articles

-निर्मल रानी हमारे देश में नवरात्रि के दौरान व्रत तथा पूजा-पाठ का पूरे देश में धर्म एवं भक्ति का ऐसा पावन दृश्य देखने को मिलता है गोया हमारे देश से बड़े धर्मपरायण,सदाचारी तथा चरित्रवान लोग दुनिया के किसी दूसरे देश में रहते ही न हों। नेता,अभिनेता,अदालतें,सेना,पुलिस,मीडिया तथा धर्मगुरू आदि सभी महिलाओं के पक्ष में अपनी टिप्पणियां करते तथा महिलाओं के हितों व उनकी रक्षा की दुहाई देते सुनाई देते हैं।…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) बाबासाहेब के नाम से दुनियाभर में लोकप्रिय डा.भीमराव अम्बेडकर एक समाज सुधारक, एक दलित राजनेता होने के साथ ही वे विश्व स्तर के विधिवेत्ता व भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे। भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के मऊ में एक गरीब अस्पृश्य परिवार मे हुआ था। भीमराव अम्बेडकर रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की 14 वीं सन्तान थे। उनका परिवार मराठी…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) भारतीय राजनीति कब किस समय कौन सी करवट बैठेगी, यह कोई भी विशेषज्ञ अनुमान नहीं लगा सकता। अगर इसका अनुमान लगाएगा भी तो संभव है कि उसका यह अनुमान भी पूरी तरह से गलत प्रमाणित हो जाए। हमारे देश में लम्बे समय तक सत्ता पक्ष की राजनीति करने वालों राजनेताओं के लिए यह समय वास्तव में ही अवसान काल को ही इंगित कर रहा…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) आज की पत्रकारिता विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने हमारे सामाजिक सरोकारों को विकृत कर बाजारू कर दिया है। बाजार ने हमारी भाषा और रचनात्मक विजन को नष्ट भ्रष्ट करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है ऐसे में साहित्य दोनों के मध्य सेतु का काम कर समाज को राह दिखाने के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सकता है। साहित्य समाज का…
-अभिषेक राज शर्मा एक टूटभैय्या नेता जी गली के कोने पर रहते थे,पिछले कुछ समय से उनके भष्ट्राचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे मगर आज गलती का एहसास हो गया और आज उनको माफीनामा लिखकर भेज रहा हूं कि वे भष्ट्राबिमारी नही है ।भैय्या जी नेता कैसे बने उनका इतिहास पूरा भूगोल सा चक्कर मार रहा।पहले उनका कानपुर के गली में पान की दुकान रही जो उनका राजनीतिशास्त्र की…
-ओम प्रकाश उनियाल (स्वतंत्र पत्रकार)बैसाखी के पर्व का अपने आप में अलग ही महत्व है। अलग-अलग प्रदेशों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है यह त्योहार। इस त्योहार की रंगत तो पंजाब में विशेष तौर पर देखने को मिलती है। थिरक उठती है पंजाब की धरती जब जगह-जगह 'ओ जट्टा, आई बैसाखी......' जैसे मधुर लोकगीत भांगड़े के साथ गूंजते सुनायी देते हैं। थिरकती धरा के साथ झूम उठता है वहां…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत-नेपाल संबंध कई चुनौतियों के बावजूद अद्वितीय है।भौगोलिक निकटता,एक खुली सीमा,सांस्कृतिक सभ्यता,ऐतिहासिक और सामाजिक बंधनों ने दोनों देशों के बीच प्राचीन काल से लेकर अब तक अंतरंगता बनाए रखा है।21 वीं शताब्दी में विश्व मानचित्र पर संघात्मक,धर्मनिरपेक्ष व लोकतंत्रात्मक गणराज्य के रुप में अवतरित नेपाल हिमालय के गोद में बसा प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण स्थलबद्ध देश है।नेपालसमृद्ध जैवविविधता की विरासत…
-विनोद कुमार विक्की (स्वतंत्र लेखक सह व्यंग्यकार) विधालय में जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण से शिक्षक समुदाय में खलबली मच गई।प्राचार्य सहित कुल नौ शिक्षक में दो शिक्षक बगैर अर्ज़ी के विधालय से अनुपस्थित थे।तीन शिक्षक उपस्थिति पंजी में दस्तखत होने के बावजूद कार्यस्थल से नदारद थे। एक शिक्षक अवकाश पर थे।आधे से अधिक छात्र कक्षा से नदारद थे।शो काॅज के साथ प्राचार्य की भी जमकर क्लास ली गई।…
-संजय सिंह राजपूतचाचा जी देख रहा हूं, आजकल बच्चन बहुत खुश रहने लगा है, छेदिया ने उदय सिंह से कहा। उदय सिंह भी हां में हां मिलाते हुए बोले, लेकिन ऐसा कौन-सा खजाना हाथ लगा है। यह तो मैं भी नहीं समझ पा रहा हूं। छेदिया ने कहा चाचा जी मैंने तो गांव के कई लोगों से पूछा लेकिन किसी को नहीं पता आखिर बच्चन खुश क्यों है, छेदिया की…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) को एक साल के भीतर दूसरी सबसे बड़ी विफलता का सामना करना पड़ा है।इसरो के इस विफलता से सेना और वैज्ञानिकों को जबरदस्त झटका लगा है।इसरो का सबसे मजबूत कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-6ए से संपर्क टूट गया है।गंभीर बात यह है कि इस सैटेलाइट को लॉंच करने के बाद 48 घंटों के अंदर ही इससे संपर्क टूट गया।अब स्थिति यह आ…
Page 50 of 76

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें