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-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) भारतीय स्वास्थ्य तंत्र के गंभीर खामियों के कारण पोलियो के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम को गंभीर झटका लगा है।सरकार के सार्वभौमिक पोलियो टीकाकरण के तहत बच्चों को पोलियो रोधी दवा अर्थात वैक्सीन की जो खुराक पिलाई जा रही थी,उसमें ही दुनिया भर से खत्म हो चुकी पोलियो का खतरनाक टाइप-2 वायरस मिलने की पुष्टि हुई है।अब तक कम से कम टाइप-2 वायरस से युक्त तीन…

अस्तित्व

-दीपा डिंगोलिया मेरे जन्म लेते ही मेरे लड़की होने का अहसास यह समाज बखूबी करा देता है और इसकी सजा भी समाज मुझे अपने तरीके से समय-समय पर खूब देता है। शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना आदि सजाएं मेरे लिए तय की गयी हैं। इस सजा के लिए मेरी उम्र की सीमा भी तय नहीं है। हमारे यहाँ स्त्री की सभी रूपों में पूजा की जाती है। परन्तु यह पुरुष प्रधान…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायकब कौन किस पर मोहित हो जाए और कब किसका मोह भंग हो जाए, यह ऊपर वाला भी नहीं बता सकता।मोह-माया का जंजाल ही ऐसा है कि इंसानी रूह उसमें फँसती ही चली जाती है और फिर साधारण मनुष्य की क्या बिसात! बड़े-बड़े ऋषि-मुनि तक मोह पाश में बंध चुके हैं।देखा तो यह भी गया है कि जो लोग काम-क्रोध, मोह-माया के जंजाल से मुक्त होकर ज्ञान का…
भवानीमंडी (हम हिंदुस्तानी)-यूथ वर्ल्ड सोशल समूह द्वारा 22 व 23 अक्टूबर को मरु नगरी बीकानेर में यूथ वर्ल्ड सोशल मीडिया मैत्री सम्मेलन 2018 बीकानेर के वेटनरी सभागार में होगा । राष्ट्रीय स्टार डायमंड अचीवर्स अवार्ड समारोह के इस भव्य आयोजन में भवानीमंडी के कवि साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा पुरोहित को राष्ट्रीय स्टार अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।पुरोहित को यूथ वर्ल्ड सोशल समूह के प्रमुख और आयोजन के कोऑर्डिनेटर भेरू…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) डाक विभाग कई दशकों तक देश के अंदर ही नहीं बल्कि एक देश से दूसरे देश तक सूचना पहुंचाने का सर्वाधिक विश्वसनीय, सुगम और सस्ता साधन रहा है। लेकिन इस क्षेत्र में निजी कम्पनियों के बढ़ते दबदबे और फिर सूचना तकनीक के नये माध्यमों के प्रसार के कारण डाक विभाग की भूमिका लगातार कम होती गयी है। वैसे इसकी प्रासंगिकता पूरी दुनिया में आज भी…
-ओम प्रकाश उनियालसावधान! यदि आप रात में किसी भी सड़क से गुजर रहे हो और पुलिस गश्त पर हो तो हो सकता है पूछताछ करने पर अपनी मनमानी से आपको जबरदस्ती संदिग्ध बताकर या अन्य कोई भी कारण बताकर आपका एनकाउन्टर ( हत्या) कर दे। नागरिकों की रक्षा करने वाले ये रक्षक भक्षक बनकर पुलिस की मान-मर्यादा को मिटाने पर तुले रहते हैं। वर्दी की टौर में अपना कर्तव्य भूलकर…
-ओम प्रकाश उनियालजिस हिसाब से परिवारों में वृद्धों की दयनीय स्थिति देखने को मिलती है उससे तो यही आभास होता है कि वृद्धावस्था आज के समय में सचमुच अभिशाप है। मनुष्य को चार अवस्थाओं से हर हाल में गुजरना ही पड़ता है। जब चौथी अवस्था में मनुष्य पहुंचता है तो हर कोई उससे कतराने लगता है। उनसे दूर भागने लगता है। केवल इस डर से कि आफत कहीं हमारे पल्ले…
-निर्मल रानी 2 अक्तूबर को एक बार फिर गत् दिवस देश ने गांधी-शास्त्री जयंती मनाने की औपचारिकता निभाई। वैसे भी देश, गांधी व शास्त्री जी को याद तो ज़रूर करता है परंतु क्या उनके चित्रों पर फूल माला चढ़ा देने मात्र से या उनके जीवन वृतांत बताने वाले भाषण या आलेखों से ही ऐसे महान नेताओं को श्रद्धांजलि दिए जाने का कर्तव्य पूरा समझ लिया जाना चाहिए? महात्मा गांधी ने…
-विनोद कुमार विक्की आज सपने में टहलते हुए बापू मिल गए।अरे भाई .... आसाराम बापू नहीं मोहन दास करमचंद बापू।वही 1947 वाला लुक आंखों पर गोल चश्मा,एक धोती पर ढ़का हुआ शरीर,हाथ में लाठी.......हाँ दाएँ-बाएँ कन्याए नजर नहीं आ रही थी।औपचारिक अभिवादन के बाद सोचा आज बापू का इंटरव्यू ले लूँ यही सोच कर मै उनसे पूछ बैठा-" हैप्पी बर्थडे बापू.... कैसे हो "?बापू ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-"मैं तो…
आधार की संवैधानिक वैधता - योगेश कुमार गोयल आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर लंबे समय से उठ रह सवालों पर अंततः देश की सर्वोच्च अदालत का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया है, जिसमें अदालत की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने लंबी जद्दोजहद के बाद आधार की विस्तृत व्याख्या की है कि आधार अब कहां इस्तेमाल किया जाएगा और कहां इसका उपयोग अब अनिवार्य नहीं होगा। पांच जजों की संविधान पीठ…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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