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गाय कोई जानवर नहीं है ? गाय एक संस्कृति है, गाय एक वैद्यशाला है व हिंदू ही नहीं सम्पूर्ण मानव जाति की पौशक है | गाय की महिमा पौराणिक व वैदिक ग्रंथों में बडे विस्तार पूर्वक वर्णित है | गाय भारतवर्ष के लिए तो एक वरदान है | प्राचीनकाल से भारतवर्ष को गाय समृद्धिशाली बनाती आई है | हमारे ऋषि - मुनियों ने गाय को अपने आश्रमों में प्रमुखता से…
*24 जुलाई जन्मदिन पर विशेष -रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) हिन्दी सिनेमा जगत में मनोज कुमार का नाम कभी अभिनय के लिए नहीं बल्कि उनकी फिल्मों के लिए लिया जाता है। जिस समय सभी अभिनेता रोमांटिक छवि की फिल्में करना पसंद करते थे उस समय मनोज कुमार ने हिन्दी सिनेमा का रुख देशभक्ति की तरफ किया और देश के युवाओं तक देशभक्ति को एक नए रूप में पेश किया। मनोज…
-प्रभुनाथ शुक्ल (स्वतंत्र पत्रकार) संसद में मानसून सत्र का पहला दिन सरकार की विपक्ष से सहयोग की अपील के बाद भी हंगामें की भेंट चढ़ गया। बढ़ती माब लिंचिंग की घटनाओं पर चर्चा कराने को लेकर एकजुट प्रतिपक्ष हंगामा बरपाने लगा जिसकी वजह से लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को कुछ समय के लिए सदन को सस्थगित करना पड़ा। वाकई हिंसक होती भीड़ देश की चिंता बन गयी है। यह एक…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैं। लेकिन जब विपक्ष के पास संख्या बल का अभाव होता है तो वह घायल शेर की तरह से दिखाने का प्रयास करता है। इसी दिखावे के प्रयास में कई बार ऐसी चूक हो जाती है कि उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। संसद में विपक्षी दल तेलगुदेशम पार्टी की ओर से लाए गए…
-तनवीर जाफ़री गत् 20 जुलाई 2018 को न केवल लोकसभा में विपक्ष द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर ज़ोरदार चर्चा हुई बल्कि उस दिन सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राहुल गांधी के भाषणों के मध्य आरोप-प्रत्यारोप,बचाव,आक्रामकता,व्यंग्य,मसख़रापन तथा गांधीवादी प्रदर्शन आदि सबकुछ देखने को मिला। तौर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आसन पर जाकर उनसे लिपट कर गले लगना भी राष्ट्रीय व…
-डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा आखिरकार मोबोक्रेसी के खिलाफ सरकार और भीड़ के माध्यम से खूनी खेल खेलने वालों को सख्त संदेश देने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत को आगे आना ही पड़ा। वैसे भी सामान्य समझ की बात है कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को कैसे दिया जा सकता हैं? पिछले कुंछ समय से जिस तरह से अफवाओं के चलते भीड़ तंत्र का खूनी खेल हो…
-निर्मल रानी भारतीय राजनीति के चेहरे पर पिछले दिनों उस समय फिर एक बदनुमा दा$ग लगा जबकि झारखंड में कुछ स्वयंभू हिंदुवादी राष्ट्रवादियों द्वारा भगवाधारी बुज़ुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता,अध्यात्मवादी व राजनीतिज्ञ 79 वर्षीय स्वामी अग्रिवेश पर जानलेवा हमला कर दिया गया। उन्हें डंडों,लाठियों,हाथों,लातों आदि का प्रयोग कर पीटा गया,उनके कपड़े फाड़े गए, उनके सिर पर रखी भगवा पगड़ी उछाल दी गई तथा गंदी गालियां दी गई। उन्हें मारते व गालियां देते…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) सामान्य लोगों के बीच इंटरनेटऔर उसके अन्य साधनों के प्रति निरंतर वृद्धि हो रही है,लेकिन साथ ही डेटा चोरी के घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है।इसी कारण सरकार देश में पहली बार डेटा प्रोटेक्शन लॉ लाने जा रही है।ज्ञात हो यूरोपीय यूनियन ने हाल ही में डेटा प्रिवेसी का कठोर कानून पास किया है।डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने वालों की निजी जानकारियों के…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय अभी तक सुना था कि प्रेम का मतलब है कि कोई और आपसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।यह दुखदायी भी हो सकता है क्योंकि इससे स्वयं के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगता है।जैसे ही किसी से कहा नहीं कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ,व्यक्ति अपनी पूरी आजादी खो देता है।स्वयं के पास जो कुछ है वह खो देता है।जो करना चाहता है,वह नहीं कर सकता,बहुत सी बाधाएँ…
-रमेश ठाकुरभीड़ कुछ लोगों के लिए अतिवादी एजेंडें की भांति रही है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जाता रहा है। भीड़ आंधी के समान होती है। लोकतंत्र पर जब भीड़तंत्र हावी होने लगे, तो उसके दुष्परिणाम दिखने में देर नहीं लगती। भीड़ से अब तक देश में कई बड़ी घटनाएं घटी। लेकिन विगत वर्षों में ज्यादा इजाफा हुआ है। एक तथ्य सच्चाई ये भी है कि भीड़ पर तुरंत…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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