-योगिता वशिष्ठ
अपनी तमाम खट्टी-मीठी यादों के साथ 2018 अतीत का हिस्सा बनने से चंद कदम दूर है। पुराना जाएगा तो नया आएगा। अब 2019 का पदार्पण होगा। आइये नयी ऊर्जा, आशा और उत्साह के साथ इसका स्वागत करें। हर ओर नया और सकारात्मक देखें। सभी चेहरे को नयी नजर से देखें। हर चीज में नयापन तलाशें। नयी प्रेरणा से देखें। नयी आशा से देखें। नयी राह की ओर देखें। नये सपने देखें, मार्ग बनाएं और उस ओर चलना शुरू करें। इच्छाशक्ति को प्रबल करें। पाखंड का त्याग करें। भरोसा करें, भरोसे लायक बनें। विश्वास करें, विश्वास जीतें। अपनी गरिमा समझें, दूसरे की अहमियत समझें।
प्रकृति का विधान ऐसा है कि हर नये में सृजनात्मक संवेदना रची-बसी होती है। नया सौंदर्यबोध होता है। अंधकार के बाद उजाले की तरह, रात के बाद सुबह की तरह। अपने वाट्सऐप और एसएमएस के बॉक्स से हर बुरे संदेशों और तस्वीरों को डिलिट करें और अच्छे संदेशों को मेमोरी बैंक में समाहित करें। लाख कोशिश के बाद भी मानव मस्तिष्क में स्मृतियां शेष रह ही जाती हैं। फिर भी कोशिश करें कि मात्र अच्छी स्मृतियां ही शेष रहें। अपनी स्मृतियों से पूर्वाग्रहों को मुक्त करें। यह कठिन तपस्या है, फिर भी प्रयास करें। स्मृतियों को बोझ न बनने दें। स्मृतियों को प्रेरक बनाएं। अच्छी यादें प्रेरणा देती हैं, सुख देती हैं। दुखदायी स्मृतियों को मिटा दें। जिन दुर्गुणों को पिछले वर्ष झेला, उन्हें आज भूल जाएं। चंद दिनों बाद हम नये वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे। इसलिए सब कुछ नया हो। सब कुछ अच्छा हो। हर ओर शुभ हो। हर काम का शुभ आरंभ हो।
नये वर्ष के लिये संकलप लें सच्चाई का पर्यावरण के निर्माण का, नया समाज और नया भारत के निर्माण का, स्वस्थ्य एवं सुंदर समाज के निर्माण का एवं संगठित परिवार का। सृजन की योजना बनाएं। 2019 आम चुनाव का वर्ष है। साल की शुरूआत से ही सत्ता परिवर्तन का संघर्ष होगा। इस लिहाज से यह वर्ष परिवर्तन के जद्दोजहद में रहेगा। संकल्प लें कि इस जद्दोजहद में सब अच्छा हो। युवाओं के रोजगार का मार्ग प्रशस्त हो। व्यापार में चल रहा उथल-पुथल समाप्त हो। किसानों के लिए सकारात्मक माहौल बने। स्वच्छ भारत बने। कला-संस्कृतियों की रक्षा हो। विकास का मॉडल बाजारवाद पर हावी न हो। शहरी-ग्रामीण जीवन स्तर, अमीर-गरीब के बीच खाई चैड़ी न होने पाये। सबके सम्मान, आत्मनिर्भरता की रक्षा हो।
नव वर्ष हम सब के लिए एक सौगात के रूप में आया है। अतः कुछ ऐसे संकल्प करें, जिससे शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक, आर्थिक एवं धार्मिक क्रियाकलाप व्यवस्थित रूप से चल सकें, जो कि वर्तमान समय के लिए अति आवश्यक है। दिनचर्या निश्चित रखें। अवकाश के दिन की भी दिनचर्या अलग हो, किंतु निश्चित हो। इसमें समय से जगना, सोना, भोजन करना, विश्राम करना, घूमना एवं अन्य कार्य शामिल हों। रात में तांबे के बर्तन में पानी रखकर उसे सुबह मुह धोने के पहले पिएं। इस प्रकार के जल के सेवन से अनेक रोगों से छुटकारा मिल जाता है। प्रातः काल टहलने अवश्यक जाएं एवं इसके उपरांत योग करें। इससे अनेक शारीरिक विकार दूर हो जाते हैं। दोनों कार्यों के लिए समय सीमा अवश्य निर्धारित करें। रात में सोने से पूर्व भी ब्रश अवश्य करें। साथ ही कुछ भी खाने के पश्चात कुल्ला अवश्य करें। रात्रि का भोजन सोने के दो घंटे पूर्व करें।
जीवन में कितनी ही बाधाएं क्यों न आएं, विचलित होने की अपेक्षा मानसिक संबल बनाए रखें। किसी को अपशब्द न कहें। इससे स्वयं को ही अधिक पीड़ा होती है। न ही किसी कार्य से बेफ्रिक रहें, न ही अत्यधिक चिंताग्रस्त हों। जीवन का कोई एक निश्चित लक्ष्य बनाकर उसे पाने के लिए प्रयत्नशील रहें। निराशा जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है। अतः उसे कभी भी अपने ऊपर हावी न होने दें। घर में यदि कोई बुजुर्ग हो तोे उसके प्रति तन-मन-धन से समर्पित रहें। परिवार में एक दूसरे के प्रति मान सम्मान एवं आपसी प्रेम-भावना सदैव बनाकर रखें।
बच्चे को प्रारम्भ से ही सुसंस्कारित बनाएं। उनकी शिक्षा एवं खानपान पर विशेष ध्यान दें। परिवार छोटा हो अथवा बड़ा, रात्रि भोजन सभी साथ में लेने की कोशिश करें। परिवार में विवाद की स्थिति में कभी भी मनमुटाव न रखें। स्पष्ट बोलकर समस्या का समाधान करें। सर्वप्रथम आय के अनुरूप पारिवारिक बजट बनाएं और उसी के अनुसार व्यय करें। परिवार में जितनी भी आय होती है, उसमें से कुछ न कुछ बचत अवश्य करें।
गैरजरुरी सामानों में अनावश्यक खर्च न करें। जहां पैदल जाया जा सकता है, वहां गाड़ी से न जाकर पेट्रोल की बचत अवश्य करें। यदि मौसम के अनुसार सामान सस्ता मिल रहा हो तो उसे इकट्ठा लेकर भी बचत की जा सकती है। सुबह उठकर ईश्वर को प्रणाम करें। सूर्य को नमस्कार करें। यदि ईश्वर से कोई मन्नत मांगी हो तो कार्य पूर्ण होने पर इसे ध्यान में रखें।
नए साल का अर्थ है नई उम्मीद नए सपने और नए लक्ष्य। फिर से कुछ अच्छे प्रयास किए जाएं ताकि घर परिवार और समाज खुशहाल हो सके। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हम एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं ताकि आने वाला नया साल सबके लिए सुख-समृद्धि से भरपूर ढेरों अवसर लाए। प्रत्येक वर्ष नए साल के अवसर पर हम सभी को उम्मीदें होती है कि ये वर्ष हमारे लिए काफी अच्छा साबित होगा तथा हम सभी नया साल नई उम्मीदों, नई इच्छाओं, नई आशाओं तथा नई संभावनाओं को तलाशने के एक खूबसूरत मौका होता है। अभी तक हमने अपने पिछले साल में क्या किया तथा हम उस साल मे कैसे रहे ? हमे ये सभी चीजें भूलकर नए साल की शुरुआत करनी चाहिए। हमे बीते हुए साल में क्या सफलताएं तथा असफलताएं मिली ये सभी चीजें भूलकर हमे नए साल का दिल से स्वागत करना चाहिए। नया साल हमे यही सीख देता है कि हमे पिछले समय को भूलकर हमेशा आगे के बारें में सोचना चाहिए तथा आगे के समय को बेहतर बनाने के लिए कोशिश करनी चाहिए।
नए साल में हमे कोशिश करनी चाहिए कि हम पुराने साल में की गई गलतियों को ना दोहराए। हमेशा अपने पुराने समय की गलतियों तथा असफलताओं से एक सीख लेते हुए हमें जिन्दगीं में आगे कदम बढ़ाना चाहिए तथा अपनी सफलताएं सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए। हर नया साल सीख लेने के साथ ही उल्लास तथा खुशियों को मनाने का भी एक खास मौका होता है। इस दिन हम सभी अपने दोस्तों, बड़ो तथा छोटो को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते है तथा दिल से दुआ करते है कि उनके लिए ये साल काफी मंगलमय हो।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि देश बदल रहा है। भारत बदलाव के जंक्शन पर खड़ा है। इसलिए संकल्प लें कि देश के भविष्य की दिशा सही हो। इस बदलाव पर निगाहें टिकाए रखें। हर परिवर्तन पर पकड़ बनाये रखें। हर अच्छे बदलाव के साथ स्वयं को भी बदलें और हर नुकसानदायक बदलाव को रोकने की कोशिश करें।
आज पूरे वर्ष के लिए शुभ घड़ी की योजना बनाएं। प्रयास करें कि हर दिन, हर सप्ताह, हर महीना सकारात्मक हो। ऊर्जादायक हो। स्वस्थ्य हो। सामथ्र्यवान हो। हर घड़ी शुभ फलदायी होगी, तो पूरा वर्ष यादगार बन जायेगा। आज से अपने को बदलें। बदलते वक्त से साथ बदलें। बदलते तकनीक के साथ बदलें। हर दिन अपटूडेट हों। एक नई सुबह इस नए साल में हमारे स्वागत के लिए खड़ी हो बस इसी आशा के साथ आप सभी को नए साल के नई सुबह की हार्दिक शुभकामनाएं।

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