articles

- बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल के कवियों में सूरदास को सर्वक्ष्रेष्ठ माना जाता है। सूरदास की जयंती पूरे भारत में 9 मई 2019 को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। कृष्ण भक्ति को एक आयाम देने वाले महाकवि सूरदास भगवान श्री कृष्ण के भक्त थे। सूरदास ने देश और दुनिया को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से देश-दुनिया को परिचित करवाया। वह एक…
-महेश तिवारी, युवा लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार शिक्षा समाज का निर्माण ही नहीं करती, अपितु समाज को एक नई दिशा और दशा भी देती है। इसके साथ सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को समृद्ध बनाने का कार्य शिक्षा व्यवस्था ही करती है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में ही झोल होगा, और जो गुरु शिक्षा देने का कार्य करते हैं। उनकी योग्यता और मनोदशा पर टिप्पणी हाईकोर्ट की बैंच यह कहकर निर्धारित…
-महेश तिवारी, युवा लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार विज्ञान वरदान है, तो अभिशाप भी। विज्ञान की देन ही प्रौद्योगिकी है, तो उसी प्रौद्योगिकी के नवाचार का एक रूप है मोबाइल-फ़ोन। आज के समय में नित्य मोबाइल-धारकों की संख्या बढ़ने पर हम और हमारी रहनुमाई व्यवस्था इठला जरूर लें, कि इक्कीसवीं सदी में हम अंगुलियों पर सबकुछ संभव बना रहे। लेकिन शायद हम तकनीक में मशगूल होकर यह भूलते जा रहें कि…
नई दिल्ली (हम हिंदुस्तानी)- राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन और पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के लोकप्रिय एडूटनमेंट शो मैं कुछ भी कर सकती हूं अपने कंटेंट के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रभावी बदलाव लाने में सफल रहा है. अपने तीसरे सीज़न में, यह शो स्वच्छता एलान- एक स्वच्छता प्रतिज्ञा की बात कर रहा है. यह सन्देश शो की नायक डॉ. स्नेहा माथुर की कहानी के जरिए दिया जा रही है, जो…
-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) देश में कभी एक शेरनी सौ लंगूर चिकमंगलूर चिकमंगलूर का नारा खूब गूंजा था। आज एक शेर सौ सियार और फिर आएगी मोदी सरकार का नारा लोगों की जुबान पर चढ़ रहा है। हालाँकि शेर कौन है और कौन शियार है इसका पत्ता 23 मई को ही चल पायेगा। मगर देश इस समय चुनावी बुखार पर सवार है और मोदी मोदी के शोर…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायइंसान की जिन्दगी में जनम,परण और मरण दिवस का बहुत महत्व है क्योंकि ये भी साल में एक बार एक ही दिन के लिए आते हैं।हाँ,यह बात अलग है कि जनम और परण दिवस तो वह स्वयं बहुत अच्छे से सेलीब्रेट कर लेता है और फिर एक साल की छुट्टी!लेकिन उसके मरण दिवस को मनाने यानी सेलीब्रेट करने का उसके पास कोई चांस ही नहीं!उसके मरण दिवस को…
-सलीम रज़ाकहते हैं कि मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी दे देनी चाहिए ये बात किसी हद तक ठीक है, लेकिन क्या उसका अनुसरण इस संदर्भ में हो रहा है? क्या हम सही में श्रमिकों के हितों की बात कर रहे हैं? क्या हम श्रमिकों के साथ दोहरा चरित्र नहीं निभा रहे?क्या आज भी हम श्रमिकों को हेय दृष्टि से नहीं देखते हैं? क्या 113 साल बाद भी…
-सलीम रज़ा, देहरादून, उत्तराखण्ड स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा था कि ‘जो जाति नारी का सम्मान करना नहीं जानती, वो न तो अतीत में उन्नतिश्कर सकती और न आगे उन्नति कर सकेंगी’। हम सबको इस बात का स्मरण रखना चाहिए कि हम जिनके आदर्शों को आगे रखकर समाज के एक अच्छे इंसान होने का खिताब पाते हैं फिर क्या बात है जब हम अपने अहंकार और सवार्थ के चलते उन…
-योगेश कुमारगोयल मछलियों की विश्वभर में तीस हजार से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से कुछ प्रजातियां असाधारण या विशेष मानी जाती हैं। इन्हीं में से एक है ‘टूना मछली’, जिसका दुनियाभर के कई देशों में बड़े पैमाने पर शिकार किए जाने के कारण इसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इसी वजह से अब इसके संरक्षण के लिए वैश्विक प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है…
भुवन बिष्ट , रानीखेत (अल्मोड़ा) , उत्तराखण्ड रानीखेत (उत्तराखण्ड) | देवभूमि उत्तराखण्ड अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्वविख्यात है वही इसके विभिन्न शहर, स्थान पर्यटन , आध्यात्म के गुणों को समेटे हुवे हैं | अल्मोड़ा जिले के रानीखेत शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्वविख्यात है | रानीखेत विभिन्न प्रसिद्ध मंदिरों से भी चारों ओर से घिरा है | विभिन्न दर्शनिय स्थलों की धनी रानीखेत नगरी ब्रिटीशकाल से ही पसंदीदा…
Page 7 of 80

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें