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पटना।बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर यह बड़ी खबर है। राज्‍य में वीआइपी नेताओं (VIP Politicians) के मूवमेंट के दौरान हमले (Terror Attack) की आशंका को देखते हुए पुलिस मुख्‍यालय (Police HQ) ने हाई अलर्ट (High Alert) जारी किया है। पुलिस मुख्‍यालय ने इससे संबंधित आदेश सभी रेंज आइजी, डीआइजी व जिलाें के एसपी को जारी कर दिया है। विदित हो कि बिहार में चुनाव प्रचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) एवं उत्‍तर प्रदेश (UP) के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) सहित कई हाई प्रोफाइल नेता आने वाले हैं। सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर पहले से गंभीर हो गई है। खास बात यह भी है कि कुछ साल पहले पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक चुनावी रैली के दौरान सीरियल ब्‍लास्‍ट हो चुका है।

वीआइपी नेताओं पर हमले की आशंका:-मिली जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्‍यालय को बिहार चुनाव के दौरान आने वाले वीआइपी नेताओं पर हमले की आशंका है। इस बाबत विशेष जानकारी देने से पुलिस ने इनकार किया है। हालांकि, पुलिस मुख्‍यालय के निर्देशानुसार सुरक्षा व्‍यवस्‍था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है।

पुलिस को सभी सावधानी बरतने का निर्देश;-बिहार के एडीजी जितेंद्र कुमार ने बताया कि चुनाव प्रचार को लेकर कई राष्‍ट्रीय नेता आ रहे हैं। इस दौरान भीड़ होगी। इसे देखते हुए सभी सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।

बिहार आ रहे पीएम मोदी व राहुल गांधी:-चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार में 12 चुनावी रैलियां होने वाली हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी छह रैलियां करने वाले हैं। दोनों की पहली रैलियां 23 अक्‍टूबर को हैं। इसके पहले एत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की पहली रैली मंगलवार को है। गृहमंत्री अमित शाह तथा कांग्रेस की प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी बिहार आने वाले हाई प्रोफाइल नेताओं में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar), उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी (Sushil Modi) तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) की जनसभाओं में भी सुरक्षा कड़ी की जा रही है।

पीएम मोदी की रैली के दौरान पहले हो चुका हमला:-विदित हो कि बीते 2014 के लोक सभा चुनाव के प्रचार के दाैरान पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान रैली स्‍थल के आसपास सीरियल बम ब्‍लास्‍ट (Gandhi Maidan Serial Blast) हुए थे। तब नरेंद्र मोदी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों से अपील कर भगदड़ को बड़ी संख्‍या में मौतों को टाल दिया था।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की नेता इमरती देवी पर पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमलनाथ की टिप्पणी को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। भाजपा उनकी इस टिप्पणी का जमकर विरोध कर रही है। 'मौन उपवास' के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कमलनाथ को पार्टी के सभी पदों से हटाने की मांग की है।उन्होंने पत्र में लिखा, 'आपकी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने यह (अभद्र) टिप्पणी की है। क्या यह ठीक है? क्या गरीब महिला का कोई सम्मान नहीं होता है? अगर आपको लगता है कि वह टिप्पणी गलत थी तो आप क्या कार्रवाई करेंगी? मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप फैसला लें।'उन्होंने कहा, 'मैंने एक स्पष्टीकरण की उम्मीद की थी, लेकिन बयान को बेशर्मी के साथ जायज ठहराया जा रहा है। आप मुझे गाली दे सकते हैं, मुझे कोई नाम दे सकते हैं, लेकिन एक महिला को लेकर इस तरह की टिप्पणी हर बेटी और मां के खिलाफ है। नवरात्री में महिलाओं का अपमान किया गया है। उन्होंने (कमलनाथ) बेशर्मी की सभी सीमाओं को पार कर दिया है।'उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से आग्रह किया कि कमलनाथ को तुरंत पार्टी पदों से हटा दें और उनकी बयान की कड़ी निंदा करें। साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी से कहा कि यदि आप इस अभद्र टिप्पणी पर प्रतिक्रिया करने में विफल रहती हैं, तो मुझे यह विश्वास करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि आप इसके समर्थन में हैं।

कमलनाथ ने दी सफाई;-कमलनाथ ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि मैंने किसी का अपमान करने के उद्देश्य से ऐसा नहीं कहा। उन्होंने कहा कि मैं उनका नाम भूल गया था। फिर एक शख्स के हाथ में कागज की तरफ इशारा करते हुए वो बोले कि यह हमारी लिस्ट है, जिसमें आइटम नं.1, आइटम नं.2 लिखा है। क्या यह किसी का अपमान है? शिवराज मौका ढूंढ़ रहे हैं, कमलनाथ किसी की अपमान नहीं करता।गौरतलब है कि एक जनसभा के दौरान कमलनाथ ने इमरती देवी को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ये सुरेश राजे हमारे उम्मीदवार हैं। सरल, सीधे-साधे, ये तो करेंगे। ये उसके जैसे नहीं है, क्या नाम है उसका (भीड़ में से आवाज आती है इमरती), मैं क्या उसका नाम लूं, मेरे से ज्यादा तो आप लोग पहचानते हो, पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि ये क्या (अशोभनीय शब्द) है।

नई दिल्‍ली। एलएसी पर चीन से तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख के चुमार -डेमचोक इलाके में चीन के एक सैनिक को पकड़ा गया है। भारतीय सीमा में इस चीनी सैनिक को देखा गया जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इसे पकड़ लिया। सुरक्षा बलों ने  उससे भारतीय सीमा में आने की वजह पूछी। सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिया गया चीनी सैनिक कॉरपोरल रैंक पर है। उसके पास से सिविल और मिलिट्री दस्‍तावेज भी बरामद किए गए। उसने पूछताछ में बताया कि वह शांगजी इलाके का रहना वाला है।सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना की हिरासत में आए पीएलए सैनिक की पहचान कॉर्पोरल वांग या लांग (Wang Ya Long) के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भटक गया था। समाचार एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी है कि हिरासत में लेने के बाद भारतीय सेना ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए इस चीनी सैनिक को अत्यधिक ऊंचाई और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए ऑक्सीजन, खाना और गर्म कपड़े समेत अन्‍य जरूरी चिकित्सा मदद मुहैया कराई गई। माना जा रहा है कि वह अनजाने में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया होगा। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा है कि तय प्रक्रिया का अनुपालन करने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार उक्‍त चीनी सैनिक को चुशुल - मोल्डो बैठक बिंदु पर वापस चीनी सेना के हवाले कर दिया जाएगा। हालांकि कुछ अन्‍य रिपोर्टों में कहा गया है कि उसके किसी जासूसी मिशन पर होने को लेकर भी छानबीन की गई। यहां बता देना जरूरी है कि जो दरियादिली भारतीय सेना ने दिखाई है चीनी सेना ऐसी पहल करने से बचने की कोशिश करती है।उल्‍लेखनीय है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए ने बीते 4 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश से पांच युवाओं को कथित तौर पर अगवा कर लिया था। बाद में भारत के तगड़े राजनयिक दबाव के चलते कई दिन बाद इन्‍हें रिहा किया था। सनद रहे बीजिंग में नियमित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने जब चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान से इन अगवा भारतीय युवकों के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया था। उन्‍होंने साफ कहा था कि उनको इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है... समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना से अपने सैनिक को वापस करने की गुहार लगाई थी। भारतीय सेना ने कहा है कि वह इस सैनिक को सकुशल पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के हवाले कर देगी। ऐसा नहीं है कि भारतीय सेना ने ऐसी दरियादिली पहली बार दिखाई है। ऐसे कई वाकए हुए हैं जब भारतीय सेना ने सौहार्द की मिसाल पेश की है। बीते 31 अगस्त को भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग (East Kameng) में चीनी नागरिकों के 13 याक और चार बछड़ों को चीन के अधिकारियों को सौंपा था।  

ह्यूस्टन। एक ओर जहां पूरी दुनिया किसी तरह कोविड-19 महामारी से निजात पाने के लिए वैक्सीन पर शोध कर रही है वहीं मात्र 14 वर्ष की लड़की ने कुछ ऐसा खोज निकाला है जो इस घातक वायरस के संक्रमण से निजात दिला सकती है। अमेरिका में भारतीय मूल की एक छात्रा ने कोरोना वायरस से मुकाबले की दिशा में अपने शोध के लिए 25 हजार डॉलर यानि करीब 18 लाख रुपये का इनाम जीता है। उसके इस शोध कार्य से कोरोना के लिए उपचार मुहैया हो सकता है।यह घातक वायरस अपने इसी प्रोटीन के जरिये अपना संक्रमण फैलाता है। अनिका ने बताया कि वह पिछले साल इंफ्लुएंजा से गंभीर रूप से बीमार हुई थी और इसलिए वह इसका इलाज खोजना चाहती थी। लेकिन बाद में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद उसने अपना इरादा बदल दिया था। अमेरिकी कंपनी थ्रीएम द्वारा कराई गई इस प्रतियोगिता के फाइनल में अनिका समेत दस प्रतिभागी शामिल हुए थे।यह घातक वायरस अपनी प्रोटीन से ही संक्रमण फैलाता है और इसे ही निष्क्रिय करने के लिए अनिका ने एक मॉलिक्यूल की खोज कर ली है।अनिका ने अपनी खोज में in-silico प्रक्रिया का इस्तेमाल कर एक मॉलिक्यूल को खोज निकाला जो सार्स कोविड-2 वायरस (SARS-CoV-2 virus) के स्पाइक प्रोटीन के साथ जुड़ जाएगा।  अनिका ने एबीसी न्यूज को बताया, 'मैंने इस मॉलिक्यूल  को विकसित किया जो वायरस की उस प्रोटीन के साथ जुड़ सकता है और इसके बाद यह प्रोटीन अपना काम करना बंद कर देगा।' अनिका ने सीएनएन से बताया कि 8वीं कक्षा में उन्होंने अपना प्रोजेक्ट सबमिट कर दिया था। अनिका ने आगे बताया, 'महामारी, वायरस और ड्रग डिस्कवरी पर रिसर्च में काफी समय बिताने के बाद यह सोचना काफी अजीब था कि वास्तव में मैं ऐसी ही चीजों के साथ रह रही हूं।' भारतीय अमेरिकी स्कूली छात्रा ने कहा, ' कोविड-19 महामारी के कारण इतने कम समय में दुनिया में हुए विनाशकारी प्रभाव को देखते हुए मेरे मेंटर की मदद से मैंने SARS-CoV-2 वायरस को खत्म करने के लिए दिशा बदल दी।  

बाराबंकी। कोरोना संक्रमण काल में अनलॉक 5.0 में तमाम बचाव के बाद स्कूल खोलने का सरकार का फैसला खतरे की घंटी ही है। बाराबंकी में स्कूल पहुंची दो छात्राओं के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद खलबली मच गई है। इनको होम आइसोलेट किया गया है।प्रदेश में इंटर और हाईस्कूल के साथ ही उच्च शिक्षा के विद्यालय खुल गए हैं। बाराबंकी में इस दौरान आज पहले दिन सिर्फ नाममात्र के ही छात्र और छात्राएं नजर आईं। इससे साफ है कि कोरोना वायरस का खौफ बना हुआ है। कुछ बच्चे अपने घर से अभिभावकों का सहमतिपत्र लेकर साथ आए थे। स्कूलों में बच्चों को सैनिटाइज और स्क्रीन और कोरोना टेस्ट के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था।राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 50 बालिकाओं की कोरोना टेस्ट की गई, जिसमें दो बालिकाएं संक्रमित पाई गई हैं। इनमें पहले लक्षण नहीं थे तो इन बालिकाओं को घर वापस भेजकर अभिभावकों से कहा गया है कि संक्रमित बालिकाओं को एक अलग कमरे में क्वारंटाइन कराया जाए। घर के लोग दूरी बनाए रखे, जिनके संपर्क में यह बालिकाएं आई हैं, उनका भी टेस्ट कराया जाए। विद्यालय में जिसका भी टेस्ट हो रहा है, उसकी तत्काल रिपोर्ट दी जा रही थी। बाराबंकी जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में कोरोना टेस्ट नहीं हो रहा है। ऐसे में स्कूली छात्र- छात्राओं में अभी भी संक्रमण का बड़ा खतरा बना है।  

कोलकाता।कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए कलकत्‍ता हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य के सबसे बड़े त्यौहार दुर्गा पूजा को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल नो एंट्री जोन घोषित होंगे। यानी पंडाल में दर्शन के लिए आम लोग नहीं जा सकेंगे। पंडालों में सिर्फ आयोजकों की ही एंट्री होगी। हाईकोर्ट ने सभी दुर्गा पूजा पंडालों को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का निर्देश दिया है। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर दुर्गा पूजा पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। सोमवार को इस पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश संजीब बंदोपाध्याय ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों की संख्या में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती है और मौजूदा पुलिस बल के जरिए शारीरिक दूरी का पालन करना बेहद मुश्किल है।लिहाजा दुर्गा पूजा पंडालों में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगानी होगी। कोलकाता हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पंडाल से पहले बैरीगेट लगाना होगा। इसके अलावा इनमें नो एंट्री के बोर्ड लगाने होंगे। कलकत्‍ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की ओर से कहा गया है कि सभी बड़े पंडालों को 10 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे, जबकि छोटे पंडालों के लिए यह पांच मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि कोलकाता में इतनी पुलिस नहीं है कि 3000 पंडालों में श्रद्धालुओं को नियंत्रित कर सके। इधर, महानगर के पूजा आयोजकों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर यह फैसला स्वागत योग्य है।

-पाबंदी
-सभी दुर्गा पूजा पंडालों को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का दिया निर्देश
-पंडालों में दर्शन के लिए आम लोग नहीं जा सकेंगे, पंडालों में सिर्फ आयोजकों की ही एंट्री होगी
- महानगर के सभी बड़े पंडालों को 10 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे।

अगला साल एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली के लिए खुशियां लेकर आने वाला है। अनुष्का प्रेग्नेंट हैं और उनका मां बनना जनवरी में एक्सपेक्टेड है। इसकी जानकारी कुछ महीनों पहले खुद अनुष्का और पति विराट ने दी थी। इन दिनों अनुष्का दुबई में हैं और अपनी प्रेग्नेंसी के साथ-साथ आईपीएल भी एन्जॉय कर रही हैं।सोमवार को अनुष्का शर्मा ने अपने कुछ फोटोज फैंस के साथ शेयर किए हैं। इन फोटोज में अनुष्का का बेबी बंप साफ नजर आ रहा है। अनुष्का ने जंप सूट पहना है और उनके चेहरे की चमक देखते ही बनती है। तस्वीरें शेयर करते हुए अनुष्का ने लिखा, 'पॉकेटफुल ऑफ सनसाइन'।इससे पहले रविवार देर रात विराट ने भी दोनों का एक रोमांटिक फोटो भी शेयर किया था। इसमें वे पत्नी अनुष्का के साथ पानी में रोमांटिक पोज देते नजर आ रहे हैं। फोटो के बैकग्राउंड में सनसेट का शानदार नजारा दिखाई दे रहा है और साथ में एक खूबसूरत इमारत है। इस तस्वीर को दिग्गज खिलाड़ी एबी डीविलियर्स ने खींचा था।

हाल ही में फिल्म एक्ट्रेस अमृता राव की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी। फोटो में वे अपने पति आरजे अनमोल के साथ एक क्लिनिक के बाहर खड़ी थीं। इस फोटो में वे अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट करती नजर आईं। फोटो के बाद लोगों को पता लग गया कि 'विवाह' एक्ट्रेस प्रेग्नेंट हैं। इसके बाद फैंस काफी एक्साइटेड हो गए।अब अमृता राव ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट किया है। इसमें वे अपने पति आरजे अनमोल के साथ खड़ी हैं और बेबी बंप को निहार रही हैं। फोटो शेयर करते हुए अमृता ने लिखा, 'आप सबके लिए यह 10वां महीना है लेकिन हमारे लिए 9वां है। सरप्राइज, सरप्राइज, अनमोल और मैं हमारे 9वें महीने में हैं। इस खुशखबरी को मेरे सभी फैंस और दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए काफी एक्साइटेड हूं।उन्होंने आगे लिखा, 'बेबी जल्द ही आने वाला है। मेरे, अनमोल और हमारे परिवार के लिए एक रोमांचक सफर।' फैंस उनके कैप्शन से अंदाजा लगा रहे हैं कि अमृता राव कभी भी मां बन सकती हैं और उनकी डिलिवरी आने वाले कुछ दिनों में हो सकती है। इससे पहले भी उनकी एक तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इसमें भी वे अपने पति आरजे अनमोल के साथ खड़ी थीं। इस तस्वीर के बाद से ही फैंस को इस खुशखबरी की भनक लग गई थी।मालूम हो, साल 2016 में अमृता राव ने रेडियो जॉकी अनमोल से शादी की थी। इससे पहले दोनों 7 साल तक रिलेशनशिप में थे। यह शादी एकदम गुपचुप तरीके से हुई थी। अगर फिल्म इंडस्ट्री में अमृता के करियर की बात करें तो अमृता ने साल 2002 में 'अब के बरस' से फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली थी। इसके बाद उन्हें 'विवाह', 'इश्क-विश्क' फिल्म से अलग पहचान मिली। फिल्म 'विवाह' में तो उनके किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया। आखिरी बार वे साल 2019 में 'ठाकरे' फिल्म में नजर आईं।

नई दिल्ली। चीन के साथ जारी झड़प के बीच भारत और अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों की वार्ता के दौरान BECA ( Basic Exchange and Cooperation Agreement, BECA) डील पर हस्ताक्षर को लेकर काफी उम्मीदें हैं।  नई दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को होने वाली वार्ता के दौरान दोनों  देशों के विदेश व रक्षा मंत्रियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किया जाएगा। बता दें कि भारत और अमेरिका के रक्षा व विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली इस वार्ता की तैयारियां जोरों पर हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले होने वाली इस वार्ता का दायरा सीमित होगा। यदि दोनों देशों के बीच BECA डील पर  हस्ताक्षर करने की सहमति बन जाती है तो यह इस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। दोनों तरफ से बातचीत के प्रारूप को अगले दो दिनों के भीतर अंतिम रूप दिए जाने के आसार हैं। यह भारत और अमेरिका के बीच तीसरा समझौता होगा।  इससे पहले 2016 में लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट और 2018 में कम्युनिकेशंस कंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट हुआ था।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी समकक्ष मार्क एस्पर व माइक पोंपियो के बीच मीटिंग के दौरान BECA डील पर हस्ताक्षर की उम्मीद है। इस समझौते से दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच भूस्थानिक (geospatial)  सहयोग के मुद्दे पर बातचीत शुरू हो जाएगी। भारत और अमेरिका रक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले 15 सालों में भारत ने अमेरिका से 20 बिलियन डॉलर की लागत वाले हथियारों का अधिग्रहण कर लिया है।  इनमें C-17 ग्लोबमास्टर्स और C-130J सुपर हरक्यूलस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल है। इस वार्ता का फैसला जून,2017 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंंप के बीच हुई मुलाकात में लिया गया था। अभी तक दो बार यह बातचीत हो चुकी है। इसके तहत तीन बैठकों का दौर चलता है। पहले दोनों देशों के विदेश व रक्षा मंत्रियों की अलग-अलग बैठक होती है। इसके बाद एक संयुक्त बैठक होती है।

प्योंगयोंग। बीते सप्ताह नॉर्थ कोरिया में सैन्य परेड के दौरान तानाशाह किम जोंग उन के रोने की तस्वीर में भी एक राज छिपा था। किम जोंग उन ने मंच पर रोने का ये नाटक जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए किया था जिससे जनता उनके साथ खड़ी रहे और इस मुसीबत की घड़ी में सभी उनका साथ दें, जनता के मन में शासन को लेकर किसी तरह की दुभार्वना न आने पाएं। 

मिसाइल बनाने पर खर्च कर दी रकम :-दरअसल अमेरिका के नॉर्थ कोरिया पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाई गई रोक के बाद से बड़े पैमाने पर असर पड़ा है। उसके बाद भी तानाशाह अपनी जिद पर कायम रहा, वो परमाणु कार्यक्रम के लिए पैसे खर्च करता रहा और सारा फोकस हथियारों के विकास पर लगाए रखा, अब आलम ये हुआ है कि सरकारी खजाना पूरी तरह से खाली हो चुका है। मगर उसके बाद भी तानाशाह किसी तरह से अमेरिकी सरकार के सामने झुकने और उसके नियम मानने को तैयार नहीं है। 

कोरोना वायरस से आर्थिक मामलों पर पड़ा असर:-कोरोना वायरस की वजह से भी नॉर्थ कोरिया के आर्थिक मामलों पर काफी असर पड़ा है। देश की सीमाएं सील कर दिए जाने की वजह से पर्यटकों का आना-जाना बंद हो गया। देश को पर्यटकों से जो आमदनी होती थी वो पूरी तरह से बंद हो गई। मार्च से लेकर अब तक स्थितियां सामान्य नहीं हो पाई हैं और अगले साल तक इनके ऐसे ही रहने के आसार भी दिख रहे हैं। इस घाटे की भरपाई अगले साल भी होनी मुश्किल दिख रही है। विश्लेषक भी ये कह रहे हैं कि कई मामलों में किम की नीतियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। 

निर्यात में आई भारी गिरावट:-इसके अलावा, अन्य देशों द्वारा नॉर्थ पर लगाए गए प्रतिबंधों ने पिछले कुछ वर्षों में इसके निर्यात में नाटकीय रूप से गिरावट देखी है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि 2016 में निर्यात 2.63 बिलियन डॉलर से गिरकर 2018 में सिर्फ 200 मिलियन डॉलर हो गया। इसके अलावा किम के भाषण के बावजूद विश्लेषक देश में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त कर रहे हैं।नॉर्थ और साउथ कोरिया पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देश एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए रणनीति बनाते रहते हैं। अब आलम ये है कि दोनों देश ये सोचते हैं कि उनके पास बड़ा और आधुनिक हथियार हो जाए जिससे वो अधिक वजन वाले हो सके। इस वजह से किम जोंग अपने देश की जनता का समर्थन हासिल करने के लिए इस तरह के मगरमच्छ के आंसू बहाने से भी बाज नहीं आते हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में निदेशक ने चेतावनी दी कि नॉर्थ कोरिया की स्थिति कोरोनोवायरस महामारी से खराब हो गई है। 

मौसम की भी पड़ी मार:-इस साल नॉर्थ कोरिया पर मौसम की भी मार पड़ी है। एक तो देश कोरोना वायरस से पहले ही परेशान है, उसके बाद अब देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। बाढ़ की वजह से लाखों का नुकसान हुआ है। बाढ़ से यहां के हालात इतने अधिक खराब हो गए थे कि खुद तानाशाह किम जोंग ने अपने खास समर्थकों के साथ यहां का दौरा किया था। दौरा करने के बाद तानाशाह ने कहा था कि वो मौसम से प्रभावित हुए लोगों की मदद करेंगे मगर मदद कुछ नहीं हुई।

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