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फरीदाबाद।पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) विधानसभा चुनाव में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manoharlal Khattar) को फिर से जीत दिलाने के लिए सोमवार को अपनी पहली रैली करने के लिए आ रहे हैं। इसी के साथ मोदी आज से हरियाणा चुनाव में अपने प्रचार अभियान का शुभारंभ करेंगे। हरियाणा की औद्योगिक नगरी फरीदाबाद का बल्‍लभगढ़ भाजपा की रैली का गवाह बनने के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। पुलिस के जवान से लेकर स्‍पेशल दस्‍ते ने पूरे इलाके को कवर कर लिया है। सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक ना हो इसलिए एसपीजी इलाके पर पैनी निगाह रखे हुए है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पीएम की रैली यहां दोपहर को 2:30 पर होने वाली थी जो अब आगे बढ़ चुकी है। अब पीएम की रैली शाम 4:00 बजे होगी। बता दें कि फरीदाबाद के बल्लभगढ़ उपमंडल के सेक्टर 61 में यह विजय संकल्प रैली आयोजित हो रही है।
- पीएम मोदी ने कहा कि ये कितना भी विरोध करें, कितनी ही साजिशें करें, राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना के सशक्तिकरण के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है और हम लगातार उसे गति दे रहे हैं। हमारे अपने तेजस लड़ाकू विमान को इन लोगों ने डिब्बे में बंद करने की तैयारी कर ली थी। लेकिन हमारी सरकार ने सारी रुकावटों को दूर करके, तेजस की उड़ान को नए पंख लगाए। आज तेजस भारतीय वायुसेना की शान बन रहा है।
- पीएम मोदी बोले, राफेल विमान को लेकर इन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान कैसी हायतौबा मचाई थी। इन लोगों ने पूरा जोर लगा दिया था कि ये विमान समझौता रद्द हो जाए, भारत में नया लड़ाकू विमान न आने पाए। लेकिन इन लोगों की तमाम कोशिशों के बावजूद भारत को पहला राफेल विमान सौंपा जा चुका है।
- पीएम मोदी ने कहा कि ये मोदी है जिसने 370 को हटा कर चार-चार पीढ़ी से मेरे उन वाल्मीकि भाइयों और बहनों पर जुल्म होते थे उसको एक झटके से चार पीढ़ी के अन्याय को मैंने खत्म कर दिया है।
- पीएम मोदी बोले, कांग्रेस और उसके जैसे दल ये नहीं कर सकते क्योंकि ये घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं वो सिर्फ सतही हैं। वोटबैंक की राजनीति को जिंदा रखने का उनका विफल प्रयास है। सिर्फ विरोध इनकी आदत बन गई है, यही उनकी परंपरा और तरीके हैं।
- पीएम मोदी ने कहा, मैं इन लोगों को चुनौती देता हूं कि यदि हिम्मत है तो स्पष्टता के साथ हरियाणा के सामने आए और बताएं कि अगर ये चुनाव जीतकर के आएंगे तो 370 और 35 A वापस लाएंगे। लोकसभा चुनाव तक अपने मेनिफेस्टों में लिखें कि हम 370 वापस लाएंगे।
- पीएम मोदी बोले, आज पूरा देश ये भी देख रहा है कि जिनके हितों पर इस फैसले से चोट हुई है, वो सदमे में हैं और तिलमिलाए हुए हैं। ये लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, विदेशों में जाकर मदद मांग रहे हैं।
- पीएम मोदी बोले, ये हरियाणा और पूरे देश की भावना थी कि जम्मू-कश्मीर को अलगाव और हिंसा से निकालकर, सद्भाव और सशक्तिकरण की तरफ ले जाया जाए। आज जम्मू कश्मीर और लद्दाख, विकास और विश्वास के एक नए रास्ते पर चल पड़े हैं।
- पीएम मोदी ने कहा कि ये इस धरती और यहां के लोगों का सहयोग और समर्थन है जिन्होंने मनोहर लाल जी और उनकी टीम को ताकत दी है। आपका यही आशीर्वाद हमें लोकसभा चुनाव के दौरान भी मिला है।
- पीएम मोदी ने कहा, आज आप देख रहे हैं कि कैसे दुनिया के नेता आज भारत के साथ खड़े होने के लिए आतुर नजर आता है। आपने जो जनादेश दिया है, उससे दुनिया में संदेश है कि अब भारत का समाज बंटा हुआ नहीं है, बल्कि एकजुट होकर विकास और विश्वास की नीति के साथ खड़ा है।
- पीएम मोदी ने कहा, जो तब मुझसे कैप्टन को लेकर सवाल करते थे, वो आज अपनी बिखरी टीम को ही समेटने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। वो खुद को जितना समेटने की कोशिश कर रहे हैं, उतना ही बिखरते जा रहे हैं।
- पीएम मोदी ने कहा, 5 वर्ष पहले जब मैं हरियाणा में भाजपा सरकार बनाने की बात करता था तो विरोधी दल के नेता पूछ रहे थे कि मोदी जी बताओ तुम्हारा कप्तान कौन है? तब मेरा जवाब था कि हरियाणा की जनता का आशीर्वाद मिले तो हरियाणा को एक मजबूत कप्तान भी मिलेगा और अकेला कप्तान ही नहीं मजबूत टीम भी मिलेगी।
- पीएम मोदी बोले, जब मैं आपके बीच हरियाणा में आता हूं, तो मुझे लगता है कि मैं अपने घर में आया हूं। यहां का विकास और यहां के लोगों के जीवन में बदलाव हमेशा मेरी प्राथमिकता रही है।
पीएम की रैली बल्‍लभगढ़ में करने का यह है कारण:-बल्‍लभगढ़ में पीएम की रैली से ऐसा माना जा रहा है कि फरीदाबाद जिले की 6, पलवल व मेवात से 3-3 एवं गुरुग्राम जिले की 3 विधानसभा सीटों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगाद्य क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को मोदी का आशीर्वाद मिलेगा।
इसके बाद राज्‍य में पीएम की तीन अन्‍य रैलियां भी हैं प्रस्‍तावित:-मोदी की बल्लभगढ़ में पहली रैली के बाद राज्य में तीन और अतिरिक्‍त रैलियां प्रस्तावित हैं। 15 अक्टूबर को चरखी दादरी और कुरुक्षेत्र के थानेसर में रैली है। वहीं इसके बाद 18 अक्टूबर को हिसार में रैली करे प्रत्‍याशियों को जिताने का आशीर्वाद मांगेगे। हालांकि सीएम खट्टर अपने चुनावी कार्यक्रमों की वजह से इस रैली में उपस्थित नहीं रह पाएंगे।
इन 15 सीटों पर भाजपा को मिलेगा फायदा
जानिए इन सीटों पर उम्‍मीदवार के नाम
फरीदाबाद-नरेंद्र गुप्ता
पृथला-सोहनपाल छोकर
बल्लभगढ़- मूलचंद शर्मा
तिगांव-राजेश नागर
बड़खल-सीमा त्रिखा
एनआइटी-नगेंद्र भड़ाना
पलवल-दीपक मंगला
होडल- जगदीश नायर
हथीन -प्रवीण डागर
नूंह- जाकिर हुसैन
फिरोजपुर झिरका- नसीम अहमद
पुन्हाना- नौक्षम चौधरी
बादशाहपुर- मनीष यादव
गुरुग्राम- सुधीर सिंगला
सोहना- संजय सिंह

स्टॉकहोम। इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हो गई है। अर्थशास्त्र का नोबेल इस साल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी के अलावा एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को मिला है। वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए इन्हें सम्मानित किया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को इसकी घोषणा की। यही एकेडमी हर साल यह पुरस्कार देती है। बता दें कि एस्थर डुफ्लो, अभिजीत की पत्नी हैं।इस पुरस्कार को आधिकारिक तौर पर 'बैंक ऑफ स्वीडन प्राइज इन इकोनॉमिक साइंसेज इन मेमोरी ऑफ अल्फ्रेड नोबेल' के रूप में जाना जाता है, यह पुरस्कार संस्थापक द्वारा नहीं बनाया गया था, लेकिन इसे नोबेल का हिस्सा माना जाता है। एकेडमी ने अपने बयान में कहा, 'इन्होंने वैश्विक गरीबी से लड़ने के सर्वोत्तम तरीकों को लेकर एक विश्वसनीय और नया दृष्टिकोण पेश किया है।' उन्हें 90 लाख स्वीडिश क्राउन (9लाख 15हजार 300 डालर) मिलेगा।
वैश्विक गरीबी से लड़ने की हमारी क्षमता में काफी सुधार:-एक बयान में नोबेल समिति ने कहा, 'इस साल के पुरस्कार विजेताओं द्वारा किए गए शोध से वैश्विक गरीबी से लड़ने की हमारी क्षमता में काफी सुधार हुआ है। केवल दो दशकों में, उनके नए प्रयोग-आधारित दृष्टिकोण ने विकास अर्थशास्त्र को बदल दिया है, जो अब अनुसंधान का एक समृद्ध क्षेत्र है।'
कौन हैं अभिजीत बनर्जी:-कोलकाता में जन्में 58 वर्षीय बनर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 1988 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वह वर्तमान में एमआइटी वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल के अनुसार मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं।
2003 में J-PAL की स्थापना:-2003 में, बनर्जी ने डुफ्लो और सेंथिल मुलैनाथन के साथ, अब्दुल लतीफ जमील गरीबी एक्शन लैब (J-PAL) की स्थापना की और वह लैब के निदेशकों में से एक रहे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद 2015 विकास एजेंडा पर प्रख्यात व्यक्तियों के उच्च-स्तरीय पैनल में भी कार्य किया।
1969 में पहली बार मिला सम्मान;-यह पुरस्कार 1968 में स्वीडिश केंद्रीय बैंक, रिक्सबैंक द्वारा शुरू किया गया था। इसके पहले विजेता को एक साल बाद 1969 में चुना गया था। अब-तक, आर्थिक विज्ञान की क्षेत्र में 81 लोगों को सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले पिछले हफ्ते, छह नोबेल पुरस्कारों को दवा, भौतिकी और रसायन विज्ञान के साथ-साथ दो साहित्य पुरस्कार और प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार दिया गया।

नूंह। कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार करने नूंह आये पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम मनोहर लाल के भाषणों में आजकल झूठे वादे सुनाई देते है। उन्होंने भीड़ से सवाल पूछते हुए कहा कि आप लोग बताएं कितने लोगों को रोजगार मिला। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था की धज्जियां उड़ चुकी हैं। देश के सभी राज्यों में लोगों की हालत खराब है। राहुल गांधी ने कहा कि मंदी की मार झेल रहे सभी लोगों का यह मानना है कि मोदी ने अर्थव्यवस्था की हालत खराब कर दी।पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से मारुति को कारखाना बंद करना पड़ा। टाटा की कंपनी बंद करनी पड़ी। इसकी वजह से करोड़ों बेरोजगार हो गए। पीएम मोदी और सीएम मनोहर लाल लगातार झूठ बोल रहे हैं। मोदी हर दसवें दिन मन की बात करते हैं। मैंने सोचा मैं काम की बात करूं।
राहुल ने किया भीड़ से सवाल:-रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पहले नोटबंदी की मार फिर जीएसटी की मार से अर्थव्यवस्था खराब हुई। भीड़ से उन्होंने पूछा कि कोई यहां है जो कहे कि जीएसटी से फायदा हुआ है। इससे केवल हिंदुस्तान के 15-20 अमीर लोगों को फायदा हुआ है। वही लोग जीएसटी चाहते हैं। पीएम मोदी से सवाल पूछने के अंदाज में राहुल ने कहा कि अगर आप खुद को देशभक्त कहते हो तो पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को क्यों अपने अरबपति मित्रों को बेच रहे हो।
उद्योगपतियों का साथ देने का लगाया आरोप:-राहुल गांधी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी अंबानी और अडानी के लाउडस्पीकर हैं। 6 महीने बाद देखना अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी की क्या हालत होती है। राहुल ने कहा कि राफेल की पूजा दिखाएंगे या फिर कभी कुछ और दिखाएंगे।
40 साल में सबसे ज्यादा आज बेरोजगार हैं लोग:-उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव है। यहां की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत थी। किसानों को जो MSP भी मिलती थी, उसको सब जानते हैं। मोदी कहते हैं 70 साल में क्या किया? मोदी जी 40 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी आज है। यह बेरोजगारी आपने बढ़ाई है। नोटबंदी और जीएसटी लागू करके। मैं जो कहता हूं वह करता हूं। मेवात के लिए के लिए आज किए वादे भी पूरे करेंगे। राहुल ने अपनी न्याय योजना का फिर से जिक्र किया।राहुल गांधी ने कहा कि विजय माल्या, मेहुल चौकसी व नीरव मोदी जैसे लोगों को यह सरकार पैसा देती है। जो देश छोड़कर भाग जाते हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने किसानों का ऋण माफ किया। राहुल ने कहा कि केंद्र में भले ही मोदी की सरकार है लेकिन हम हरियाणा में सत्ता परिवर्तन करके यहां की अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला सकते हैं। किसान और मजदूर ही बदलाव ला सकता है।
मेवात विकास बोर्ड में आरक्षण का वादा;-इससे पहले रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमरी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा को कुछ भी नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मेवाल के लोगों की उपेक्षा की। रैली को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार आयी तो मेवात विकास बोर्ड में यहां के लोगों को 50 फीसद आरक्षण दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 5 साल में कुछ भी नहीं किया। यही वजह है कि अपने घोषणापत्र में उपलब्धि नहीं दिखा पाए। सैलजा ने नूंह के लोगों से वादा किया कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो मेवात के लिए बेहतर काम किया जाएगा।
भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप;-उधर, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव ने आरोप लगाया कि हरियाणा में भाजपा ने भाईचारा बिगाड़ा। एक तरफ हमारी आजादी की लडाई लड़ने वाली कांग्रेस है, वहीं दूसरी ओर नफरत फैलाने वाली पार्टी। राहुल गांधी से पहले रैली को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश के युवाओं को बेरोजहार करने का काम किया। भाजपा ने घमंड में 75 पार सीटें हासिल करने का नारा दिया।

नई दिल्‍ली। मिसाइल मैन का जिक्र आते ही बस एक नाम जहन में आता है वो है पूर्व राष्‍ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम का। भारत के मिसाइल प्रोग्राम को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में उनका योगदान अतुलनीय है। विज्ञान और वैज्ञानिकों के प्रति उनका लगाव ही था कि राष्‍ट्रपति रहते हुए भी वैज्ञानिक उनसे इस बाबत सलाह भी लेते थे और वो इसमें दिलचस्‍पी भी लिया करते थे। जब केरल थुंबा से भारत ने पहला रॉकेट अंतरिक्ष में भेजा था उस वक्‍त कलाम भी उस प्रोजेक्‍ट का हिस्‍सा थे। विक्रम साराभाई न सिर्फ उनके बॉस थे बल्कि उनके गुरु भी थे।उनकी बराबरी करना किसी के लिए भी आसान नहीं है। कलाम अपने काम के अलावा अपने बालों के स्‍टाइल को लेकर भी पूरी दुनिया में पहचाने जाते थे।
जब जीता टीचर्स का दिल:-15 अक्‍टूबर 1931 को उनका जन्‍म रामेश्‍वरम में हुआ था। कलाम 2002-2007 तक देश के 11वें राष्‍ट्रपति रहे। उन्‍हें 1997 में देश के सर्वोच्‍च सम्‍मान भारत रत्‍न से भी नवाजा गया था। इससे पहले उन्‍हें 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण सम्‍मान मिल चुका था। कलाम अभाव के बाद भी पढ़ाई में हमेशा से ही अव्‍वल रहे। उन्‍होंने फिजिक्‍स और एयरोस्‍पेस इंजीनियंरिंग में डिग्री हासिल की थी। ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में सभी छात्रों को प्रोजेक्‍ट दिया गया जिसको तय समय में पूरा करना था। यह प्रोजेक्‍ट कम ऊंचाई पर उड़ते हुए एक लड़ाकू विमान का था।इसको उन्‍होंने अपनी मेहनत से तय समय में पूरा किया और अपने शिक्षकों का दिल भी जीत लिया था।
जगा था फाइटर पायलट बनने का सपना:-यह वो वक्‍त था जब कलाम के अंदर हवा में उड़ने का सपना जगा था और उन्‍होंने फाइटर पायलट बनने का फैसला किया था। लेकिन इसमें उनका 9वां रैंक आया था जबकि 8वें रैंक तक के ही लोगों का ही इसके लिए लिया गया था। ये वो पल था जब कलाम को इससे निराशा जरूर हुई लेकिन उन्‍होंने इस निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और वैज्ञानिक बनने की ठान ली। यहां पर वो लगातार सीढ़ी दर सीढ़ी सफलता पाते गए।
आखिरी पल:-राष्‍ट्रपति पद से हटने के बाद वर्ष 2015 में वह शिलांग गए थे। यहां पर उन्‍हें लेक्‍चर देना था। उनके इस काफिले में सबसे आगे गाड़ी पर एक जवान हाथ में राइफल लिए चल रहा था। कलाम ने लंबे समय तक सुरक्षा में खड़े इस जवान को वायरलैस से मैसेज भेजा कि वो बैठ जाए। लेकिन जवान ने ये कहते हुए उनका अनुरोध ठुकरा दिया कि उनकी सुरक्षा की जिम्‍मेदारी उस पर है लिहाजा वो इसको नहीं मान सकता है। इस बात से कलाम जवान के इस कदर मुरीद हुए की उन्‍होंने उस जवान को अपने रूम में बुलाया और कहा Thank you buddy। यह उस जवान के लिए किसी अनमोल तोहफे से कम नहीं था। कलाम को 27 जुलाई को आईआईएम, शिलांग में 'Creating a liveable planet' पर लेक्‍चर देना था। इसी लेक्‍‍‍‍चर को देते हुए वो गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया था। वहां पर उन्‍हें मृत घोषित कर दिया गया।
पोखरण परमाणु टेस्‍ट:-एपीजे के नेतृत्‍व में ही भारत ने 11 मई 1998 पोखरण में दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। इस परीक्षण ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस परीक्षण ने भारत को परमाणु ताकत बनाया था। अमेरिका की खुफिया सेटेलाइट जो लगातार भारत पर निगाह रखे हुए थीं, उन्‍हें भी इस मिशन की जानकारी नहीं लग सकी थी। इस परीक्षण के बाद अमेरिका ने भारत पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए थे। इसके बाद भी भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ा और आज एक बड़ी ताकत है।
सुखाई पर सवार कलाम:-वर्ष 2006 में जब कलाम राष्‍ट्रपति थे तब उनका वर्षों पुराना सपना सच हुआ था। ये सपना फाइटर जेट में उड़ान भरने का था। अपने राष्‍ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्‍होंने सुखोई फाइटर जेट में उड़ान भरी थी। अपने इस अनुभव को साझा करते हुए उन्‍होंने कहा कि वह विमान को काबू करने की कोशिश में इस कदर खोए रहे कि डरने के लिए समय ही नहीं मिला। उनकी यह उड़ान करीब 40 मिनट की थी। जिस वक्‍त उन्‍होंने ये कारनामा किया उस वक्‍त उनकी उम्र 74 वर्ष की थी।

नई दिल्ली। टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने नए नियम लागू होने के बाद यूजर्स की सुविधा के लिए एक वेब ऐप लॉन्च की थी। इसके तहत यूजर्स अपना चैनल पैक कुछ आसान स्टेप्स फॉलो कर चुन सकते हैं। इससे यूजर्स का मासिक बिल भी कम हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यूजर्स खुद से ही वो सभी चैनल्स चुन पाएंगे जो वो देखना चाहते हैं। उन्हें किसी भी अन्य चैनल के लिए शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी। TRAI की वेब एप्लीकेशन यूजर्स को चैनल का चुनाव करने से पहले अपना टीवी बिल कैलकुलेट करने की भी सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा TRAI ने SMS कर भी यूजर्स को अपना मनपसंद चैनल जोड़ने या घटाने की सुविधा उपलब्ध करा दी है।जानें क्या है Channel Selector App: यह TRAI की आधिकारिक ऐप है। इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है। यहां से आप अपने मनपसंद चैनल्स को सेलेक्ट कर सकते हैं और उन्हें फाइनल करने से पहले उन्हें रिव्यू भी कर सकते हैं। यहां आपको पहले ही अपने बिल की जानकारी भी मिल जाएगी। महज चंद स्टेप्स में ही आप बिना किसी परेशानी के अपना मनपसंद पैक चुन पाएंगे।
जानें TRAI Channel Selector App की स्टेप बाय स्टेप गाइड:
1. सबसे पहले आपको https://channel.trai.gov.in/ पर जाना होगा। यहां आपको सभी जानकारी NCF चार्ज और ऐप से संबंधित सभी जानकारी मिल जाएगी। यहां आप नीचे स्क्रॉल कर Get Started पर क्लिक करें।
2. अब जो पेज ओपन होगा उसमें आपको अपनी निजी जानकारी और ऑपरेटर की जानकारी भरकर Continue पर क्लिक करना होगा। इसे आप Skip भी कर सकते हैं।
3. इसके बाद आपको अपने State/UT को सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद जो पेज ओपन होगा उसमें आपको अपनी भाषा सेलेक्ट करनी होगी। इसके बाद आप किस तरह के चैनल में रुचि रखते हैं उन्हें चुनना होगा। हालांकि, इसे आप Skip भी कर सकते हैं। इसके बाद HD और SD में से किसी एक को चुनना होगा। इसे भी आप Skip कर सकते हैं। इसके बाद एक पॉप-अप आएगा उसे OK कर दें।
4. अब जो पेज ओपन होगा उसमें आपको सभी चैनल्स की लिस्ट मिलेगी। यहां बायीं ओर Genre of Channels, Price, Broadcaster, Language और HD/SD के विकल्प मिलेंगे। इन्हें आप अपने हिसाब से सेलेक्ट तक सकते हैं। अगर आप इन फिल्टर्स को लगाते हैं तो आपको इन्हीं के हिसाब से आपको चैनल्स की लिस्ट दिखाई जाएगी। इसके बराबर में दिए गए चैनल्स में आप किसी को सेलेक्ट कर सकते हैं।
5. जब आप चैनल से सेलेक्ट कर लेंगे तो आपको सबसे ऊपर दायीं तरफ यैलो कलर का एक बॉक्स दिखाई देगा जिसमें आपके द्वारा सेलेक्ट किए गए चैनल्स का शुल्क समेत फिक्स चार्ज को शामिल किया गया होगा। इसके बराबर में दिए गए Optimize पर क्लिक कर आप पूरे शुल्क की जानकारी ले सकते हैं।
6. इसके बराबर में दिए गए Optimize बटन पर क्लिक करने पर आपको आपके हिसाब से कुछ चैनल्स का सुझाव दिया जाएगा लेकिन यहां कीमत आपके द्वारा चुने गए पैक से कम होगी।
7. यहां से चैनल को सेलेक्ट कर अपने ब्रॉडकास्टर की ऐप या वेबसाइट पर जाकर इन्हीं चैनल्स को एड करें। ऐसा करने से आपको मासिक शुल्क कम और अपने हिसाब से चुनने की पूरी सुविधा मिलेगी।

जम्मू।कश्मीर में सोमवार दोपहर 12 बजे पोस्ट पेड मोबाइल सेवा बहाल हो गई है। इसके साथ ही पूरी वादी मेें 40 लाख पोस्ट पेड मोबाइल कनेक्शन चालू हो गए। हालांकि 20 लाख के करीब प्री-पेड मोबाइल फोन और मोबाइल इंटरनेट सेवा फिलहाल निलंबित रहेगी।राज्य प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि मोबाइल सेवाएं बहाल होने से कश्मीर में हालात सामान्य करने में मदद मिलेगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पैदा हुए तनाव में सुधार होने के बाद शनिवार को प्रशासन ने सोमवार से पोस्ट पेड मोबाइल फोन को बहाल करने की घोषणा की थी। इससे पहले शुक्रवार 10 अक्टूबर को प्रशासन ने पर्यटकों के लिए जारी की एडवाइजरी भी वापस ले ली थी।
आम आदमी को मिली राहत;-मोबाइल फोन की बहाली से छात्रों, व्यवसायियों और आम आदमी को राहत मिली है। 70 दिनों बाद आज से जम्मू एवं कश्मीर में मोबाइल फोन की घंटियां बजनी शुरू हो गई हैं। सोमवार दोपहर से जम्मू एवं कश्मीर में करीब 40 लाख से ज्यादा पोस्टपेड सेवा वाले फोन एक्टिव हो गए हैं। इस दौरान हालांकि जम्मू और लद्दाख क्षेत्र में मोबाइल फोन सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन कश्मीर घाटी में पांच अगस्त से इन पर प्रतिबंध बना हुआ था।मोबाइल फोन की बहाली की मांग हो रही थी, पर्यटक विभाग से जुड़े स्थानीय लोग भी मोबाइल फोन की बहाली की मांग कर रहे थे ताकि वे बुकिंग सुनिश्चित कर सकें और उन ग्राहकों से संपर्क कर सकें, जो कश्‍मीर में घूमने के लिए आना चाहते हैं।
बड़ी संख्या में कश्मीर आएंगे पर्यटक:-राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार फारूक खान ने कहा कि मोबाइल फोन पर रोक हटने से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर आएंगे। उम्मीद है कि जब लोगों की गतिविधियां सामान्य हो जाएंगी तो वे यह नहीं कह पाएंगे कि उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में कट्टरवाद के लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि पाकिस्तान ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के काफी प्रयास किए, लेकिन कश्मीरी युवाओं ने उन्हेें नाकाम बना दिया है।श्रीनगर के हरि सिंह हाई स्ट्रीट में हुए ग्रेनेड हमले संबंधी सवाल के जवाब में फारूक खान ने कहा कि ग्रेनेड फेंकने से राज्य के सुधरते हालात को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) की हमेशा कोशिश रही है कि जम्मू कश्मीर में हालात खराब किए जाएं, लेकिन हमने इसका जवाब दे दिया है।
चार अगस्त से बंद थी मोबाइल सेवा:अनुच्छेद 370 हटाने से एक दिन पहले यानी चार अगस्त को सरकार ने कश्मीर में लैंडलाइन टेलीफोन और मोबाइल फोन व इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। हालात सुधरते ही पहले लैंडलाइन सेवाएं शुरू की गई थी। अब पोस्ट पेड मोबाइल सेवाएं सोमवार दोपहर 12 बजे से शुरू हो गई है। इसके लिए सभी कंपनियों को पहले से ही निर्देश जारी किए जा चुके थे। अभी 20 लाख प्री-पेड मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाएं शुरू करने पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है। मोबाइल इंटरनेट कश्मीर के साथ-साथ जम्मू में भी बंद पड़ी हैं।

नई दिल्ली। प्लॉगिंग यानी जॉगिंग करते हुए (टहलते हुए) प्लास्टिक के कचरे की सफाई करना इन दिनों नया ट्रेंड बन रहा है। मामल्लपुरम में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से अनौपचारिक शिखर वार्ता के दूसरे दिन सुबह समुद्र के किनारे टहलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्लास्टिक व अन्य कचरे की सफाई करके ‘प्लॉगिंग’ की शानदार मिसाल देश और दुनिया के सामने पेश की। आखिर इस आफत को मोल लेने के लिए हम खुद कितने जिम्मेदार रहे हैं और कितना जरूरी है अपने पर्यावरण को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति दिलाना,यहां जानें...हाल में चेन्नई से कुछ ही दूरी पर स्थित मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) विश्वस्तर पर चर्चा में रहा। वैसे ऐतिहासिक महत्व के इस स्थान के बारे में सैलानियों और इतिहास के अध्येताओं के अलावा बाकी देश के लोग अपेक्षाकृत कम ही जानते रहे होंगे। चीनी प्रधानमंत्री शी चिनफिंग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनी दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता (पहली 1918 में चीन के वुहान में हुई थी) के लिए इस जगह को चुनना तमाम लोगों के लिए हैरानी भरा रहा। लेकिन जैसा कि सब जानते हैं, प्रधानमंत्री मोदी अब तक अपने तमाम निर्णयों से चौंकाते और जनता को सुखद एहसास कराते रहे हैं। हालांकि शिखर वार्ता के लिए मामल्लपुर के चयन को अकारण नहीं कहा जा सकता।इसके पीछे प्राचीन पल्लव काल में चीन के साथ समृद्ध रिश्ता रहा है, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी पुन: उजागर कर दोनों देशों के रिश्तों में गरमाहट लाना चाहते हैं। बेशक इसे अनौपचारिक शिखर वार्ता कहा गया, लेकिन दोस्ताना माहौल में दो दिन की इस आत्मीय बातचीत के दूरगामी नतीजे भी हो सकते हैं। मामल्लपुर में दूसरे दिन चीन के राष्ट्रपति की प्रतीक्षा करने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्र के किनारे टहलते हुए प्लास्टिक और कचरा बीनते हुए ‘प्लॉगिंग’ का जो संदेश देश और दुनिया को दिया और इस बारे में ट्वीट भी किया, उसे कम महत्वपूर्ण नहीं माना जाना चाहिए। इस समय उनकी पहल पर देशभर में सिंगलयूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चला हुआ है और इसमें सरकार-प्रशासन से कहीं ज्यादा देश की जनता बढ़-चढ़कर जागरूकता का परिचय दे रही है। हालांकि इस पहल को काफी पहले शुरू हो जाना चाहिए था।
सीवर को चोक कर बन रहे भस्मासुर:-पिछले महीने के आखिर में कई दिनों की बरसात के बाद बिहार की राजधानी पटना के कई मोहल्ले करीब हफ्ते भर तक पानी में डूबे रहे। पानी में मृत जानवरों के सड़ने और जोरदार बदबू से पॉश कॉलोनी कहे जाने वाले राजेंद्र नगर तक में लोगों का रहना मुहाल हो गया। कुछ दिन बाद वहां सीवर से निकले कचरे में भारी मात्रा में प्लास्टिक देखकर बेशक शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कोसा गया, लेकिन सच तो यह है कि खुद लोगों को भी यह एहसास हो गया होगा कि इस स्थिति के लिए वे खुद कितने जिम्मेदार रहे हैं।पिछले कुछ दशकों से जिस तरह उत्पादकों, कारोबारियों और उपभोक्ताओं ने अपनी सुविधा और लाभ के लिए बिना सोचे-समझे प्लास्टिक के इस्तेमाल को अतिशय बढ़ावा दिया, वही एक दिन भस्मासुर बनकर हम सबकी जान का दुश्मन बन गया है। जरा सोचें, इसमें सड़क पर घूमते उन बेसहारा पशुओं का क्या दोष, जो पेट भरने के लिए हमारे द्वारा जगह-जगह फेंके गए प्लास्टिक के कचरे को अपना निवाला बनाकर अंतत: मौत के आगोश में चले जाते हैं।
फिर क्यों न अपनाएं जूट व कपड़े के थैले:-आज के युवा जरा बीस-पच्चीस-तीस साल पहले के अपने बचपन के दिन याद करें, जब अपने पिता के साथ हाट-बाजार सब्जियां लेने जाते थे। क्या तब आप किसी सब्जीवाले के पास प्लास्टिक की थैलियां देखते थे? नहीं न। क्योंकि गांव-देहात से आने वाले किसान या अन्य सब्जी विक्रेता ऐसी कोई थैली रखते ही नहीं थे।यहां तक कि किराने-राशन की दुकानों पर भी प्लास्टिक की थैलियां नहीं होती थीं? तब हम सभी घर से जूट या कपड़े के बने थैले लेकर जाते थे और उसी में सारा सामान लाते थे। बेशक घर आकर सारा सामान एक चटाई, बोरे या बड़े डलिए में उड़ेलकर सभी सब्जियों या सामान को अलग- अलग किया जाता था। क्या इसमें किसी को कोई दिक्कत होती थी? बिल्कुल नहीं। फिर बीच में प्लास्टिक कहां से आ गई? जाहिर है, इसमें हम सभी के स्वार्थ ही रहे। हमने कारोबार और सुविधा के चक्कर में इस बात की परवाह ही नहीं की कि एक दिन यही प्लास्टिक हम सभी की सांसों का दुश्मन बन जाएगा और फिर इस पर लगाम लगाने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे।
कारोबार-काम के लिए और भी हैं उपाय:-यह तर्क कतई नहीं दिया जा सकता कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी से बड़ी संख्या में लोग बेकार हो जाएंगे, कारोबारियों की मशीनें बेकार हो जाने से उन्हें लाखों-करोड़ों का नुकसान हो जाएगा। वे सड़क पर आ जाएंगे। बेशक ऐसे उत्पादों को शुरू करते समय सरकार और कारोबार के स्तर पर किसी ने सोच-विचार की जहमत नहीं उठाई थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे ऐसे ही आगे भी चलते रहने दिया जाए और इसकी वजह से इंसान और पशु-पक्षी मरते रहें।
युवा आ रहे आगे:-यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मामल्लपुरम की अपनी ऐतिहासिक वार्ता के दौरान ‘प्लॉगिंग’ से संबंधित बड़ा संदेश भी देश को दिया। हाल के समय में हमारे देश में इसका चलन बढ़ा है और वह भी उन युवाओं की वजह से, जो घूमने के साथ-साथ पहाड़ी स्थलों, समुद्र के किनारों जैसे पर्यटन स्थलों के अलावा सार्वजनिक महत्व के अन्य स्थानों को न केवल साफ-सुथरा रखने का अभियान चला रहे हैं, बल्कि इस बारे में स्थानीय और वहां घूमने आने वाले लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं। यह बात हर नागरिक को समझने की जरूरत है कि हम अपने घर के साथ-साथ अपने आस-पास और इलाके को भी साफ-सुथरा रखने में योगदान दें।यह न सोचें कि हम तो साफ करते हैं और दूसरे आकर गंदा कर जाते हैं। आप उन्हें भी समझाएं। उनकी गंदगी को खुद उनके सामने उठाकर डस्टबिन में डालें। इस तरह वे खुद शर्मिंदा हो सकते हैं। इसी तरह रेलगाड़ियों, बसों, पार्कों और सार्वजनिक महत्व के अन्य स्थानों को भी साफ रखने में मिल-जुलकर योगदान करें। इससे न सिर्फ आपको खुशी मिलेगी, बल्कि स्वस्थ वातावरण में रहने के कारण वहां के लोगों की सेहत भी अच्छी रहेगी।

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गत सप्ताह अपनी पहली वर्ल्ड विजन रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दुनियाभर में आंखों की बीमारियों और उनसे निपटने के उपायों के बारे में चर्चा की गई है। नेत्र रोग दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर ग्रामीण समुदाय, कम आय वाले देश और अधिक उम्र के लोगों को ये अपनी चपेट में अधिक ले रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 2.2 अरब लोग नेत्र रोगों से पीड़ित हैं। बढ़ती आबादी, बदलती जीवनशैली और आंखों की देखभाल करने के सीमित संसाधन बढ़ते नेत्र रोगों के प्रमुख कारण हैं।
एक अरब लोगों में अधिकांश मामले प्रेस्बोपिया के;-रिपोर्ट में पाया गया कि विश्वस्तर पर 2.2 अरब से अधिक लोगों में दृष्टि दोष है। इसके साथ ही इन 2.2 अरब लोगों में एक अरब लोग ऐसे नेत्र दोष से पीड़ित हैं, जिनका इलाज किया जा सकता है। इन एक अरब लोगों में अधिकांश मामले (लगभग 82.6 करोड़) प्रेस्बोपिया के हैं।यह उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी है, जिसमें लोगों को पास की वस्तुएं धुंधली दिखने लगती हैं। अन्य लगभग 12 करोड़ मामले रिफ्रेक्टिव इरर के हैं। इस बीमारी में लेंस किसी वस्तु से टकराकर आने वाली प्रकाश की किरणों को पूरी तरह से मोड़ नहीं पाता, जिससे धुंधलापन आ जाता है।
शहरी आबादी में दृष्टि दोष के मामले कम:-रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण समुदाय, कम आय वाले देश और अधिक उम्र के लोग इन दोषों से ज्यादा जूझ रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि शहरी आबादी में दृष्टि दोष के मामले कम होते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में दिल्ली की शहरी आबादी में (60-69 वर्ष के बीच) 20 प्रतिशत लोगों में दृष्टि दोष पाया गया। यह आंकड़े उत्तर भारत के ग्रामीण इलाकों के मामले एक तिहाई कम हैं। यहां 28 फीसद लोगों में दृष्टि दोष पाया गया।
वैश्विक स्तर पर 1.19 करोड़ लोग ग्लूकोमा से जूझ रहे:-रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक स्तर पर 1.19 करोड़ लोग ग्लूकोमा, ट्रेकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी से जूझ रहे हैं। इन बीमारियों की समय रहते रोकथाम की जा सकती थी। 1.19 करोड़ लोगों में इन बीमारियों को रोकने में अनुमानित लागत 5.8 अरब डॉलर के कुछ अधिक आती। हालांकि, निम्न मध्यम आय वर्ग वाले देशों में मोतियाबिंद को लेकर सुधार दिखा है।
भारत में मोतियाबिंद सर्जरी की दर 31 साल में नौ गुना बढ़ी;-विश्व स्तर पर में अंधेपन के सबसे बड़े कारण मोतियाबिंद की सर्जरी हो रही है। भारत में मोतियाबिंद सर्जरी की दर 1981 से 2012 के बीच नौ गुना बढ़ी है। यहां प्रति दस लाख की आबादी में 6000 सर्जरी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यह नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस के कारण संभव हुआ, जिसे 1976 में लांच किया गया था और 2016- 17 में 65 लाख लोगों की मोतियाबिंद की सर्जरी की गई थी।

नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान को लेकर पूरी दुनिया की निगाह पेरिस में चल रही एफएटीएफ (Financial Action Task Force) की बैठक पर टिकी है। 13-18 अक्‍टूबर तक चलने वाली बैठकों में पाकिस्‍तान के भविष्‍य को लेकर चर्चा होगी। इसमें यह भी तय होगा कि पाकिस्‍तान को काली सूची में डाला जाए या नहीं। फिलहाल पाकिस्‍तान ग्रे लिस्‍ट में है। जून 2018 से ही वह इस लिस्‍ट में शामिल है। इसी वर्ष अगस्‍त में एशिया पेसेफिक ग्रुप (Asia pacific Group) की बैठक में भी पाकिस्‍तान को टेरर फंडिंग (Terror Funding) पर लगाम न लगा पाने के चलते उसको ब्‍लैक लिस्‍ट (Pakistan Blacklist) करने की संस्‍तुति की गई थी। आपको बता दें कि पाकिस्‍तान एपीजी का सदस्‍य है लेकिन एफएटीएफ के सदस्‍य देशों में वह शामिल नहीं है। वहीं भारत की यदि बात करें तो वह वर्ष 2010 से ही एफएटीएफ (FATF) का सदस्‍य है। इसके अलावा भारत एपीजी और यूरेशियन ग्रुप का भी सदस्‍य है।
205 देशों के प्रतिनिधि ले रहे हिस्‍सा:-बहरहाल, पेरिस में चल रही बैठक में 205 देशों के प्रतिनिधि हिस्‍सा ले रहे हैं। इसके अलावा इसमें आईएमएफ, संयुक्‍त राष्‍ट्र, वर्ल्‍ड बैंक के अलावा कुछ दूसरे संगठन भी हिस्‍सा ले रहे हैं। छह दिनों तक चलने वाली इस बैठक में अपराध और आतंकवाद के साथ विश्‍‍‍व सुरक्षा और बचाव पर भी चर्चा हो रही है। शियांगमिन लू की अध्‍यक्षा में जो बैठकों का दौर चल रहा है उसमें पाकिस्‍तान का मुद्दा शीर्ष पर है। बैठकों का दौर खत्‍म होने के बाद खुद लू इसमें उठाए गए कदमों की जानकारी मीडिया को देंगे।
बढ़ता गया दायरा:-आपको बता दें कि जुलाई 1989 में जी-7 सम्‍मेलन में इसका गठन किया गया था। इसके गठन का मकसद शुरुआत में मनी लॉड्रिंग रोकने के उपाय करना था। वर्ष 2001 में इसका क्षेत्र बढ़ाया गया और आतंकवाद को होने वाली फंडिंग को इसके दायरे में लाया गया। वर्ष 2012 में इसके तहत व्‍यापक तबाही मचाने वाले हथियारों को रोकने और इसको लेकर होने वाली फंडिंग पर निगाह रखना शामिल किया गया। कहा जा सकता है कि इसके गठन से लेकर अब तक इसमें काफी बदलाव हो चुका है।
13-18 अक्‍टूबर के दौरान इन मुद्दों पर होगी चर्चा
-इस दौरान दुनिया के देशों में अपराध और आतंकवाद द्वारा वर्चुअल एसेट्स को रेगुलेट करने पर चर्चा होगी। इस बारे में यह भी देखा जाएगा कि देशों ने इसके लिए क्‍या उपाय किए हैं।
-इस दौरान स्‍टेबलकॉयन (stablecoins) के संभावित प्रभावों पर भी चर्चा होगी। विभिन्‍‍‍न क्रिप्‍टोकरेंसी को स्‍टेबलकॉयन का नाम दिया गया है। इसके अलावा इसके जोखिम पर भी व्‍यापक चर्चा होनी है। एफएटीएफ बाद में इसकी सभी जानकारियों को जी20 देशों को भी बताएगा।
-इसके अलावा एफएटीएफ में रूस और तुर्की द्वारा आतंकियों को की जा रही फंडिंग पर रोक के अलावा मनी लॉड्रिंग पर रोक को लेकर जो प्रयास किए गए हैं, उन पर चर्चा होगी।
-इसमें डेनमार्क, नॉर्वे, आयरलैंड, सऊदी अरब, सिंगापुर और स्‍पेन पर भी चर्चा होनी है।
-एफएटीएफ की बैठक में आतंकवाद को लेकर होने वाली फंडिंग के मुद्दे पर पाकिस्‍तान और ईरान के भविष्‍य को लेकर चर्चा होगी। इसमें यह जांचा जाएगा कि एफएटीएफ के कितने पैरामीटर यह दोनों देश पूरा कर सके हैं। आपको बता दें कि अगस्‍त में हुई एपीजी की बैठक में माना गया था कि पाकिस्‍तान 40 में से 32 पैरामीटर पर खरा नहीं उतरा है। इसके मुताबिक पाकिस्‍तान केवल 8 पैरामीटर ही पूरा कर सका था।
-इस दौरान अवैध वन्यजीव व्यापार के माध्‍यम से होने वाली अवैध कमाई और इसके प्रवाह को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा होगी।
-इस दौरान आतंकी संगठन आईएस, अलकायदा और इसके दूसरे संगठनों को हो रही फंडिंग पर भी इस दौरान चर्चा होनी है।
-इस दौरान चलने वाली बैठकों में आईएमएफ, वर्ल्‍ड बैंक, संयुक्‍त राष्‍ट्र, ओईसीडी, एगमॉन्‍ट ग्रुप ऑफ फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट, समेत दूसरे संगठन समेत एफएटीएफ की क्षेत्रिय इकाईयां अपनी रिपोर्ट साझा करेंगे जिसपर बाद में चर्चा होगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में एक भीषण कार दुर्घटना की खबर है। जानकारी अनुसार इस दुर्घटना में चार राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, उन्हें पास के ही नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। होशंगाबाद देहात थाना प्रभारी आशीष पवार ने कहा, सामने से आ रही वाहन से टकराने से बचने की कोशिश में कार चालक ने नियंत्रण खो दिया। नतीजतन, कार एक पेड़ से टकराई और फिर पलट गई।समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार से खिलाड़ी ध्यानचंद्र ट्रॉफी में खेलने के लिए इटारसी से होशंगाबाद जा रहे थे, जब उनकी कार राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर रायसलपुर गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सभी खिलाड़ी भोपाल के एमपी हॉकी अकादमी से थे । पुलिस के अनुसार मृतक, सभी 18 से 22 वर्ष की आयु के थे। वहीं, राज्य के आज उच्च शिक्षा एवं खेल व युवा कल्याण मंत्री मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट करके मृतक खिलाड़ियों का नाम और पत्ते के बारे में बताया।
मृतक खिलाड़ी:-उन्होंने ट्वीट किया, 'इस हादसे में दिवंगत आदर्श हरदुआ (इटारसी), अंकित वरुण (ग्वालियर), आशीष लाल (जबलपुर) और शाहनवाज हुसैन (इंदौर) के शोकाकुल परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं तथा दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है। घायल खिलाड़ियो के नाम शान ग्लैडविन (इटारसी), साहिल चौरे (इटारसी) और अक्षय अवस्थी (ग्वालियर) हैं।
जीतू पटवारी ने जताया शोक:-जीतू पटवारी ने इस हादसे को लोकर शोक प्रकट किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ' होशंगाबाद के पास हुए भीषण सड़क हादसे में हॉकी अकादमी के 04 खिलाड़ियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं, ईश्वर से प्रार्थना है वे उन्हें इस बेहद कठिन समय में सम्बल दें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।'
कमलनाथ ने जतया दुख:-मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दुर्घटना में हॉकी खिलाड़ियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैंने संबंधित अधिकारियों को मृतकों के परिवारों की मदद करने और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।'
लोगों ने दी पुलिस को सूचना;-हादसे की जानकारी मिलते ही आस-पास के लोग दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए। लोगों ने इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल खिलाड़ियों को कार से निकालकर नर्मदा अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया।

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