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-राज शेखर भट्ट, देहरादून जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरूद्ध जाकर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है। आज भारत देश में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें फैला रहा है। भारत में ऐसे कई व्यक्ति मौजूद हैं, जो भ्रष्टाचारी हैं। मैंने किन्ही उपदेशात्मक पंक्तियों में सुना था कि ‘‘कोई आपके पास आता है तो उसके तीन कारण हैं।…
पंचकुला (हरियाणा) (हम हिंदुस्तानी)- बोहल शोध मंजूषा के सम्पादक व गुगनराम एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट नरेश कुमार सिहाग जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘राधे मोहन राय की साहित्य साधना’ का भव्य विमोचन पंचकुला में प्रो.राधे मोहन राय जी, पंजाब के पूर्व राज्यपाल ले. जरनल श्री बी. के. एस. छिब्बर, पूर्व जज श्री प्रीतम पाल, हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष श्री वीरेन्द्र चौहान एवं बी. डी. कालिया हमदम के करकमलों से…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) देर आयद दुरुस्त आयद !सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसलों से-देश का-आम आदमी कुछ बातें सोचने के लिए मजबूर हो गया-है। आईये समझते-हैं कैसे ? इसे समझने के लिए कोर्ट के कुछ ताज़ा फैसलों पर एक नज़र डालते हैं ,1. सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने 4:1 के बहुमत से सबरीमाला मन्दिर में हर उम्र की स्त्री को प्रवेश का अधिकार…
-ओम प्रकाश उनियालईश्वर की आराधना में जाति, लिंग व धर्म का कोई स्थान एवं महत्व नहीं होता। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे व चर्च वह स्थल होते हैं जहां निश्च्छल भाव से परमात्मा का स्मरण किया जाता है। जब इन स्थलों में जाते हैं तो स्वतः ही मनोवृति बदल जाती है। केवल प्रभु नाम की तरफ ध्यान होता है। परमात्मा के दरबार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। यह तो किसी…
-ओम प्रकाश उनियाल हर साल नौ सितंबर कोे 'हिमालय दिवस' मनाया जाता है। हिमालय में निरंतर हो रहे प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक परिवर्तनों ने हिमालयी राज्यों के वासियों की चिंता बढ़ा दी है। हिमालय में बार-बार होने वाली भू-गर्भीय हलचल हिमालय को कमजोर कर रही है। हिमचट्टानों का खिसकना, झीलों का तहस-नहस होना, हिमालय की तलहटी पर खड़े पर्वतों का दरकना, बादल फटना, अंधाधुंध बर्फबारी तो अब आम बात हो गयी…
-ओम प्रकाश उनियालभारत को आजादी मिलने के इतने लंबे अरसे के बाद भी देश कई विकट समस्याओं के मकड़जाल में उलझा हुआ है। आजादी के बाद देश काफी बदला है। विकास की बयार बही है। परंतु विकास कैसा और किसका? यह सवाल आज शायद उनके मन में जरूर उठता होगा जो एक जून की रोटी के लिए भी तरस रहे हैं। आजाद होने के बावजूद हमारी सोच नहीं बदली। देश…
-संध्या चतुर्वेदीधारा 497 को सरकार ने खारिज किया लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी इस धारा खारिज करते हुए, अदालत ने कहा कि यदि पति या पत्नी अपनी स्वेच्छा से बाहर संबंध बनाते हैं ।तो वह व्यभिचार या अपराध नहीं होगा ।किसी भी महिला का यह बहुत निजी और जातीय मामला है। वह अपनी स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बना सकती है ।पति जो कि उसका संरक्षक है ,उसे यह अधिकार नहीं…
-प्रकाश दर्पेजैसे ही महापालिका के चुनाव की तिथि तय हुई महानगर मे एक नया माहौल आकार लेने लगा।इन्ही दिनों इस महा नगर की एक सोसायटी मे एक समर्पित एवम् सेवाभावी कार्यकर्ता कही से अवतरित हुआ। आते जाते यंहा के रहवासियो को बड़े अदब से सलाम ठोकना , बड़े बुजुर्गो को बड़ी श्रद्धा के साथ चरण छूना , उनके कुशल क्षेम पूछना , उसकी दिनचर्या मे शामिल हो गया था। आत्मीयता…
-अनीता वर्मा (अंतर्राष्ट्रीय मामलों की विशेषज्ञ) विश्व में औद्योगिकीकरण और नगरीकरण के फलस्वरूप नदियों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है।चूंकि नगरों से निकलने वाले सीवर और उद्योगों के खतरनाक अवशिष्टों हेतु कोई अलग से व्यवस्था न करके इन्हें नदियों में ही मिलाया जाता है परिणामस्वरूप वर्तमान में लगभग सभी नदियाँँ प्रदूषित है।जिसके फलस्वरूप नदियों का जल तो प्रदूषित हुआ ही है साथ साथ नदियों के प्रभाव क्षेत्र वाले भूमिगत जल…
-निर्मल रानी यदि आप एक ओर यह दावा भी करें कि समाज में आपसे अधिक लोकप्रिय नेता कोई भी नहीं है। आपके प्रवक्तागण मेज़ें ठोक-ठोक कर यह ची$खते चिल्लाते रहें कि आपकी लोकप्रियता का ग्रा$फ दिन-प्रतिदिन ऊपर उठता जा रहा है। आपको किसी समाज विशेष,क्षेत्र अथवा देश का ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे अधिक लोकप्रिय नेता प्रमाणित करने के प्रयास भी किए जा रहे हों,यहां तक कि आप अपनी…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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