों तक सोशल मीडिया पर हंगामा बरपाया। अब अनुष्का शर्मा प्रेग्नेंसी में भी पति विराट कोहली को जमकर सपोर्ट करती हुई नजर आ रही है। दरअसल इन दिनों आईपीएल मैच चल रहा हैं। जहां अनुष्का शर्मा भी पति विराट कोहली का खेल स्टेडियम से देखना नहीं छोड़ती और एक्ट्रेस क्रिकेट के मैदान पर विराट को जमकर चीयर करती नजर आती हैं। बीते दिन अदाकारा रॉयल चैलेंजर बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स का मैच देखने स्टेडियम पहुंची थी। जहां से ये तस्वीरें वायरल हो रही हैं।बीते दिन अनुष्का शर्मा ने आईपीएल मैच के दौरान क्रिकेट स्टेडियम में जाकर ही मैच का लुत्फ उठाया।इस दौरान अनुष्का शर्मा अपने पति विराट कोहली को जमकर चीयर करती दिखीं।इतना ही नहीं, अदाकारा क्रिकेटर युजवेंद्र चहल की मंगेतर और यूट्यूबर धनुश्री वर्मा के साथ ग्रुप फोटो क्लिक कराना भी नहीं भूली। इस दौरान ए्क्ट्रेस बेबी बंप के साथ नजर आईंआरसीबी की जीत के बाद जश्न मनाते वक्त अनुष्का शर्मा के चेहरे पर प्रेग्नेंसी का ग्लो साफ नजर आ रहा थाअनुष्का शर्मा और विराट कोहली के फैंस इसके बाद दोनों सितारों की फोटोज को जमकर एडिट कर वायरल कर रहे हैं।

कन्नड़ फिल्म स्टार चिरंजीवी सरजा की मौत की खबर ने पूरे देशक को हिलाकर रख दिया था। उनकी मौत के बाद दिवंगत एक्टर की प्रेग्नेंट पत्नी मेघना राज की गोद भराई की रस्म पूरे परिवार ने हाल ही में बेहद धूमधाम से मनाई थी। अब चिरंजीवी सरजा की पहली बर्थ एनिवर्सिरी पर उनके भाई ने अपने दिवंगत भाई को याद करते हुए एक बेहद प्यारा वीडियो शेयर कर ये जानकारी दी है कि कैसे परिवार ने दिवंगत भाई की पत्नी मेघना सरजा की गोदभराई का जश्न धूमधाम से मनाया और परिवार जूनियर चिरंजीवी के आने के इंतजार में हैं। ये वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर खासा पसंद किया जा रहा है। चिरंजीवी सरजा की मौत के बाद उनका परिवार अपनी बहू मेघना राज का बेहद प्यार से ख्याल रख रहा है। जिसकी जानकारी खुद अदाकारा वक्त वक्त पर सोशल मीडिया के जरिए फैंस को देती रहती हैं।बता दें कि आज चिरंजीवी सरजा का जन्मदिन है। चिंरजीवी सरजा का महज 38 साल की उम्र में हार्टअटैक के चलते निधन हो गया था। इसी साल 7 जून को चिरंजीवी सरजा ने आखिरी सांस ली थी। दुख की बात ये है कि एक्टर ने महज 2 साल पहले ही पत्नी मेघना सरजा के लव मैरिज की थी। चिरंजीवी सरजा और मेघना राज फिल्म इंडस्ट्री के सबसे क्यूट कपल्स की लिस्ट में आते थे। कोरोना काल में एक्टर चिरंजीवी सरजा की अचानक हुई मौत ने पूरे देश को सकते में डाल दिया था। चिरंजीवी सरजा के निधन के वक्त मेघना राज अपनी प्रेग्नेंसी के दूसरे ट्राइमिस्टर में थी। अभी हाल ही में परिवार ने चिरंजीवी सरजा की गोद भराई का जश्न खूब धूमधाम से मनाया था। इस दौरान मेघना राज ने अपने पति के पोस्टर का एक कटआउट पूरे फंक्शन में अपने साथ रखा था।चिरंजीवी सरजा कन्नड़ फिल्मों की दुनिया से ताल्लुक रखते थे। एक्टर ने महज 11 साल के करियर में करीब 20 फिल्मों में काम किया था। चिरंजीवी सरजा ने चिरू, अम्मा आई लव यू , सिंगा और शिवार्जुना जैसी शानदार फिल्में दी थी। मेघना राज के साथ प्यार में पड़ने के बाद चिरंजीवी सरजा ने साल 2018 में शादी कर ली थी।

पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में पनपा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश अध्यक्ष रह चुके दो दिग्गजों की नाराजगी के बाद अब जाले विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। वहां कांग्रेस ने डॉ. मश्कूर उस्मानी को टिकट दिया है, जो टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थक रहे हैं। दरभंगा जिला में जाले से टिकट की दावेदारी कर रहे ऋषि मिश्रा आगबबूला हैं। मश्कूर को जिन्नावादी बताते हुए उन्होंने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है।

रुख-रवैये पर लगातार उठ रहे सवाल;-दरअसल, कांग्रेस के रुख-रवैये पर उसके ही नेताओं द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे। पहले चरण के टिकट वितरण के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने सवाल उठाया था और दूसरे चरण के उम्मीदवारों के संदर्भ में बिहार कांग्रेस की कमान संभाल चुके चंदन बागची ने नाराजगी सार्वजनिक की है। इस कड़ी में ऋषि मिश्रा का भी नाम जुड़ गया है। जाले विधानसभा क्षेत्र के लिए वादा करके टिकट नहीं देने का आरोप लगाते हुए ऋषि ने पार्टी के कामकाज और प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के रवैये पर कड़ा प्रहार किया है।

मिथिला और जाले की जनता रखती है गांधीवादी संस्कार:-बकौल ऋषि, पार्टी ने टिकट के लिए मुझे आश्वस्त भी कर दिया था। मैं चुनाव की तैयारी कर रहा था, लेकिन अंत समय में जाले से एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया गया, जो जिन्ना का समर्थक है। प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा बताए कि गांधीवादी पार्टी का टिकट जिन्नावादी को क्यों दिया गया। मैं और मेरे परिवार ने हमेशा गांधीवादी विचारधारा का समर्थन किया है। बिहार, मिथिला और जाले की जनता भी गांधीवादी संस्कार रखती है। यहां एक सामाजिक समरसता और संस्कार हमेशा से बना रहा है। ऐसी पवित्र धरती पर एक जिन्नावादी को टिकट देना हमारे संस्कार और समाज का अपमान है। ऋषि ने पार्टी हाईकमान से आग्रह किया है कि जाले के प्रत्याशी पर पुनर्विचार कर किसी गांधीवादी को टिकट दिया जाए।

दरभंगा निवासी मश्कूर सीएए विरोधी प्रदर्शनों में रहे शामिल;-दरभंगा जिला के रहने वाले मश्कूर उस्मानी सन् 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। उसके अगले साल यानी 2018 छात्रसंघ के भवन में पाकिस्तान के संस्थापक अली मोहम्मद जिन्ना की तस्वीर पाई गई थी। हालांकि बयान देकर मश्कूर ने जिन्ना की विचारधारा से अपना पल्ला झाड़ लिया था, लेकिन दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय में काफी हंगामा हुआ था। गौरतलब है कि मश्कूर का नाम नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों में भी सामने आया था। उन्होंने दरभंगा में भी सीएए विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। उनका नाम दिल्ली दंगे में गिरफ्तार जेएनयू नेता उमर खालिद के सहयोगी के रूप में भी लिया जाता है।

मथुरा। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के बाद अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला बेहद गरम है। मथुरा सत्र न्यायालय में श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रांगण से सटी मस्जिद को हटाने की मांग खारिज होने की याचिका जिला जज की कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। अब इस याचिका पर 18 नवंबर को सुनवाई होगी। याचिका में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप बने ईदगाह को हटाने की मांग की गई है। जिला न्यायालय में मुकदमा चलेगा।मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले में जिला जज ने अपील स्वीकार कर ली है। यहां पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रांगण से सटी शाही मस्जिद हटाने की मांग पर विपक्षियों को नोटिस जारी होंगे। सुनवाई पूरी होने के बाद वादी पक्ष के वकील विष्णु जैन ने दी जानकारी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर, 2020 को होगी। मथुरा अदालत ने कृष्ण जन्मभूमि से सटे मस्जिद को हटाने की मांग की याचिका स्वीकार की गई है। मथुरा जिला जज की अदालत ने कृष्ण जन्मभूमि से सटे मस्जिद को हटाने की मांग की याचिका स्वीकार की है।  श्री कृष्ण जन्म स्थान मामले में श्री कृष्ण विराजमान व रंजना अग्निहोत्री समेत आठ लोगों की ओर से जिला जज की अदालत में दायर की गई अपील के मामले में विपक्षियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। पिछले दिनों सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के बीच 1968 में हुए समझौते को रद कर मस्जिद को हटाने तथा सारी जमीन श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपने की मांग की गई थी। 30 सितंबर को सुनवाई के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ये कहकर दावा खारिज कर दिया था कि भक्तों को दावा दायर करने का अधिकार नहीं है। आज इसी मामले में जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद अपील स्‍वीकार कर ली गई है। वादी के अधिवक्‍ता विष्‍णु शंकर जैन ने उनका दावा मजबूत है।अयोध्‍या में श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य के आरंभ होने के बाद मथुरा को लेकर भी सरगर्मी भी बढ़ रही है। गुरुवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और हनुमान गढ़ी के महंत धर्मदास, अयोध्या निर्वाणी अखाड़ा के महंत राजेंद्र दास, मथुरा-वृंदावन अखाड़ा के हरिशंकर नागा श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे थे। यहां उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी से मुलाकात की और मंदिर के दर्शन किए। गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने संतों को मंदिर की नींव पर बनी शाही ईदगाह मस्जिद दिखाई और इस पर चर्चा की।  

नई दिल्‍ली। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने के बाद वह घर पर ही क्‍वारंटीन हो गए हैं। अभी हाल ही में वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता पीएल पुनिया की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बीते दिनों छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया (PL Punia) को कौशांबी के यशोदा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आठ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।पुनिया ने बीते शनिवार की शाम को रायपुर में कोरोना जांच कराई थी। बताया जाता है कि जब तक रिपोर्ट के नतीजे आते तब तक वह दिल्ली पहुंच चुके थे। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान वह चुनाव समिति की बैठक और किसान-मजदूर सम्मेलन में शामिल हुए थे। इन दोनों कार्यक्रमों छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत सत्ता और संगठन के अधिकांश नेता शामिल हुए थे। हाल ही में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्‍हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई जिसके बाद उन्‍हें भी मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके अलावा तीन घरेलू सहायकों को भी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। ये सभी कोरोना पाजिटिव हैं। मुलायम सिंह यादव बीते काफी समय से बीमार चल रहे हैं। बीते दिनों पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मौत हो गई थी। उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। पूर्व में उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू, मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्‍ली के उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया भी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। अब इन नेताओं ने कोरोना को शिकस्‍त दे दी है। यदि अन्‍य चर्चित हस्तियों की बात करें तो महानायक अमिताभ बच्‍चन, अभिषेक बच्‍चन, एश्‍वर्या राय बच्‍चन भी कोरोना संक्र‍मण को मात दे चुके हैं। 

भोपाल। दादा-दादी का सपना होता है कि पोते-पोतियां खिलाएं। उन पर अपनी सुख-संपत्ति लुटाएं, लेकिन भोपाल में एक दादा ऐसे भी हैं जिन्होंने पोते-पोतियों के जन्म पर ही पाबंदी लगा दी है। उन्होंने इकलौते बेटे और बहू पर दबाव बनाया कि यदि उन्हें संतान हुई तो वे दोनों को संपत्ति से बेदखल कर देंगे। शादी के सात साल बाद भी बच्चा न पैदा कर पाने से दुखी बहू थक हारकर कुटुम्ब न्यायालय पहुंची। उसने गुहार लगाई है कि उनके ससुर को समझाइश दी जाए। हालांकि छह काउंसिलिंग के बाद भी वे नहीं माने। अब उन्हें अगली काउंसिलिंग में बुलाने की तैयारी है।यह अजीबोगरीब मामला है भोपाल के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के परिवार का। शादी के शुरुआती सालों में तो बहू ने ससुर और पति को समझाने की कोशिश की लेकिन मामला नहीं सुलझा। समाज और परिवार के तानों से परेशान होकर आखिर बहू ने सितंबर 2020 में यहां के कुटुंब न्यायालय में आवेदन लगाया। उन्होंने काउंसलर सरिता राजानी के सामने अपनी बात रखी। डेढ़ महीने से चल रही सुनवाई के बाद भी कोई हल नहीं निकला है। काउंसलर राजानी ने बेटा व बहू को अलग घर लेकर रहने की सलाह दी, लेकिन पति अपने पिता को छोड़ना नहीं चाहता है। ससुर भी मानने को तैयार नहीं है। जबकि सास की लगभग 15 साल पहले मौत हो चुकी है।

ससुर बोले- बच्चा हुआ तो मुझे वृद्धाश्रम भेज देंगे:-जब काउंसलर ने सेवानिवृत्त अधिकारी को बुलाया तो उन्होंने तर्क दिया कि यदि बेटे-बहू को बच्चा हुआ तो वे मुझे नहीं देखेंगे। वृद्धाश्रम भेज देंगे। देख-रेख नहीं करेंगे। बेटे की शादी संतान उत्पत्ति के लिए नहीं की है। बेटे -बहू का पहला फर्ज मेरी सेवा करना है। मरने के बाद ये लोग संतान पैदा कर सकते हैं। यदि बहू को संतान चाहिए तो वह मेरे बेटे को तलाक देकर दूसरी शादी कर सकती है।

पति नहीं दे रहे साथ, बोले बेदखल कर देंगे:-पहली काउंसिलिंग में पति ने कहा कि पिता नहीं चाहते हैं कि कोई संतान हो। अगर हमने ऐसा किया तो वे अपनी संपत्ति से हमें बेदखल कर देंगे। पति निजी कंपनी में सामान्य कर्मचारी हैं।

बहू ने किया वादाः बच्चा हुआ तो भी ससुर का ध्यान रखेंगे:-काउंसिलिंग के दौरान बहू ने वादा दिया कि वह कोर्ट में शपथ पत्र देने को तैयार है कि बच्चा होने के बाद भी वह उनकी सेवा करेगी।हर पिता चाहता है कि उसका बेटा उसकी पीढ़ी को आगे बढ़ाए, लेकिन यह मामला काफी अलग है। पहली बार ऐसे बुजुर्ग देखने को मिल रहे हैं, जो अपने स्वार्थ के लिए बेटा-बहू पर संतान पैदा नहीं करने का दबाव डाल रहे हैं।सेक्शन सीआरपीसी 128 के तहत कानून भी बना है कि बच्चो अपने माता-पिता की देख-रेख करेंगे। इस मामले में पिता को समझाया जाना चाहिए कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उनके लिए कानून बना है।बुजुर्ग में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। ऐसे व्यक्ति में व्यवहार में परिवर्तन होने लगता है। सोच बदलने लगती है। इस मामले में बेटे को खुद निर्णय लेना होगा।

लाहौर। पाकिस्तान की एक अदालत ने पंजाब प्रांत में संघीय यानी केंद्र सरकार की ओर से करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण किए जाने पर सवाल उठाया है। अदालत ने अधिकारियों से पूछा है कि क्या यह प्रांतीय सरकार के मामले में हस्तक्षेप नहीं है? अदालत ने पूछा कि यदि सड़क निर्माण का काम प्रांत का विषय है तो संघीय सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की परियोजना बनाई कैसे और इसे किस आधार पर नियंत्रित किया।दरअसल, लाहौर-नारोवाल रोड के निर्माण में अनावश्यक देरी के खिलाफ लाहौर हाई कोर्ट सुनवाई कर रही थी। अदालत के मुख्य न्यायाधीश मुहम्मद कासिम खान ने संघीय कानून अधिकारी से पूछा कि बताईये सड़क निर्माण के लिए कौन जवाबदेह है- संघ या प्रांतीय सरकार। कानून अधिकारी ने अदालत को बताया कि सड़क निर्माण के लिए कोष जारी करने का विषय संघीय सरकार के दायरे में नहीं आता है।मुख्य न्यायाधीश खान ने पूछा, 'यदि सड़क निर्माण प्रांत का विषय है तो संघीय सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की परियोजना कैसे तैयार और नियंत्रित की। सरकारें अपनी मर्जी से काम करती हैं या कानून के तहत?' न्यायाधीश ने कहा कि यदि प्रांतीय मामलों में संघीय सरकार से हस्तक्षेप स्थापित होता है तो कोर्ट प्रधानमंत्री को नोटिस जारी कर सकता है। उन्होंने कहा, 'यदि जरूरी हुआ तो हम प्रधानमंत्री को नोटिस भेज सकते हैं।'मुख्य न्यायाधीश ने दो सप्ताह के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। कोर्ट ने अतिरिक्त अटार्नी जनरल इश्तियाक ए. खान को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने बीते दिनों करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोल दिया था। पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच 2019 में किए गए द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, भारतीय आगंतुकों को सुबह से शाम तक आने की अनुमति है।

ग्रीनविले। अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने चीन और रूस दोनों ही देशों पर अपने हितों के लिएअंतराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ये दोनों ही अन्य देशों के साथ मनमानी और जबर्दस्ती कर रहे हैं।रक्षा मंत्री ने एक वेबिनार में कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की गतिविधियों के संबंध में सतर्कता बरती जा रही है और सेना की सभी सेवाएं इसके लिये तैयार हैं। जहां-जहां हमारी सेना तैनात हैं, वहां भी नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। हमें अपनी ताकत को बनाए रखने के लिए समय पर पर्याप्त और स्थायी बजट की भी आवश्यकता है। नई चुनौतियां, विशेष रूप से चीन की गतिविधियों को देखते हुए इसकी तत्काल आवश्यकता है। इन खतरों को देखते हुए सेना को तीन से पांच प्रतिशत रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी की जरूरत है।रक्षा मंत्री ने कहा, हमने अप्रैल माह में ही एयरफोर्स की बमवर्षक क्षमता को बढ़ाने की प्रकिया शुरू कर दी है। ये सब चीन की क्षमता बढ़ाने की कोशिशों को भी देखते हुए जरूरी है। अगस्त माह में छह बी-52 बमवर्षक विमान और हवा में मार करने वाली टैंक सेना को सभी तीस नाटो देशों में तैनात किया गया है।वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक रैली के दौरान चीन, रूस के साथ-साथ भारत को भी वैश्विक वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि पर्यावरण के मामले में उनके देश का रिकॉर्ड काफी अच्छा है। गुरुवार को नार्थ कैरोलिना में आयोजित एक चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पर्यावरण की रक्षा करते हुए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की है।बता दें कि अमेरिका में जल्द राष्ट्रपति के चुनाव होने जा रहे हैं। इसको लेकर ट्रंप से सामने उनके प्रतिद्ंदी जो बिडेन हैं। ट्रंप को हाल ही में कोरोना वायरस ने भी चपेट में ले लिया था, लेकिन उन्होंने इससे जल्द रिकवर होकर चुनावी अभियान शुरू कर दिया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों का मानना है कि 2020 का चुनाव अच्छी और बुरी नीतियों के बीच चुनाव का मौका देता है। ट्रंप के हजारों समर्थक अपने नेता को देखने और सुनने के लिए गुरुवार को नार्थ कैरोलिना में एकत्र हुए थे। संक्रमण से उबरने के बाद ट्रंप की यह पहली चुनावी रैली थी। रैली में आए लोगों में से कई ने गर्भपात, धाíमक स्वतंत्रता, बंदूक रखने का अधिकार, अवैध आव्रजन और स्वास्थ्य देखभाल जैसे कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा और कहा कि इन्हीं कुछ प्रमुख मुद्दों को लेकर वे राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। IPL 2020 के बीच में केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक ने अचानक ही टीम की कप्तानी छोड़ दी और उनकी जगह इस टीम की कमान इंग्लैंड को वनडे वर्ल्ड कप में जीत दिलाने वाले इयोन मोर्गन को सौंप दी गई। दिनेश कार्तिक आइपीएल इतिहास के ऐसे पहले कप्तान नहीं हैं जिन्होंने सीजन के बीच में कप्तानी छोड़ दी हो, उनसे पहले कई दिग्गज खिलाड़ियों ने ऐसा किया है।साल 2018 में जब दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन अच्छा नहीं हो रहा था तब गौतम गंभीर ने बीच में ही कप्तानी छोड़ दी थी और फिर श्रेयस अय्यर को टीम का कप्तान बनाया गया था। 2015 के आइपीएल सीजन में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन टीम के कप्तान थे। उन्होंने भी अचानक बड़ा फैसला किया और टीम की कप्तानी छोड़ दी, इसके बाद स्टीव स्मिथ को टीम की कमान मिली।साल 2013 में रिकी पोंटिंग मुंबई इंडियंस के कप्तान थे, लेकिन उन्होंने टीम की कप्तानी अचानक ही छोड़ दी और फिर मुंबई टीम मैनेजमेंट ने रोहित शर्मा को कप्तानी सौंपी। इसके बाद रोहित की कप्तानी में ये टीम अब तक चार बार चैंपियन बन चुकी है। साल 2012 सीजन में मुंबई इंडियंस की कप्तानी सचिन तेंदुलकर के हाथों में थी। फिर उन्होंने बड़ा फैसला करते हुए टीम की कप्तानी छोड़ दी और उसके बाद हरभजन सिंह को कप्तान बनाया गया। हरभजन सिंह की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने 2011 में चैंपियंस लीग का खिताब जीता था। इसके बाद 2013 में फिर हरभजन सिंह की जगह मुंबई की कप्तानी रिकी पोंटिंग को दी गई थी। साल 2013 में डेनियल विटोरी ने आरसीबी की कप्तानी छोड़ दी थी। उन्होंने प्लेइंग इलेवन में मुथैया मुरलीधरन को जगह देने के लिए टीम में अपनी जगह छोड़ दी थी। वहीं विटोरी के बाद आरसीबी की कप्तानी विराट कोहली को सौंपी गई और तब से वो लगातार इस टीम की कप्तानी कर रहे हैं। 

नई दिल्ली। Aadhaar Card जारी करने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल में ज्यादा सुरक्षित और इस्तेमाल की दृष्टि से ज्यादा सहज PVC कार्ड की शुरुआत की है। कोई भी आधार कार्डधारक UIDAI की वेबसाइट से नया PVC Card ऑर्डर कर सकता है। UIDAI ने बताया है कि नए पोलिविनाइल क्लोराइड (PVC) Aadhaar Card को कैरी करना बहुत आसान है क्योंकि इसका साइज ऐसा है कि आप इसे आसानी से डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह अपने वॉलेट में रख सकते हैं। UIDAI के मुताबिक नया Aadhaar PVC Card आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स के साथ आता है।अब बात करते हैं कि आप किस प्रकार नया Aadhaar PVC Card आर्डर कर सकते हैं। इससे जुड़ी प्रक्रिया कहती है कि UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए नया PVC Card ऑर्डर किया जा सकता है। इसके लिए आपको 'My Aadhaar' के अंतर्गत  'Order Aadhaar PVC Card' पर क्लिक करना होगा। इसके बाद 12 अंक की आधार संख्या या 16 अंक की वर्चुअल आइडी या 28 अंक की EID डालने के बाद आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होता है। ओटीपी डालने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ती है और आपको रिप्रिंट के लिए निर्दिष्ट राशि के भुगतान के लिए रिडायरेक्ट किया जाता है।  हालांकि, अब UIDAI ने ट्वीट कर स्पष्ट किया है कि अगर आपके पास आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर नहीं है तो भी आप नया Aadhaar PVC Card ऑर्डर कर पाएंगे। UIDAI की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, ''#AadhaarInYourWallet क्या आपके पास आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर नहीं है? चिंता मत करिए, आप अपने आधार पीवीसी कार्ड के ऑर्डर के ऑथेंटिकेशन के लिए किसी भी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑर्डर करने के लिए https://residentpvc.uidai.gov.in/order-pvcreprint पर क्लिक कीजिए।''

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के बिना ऐसे ऑर्डर कर सकते हैं Aadhaar PVC Card:-इस प्रक्रिया के तहत आपको पूर्व की तरह Aadhaar Number या वर्चुअल आईडी या ईआईडी में से किसी एक को सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद कैप्चा कोड डालना है और फिर 'My Mobile number is not registered' के सामने दिख रहे बॉक्स पर क्लिक करना होगा। बॉक्स पर क्लिक करते ही आपके सामने मोबाइल नंबर प्रविष्ट करने का विकल्प आ जाएगा। यहां मोबाइल नंबर डालें और फिर 'Send OTP' पर क्लिक कीजिए। इसके बाद फिर आपको 50 रुपये के शुल्क का भुगतान करना होगा और आप नया पीवीसी कॉर्ड ऑर्डर कर पाएंगे।

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