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-आकांक्षा सक्सेना स्वच्छता का अर्थ भी तब अस्तित्व में आया होगा जब इंसान अपने लिए ही नहीं सब के लिये जागा होगा। बात उस समय की है जब अठारहवीं और उन्‍नीसवीं सदी के दौरान, यूरोप और अमरीका में इतनी गंदगी फैली थी कि उस समय के मिश्‍नरियों के प्रचार को “स्वच्छता का सिद्धांत” कहा गया। इस सिद्धांत के मुताबिक गंदगी की तुलना पाप से की गयी है और स्वच्छता इश्‍वरीय…
- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा रामचरन बरमादे के कोने में पड़ी टूटी-फूटी चारपाई पर पड़े-पड़े खांस रहे थे | सामने से पुराने टाट की तिरपाल लटक रही थी, जिससे बाहर वाला कोई उन्हें देख नहीं सकता था | हाँ सिर्फ आवाज़ ही सुनाई पड़ती थी |बेचारे रामचरन टूटी खटिया पर पड़े-पड़े अपने अतीत में चले गये | किस तरह पाई-पाई जोड़कर इस घर को उन्होंने बनाया था | अपनी धर्मपत्नी…
-शिवांकित तिवारी "शिवा"मन व्यथित है आज बड़ी असहनीय वेदना हो रही है आज की इस गर्त में जा रही आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को देखकर,आज शिक्षा को सिर्फ पैसों से तोला जा रहा है मतलब यहाँ तक शिक्षा की दयनीयता देखने को मिल रही हैं की जैसे बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान सिर्फ पैसों के लिये ही खोले गयें है और शिक्षा को व्यवसाय का माध्यम बनाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित…
नई दिल्ली (हम हिंदुस्तानी)-पुलवामा में शहीद हुए भारत मां के लाडले वीर जवानों को जागृति सेवा मंडल दिल्ली के संस्थापक संचालक किरण सबरवाल के सानिध्य में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई । शहीदों की आत्मा की शांति के लिए मंडल द्वारा शांति मार्च उसके पश्चात 108 गुरबाणी पाठ चौपाई साहिब 108 महामृत्युंजय मंत्र तथा गायत्री मंत्र की आहुति द्वारा हवन किया गया। अरदास के पश्चात मां भगवती की आरती व…
नई दिल्ली (हम हिंदुस्तानी)-आगमन साहित्य समूह द्वारा महिला दिवस के अंतर्गत fantastic lady अवार्ड समारोह दिल्ली में आयोजित हुआ । उर्दू भवन में आयोजित भव्य समारोह में प्रसिद्ध साहित्यकार एवं लेखक सुवर्णा परतानी”(हैदराबाद) को प्राइड ऑफ वीमेन"अवार्ड से सम्मानित किया गया । आगमन समूह के अध्यक्ष पवन जी जैन की अध्यक्षता में में समारोह सम्पन्न हुआ इस अवसर पर देश के कोने कोने से आयी 90 से अधिक महिलाओं का…
नई दिल्ली (हम हिंदुस्तानी)- राजधानी ओर एन सी आर क्षेत्र में निराश्रित ओर जरूरतमंद नन्हे मुन्ने बच्चो के भोजन उनके आवास स्थल पर उपलब्ध करवा रही थी। और अब इन बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर रही सामाजिक संस्था *ट्राई* के इस पुनीत कार्य की सराहना की जाए उतनी कम है।आज वसुंधरा के सेक्टर 14 में संस्था के संस्थापक अंकित टंडन ओर वाइस चैयरमेन एवं प्रसिद्ध साहित्यकार शोभा सचान…
- देवेन्द्रराज सुथार महिलाओं की शक्ति और संघर्ष को सलाम करने और उनके उत्कृष्ट कामों को सराहने के उद्देश्य से प्रत्येक साल 8 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा व प्यार प्रकट करते हुए महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक उपलब्धियों को लेकर खुशी मनाई जाती है। दरअसल, 1908 में 15000 महिलाओं ने न्यूयॉर्क सिटी में वोटिंग अधिकारों…
-सोनिया चोपड़ा आज हर जगह महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हो रही है, लेकिन क्या सामाजिक बदलाव के बिना महिलाओं का सशक्तिकरण संभव है। राष्ट्रीय मीडिया में महिला दिवस विशेष पर महिला सशक्तिकरण एवं महिला सम्मान के कई आयोजनों की खबरें खूब छपेंगी लेकिन क्या वास्तव में हम महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीर हैं। आज जब राष्ट्रीय मीडिया राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मसलों और अपराध की खबरों पर आत्ममुग्ध है, ऐसे में…
-उत्तम सूर्यवंशी चम्बा हिमाचल बात जब महिला की हो तो भारत में महिला का नाम बहुत ही आदर के साथ लिया जाता है। यहां महिला को पूजनीय सम्माननीय माना जाता है। कहा जाता है जहां नारी की पूजा होती है, वहां भगवान वास करते हैं।नारी को गौरी, लक्ष्मी, दुर्गा पार्वती आदि समझा जाता है।भिन्न भिन्न ग्रंथों में नारी की वीरता साहस पराक्रम व ममता की हजारों कहानियां हमें पढ़ने को…

आखिर कब तक…….!

-डॉ प्रदीप उपाध्याय आखिर कब तक किसान आत्महत्या करता रहेगा ! कहीं तो यह सिलसिला थमना चाहिए लेकिन नहीं!किसान आत्महत्या करना बन्द नहीं करेगा क्योंकि जबसे सरकारें चाहे वह किसी भी दल की रही हों,किसान हितैषी होती जा रही हैं, किसान आत्महत्या कर अपनी बात उन तक पहुँचा कर सरकारों को अपनी ओर आकर्षित करते चले आ रहे हैं।शायद ज्यादा लाड़-प्यार में आदमी पगला जाता हैकहने वाले कहते हैं कि…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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