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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की इस पहली यात्रा की सबसे बड़ी बातों में से एक यह है कि व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि साल के आखिर में होने वाले अमेरिकी चुनाव संपन्न होने के बाद बातचीत जारी रहेगी। यह अपरिहार्य है कि इस यात्रा के दौरान चीन और भारत-प्रशांत पर चर्चा की जाएगी। दोनों देश बड़े सहयोग के लिए रोडमैप रखेंगे।विशेष रूप से इसलिए क्योंकि अमेरिका इस क्षेत्र में भारत द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उत्सुक है। भारत नियंत्रण की बात नहीं कर रहा है, बल्कि इस क्षेत्र के सभी देशों के साथ गहरे सहयोग और आर्थिक संबंध बना रहा है। भारत-प्रशांत रणनीति के हिस्से के रूप में, दोनों देशों ने एशिया और अफ्रीका में विकास के लिए त्रिकोणीय सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।रिश्ते के इस पहलू को ध्यान में लाने की जरूरत है क्योंकि यह साझेदार देशों के क्षमता निर्माण की अनुमति देते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मंच प्रदान करता है। चीन के संबंध में, भारत के चीनी फर्म हुवेई को भारत में 5जी परीक्षण करने की अनुमति देने के निर्णय के बावजूद अमेरिका द्वारा इस तरह के कदम के बारे में चिंता जताई जाने की संभावना है। यह यात्रा विशेष रूप से दूरसंचार में भविष्य के तकनीकी सहयोग पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करती है। दोनों नेताओं के बीच अफगानिस्तान पर भी चर्चा होगी। भारत ट्रंप की यात्रा के दौरान प्रस्तावित अमेरिका-तालिबान सौदे पर ट्रंप प्रशासन से स्पष्टता और विवरण मांग सकता है। भारत ने यह सुनिश्चित करने के लिए दांव लगाया है कि अफगानिस्तान में शांति बनी रहे। अमेरिका और तालिबान शांति समझौते पर बातचीत कर रहे हैं और व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि इसकी घोषणा महीने के अंत में की जा सकती है। भारत अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी की समय सारिणी और अन्य विवरण जानना चाहेगा। भारत ऐसी स्थिति नहीं चाहता जिसमें तालिबान सत्ता में आए और पाकिस्तान महत्वपूर्ण रणनीतिक लाभ प्राप्त करे। अमेरिका चाहता है कि भारत अफगानिस्तान में अधिक स्पष्ट भूमिका निभाए।व्हाइट हाउस ने पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों की तरह इस बार ट्रंप के किसी भी छोटे ठहराव की घोषणा नहीं की है। साथ ही पाकिस्तान की काउंटर-टेरर फाइनेंस और एंटी मनी लॉड्रिंग व्यवस्था की कमियों पर भी चर्चा होगी। भारत ने समय-समय पर और कई बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से रिश्ते से जुड़े सबूत पेश किए हैं। यदि पिछली बातों का उल्लेख संयुक्त बयानों में भारत-प्रशांत के संबंध में किया जाता है। यद्यपि चीन से अपने घरेलू चिकित्सा संकट के कारण इस यात्रा पर अधिक ध्यान देने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।

लंदन। ब्रिटिश शाही परिवार में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल ने ससेक्स शाही उपाधि छोड़ने के लिए मजबूर करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए महारानी पर निशाना साधा है। दंपती ने कहा है कि विदेशी धरती पर 'शाही' शब्द का इस्तेमाल महारानी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।हैरी और मेगन ने हाल में शाही परिवार से अलग होने के औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत उन्हें शाही उपाधि 'हिज और हर रॉयल हाइनेस' (एचआरएच) छोड़नी थी। साथ ही दोनों अब अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए किसी तरह के सार्वजनिक कोष का भी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। मेट्रो अखबार में शनिवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, राजशाही के भीतर अपनी नई भूमिकाओं को रेखांकित करते हुए दंपती ने आरोप लगाया कि उनके साथ शाही परिवार के अन्य सदस्यों की तरह व्यवहार नहीं किया गया।उन्होंने कहा, 'शाही परिवार में ऐसे भी सदस्य हैं, जिन्हें अपना खिताब बरकरार रखते हुए विदेश में रोजगार की अनुमति दी गई है। हमें वे सभी रियायतें नहीं मिलीं, जिसकी हमें उम्मीद थी।' दंपती का यह बयान बकिंघम पैलेस द्वारा शुक्रवार को की गई उस घोषणा के बाद सामने आया है, जिसमें कहा गया था कि दंपती अब ड्यूक और डचेज ऑफ ससेक्स की अपनी उपाधियों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे।

वाशिंगटन। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के दावेदार बर्नी सैंडर्स ने एक बार फ‍िर से राष्‍ट्रपति चुनाव में रूस के हस्‍तक्षेप की निंदा की है। उन्होंने साफ शब्दों में मास्को से कहा कि वह अमेरिकी चुनाव से दूर रहे। इसके साथ ही अमेरिकी चुनाव में एक बार फिर रूस के दखल की चर्चा शुरू हो गई है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों का यह मानना है कि रूस, राष्ट्रपति ट्रंप की जीत में मदद करने के लिए नवंबर के चुनाव में हस्तक्षेप करना चाह रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव के मद्देनजर अब यह बहस एक बार और तेज हो गई है। इसे लेकर आरोप और प्रत्‍यारोप का दौर जारी है।
अमेरिकी लोकतंत्र को कमजोर करना चाहता है रूस:-सैंडर्स अपने एक भाषण के दौरान कहा है कि रूस हमें विभाजित करके अमेरिकी लोकतंत्र को कमजोर करना चाहता है और उनका साथ वर्तमान राष्ट्रपति दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि मैं उनके प्रयासों और किसी भी अन्य विदेशी शक्ति के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहूंगा। सैंडर्स ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें पिछले महीने ही सूचित किया था कि किस तरह से रूस अभियान में जुड़ने का प्रयास कर रहा है।
राष्ट्रपति पुतिन को एक निरंकुश ठग बताया:-हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मास्को कैसे हस्तक्षेप करना चाहता है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को एक निरंकुश ठग बताया और कहा कि उनकी सरकार ने हमारे देश में विभाजन का बीज बोने के लिए इंटरनेट प्रचार का इस्तेमाल किया है। हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के सदस्यों को बताया गया कि रूस ने 13 फरवरी को एक बंद दरवाजे में ट्रंप का समर्थन किया था। हालांकि, ट्रंप ने शुक्रवार को नेवादा के एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह अफवाह है। रूसी मध्यस्थता ब्रीफिंग डेमोक्रेट्स द्वारा शुरू की गई थी।

अंकरा। तुर्की-ईरान के बॉर्डर पर रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.7 रही। इसकी जानकारी यूरोपियन मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने दी। न्यूज एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक, इस भूकंप में 7 लोगों की मौत हो गई है। फिलहाल बचाव कार्य जारी है।आमतौर पर भूकंप की खबरें विश्वभर से आती रहती हैं। थोड़े दिन पहले पापुआ न्यू गिनी (Papua New Guinea) में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.2 रही थी।
क्यों आता है भूकंप:-पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप भूकंप आता है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर, भूकंपी तरंगें उत्पन्न करती है, जो भूमि को हिलाकर या विस्थापित कर के प्रकट होती है। इसी के चलते भूकंप आता है।
भूकंप की वजह:-भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से आता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण भी आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यत: गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन के चलते आते भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इससे बचने के लिए सरकार की तरफ से समय-समय पर जागरुक अभियान भी चलाए जाते हैं। ताकी भूकंप के कहर से लोगों को बचाया जा सके।
क्या होता है रिक्टर स्केल:-दरअसल, भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके रिक्टर स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को या फिर तीव्रता को रिक्टर स्केल पर 1 से 9 तक के आधार पर किया जाता है। यदि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 8 से ज्यादा होती है भारी तबाही होने की संभावना होती है।
भूकंप से ऐसे करें बचाव
-सुरक्षित स्थान पर भूकंपरोधी भवन का निर्माण कराएं।
-समय-समय पर आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लें व पूर्वाभ्यास करें।
-आपदा की किट बनाएं जिसमें रेडियो, जरूरी कागज, मोबाइल,टार्च, माचिस, मोमबत्ती, चप्पल, कुछ रुपये व जरूरी दवाएं रखें।
-संतुलन बनाए रखने के लिए फर्नीचर को कस पकड़ लें।
-लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें।
-खुले स्थान पर पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें।

सियोल। दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे-इन ने कोरोना वायरस को लेकर देश में अलर्ट जारी कर दिया है। मून ने कहा कि संक्रमण की संख्‍या में अचानक इजाफा हुआ है। मून ने अपनी कैबिनेट की बैठक के बाद यह ऐलान किया। देश में नए कोरोनो वायरस के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। यह संख्‍या 123 से पहुंच कर 556 हो गई है। कई प्रांत इसकी चपेट में हैं।
द. कोरिया ने दो और मौत की पुष्टि, 123 नए मामले सामने आए;-दक्षिण कोरिया में रविवार को कोरोनावायरस से दो और मौतों की पुष्टि की है। यहां कोरोना वायरस के 123 नए मामले सामने आए हैं। चीन के बाद यहां सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। कोरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने एक बयान में कहा कि दक्षिणी शहर डुएगू में शिनचोनजी चर्च ऑफ जीसस नए संक्रमणों में 75 लोग शामिल हैं। चर्च के सैकड़ों सदस्य अब संक्रमित हो चुके हैं, जिसकी शुरुआत 61 वर्षीय महिला से हुई थी। 25 लाख की आबादी के साथ दक्षिण कोरिया का कोरोना वायरस से प्रभावित चौथा सबसे बड़ा शहर हैं। यहां रविवार को 90 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए। इस शहर में कोरोना वायरस से प्रभावित कुल संख्या 247 हो गई है। उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत का संकट काफी गंभीर है। स्थानीय लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी।
ईरान ने कोरोना वायरस से छह लोगों के मौत;-उधर, ईरान ने कोरोना वायरस से छह लोगों के मौत की पुष्ठि की है। मरकजी प्रांत के गवर्नर अली अगाज़ादेह ने शनिवार को आइआरएनए समाचार एजेंसी को बताया कि मध्‍य शहर अराक में हाल ही में एक मरीज के परीक्षण में वायरस की पुष्टि हुई है। ईरान में यह छठीं मौत थी। सके पूर्व शनिवार को ईरानी स्वास्थ्य अधिकारियों ने नए वायरस से पांचवीं मौत की सूचना दी थी। अधिकारियों ने कहा था कि ईरान में वायरस के 10 नए मामलों की पुष्टि हुई है। अब तक ईरान में 28 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
चीन में रविवार तक मरने वालों का आंकड़ा 2442 तक पहुंचा;-बता दें कि चीन में घातक कोरोना वायरस से चीन में रविवार तक मरने वालों का आंकड़ा 2442 तक पहुंच गया है। जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, चीन में कुल मामलों की संख्या 76,936 तक पहुंच गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि उसे 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और शिनजियांग से शनिवार को 648 नए मामलों में 97 लोगों की मौत की सूचना मिली।

हनोई।नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई बार नामांकित वियतनाम के बौद्ध भिक्षु थिक क्वांग डुक की 93 वर्ष की अवस्‍था में निधन हो गया। वह एक असंतुष्‍ट भिक्षु थे। उन्‍होंने अपना अधिकांश जीवन धार्मिक स्‍वतंत्रता और कम्‍युनिष्‍ट द्वारा संचालित मानवाधिकारों की वकालत करते हुए बिताया।थिक क्वांग का जन्‍म 1928 में वियतनाम के थाई प्रांत में हुआ था। वह वियतनाम के प्रतिबंधित बौद्ध मठ (UBCV) के मुखिया थे। मानवाधिकार और धार्मिक आजादी की मांग उठाने वाले थिच क्वांग वियतनाम सरकार के खिलाफ मुखर रहे। उनकी इस कट्टरता के कारण उन्‍हें 2003 में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्‍हें नजरबंद कर दिया गया। तब से वह लगातार पुलिस की निगरानी में थे। बता दें कि UBVC को 1980 के दशक की शुरुआत से प्रतिबंधित कर दिया गया था, जब उसने राज्य द्वारा स्वीकृत वियतनाम बौद्ध चर्च में शामिल होने से इनकार कर दिया था।वियतनाम के प्रतिबंधित बौद्ध चर्च (UBCV) ने शनिवार की रात उनके निधन की आधिकारिक सूचना दी। अप्रैल 2019 को उनके हस्ताक्षर के अनुसार थिक क्वांग की इच्‍छा थी 'अंतिम संस्‍कार के बाद मेरी राख समुद्र में बिखेर दिया जाए। मेरी अंतिम यात्रा के लिए कोई चंदा नहीं लिया जाए। मेरी कोई आत्मकथा नहीं होगी, कोई भावनात्मक शो नहीं होगा ... बस प्रार्थना करना।'उन्‍होंने सदा लोकतंत्र व्‍यवस्‍था की वकालत की। वियतनाम में लोकतंत्र की स्‍थापना के लिए उनके संघर्ष की खातिर उन्‍हें नोबेल शांति पुरस्‍कार के लिए कई बार नामांकित किया गया। वह धार्मिक आजादी के लिए संघर्ष करते रहे। वह बौद्ध मठों की आजादी की मांग करते रहे। मानवाधिकार को लेकर वह सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे। इस कारण वियतनाम सरकार ने उन्‍हें नजरबंद कर दिया था। अगले वर्ष वियतनाम में कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ तीन दशकों के शांतिपूर्ण विरोध के लिए अपने व्यक्तिगत साहस और दृढ़ता के लिए नॉर्वे के रफोटो मानवाधिकार पुरस्कार प्राप्त किया।

लाहौर। बॉलीवुड के दिग्गज और अभिनेता और लोकसभा के पूर्व सदस्य शत्रुघ्न सिन्हा को हाल ही में पाकिस्तान के लाहौर में एक शादी में स्पॉट किया गया। शादी की तस्वीरों और वीडियो के साथ सिन्हा के पाकिस्तान में होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें सिन्हा को कार्यक्रम स्थल पर देखा जा सकता है। इंस्टाग्राम पर सिन्हा की पाकिस्तान में शादी समारोह शिरकत करने की तस्वीरे और वीडियो पोस्ट की गई हैं। बता दें कि उन्हें पाकिस्तानी व्यापारी मियां असद अहसन ने आमंत्रित किया था।Indiatoday.in के अनुसार, शादी कार्यक्रम में पाकिस्तान पहुंचे सिन्हा एक कव्वाली की रात में शिरकत करते हैं। सिन्हा एक वीडियो में पाकिस्तानी अभिनेत्री रीमा खान के साथ दिख रहे हैं, उन्होंने इस दौरान काले रंग का सूट पहना हुआ था। हालांकि, अब सोशल मीडिया पर शत्रुघ्न सिन्हा को ट्रोल किए जाने लगा है।एक यूजर ने लिखा, 'भारतीय सैनिक देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर जान दे रहे हैं और हमारे बी-टाउन सेलेब्स पाकिस्तान के साथ अपनी दोस्ती साबित कर रहे हैं।' एक अन्य उपयोगकर्ता द्वारा पूछा गया, 'शत्रुघ्न सिन्हा लाहौर में क्या कर रहे हैं? हम उनसे पूछेंगे लेकिन वह सिर्फ 'खामोश!' कहेंगे।'बता दें कि भारत के पाकिस्तान से रिश्ते काफी समय से खराब चल रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में सलमान खान ने एक शो में सिर्फ इसलिए परफॉर्म करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उसका आयोजक पाकिस्तान से था। वहीं, याद हो पिछले साल सिंगर मीका सिंह पाकिस्तान में हुई एक शादी में परफॉर्म करने करने पहुंचे थे, जिसके बाद वो विवादों में आ गए थे। बाद में उन्हें इसके लिए माफी भी मांगी पड़ी।शत्रुघ्न सिन्हा 2019 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के कद्दावर नेता रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

नई दिल्ली। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली दुनिया के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट यानी टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट में 50 या इससे ज्यादा की औसत से रन बना रहे हैं। इसके अलावा वे मौजूदा समय में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले सक्रिय क्रिकेटर हैं। विराट कोहली अब तक 70 अंतराष्ट्रीय शतक जड़ चुके हैं, लेकिन 71वां शतक जड़ने के लिए उनको कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।23 नवंबर 2019 को अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले विराट कोहली के बल्ले से बीते 3 महीने में एक भी शतक नहीं निकला है। यहां तक कि उन्होंने 23 नवंबर के बाद से अब तक कुल 20 अंतरराष्ट्रीय पारियां खेली हैं, लेकिन एक भी बार वे तीन अंकों वाले निजी स्कोर पर नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में विराट कोहली को इस बात का खामियाजा आइसीसी की वनडे और टेस्ट रैंकिंग में भुगतना पड़ सकता है। विराट टेस्ट और वनडे में नंबर वन बल्लेबाज हैं।आपको जानकर हैरानी होगी कि विराट कोहली के एक दशक से ज्यादा लंबे करियर में ऐसा दूसरी बार है जब उन्होंने इतनी ज्यादा पारियां खेली हैं और एक भी शतक नहीं जड़ा है। इससे पहले साल 2014 में लगातार 20 पारियों में विराट कोहली शतक नहीं जड़ सके थे। विराट कोहली की अगर आखिरी 5 टेस्ट पारियों पर नज़र डालें तो उन्होंने 12 रन, शून्य, 136 रन , 2 रन और 19 रन बनाए हैं।
ये हैं विराट कोहली की पिछली 20 पारियां:-70वां शतक बनाने के बाद विराट कोहली ने नाबाद 94 रन, 19 रन, नाबाद 70 रन, 4 रन, शून्य, 85 रन, नाबाद 30 रन, 26 रन, 16 रन, 78 रन, 89 रन, 45 रन, 11 रन, 38 रन, 11 रन, 51 रन, 15 रन, 9 रन, 2 रन और 19 रन की पारी खेली है। वहीं, अगर इस न्यूजीलैंड के दौरे की बात करें तो विराट कोहली ने अब तक 9 पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक जड़ा है। 4 टी20 मैच में विराट ने 45 रन, 11 रन, 38 रन और 11 रन बनाए थे, जबकि 3 वनडे मैचों में 51 रन, 15 रन और 9 रन बनाए थे। वहीं, वेलिंगटन टेस्ट मैच की पहली पारी में 2 और दूसरी पारी में 19 रन बनाए हैं।

नई दिल्ली। इशांत शर्मा पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन अपने आराम नहीं करने की वजह से परेशान दिखे थे, लेकिन खेल पर इसका कोई असर उन्होंने नहीं पड़ने दिया। खेल के दूसरे दिन तीन विकेट लेने वाले इशांत ने तीसरे दिन दो और विकेट लिए और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली पारी में पांच विकेट लेने का कमाल कर डाला। इशांत की ये सफलता इस वजह से भी ज्यादा मायने रखती है क्योंकि उन्होंने तुरंत ही इंजरी से वापसी की थी और टेस्ट सीरीज खेलने न्यूजीलैंड पहुंच गए। वो लंबी थकान भरी यात्रा करने के बाद तुरंत ही टीम से जुड़ गए और उन्हें प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बना दिया गया। इशांत पर्याप्त आराम नहीं मिलने की वजह से परेशान थे, लेकिन उन्होंने इस परेशानी में भी दिखा दिया कि वो टीम के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं चाहे वो बात खेलने की हो और दवाब में अच्छा प्रदर्शन करने की।
इशांत ने तीसरी बार न्यूजीलैंड में लिए पांच विकेट:-इशांत शर्मा ने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में न्यूजीलैंड के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम कीवी को पहली पारी में 348 रन पर रोक पाई। इशांत शर्मा ने इस मैच में न्यूजीलैंड के तीन टॉप के बल्लेबाजों को आउट किया और दो निचले क्रम के बल्लेबाज उनका शिकार बने। पहली पारी में उन्होंने 22.2 ओवर में 5 विकेट लेकर 68 रन दिए। उन्होंने 6 ओवर मेडन भी फेंके और उनका इकानॉमी रेट सबसे कम यानी 3.04 का रहा। इशांत शर्मा ने टॉम लाथम, टॉम ब्लंडेल, रोस टेलर, टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट को आउट किया। न्यूजीलैंड की धरती पर ये तीसरा मौका था जब इशांत शर्मा ने पांच विकेट एक साथ लिए हैं। इशांत से पहले तीन बार ही ये कमाल पूर्व भारतीय गेंदबाज इरापल्ली प्रसन्ना ने किया था जबकि इस मामले में पहले स्थान पर यानी न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बार पांच शिकार करने वाले गेंदबाज जहीर खान हैं। जहीर खान ने न्यूजीलैंड में चार बार ये कमाल कर चुके हैं। अब इशांत शर्मा इरापल्ली प्रसन्ना की बराबरी पर आ गए हैं।
न्यूजीलैंड में पांच विकेट सबसे ज्यादा बार लेने वाले गेंदबाज
जहीर खान- चार बार
इरापल्ली प्रसन्ना- तीन बार
इशांत शर्मा- तीन बार

नई दिल्ली।भारत और मेजबान न्यूजीलैंड के बीच वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व मैदान पर 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। इस मुकाबले की दोनों पारियों में टॉप ऑर्डर के 3 बल्लेबाजों ने निराश किया है, जिसमें कप्तान विराट कोहली भी शामिल हैं। यही कारण है कि भारतीय टीम इस मैच को बुरी तरह से हार भी सकती है।दरअसल, मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 348 रन पर ऑल आउट किया। इस बीच कीवी टीम को 183 रन की बढ़त मिली, क्योंकि पहली पारी में भारतीय टीम सिर्फ 165 रन पर सिमट गई थी। वहीं, 183 रन की बढ़त के खिलाफ मैदान पर उतरी भारतीय टीम को पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल ने अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की, लेकिन पृथ्वी शॉ पहली पारी की तरह इस पारी में भी जल्दी आउट हो गए।
इन 3 बल्लेबाजों ने किया निराश;-पहला पारी में 16 रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ से उम्मीद थी कि वे दूसरी पारी में अपने प्रदर्शन को अच्छा करें, लेकिन 14 रन के निजी स्कोर पर वे आउट हो गए। इसके बाद चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर आए और उन्होंने मयंक के साथ पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन टी ब्रेक से पहले की आखिरी गेंद पर वे क्लीन बोल्ड हो गए। पहली पारी में 11 रन बनाने वाले पुजारा दूसरी पारी में भी इतने ही रन बना सके और उन्होंने कुल 81 गेंदों का सामना किया।पुजारा के बाद बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली जो आइसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन हैं। विराट कोहली इस मैच की पहली पारी में 2 रन बनाकर आउट हुए थे। ऐसे में उनसे उम्मीद थी कि वे नंबर वन बल्लेबाज की तरह खेलें और टीम को मुश्किल से निकालें, लेकिन विराट कोहली भी एक बाउंसर गेंद पर 19 रन के निजी स्कोर पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। इस तरह ये तीन बल्लेबाज दूसरी पारी में भी फ्लॉप रहे।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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