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*आसान नहीं अब भाजपा की डगर - योगेश कुमार गोयल(राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार) 2019 के आम चुनाव का सेमीफाइनल माने जाते रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणामों ने एक ओर जहां कांग्रेस में नई जान फूंकने का काम किया है, वहीं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भाजपा के लिए न इन चुनावों में मोदी लहर कोई काम आई, न चुनावों से चंद माह…
-गौरव मौर्या (सामाजिक विचारक) जब भी हमारी आँखों के सामने कुछ गलत होता है चाहे वो आर्थिक रूप में हो या सामाजिक रूप में,हम तुरन्त ये सोचने लगतें है कि यह दुनिया कितनी खराब है लोग कितने बुरे है।यह दुनिया अच्छे लोगों के लिए तो बिल्कुल नही है। भले हम उस गलत को सही करने के योग्य हो अथवा न हों या पूर्व में हमने स्वयं वो गलती की हो,…
-इं. ललित शौर्य नेतागिरी में चेलागिरी का अपना विशेष स्थान है। नेताओं को नोट कमाने के साथ-साथ चेला कमाने की भी होड़ लगे रहती है। जिस नेता के आस-पास जितने अधिक चेले-चपाटे देखे जाते हैं उसे उतना ही बड़ा और महान माना जाता है। दरअसल नेता को महान बनाने की कुंजी चेलों की जेब में होती है। एक महान चेला ही एक महान नेता को गढ़ता है, उसकी कीर्ति को…
-- विश्वम्भर पाण्डेय 'व्यग्र' समाजसेवी मित्र के साथ एक दिन मुझे वृद्धाश्रम जाना हुआ जैसे ही हमारी कार उस परिसर में जाकर ठहरी, सभी वृद्धाएं एक साथ अपने-अपने कमरों से बाहर आकर, हाथ जोड़कर खड़ी हो गईं। मुझे, ये अच्छा नहीं लगा। मैंने एक वृद्धा के पास जाकर, नमस्कार करके कहा-माँ, हमें हाथ मत जोड़ों! हमसब तो आपके बेटों जैसे हैं। ये सुनकर एक वृद्धा ने कहा-अरे, आप अपने को…
-सलीम रज़ा, देहरादून हमारे मुल्क में दिव्यांगों के लिए अनेकों अध्यादेश बनाये गये हैं, लेकिन धरातल में इसका फायदा इन निश्क्तजनों को हमारी सरकारें कितना पहुंचा रही हैं, ये किसी से भी छिपा नहीं है। ये अध्यादेश सिर्फ संविधान की शोभा बढ़ा रहे हैं। जहां तक विदेशों की बात करें तो विदेशों में दिव्यांगों के लिए बीमे तक की सुविधायें दी जाती हैं। लेकिन हमारे हिन्दुस्तान में इन लोगों को…
-आशीष वशिष्ठ (स्वतंत्र पत्रकार) हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों से सत्ता गंवाने के बाद भाजपा सदमे में है। भले ही भाजपा के तमाम नेता और प्रवक्ता हार के अलग-अलग कारण गिनाये, लेकिन एक बात साफ है कि कांग्रेस ने भाजपा को लोकसभा चुनाव से पहले हार की गहरी चोट पहुंचाई है। वहीं भाजपा के कांग्रेस मुक्त गुब्बारे की हवा भी निकालने का काम किया है। ये चुनाव नतीजे कांग्रेस के…
-अब्दुल रशीदज्ञान की जननी भारत में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है,भारत विश्व गुरु है,ऐसी बाते सुन कर और पढ़ कर मन प्रफुल्लित हो उठता है। साथ ही एक सवाल मन में उठता है आख़िर ऐसा कब होगा? क्या मौजूदा राजनीती ऐसा कोई कोशिश कर भी रही है? जनता के हर मुद्दों की व्याख्या राष्ट्रवाद के चश्में को पहनकर करने वाले टीवी डिबेट पर ज्ञान बघारते प्रवक्ताओं और सत्ता…
-बरुण कुमार सिंह पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में जो चुनाव के परिणाम आये हैं, उसकी गूंज आने वाले 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी दिखायी देंगे। लोकतंत्र के इस मंदिर की चैखट पर विराजमान दृश्य कुछ ऐसा है जिसमें व्यवस्था की सफाई-धुलाई के कोई आसार नहीं है। हालात किसी एक पार्टी तक ही सीमित नहीं, बल्कि सभी प्रमुख दलों में टिकटों की दावेदारी में…
*कायम है भूख और कुपोषण की जकड़न -जावेद अनीस सामाजिक और आर्थिक विकास के पैमाने पर देखें तो भारत की एक विरोधाभासी तस्वीर उभरती है, एक तरफ तो हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खाद्यान्न उत्पादक देश है तो इसी के साथ ही हम कुपोषण के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर हैं. विश्व की सबसे तेज से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के साथ ही दुनिया की करीब एक-तिहाई गरीबों…
-जावेद अनीस लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव, सरकार के गठन या शासन से नहीं है. लोकतंत्र की परिभाषा इससे व्यापक है जिसमें राज्य, समाज और परिवार सहित हर प्रकार के समूह पर सामूहिक निर्णय का सिद्धांत लागू होता है. केवल राज्य के स्तर पर लोकतंत्र के लागू होने से हम लोकतान्त्रिक नहीं हो जायेंगें इसे सामाज के अन्य संगठनों पर लागू करना भी उतना ही जरूरी है. इस सम्बन्ध में…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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