-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार)


विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं बाजार की गड़बड़ियों और सामाजिक अन्याय के खिलाफ विरोध व्यक्त करना है। आज हर व्यक्ति उपभोक्ता है, चाहे वह कोई वस्तु खरीद रहा हो या फिर किसी सेवा को प्राप्त कर रहा हो। उपभोक्ता उस व्यक्ति को कहते हैं, जो विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं का या तो उपभोग करता है अथवा उनको उपयोग में लाता है। वस्तुओं में उपभोक्ता वस्तुएं (जैसे गेहूं, आटा, नमक, चीनी, फल आदि) एवं स्थायी वस्तुएं (जैसे टेलीविजन, रेफरीजरेटर, टोस्टर, मिक्सर, साइकिल आदि) सम्मिलित है। जिन सेवाओं का हम क्रय करते हैं, उनमें बिजली, टेलीफोन, परिवहन सेवाएं, थियेटर सेवाएं आदि सम्मिलित है। आज ग्राहक जमाखोरी, कालाबाजारी, मिलावट, बिना मानक की वस्तुओं की बिक्री, अधिक दाम, गारन्टी के बाद सर्विस नहीं देना, हर जगह ठगी, कम नाप-तौल इत्यादि संकटों से घिरा है। हमारे देश में जागरूकता के अभाव में उपभोक्ता शोषण का शिकार हो रहे हैं। जब तक उपभोक्ता सचेत नहीं होंगे, तब तक उन्हें शोषण से मुक्ति नहीं मिल सकती।

लोकसभा में उपभोक्ता संरक्षण बिल 2018 पास हो गया है। इसके कानून बनने के बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। नये उपभोक्ता संरक्षण कानून के अमल में आने के बाद उपभोक्ताओं के साथ ठगी करना आसान नहीं होगा। नये कानून का लक्ष्य न्याय को उपभोक्ता के दरवाजे पर समय से पहुंचाना है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अनुसार कोई व्यक्ति जो अपने उपयोग के लिये सामान अथवा सेवायें खरीदता है वह उपभोक्ता है। क्रेता की अनुमति से ऐसे सामान सेवाओं का प्रयोग करने वाला व्यक्ति भी उपभोक्ता है। हम में से प्रत्येक किसी न किसी रूप में उपभोक्ता ही है। यही उपभोक्ता सरकार की उदासीनता के चलते आज बाजार के मायाजाल में फंस कर रह गया है और उसे राहत की उम्मीद दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रही है।

बाजार में उपभोक्ताओं को ठगने के नये-नये तरीके देखने को मिल रहे हैं। आम आदमी अपने घरेलू और रोजमर्रा के काम में आने वाले सामान की गारन्टी-वारन्टी, बीमा और सर्विसिंग के चक्कर में हैरान-परेशान है। उपभोक्ता ठगी और लूट के इस मायाजाल में फंसता चला जारहा है और इससे निकलने का कोई रास्ता उसे नजर नहीं आ रहा है। आजकल बीमा पाॅलिसियों की जानकारी के नाम पर आने वाले फोन काल्स ने भी जीना दूभर कर रखा है। ठगी के अजब-गजब तरीकों से बाजार भरा पड़ा है। यदि आपने अपने वाहन का बीमा करा रखा है ओर यह जानकर अपने को सुरक्षित समझ रखा है कि दुर्घटना का क्लेम आपको सही-सही मिल जायेगा तो मुगालते में मत रहिये। बीमा कराने के दौरान बीमा प्रतिनिधि आपको आश्वस्त करता है कि दुर्घटना में होने वाला हर्जाना आपको शत प्रतिशत या मामूली राशि काटकर मिल जायेगा। मगर दुर्घटना का क्लेम लेते समय मोटर कम्पनियां बिल में से एक बड़ी राशि आपसे वसूल कर लेती है। आपको बताया जाता है कि इसमें फाइल चार्जेज और कुछ पाटसर्् के पैसे आपको वहन करने होंगेे।

इसी भांति समाचार पत्रों में आपके घरेलू सामान की ए.एम.सी करवाने के नाम पर कुछ संस्थाओं और कंपनियों के विज्ञापनों की भरमार देखने को मिलेगी। सेवा सर्विसिंग के नाम से आपके घरेलू सामानों यथा- ए. सी., फ्रीज, वाशिंग मशीन, टी.वी. आदि सामानों की ए.एम.सी. की जाती है। मगर आपको जोरदार झटका उस समय लगता है जब आपका सामान खराब हो जाता है और आप ए.एम.सी. करने वाली संस्था को काॅल करते है। पहले तो वे समय पर आपके यहाँ आयेंगे नहीं और यदि आ गये तो किसी महंगे पाटर््स को खराब बताकर दुरूस्त करने के नाम पर ले जायेंगे और फिर कई हजार का बिल थमा कर वसूली करंगे े।

इसी भांति जब आप कोई घरेलू इलेक्ट्राॅनिक सामान खरीदते हो तो एक से पांच साल की वारन्टी दी जाती है। शर्तें बहुत ही छोटे अक्षरों में लिखी जाती है, जो कि पढ़ने में नहीं आती। वारन्टी पीरियड में आपका उपकरण खराब हो गया तो उसे ठीक कराना या बदलवाना टेढ़ी खीर है। आप जिस नम्बर पर शिकायत दर्ज करवाते हैं, वहाँ बड़ी मुश्किल से आपका सम्पर्क हो पाता है। शिकायत दर्ज कराने के बाद कई दिन तक कोई मैकेनिक आता नहीं है। यदि मैकेनिक आपके घर आ गया तो वह आपकी परेशानी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। आपका फ्रीज खराब हो गया और वारण्टी पीरियड में है तो वह वर्कशाॅप ले जाने के नाम पर आपसे हजार रूपये वसूलेगा। वह आपको बतायेगा कि परिवहन शुल्क आपको देना है। फिर बतायेगा जो पार्ट्स खराब है उसे ठीक कर दिया है मगर कुछ ऐसे पाटर््स होते हंै, जिनकी कोई वारन्टी नहीं होती, उसकी राशि आपसे वसूल करेगा। अच्छी सर्विस के नाम पर उपभोक्ता ठगी के मायाजाल में फंस कर अपने को असहाय महसूस करते हं।ै इस मायाजाल से निकलने के लिए वारन्टी सर्विस की शर्तों को भलीभांति समझने और जागरूक होने की महत्ती जरूरत है।


क्.32, माॅडल टाउन, मालवीय नगर, जयपुर
मो.- 9414441218

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें