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- देवेंद्रराज सुथार छमिया लोमड़ी ने न्यू ईयर की पार्टी के लिए जंगल के सभी दोस्तों को आमंत्रित किया। लेकिन, उसने डबू हाथी को आमंत्रण नहीं भिजवाया क्योंकि डबू हाथी से छमिया लोमड़ी जलती थी। डबू को वो अकड़ू समझती थी जबकि डबू बड़ा मस्तमौला और दलायु था। जंगल के दोस्त फटकू बंदर, चिंकू हिरण, भिकू भालू, कालू कौआ, चंदू तोता, शेरू कुत्ता सभी पार्टी के लिए छमिया के घर…
-राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित" कवि,साहित्यकार सभ्यता समाज के सकारात्मक प्रगतिशील और समावेशी विकास को इंगित करने के लिए किया जाता है। सभ्यता के अंतर्गत उन्नत कृषि लम्बी दूरी का व्यापार नगरीकरण आदि की उन्नत स्थिति दर्शाता है।सभ्यता कुछ माध्यमिक तत्वों यथा विकसित यातायात व्यवस्था लेखन मापन के मानक विधि व्यवस्था कला की प्रसिद्ध शैलियां स्मारकों के स्थापत्य गणित उन्नत धातु कर्म खगोल विद्या आदि के माध्यम से पतिभाषित होती है। भारतीय…
-योगिता वशिष्ठअपनी तमाम खट्टी-मीठी यादों के साथ 2018 अतीत का हिस्सा बनने से चंद कदम दूर है। पुराना जाएगा तो नया आएगा। अब 2019 का पदार्पण होगा। आइये नयी ऊर्जा, आशा और उत्साह के साथ इसका स्वागत करें। हर ओर नया और सकारात्मक देखें। सभी चेहरे को नयी नजर से देखें। हर चीज में नयापन तलाशें। नयी प्रेरणा से देखें। नयी आशा से देखें। नयी राह की ओर देखें। नये…
-बाल मुकुन्द ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही देश में परिवार और वंशवाद की राजनीति एक बार फिर जोर शोर से हिलोरे मारने लगी है। हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर थी मगर परिवारवाद की फसल दोनों ही पार्टियों में बखूबी काटी गयी। यूँ देखा जाये तो राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा में…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) राजस्थान में कोटा शहर के लिये दिसम्बर का महिना अशुभ शाबित हुआ। एक माह में कोचिंग कर रहे चार छात्रों ने आत्महत्या कर शहर पर एक बदनुमा दाग लगा दिया। कोटा शहर में गत कई वर्षो से कोचिंग कर रहे छात्रों द्वारा आत्महत्या किये जाने से देश भर में चर्चा में रहता है मगर एक माह में ही चार छात्रों द्वारा जान देने की घटना…
- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एक देहाती कहावत है, ‘जब तक जिएेंगे तब तक सिएंगे’... बस कुछ इसी कहावत पर मेरे जीवन का यह 2018 वर्ष भी गुजर गया | वैसे इससे पहले के गुजरे साल भी उपर्युक्त कहाबत को पूर्णतः सत्यता के कड़बे घोल में डूबते हुए ही गुजरे हैं | और जब तक सांसे हैं तब तक जिएंगे और सिएंगे... चलिए अब बात करता हूँ अपने गुजरे साल…
-ललित गर्गजबसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की कमजोर स्थिति सामने आयी है, एक शीर्ष वर्ग पार्टी के भीतर थोड़ा ठहरकर अपने बीते दिनों के आकलन और आने वाले दिनों के लिये नये धरातल को तैयार करने की वकालत करने लगा है। इन पांच राज्यों के चुनाव के परिणाम एवं लोकसभा चुनाव की दस्तक जहां भाजपा को समीक्षा के लिए तत्पर कर रही है, वही एक नया धरातल…
-डॉ प्रदीप उपाध्यायवे मान रहे हैं कि देश भर में गिद्ध विलुप्त होते जा रहे हैं।मध्यप्रदेश में तो गिद्धों की गणना किये जाने के लिए अभियान भी प्रारम्भ किया जाने वाला है लेकिन क्या वास्तव में गिद्ध विलुप्त होते जा रहे हैं! उन्होंने कहा और आपने मान लिया !वे कह रहे हैं कि खेतों में रासायनिक खादों, कीटनाशकों के प्रयोग और टी वी टॉवरों के वायब्रेशन की वजह से यह…
-शम्भू पंवार राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनूं जिलान्तर्गत चिड़ावा शहर में चिड़ावा को शिवपुरी से संबोधित करने वाले शेखावाटी के साई दिव्य दृष्टि, सिद्ध अघोरी, वाकसिद्ध शिव के उपासक पंडित गणेशनारायण के आर्शीवाद के बिना शहर में कोई भी शुभ कार्य सफल नहीं होता। पंडित गणेशनारायण का जन्म जिले के नवलगढ़ कस्बे के पास बुगाला के एक खण्डेलवाल ब्राहम्ण वंश में हुआ। पंडित गणेशनारायण के जन्म के कुछ दिनों…
-ललित गर्गनया वर्ष का उत्सव यानी आने वाले कल की रचनात्मक तस्वीर के रेखांकन का प्रेरक क्षण। क्या बनना, क्या मिटाना, इस अन्वेषणा में संकल्पों की सुरक्षा पंक्तियों का निर्माण। ‘आज’, ‘अभी’, ‘इसी क्षण’ को पूर्णता के साथ जी लेने का जागृत अभ्यास। नयेवर्ष की शुरूआत हर बार एक नया सन्देश, नया संबोध, नया सवाल लेकर आती है। एक सार्थक प्रश्न यह भी है कि आज हर व्यक्ति चाहता है…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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