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-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार)राजस्थान में झुंझुनू जिले के जिले के मुकुंदगढ़ के घोड़ीवारा बालाजी मंदिर के बाहर सर्द रात में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। रात को करीब दो बजे मंदिर के चौकीदार को एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने बाहर आकर देखा तो मंदिर के बाहर बनी प्याऊ के पास एक नवजात बच्ची दो कंबलों में लिपटी हुई थी और रो रही थी।चौकीदार…
-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑनलाइन फार्मेसी द्वारा इंटरनेट पर दवाओं की बिक्री पर हालाँकि रोक लगा दी है मगर इससे आम आदमी की दिक्कतें कहीं कम नहीं हुई है। अंग्रेजी दवाइयों ने आम आदमी को राहत के साथ आहत करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। यह ई-फार्मेसी और दवा दुकानदारों के वर्चस्व की लड़ाई है। आम आदमी आज तक अंग्रेजी दवाओं का…
-अब्दुल रशीददेश में विकास के नाम पर नियमों को दरकिनार कर प्रकृति के दोहन से शहरों में बढ़ता प्रदूषण आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। लोग प्रदूषण के कारण गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहें और युवा अवस्था में ही अस्पतालों और डाक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं। जीवन में से खुशियां और होंठो से हंसी लुप्त हो रही है।बाहर निकल कर साफ हवा में सांस…
-अब्दुल रशीदकहते हैं देरी से मिलने वाला न्याय,अन्याय होता है,भारत में दंगा पीड़ितों को राजनीतिक रसूख के कारण न्याय मिलने में देरी की 34 साल बाद कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को मिली सजा से बड़ी मिसाल और क्या हो सकता है। दरअसल राजनीतिक उद्देश्यों को पोषित करने वाले दंगों को झूठ की चादर से ढकने की तमाम कोशिश के पीछे राजनीतिक पार्टियों में व्याप्त भ्रष्टाचार और वोट के लिए हर…
-रमेश ठाकुरदेश की राजधानी दिल्ली से बिल्कुल सटे शहर नोएडा में खुले में नमाज पढ़ने की स्थानीय प्रशासन की मनाही के बाद विशेष घर्म के लोगों ने दबंगई से नमाज पढ़कर धार्मिक उन्माद फैलाने की हिमाकत की। गनीमत इस बात की रही उनके उस कृत्य को दूसरे धर्मांे के लोगों ने ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया, अगर लिया होता तो मामला बेकाबू हो सकता था। दरअसल स्थानीय प्रशासन की ओर…
*धर्मयुग,गुनाहों का देवता,अंधा युग के सुप्रसिद्ध लेखक* -राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित"राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, साहित्य संगम संस्थान दिल्ली प्रख्यात साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग के प्रधान संपादक के रूप में देश विदेश में ख्याति प्राप्त धर्मवीर भारती आधुनिक हिन्दी साहित्य के खास लेखकों में गिने जाते हैं। कवि,नाटककार एवम सामाजिक विचारक के रूप में आपने महत्वपूर्ण काम किया था। धर्मवीर भारती का जन्म इलाहाबाद में 25 दिसम्बर 1926 को हुआ था। इनके पिताजी चिरंजीव…

सफर

-नीरज त्यागीतरुण अपने किसी काम से ग़ाज़ियाबाद से इलाहाबाद के लिए गया।इलाहाबाद के स्टेशन पर उतरते हुए उसने एक रिक्शा वाले को बुलाया और उसे एक स्थान पर पहुचाने के लिए कहा।रिक्शा वाले ने तरुण को रिक्शा में बैठाया और उस स्थान की और बढ़ गया।लगभग आधे घंटे रिक्शावाला उसके साथ रहा।इस समय मे रिक्शावाला उससे काफी घुल मिल गया। तरुण को भी उससे बातचीत करना काफी ठीक लग रहा…
पर्व-त्योहारों नव-वर्ष आगमन या सामाजिक-सांस्कृतिक समारोहों में नोनवेज एवं शराब सेवन का प्रचलन बढ़ रहा है और इसे बुराई के तौर पर देखने की प्रवृत्ति प्रायः कमजोर हुई है।नतीजा, युवा वर्ग इस ओर ज्यादा आकर्षित हुए हैं जो एक सभ्य समाज के निर्माण के लिए बेहद चिंतनीय है।आर्थिक और शारीरिक नुकसान के साथ-साथ घर का सामाजिक-आर्थिक तानाबाना भी बिखर जाता है निश्चिय हीं मांसाहारी और शराब का सेवन शरीर और…
23 दिसम्बर 172वां जन्मोत्सव पर विशेष -रमेश सर्राफ धमोराराजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र जो नामी उद्योगपतियों, बहादुर सैनिकों, भित्ति चित्रकला के लिए मशहूर है, वहीं इस क्षेत्र में बड़े-बड़े संत-महात्माओं, फकीर- मौलवियों ने अपनी तपस्या एवं भक्ति के बल पर इस क्षेत्र की पवित्रता बनाये रखने में अति महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस श्रृंखला में सिद्ध पुरुष और भविष्यवेत्ता पण्डित गणेश नारायणजी का स्थान सर्वोपरि है। पंडित गणेशनारायण जी ना केवल…
-दीपक गिरकर, व्यंग्यकारजब जब चुनाव आयोग आचार संहिता लागू करता है, हमारा माथा ठनकने लगता है क्योंकि आचार संहिता लगते ही एक ओर हमें 48 घंटों का निर्जल एकादशी का व्रत रखना पड़ता है और दूसरी ओर सारे चूहें अपने-अपने बिलों से निकलकर बार बार हमारा रास्ता काटते हैं. चूहें हमारा रास्ता काटने के साथ हमें चिढ़ाते और आँखें भी दिखाते हैं. हम मनुष्यों के समान अंधविश्वासी नहीं हैं. हर…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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