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-तनवीर जाफ़रीअमेरिका व ईरान के संबंध हालांकि गत् चार दशकों से तनावपूर्ण चल रहे हैं। परंतु पिछले दिनों अमेरिका द्वारा मध्यपूर्व में विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात करने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इन दोनों देशों में किसी भी समय युद्ध भी छिड़ सकता है। अमेरिका ने इससे पहले लंबे समय तक ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए। इतना ही नहीं बल्कि अमेरिका ने ईरान के अनेक…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) इसे भाजपा का सौभाग्य कहें या कांग्रेस का दुर्भाग्य कि कांग्रेस पार्टी जब- जब किसी चुनावी मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरने वाली होती है तो उसी समय उसका अपना ही कोई नेता गलतबयानी कर जाता है जिसके चलते कांग्रेस को बचाव की मुद्रा अपनानी पड़ती है। 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के बड़े नेता मणीशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चाय…
-डॉ.भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशीमहिला सशक्तीकरण को लेकर महिलाएँ भले ही न चिन्तित हों, लेकिन पुरूषों का ध्यान इस तरफ कुछ ज्यादा होने लगा है। जिसे मैं अच्छी तरह महसूस करता हूँ। मुझे देश-दुनिया की अधिक जानकारी तो नहीं है, कि ‘वुमेन इम्पावरमेन्ट’ को लेकर कौन-कौन से मुल्क और उसके वासिन्दे ‘कम्पेन’ चला रहे हैं, फिर भी मुझे अपने परिवार की हालत देखकर प्रतीत होने लगा है कि अब वह दिन कत्तई…
मुरली मनोहर श्रीवास्तव, लेखक सह पत्रकार, पटना लोकसभा चुनाव में छह चरण के चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अब तक जदय़ू ने अपने घोषणापत्र का ऐलान नहीं किया है।हलांकि चुनाव में आगे-पीछे ही सही लेकिन सभी पार्टियों ने घोषणापत्र जारी तो कर दिया, लेकिन बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी का घोषणापत्र अभी तक जारी नहीं कर पायी है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अब तक…

कुर्सी का खेल

-ज्योति मिश्रा कुर्सी का खेल बड़ा ही अजीबोगरीब है ये आपसे कुछ भी करवा सकता है। कुर्सी के लालच में न जाने कितने ही लोग एक दूसरे के दुश्मन बने बैठे हैं। यहां बात हम पीएम मोदी और ममता बनर्जी की कर रहे हैं। जी हां, जैसा कि आप सभी इस बात से परिचित हैं कि अभी लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और ऐसे में राजनीतिक दल एक दूसरे पर…
Vibhooti Mani Tripathi देश में चुनाव का माहौल अपने आखिरी चरण पर पहुंच चुका है, ऐसे में हर एक राजनीतिक दल इस कोशिश में है कि किसी भी तरह से जनता को अपनी तरफ आर्किषत किया जाये, हर एक राजनीतिक दलों द्वारा इस समय अपने अपने चुनाव प्रचार में ऐंड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है और मतदाताओं को प्रभावित करने का कोई भी मौका नही छोडा जा़ रहा…
-ओम प्रकाश उनियालगर्मियों का मौसम आते ही वन्य-जीवों पर संकट के बादल मंडराने लगते हैं। हर साल तपती गर्मी में जंगल आग से धधकने लगते हैं। जिसके कारण प्राकृतिक संपदा को तो नुकसान पहुंचता ही है वनों में रहने वाले जीवों को भी। आग के कारण उन्हें अपने डेरे छोड़ने पड़ते हैं। पेट की क्षुधा मिटाने के लिए कुछ नहीं बचता। जिसके कारण ज्यादातर जानवर अपना रुख नजदीकी बस्तियों की…
-मनोज ज्वाला, दूरभाष- ६२०४००६८९७ जम्मू कश्मीर में अलगाववादी आतंकी समूहों तथा उनके भाडे केटट्टुओं एवं मासूम बच्चों के हाथों पत्थरबाजी का शिकार होती रही भारतीयसेना और उसकी सदभावना सलाम करने योग्य है, प्रणम्य है । मालूम हो किखिलौनों से खेलने की उम्र के बच्चों को आतंकियों के हाथों का खिलौना बननेसे रोकने-बचाने तथा उनके भाग्य संवारने और उन्हें देश का अच्छा नागरिकबनाने के लिए भारतीय सेना पत्थरों की चोट खा…
-चाँदनी सेठी कोचर, दिल्लीमाँ वो शब्द है। जिसे हम एक शब्द में बयान नही कर सकते है। माँ ही हर बच्चे की जरूरत है, क्योकि उसके बिना तो हम अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकते है। माँ ही जीवन है, माँ ही सागर है। जो हमारी हर एक छोटी -छोटी बातों को अच्छे से समझ सकती है। मेरे लिये भी मेरी माँ मेरी पूरी जिन्दगी है। वो अगर…
-गौरव मौर्या (सामाजिक विचारक) जिस तूफ़ान का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों ने करीबन हफ्ते भर पहले ही लगा लिया था, शुक्रवार को उसने उड़ीसा तट से भारत मे प्रवेश किया और पूरे उत्तर-पूर्वी भारत को गम्भीर रुप से प्रभावित कर भयंकर तबाही के निशान छोड़ गया।हालांकि भारत सरकार ,सेना और सुरक्षा कर्मियों ने अथक प्रयास से लाखों लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया वरना नुकसान और भयावह हो सकता था।…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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