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-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) हमारे साधु संतों ने सदा सर्वदा समाज को भलाई का मार्ग दिखाया था। इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए गुरु नानक देव ने समाज को झूठ, प्रपंच और अहंकार को त्याग कर सामाजिक एकता और भाईचारे का पाठ पढ़ाया था। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ‘सिख’ समुदाय के प्रथम धर्मगुरु नानक देव का जन्मोत्सव मनाया जाता हैं। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के बीच स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा विवाद फिलहाल सुलझ गया है।इसे अच्छा संकेत इसलिए माना जाना चाहिए कि रिजर्व बैंक वह सर्वोच्च निकाय है,जो देश के बैंकिंग तंत्र को नियंत्रित करता है।ऐसे में अगर किन्हीं मुद्दों पर सरकार के साथ शीर्ष बैंक का टकराव होता तो बाजार, उद्योग जगत या संपूर्ण अर्थव्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायहमेशा दद्दा जी ही सुबह-सुबह आ धमकते थे लेकिन आज जब समाचार पत्रों में यह खबर पढ़ी कि वे पॉवर में आए तो सब ठीक कर देंगे तो मुझसे रहा नहीं गया।मैं तत्काल दद्दा जी के घर अलसुबह पहुँच गया।दद्दा जी खुद भी खटिया पर जमे हुए थे और अखबार पर अपनी नजरे गढ़ाए हुए थे।मुझे देखते ही बोले- “क्यों भाई,आज सुबह-सवेरे!”मैंने बिना भूमिका बनाये ही पूछा- “…
-ओम प्रकाश उनियालउत्तराखंड के निकाय चुनावों में भाजपा का प्रचंड बहुमत का दावा फुर्र हो गया। राज्य के मुखिया की विधानसभा के तहत आने वाला निकाय क्षेत्र की सीट पर कांग्रेस ने हाथ साफ कर डाला। बेशक, सात निगमों में से पांच पर भाजपा ने जीत हासिल की हो, किन्तु कई नगर पंचायतों व पालिका परिषदों में कांग्रेस ने भी अध्यक्ष पद पर अपनी पकड़ बनायी। इससे कांग्रेस के लिए…
-निर्मल रानी भारतीय नागरिकों को अपनी दिनचर्या में आए दिन ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जिससे यह एहसास होता है कि देश के सभी क़ायदे-क़नून और पाबंदियां संभवत: क़ानून का पालन करने वाले शरीफ़,सज्जन,मेहनतकश व ईमानदार लोगों के लिए ही हैं। और यदि कोई शरीफ व्यक्ति किन्हीं अपरिहार्य परिस्थितियों में नियम व कानून से हटकर अपना कोई कदम उठाता भी है तो प्रशासन व कानून उसे उसके किए…
-गौरव मौर्या याद है वो दिन जब "गौरैया" हमारे घर आंगन में फुदकती थी। चचहाती गौरैया के पीछे बच्चे भागते दिखाई पड़ते थे।अगर कहीं इसे सीसा मिल जाय तो अक्सर ही अपनी शक्ल देखकर उसमे चोंच मारते दिख जाती थी। लेकिन अब इसकी चहचहाहट नही सुनाई पड़ती क्योंकि मौजूदा समय में गौरैया लगभग विलुप्त होने के कगार पर है। एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या घटकर लगभग 20 हजार के…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार) जम्मू कश्मीर में लम्बे समय से सरकार बनाए जाने की संभावनाओं पर पूरी तरह से विराम लगने के बाद जैसे ही राज्यपाल की अनुशंसा पर विधानसभा भंग की घोषणा की गई, वैसे ही राजनीतिक सक्रियता तेज होती दिखाई दे रही है। चोर-चोर मौसेरे भाई की तर्ज पर कांगे्रस, पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस गलबहियां करने की ओर प्रवृत हो रहे हैं। इसे येनकेन प्रकारेण सत्ता प्राप्त…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) अभी ज्यादा दिन नहीं हुए थे जब सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब में खालिस्तान लहर के दोबारा उभरने के संकेत दिए थे। उनका यह बयान बेवजह नहीं था क्योंकि अगर हम पंजाब में अभी कुछ ही महीनों में घटित होने वाली घटनाओं पर नजर डालेंगें तो समझ में आने लगेगा कि पंजाब में सब कुछ ठीक नहीं…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार)राजस्थान में कुछ दिनो पूर्व तक लग रहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। प्रदेश में कांग्रेस भाजपा सरकार को पूर्ण विफल साबित करने में सफल लग रही थी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के चयन में मुख्यमंत्री राजे का केन्द्रीय नेतृत्व से चले टकराव से भाजपा की आन्तरिक गुटबाजी खुलकर सडक़ पर आ गयी थी।…
-सुरेन्द्र कुमार (लेखक एवं विचारक) गत दिनों उपमंडल करसोग की ग्राम पंचायत सराहन की फिरनू स्थित रेत की एक खान लगभग डेढ़ करोड़ के पट्टा मूल्य पर बिक गई। जो प्रदेशवासियों के लिए इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सफेद चाँदी की जिस खान से रेत के काले कुबेर अब तक करोड़ों की कमाई कर चुके हैं, अब राज्य खनन विभाग को रिकार्ड तोड़ राजस्व एकत्रित करेगी। खनन…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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