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आजादी के आंदोलन के लगभग सभी महत्वपूर्ण नेताओं ने पत्रकारिता के माध्यम से अपना संदेश लोगों तक पहुंचाया। आजादी के बाद भी यह क्रम जारी रहा। आजादी के बाद के पत्रकारों में राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार और संपादक वशिष्ठ कुमार शर्मा का नाम सम्मान के साथ लिए जाता है। 23 दिसंबर 1936 को शाहपुरा जिला भीलवाड़ा में जन्मे और 1954 से प्रदेश में पत्रकारिता शुरू करने वाले शर्मा बहुमुखी प्रतिभा…

जब वी मेट

-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी मुझे ऐसे लोग (स्त्री-पुरूष) पसन्द हैं जिनके शरीर में माँस हो- यानि स्वस्थ लोग। कृपया यह मत समझिए कि मैं मोटे लोगों को पसन्द करता हूँ। माना कि मैं काफी मोटा हूँ शायद इसलिए माँसल एवं गुदाज शरीर वालों को पसन्द करता हूँ- ऐसा नहीं है। मुझे भी अच्छी ‘बॉडी फिगर’ वाले लोग अच्छे लगते हैं। मेरी ‘वो’ हैं- उनपर बाबा रामदेव जी के योगा का…
सपाट पिचों पर गेंदबाजों की शामत, मौला नहीं हरफनमौला दिखाएंगे दम -श्रीप्रकाश शुक्ला ताबड़तोड़ क्रिकेट आईपीएल के रतजगे के बाद क्रिकेट मुरीदों के बीच अंग्रेजों की धरती पर चौथी बार होने जा रहे एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप को लेकर कयासबाजी का दौर-दौरा शुरू हो चुका है। क्रिकेट विश्व कप को लेकर भारत ही नहीं इस मजमें में शिरकत कर रहे सभी मुल्कों के खेलप्रेमियों में खासा उत्साह है। मेजबान इंग्लैण्ड…
-दीपेश पालीवालआधुनिक जीवन में मानव समाज में किसी नही व्यक्ति के सर्वांगीण विकास हेतु सकारात्मकता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।सकारात्मक सोच से व्यक्ति दुनिया का कठिन से कठिन कार्य बड़ी ही आसानी से कर सकता है। और अपने जीवन के प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।सकारात्मक सोच व्यक्ति को सदैव कार्य करने हेतु अभिप्रेरित करती है। और व्यक्ति को कभी हतोत्साहित नही होने देती।नकारात्मकता व्यक्ति की सोच का दूसरा…
-राजीव डोगरा, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश* आज का आधुनिक दौर ऐसा है कि बच्चें पढ़ने लिखने में कितने भी तेज क्यों न हो मगर उनमें रचनात्मकता न के बराबर होती है क्योंकि उसको किताबी ज्ञान ज्यादा से ज्यादा दिया जाता है।मगर उसके अंदर जो गुण हैं उनको बहुत कम निखारा जाता है और बच्चे किताबी कीड़ा बन कर रह जाते है। माता-पिता और अध्यापक बच्चों की रचनात्मकता की तरफ बहुत ही…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) राजस्थानी भाषा के प्रख्यात कवि, गीतकार, संगीतकार, गायक, लेखक, नाटककार व एक जिंदादिल व्यक्तित्व गजानन वर्मा अब स्मृति शेष हैं। गजानन वर्मा के लिखे व गाये गीत उनके जीवनकाल में ही लोकगीत बन जनमानस में गूंजने लगे जो हमेशा गाये व गुनगुनाये जायेंगे। गजानन वर्मा का जन्म 23 मई 1926 राजस्थान के चूरु जिले के रतनगढ़ कस्बे में हुआ।गजानन वर्मा ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग…
-मनोज ज्वाला... तो विश्वविख्यात ‘टाइम’ पत्रिका में छपी एक आवरण-कथा भारत में इनदिनों बौद्धिक चर्चा का विषय इस कारण बनी हुई है कि उसमें भारत केप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘इण्डियाज डिवाइडर इन चीफ’ कह करविश्लेषित किया गया है । इण्डियाज डिवाइडर इन चीफ , अर्थात ‘भारत काविभाजनकारी प्रधान’ ! टाइम के आवरण पर अंकित इस शीर्षक की पूरी कथापत्रिका के भीतर आतीश तासिर नामक एक तथाकथित पत्रकार ने लिखी है…
- योगेश कुमार गोयल* पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा के शर्मनाक दौर में कोलकाता विश्वविद्यालय के ईश्वर चंद्र विद्यासागरकॉलेज के प्रांगण के बाहर स्थित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को कुछ लोगों द्वारा जिस प्रकार तोड़ा गया और तोड़ने के पश्चात्वीडियोक्लीपिंग जारी कर इसका आरोप एक-दूसरे पर मढ़ने की घृणित राजनीति की गई, उससे न केवल पश्चिम बंगाल में बल्कि समूचे देश में हर सभ्य नागरिक का सिर शर्म से…
आगरा (HH)- विश्वशांति मानव सेवा समिति (आगरा) के बैनर तले सुरक्षित पानी - सुरक्षित जीवन को लेकर पानी बचाने की प्रेरणा के लिए एक लघुफिल्म का फिल्मांकन किया गया | इस शॉर्टफिल्म में दर्शाया गया है कि लोग लापरवाहीवश पानी पीकर टोटी खुली छोड़ जाते हैं और स्वच्छ पानी नालियों में, सडकों पर बह जाता है, जो पानी की बहुत बड़ी बर्बादी है | यह लघुफिल्म मुकेश कुमार ऋषि वर्मा…
आगरा (HH)- एक सोच फाउण्डेशन के बैनर तले सेंट चर्चिल जू. हाईस्कूल, सीता नगर (आगरा) में एक समर कैम्प का आयोजन किया गया | जिसका शुभारंभ रौनक सोलंकी (हैड- खुशी इवेंट्स) ने अपने करकमलों से फीता काटकर व माँ शारदे की तस्वीर पर पुष्प चढाकर किया | इसके साथ ही उन्होंने स्कूली छात्र-छात्राओं के सम्मुख अपनी बात भी रखी | उन्होंने कहा कि गर्मीओं की छुट्टीओं में बच्चों के लिए…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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