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-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) प्रति वर्ष दुनिया में 100 से ज्यादा देशों के लोगों द्वारा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1972 में 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन से हुई। 5 जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था। इस अभियान की शुरुआत लोगों के बीच में पर्यावरण के मुद्दों के बारे में…
-संजय रोकड़ेराजनीति में कभी कोई स्थायी स्टेंड़ नही होता है। राजनेता हमेशा अपनी सुविधा के अनुसार खुद को फीट करते रहते है और रहेगें। खासकर चुनावी हार-जीत में। हार और जीत का कब, किसको और क्यों श्रेय दिया जाना चाहिए यह बेहद अबुझ पहेली रही है। जैसा कि शंका थी कि कैराना की हार का ठीकरा हिंदू- मुस्लिम जैसे विवादस्पद मुद्दें पर आकर फुटेगा और हुआ भी वही। भाजपा के…
दीपक गिरकर (स्वतंत्र टिप्पणीकार) डिनर डिप्लोमेसी किसी व्यक्ति को पटाने का एक परंपरागत तरीका हैं. डिनर डिप्लोमेसी से हर व्यक्ति बचपन से ही परिचित हो जाता हैं. जब बचपन में हम देखते कि किस प्रकार अपनी माँ अपनी या अपने बच्चों की उचित-अनुचित माँग मनवाने की लिए शाम को पिताजी के घर लौटने के पूर्व ही उनका मनपसंद खाना बनाकर तैयार रखती थी और किस प्रकार उनका स्वागत करती थी.…
-सुरेन्द्र कुमार, हिमाचल प्रदेश विश्व पर्यावरण दिवस 2018 की वैश्विक मेजबानी इस वर्ष भारत ने की। इस दिवस को यादगार बनाने और वैश्विक स्तर पर अपनी समृद्ध संस्कृति की छाप छोड़ने के लिए सरकार ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में बीते 5 जून को प्लास्टिक मुक्त एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रदर्शनी में यूएन ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्राचीन भारतीय परंपरागत विधियों…
-बाल मुकुंद ओझा (वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार) घूमना फिरना तो सभी को पसंद होता है लेकिन कुछ लोगों को खूबसूरत गार्डन और हरियाली जगहों पर जाना बेहद पसंद होता है। खूबसूरत पेड़-पौधे और फूलों के बीच घूमने का मजा ही अलग है। हरियाली और प्राकृतिक जगहें तो हर किसी को पसंद होता है। हिल स्टेशन हो या कोई प्लेस, अक्सर वहां की प्राकृतिक खूबसूरती आपका मन मोह लेती है। ऐसे…
-तनवीर जाफ़री हमारे देश का अन्नदाता किसान इन दिनों राष्ट्रीय स्तर की एक अनोखी हड़ताल पर है। पूरे देश में किसानों ने सब्ज़ी,दूध व फल आदि की शहरी आपूर्ति ठप्प कर दी है। दूध व सब्जि़यां सडक़ों पर फेंके जा रहे हैं। इस हड़ताल से जहां किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है वहीं दैनिक उपयोग की इन सामग्रियों के अभाव के चलते आम जनता भी…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच परमाणु युद्ध के अप्रत्याशित तनाव के बाद 12 जून को सिंगापुर में मुलाकात होने वाली है।दोनों देशों के बीच जिस तरह बेहद तनाव पूर्ण संबंध रहे हैं,वैसे में इस शिखर सम्मेलन पर संपूर्ण दुनिया की नजर स्वाभाविक ही है।24 मई को जिस तरह ट्रंप ने इस मुलाकात को अचानक रद्द…
-उपासना बेहार “डाली छेड़ूँ न पत्ता छेड़ूँ, न कोई जीव सताऊँ,पात-पात में प्रभु बसत है, वाही को सीस नवाऊ.” यह दोहा 15 वी सदी के संत कबीर ने कहे थे, वो उस समय लोगों को पर्यावरण को ना छेड़ने की बात कर रहे थे. इसी तरह महात्मा गाँधी ने पर्यावरण की असीम क्षमता के बारे में कहा था कि “पृथ्वी हर मनुष्य की जरुरत को पूरा करता है, लेकिन हर…
-ओम प्रकाश उनियाल(स्वतंत्र पत्रकार) पत्रकार समाज का आईना होते हैं। उनकी लेखनी में इतना दम होता है कि किसी भी सरकार की चूलें हिला सकते हैं। लेकिन पत्रकारों में ही आपसी एका न होने के कारण सरकार और समाज इसका फायदा उठा रहा है। बात एक राज्य की नहीं सभी राज्यों में न जाने कितने पत्रकार संगठन खड़े हैं। यदि एक संगठन पत्रकारों की आवाज उठाता है तो दूसरा उसके…
-रमेश ठाकुरनिपाह वायरस की दहशत इस वक्त पूरे देश में फैली हुई है। पिछले कुछ दिनों से निपाह नाम की एक नई उभरती हुई बीमारी ने पूरे स्वास्थ्यतंत्र को सकते में डाल दिया है। कहना गलता नहीं होगा कि निपाह के खतरनाक वायरस की दस्तक से पूरा भारत हलकान हो गया है। फिलहाल यह बीमारी हमारी पूरी चिकित्सा व्यवस्था के लिए इस समय चुनौती बनी हुई है। कहा जाता है…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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