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-राहुल लाल भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।यहाँ मतदाताओं की कुल संख्या 90 करोड़ से ज्यादा है,जो यूरोपीय यूनियन के सभी देशों के आबादी से भी अधिक है।वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र धन बल का शिकार हो गया है।देश में अभी दुनिया का सबसे महंगा चुनाव जारी है।2016 के ट्रंप के चुनाव को अब तक का सबसे महंगा चुनाव माना जा रहा था,जिसमें 46 हजार करोड़ रुपये…
-महेश तिवारी (युवा लेखक एवं टिप्पणीकार) हम बेहतर और सुगम जीवन की चाह रखते हैं। लेकिन हम भौतिक सुख-सुविधाओं में इतने तल्लीन होते जा रहें, कि ख़ुद के विनाश की लीला तो लिख ही रहें। साथ में प्रकृति और पर्यावरण को भी व्यापक क्षति पहुँचा रहे। मान्यताएं है, कि प्रकृति ईश्वर की दी हुई मानव को अनमोल धरोहर है। तो उसे सहेजने की जिम्मेदारी और फर्ज भी हमारा हुआ। पर…
- राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित" (शिक्षक एवम साहित्यकार) प्रत्येक व्यक्ति में कुछ न कुछ विशेषता होती है जो दूसरे व्यक्ति में नहीं होती। इन्हीं गुणों एवम विशेषताओं के कारण प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे से भिन्न लगता है। व्यक्ति के इन गुणों के समुच्चय को ही व्यक्तित्व कहते हैं। यह एक गत्यात्मक समष्टि है। जिस पर परिवेश के प्रभाव पड़ता है। व्यक्ति के बाह्य रूप को हम व्यक्तित्व मान बैठते हैं। परंतु…
-निर्मल रानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गत् पांच वर्ष के शासनकाल में पचास से अधिक बार अपने पसंदीदा कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से देश की जनता को संबोधित कर चुके हैं। उनके इस एकतरफा संवाद को प्रचारित करने के लिए शुरू से ही देश के छात्रों को ही लक्ष्य बनाया जाता रहा है। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद सर्वप्रथम 3 अक्तूबर…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायकानून तो हम भी बहुत से बना सकते हैं और बनाए भी हैं।कानून का राज कायम करना उन फिरंगियों को ही नहीं आता है, उनसे ज्यादा तो हम सीख चुके हैं।वे वर्क टू रूल की बात करते हैं तो इस मामले में हम भी कहाँ पीछे हैं! हम भी नियम से ही काम करते हैं।किसी भी सरकारी-गैर सरकारी दफ्तर में चले जाइये और अपना काम जल्दी निपटाने की…
-महेश तिवारी (युवा लेखक एवं टिप्पणीकार)सत्रहवीं लोकसभा का चुनाव अंतिम पड़ाव की तरफ़ बढ़ चला है। ऐसे में बात उस वर्ग की भी होनी चाहिए। जिस पर राजनीति के हैसियतदार इठलाते तो हैं। लेकिन उन्हें राजनीति करने के काबिल नहीं समझते। जो बड़े दुर्भाग्य की बात है। यह बात कहीं न कहीं संवैधानिक ढांचे की व्यवस्था यानी अवसर की समता आदि पर भी चोट ही करता है। जब बात सम्पूर्ण…
-सुरेश हिन्दुस्थानीपश्चिम बंगाल में आखिर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा की सभाएं क्यों नहीं होने दे रहे? यह बहुत बड़ा सवाल आज सुर्खियों में है। लोकतंत्र का मजाक उड़ाने वाली तृणमूल कांग्रेस की जिद्दी नेता ममता बनर्जी को आखिर ऐसा क्यों लग रहा है कि हिंसा के माध्यम से ही चुनाव जीता जा सकता है? इसके पीछे यही कारण समझ में आ रहा है कि आज तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर…
-अब्दुल रशीद (लेखक,पत्रकार व स्तंभकार ) अपने कोख़ में नौ महीने गढ़ना,फिर असीम पीड़ा को सहकर दुनियां में लाना और देख कर मुस्कुराना । आंचल में छुपाकर अपने लहू को निचोड़ कर दूध पिलाना।लड़खड़ाते कदमों को उंगलियों के सहारे चलना सिखाना। और तोतली आवाज़ की फ़रमाइश पर आंचल की गांठ खोलकर चवन्नी अठन्नी देना। बच्चे बड़े हो जाते हैं,व्यापार चलने लगता है,शादी हो जाती है, बच्चे हो जाते हैं,नई गाड़ी…
-नेताआ को करना होगा देश का विकास तथा जनता को देना होगा पूरा समय -मनप्रीत सिंह मन्ना लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी की उम्मीदवारों के हित में प्रचार करने के लिए पार्टियों के नेता व उम्मीदवार चुनाव प्रचार के लिए विभिन्न गावों में जाते है। इस दौरान जो यू.टयूब , फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया तथा न्यूज चैनलों व समाचार पत्रों द्वारा जो देखने को मिल रहा है कि लोगों…
- योगेश कुमार गोयल लोकसभा चुनाव में मतदान के पांच चरण पूरे हो चुके हैं और छठे चरण में बारी है देश की राजधानी दिल्ली की, जहां की कुल सात लोकसभा सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है। दिल्ली की इन सातों सीटों पर कुल 164 प्रत्याशी मैदान में हैं और सभी सीटों पर बेहद दिलचस्प चुनावी मुकाबला तय है। करीब एक करोड़ 28 लाख आबादी वाले दिल्ली…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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