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-दीपेश पालीवाल हम उस देश के निवासी है जहां बेटी को लक्ष्मी कहाँ जाता है , घर - घर बेटी को पूजा जाता है, बेटी को दुर्गा काली का अवतार माना जाता है , जहाँ के वेदों में लिखा है -यत्र नार्यस्तु पूज्यंते,रमयन्ते तत्र देवता । क्या ऐसे देश मे बेटी को बचाने की आवश्यकता है ? तो मैं कहूँगा नही । तो फिर देश मे आज बेटियों की दुर्दशा…
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी, 9454908400पुरानी बात है जिले के एक थाना क्षेत्र में चोरियों की बाढ़ आ गई थी। जिससे आम आदमी की नींद हराम हो गई थी। जिले के आला अफसरों से लेकर पुलिस महकमें के सूबे स्तरीय अधिकारी इसको लेकर काफी चिन्तित थे। यह उस समय की बात है जब सूबे के पुलिस महकमें का मुखिया आई.जी. हुआ करता था। आई.जी. ने पुलिस विभाग के दरोगा से लेकर…
-मनोज ज्वाला भारत की १७वीं लोकसभा के सम्पन्न चुनाव के परिणाम से यह प्रमाणित होगया कि नियति का निर्माण-चक्र अपनी रीत-नीति व गति से ऐसे चल रहा है,जैसे किसी अतिक्रमण-ग्रस्त इलाके में स्थित मकानों-दुकानों-भवनों कोढाहते-रौंदते हुए कोई बुल्डोजर कहर बरपा रहा हो । महर्षि अरविन्द औरयुग-ऋषि श्रीराम शर्मा के कथ्य बिल्कुल सत्य घटित हो रहे हैं । भारत फिरसे खडा हो रहा है, अनीति-अन्याय व अराष्ट्रीयता पर आधारित अवांछितराजनीतिक स्थापनायें…
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी, Mob. : 9454908400लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2019 के परिणाम आ गए हैं और केन्द्र में मोदी सरकार के पुनः गठन को लेकर चहल-पहल भी शुरू हो गई है। मोदी का दुबारा प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है। 2014 के चुनाव परिणाम और वर्तमान चुनाव परिणाम को देखकर यह अन्दाजा लगाया जा सकता है कि देश में मोदी की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। जहाँ भी भाजपा के प्रत्याशी भारी…
प्रवीण चतुर्वेदी, खरसिया (छत्तीसगढ़) भारतीय श्रमिकों की व्यथा ! इस विषय पर तो बहुत कुछ लिखा जा सकता है क्योंकि वास्तव में भारतीय श्रमिकों की जो हालत वर्तमान में है वह बहुत ही दयनीय है, ऐसा भी कह सकते हैं कि उनका घर जैसे-तैसे ही चलता है क्योंकि हर तरफ तो उनका शोषण किया जाता है। यहां तक कि कई जगह तो उन्हें उनकी मेहनत के हिसाब से पर्याप्त मजदूरी…
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों में एक बार फिर मोदी मैजिक का असर विरोधियों को धराशायी कर गया। अबकी बार मोदी सरकार ने पुनः लगभग 345 सीटों को जीतने का गौरव हासिल किया है। जबकि चुनाव नतीजों में यूपीए और अन्य राजनीतिक दल मिलकर भी एनडीए गठबंधन के जादुई आँकड़े से कोसो दूर रहे। इस चुनावी महासंग्राम में एक ओर जहां नरेन्द्र दामोदर दास मोदी की साधारण विचारधारा थी वहीं…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) प्रधानमंत्री मोदी के प्रथम कार्यकाल में भारतीय विदेश नीति अभूतपूर्व उपलब्धियों से परिपूर्ण रही।भारत वर्ष 2009 के बाद से ही मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवदी घोषित करने के प्रयासों में लगा हुआ था,लेकिन यह सफलता अंततः प्रधानमंत्री मोदी के समय में ही मिल पाई।इस प्रयास में चीन बार-बार बाधा बन रहा था,परंतु इसके बावजूद अंतर्राष्ट्रीय वैश्विक ताकतों विशेषकर ब्रिटेन,अमेरिका, फ्रांस इत्यादि देशों ने इस…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार)देश में सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव परिणामों की घोषणा हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले से भी अधिक बहुमत हासिल कर देश में दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहे हैं। इन चुनावो में जहां भाजपा व उसके सहयोगी दलो की सीटो की संख्या में बढ़ोत्तरी हुयी है। वहीं लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा घाटा वामपंथी दलों को उठाना पड़ा है। एक तरह…
-ओम प्रकाश उनियालएक बार फिर जनादेश भाजपा के पक्ष में। 2014 की भांति इस बार भी कमल इस कदर खिला कि हर हाथ ने कमल को खुशी-खुशी अपनाया। मोदी ने ऐसी बिसात बिछाई कि विपक्ष के पसीने छूट गए। कांग्रेस अपनी साख खुद ही खो रही है। उसमें सालों तक सुधार आना बड़ा मुश्किल-सा है। वैसे तो राजनीति में कभी एक दल का पलड़ा भारी होता है तो कभी दूसरे…
- ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना akaksha11@gmail.com राजनीति का मूल मंत्र है साम, दाम, दंड, भेद और गद्दारी की वो अदृश्य ओढ़नी जिसमें छिपकर सियासत की वो मीठी और तीखी चालें चलीं जा सकतीं हैं जिसकी कोई हद नहीं। वही हद इस बार लोकसभा चुनाव में बंगाल में भगवा का रंग और गाढ़ा होते हुए देखा गया जिस करिश्मे से ममता दीदी समेत समूचा विपक्ष भौचक्का रह गया। और तो और यह…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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