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-प्रभुनाथ शुक्ल [Journalist] देश का संविधान जाति , धर्म , भाषा , राज्य या फ़िर समुदाय के आधार पर किसी के साथ भेदभाव की इजाजत नहीँ देता है। संविधान हमें पूरा हक देता है कि हम अपने मूल अधिकार के साथ पूरे भारत में किसी भी स्थान पर बस सकते हैं (जम्मू- कश्मीर को छोड़ कर) और अपनी रोज़ी रोटी कमा सकते हैं। वह मुम्बई , गुजरात या फ़िर आसाम।…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) पुरानी यादें हमेशा हसीन और खूबसूरत नहीं होती। मी टू कैम्पेन के जरिए आज जब देश में कुछ महिलाएं अपनी जिंदगी के पुराने अनुभव साझा कर रही हैं तो यह पल निश्चित ही कुछ पुरुषों के लिए उनकी नींदें उड़ाने वाले साबित हो रहे होंगे और कुछ अपनी सांसें थाम कर बैठे होंगे। इतिहास वर्तमान पर कैसे हावी हो जाता है मी टू…
-राज शेखर भट्ट, देहरादूनकितना सच्चा है मेरा मीटू और कितना दर्द दिया मुझे मीटू के टीटू ने। किसी को क्या पता था कि आज से 5 साल पहले, 10 साल पहले या 20 साल पहले मेरे साथ क्या हुआ, जो मुझे मीटू का दामन थामना पड़ा। जरूरी तो नहीं है कि 20 साल पहले किया गया उत्पीड़न वर्तमान में सामने लाया जाय। उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति का व्यवहार, विचार, चरित्र…

आज के रावण

-राजीव डोगरा ॐ सिद्धिविनायक नमोविजयदशमी जिसे हम विजय दिवस के रूप में मनाते हैं इस दिन श्री रामचंद्र जी ने रावण पर विजय प्राप्त की थी उसी तथ्य को याद कर हम हर वर्ष विजयदशमी का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाते हैं पर वास्तव में विजयदशमी का त्यौहार हर साल मनाना कहां तक सार्थक है क्योंकि श्री रामचंद्र जी ने रावण पर विजय प्राप्त की और अपनी पत्नी माता जानकी…
-भवानी शंकर कुसुम चीन की मेरी यह तीसरी यात्रा थी। राजधानी बीजिंग और ओरडोस के बाद उत्तर-पष्चिमी चीन के गांजू प्रान्त स्थित वूवे शहर में 11 से 14 सितम्बर 2018 तक आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिये चीन आना एक अनूठा अनुभव रहा।माओ का लालचीन, तानाषाही तंत्र वाला चीन, बन्द दरवाजे वाला चीन जैसी सभी धारणाओं को ध्वस्त कर चीन आज नये परिवेष में न केवल प्रवेष कर…
-जावेद अनीस देश की राजनीति इस समय हिन्दुतत्व के उभार के दौर से गुजर रही है. आज ज्यादातर पार्टियां अपने आप को हिन्दू दिखाने की होड़ में शामिल हैं. मध्यप्रदेश भी इससे अछूता नहीं है, जहां इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं. गुजरात के बाद मध्यप्रदेश को संघ की दूसरी प्रयोगशाला कहा जा सकता है. यहां लम्बे समय से भाजपा और संघ का दबदबा है. इस प्रयोगशाला…
-बाल मुकुन्द ओझा मानसून की विदाई के साथ मौसमी बीमारियों ने दस्तक देदी है। घर घर में मौसमी बीमारियां से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती ही जारही है। अस्पतालों में बच्चे से बुजुर्ग तक इलाज के लिए लाइन में लगे देखे जा सकते है। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को पहले ही अलर्ट कर दिया था। मगर बुखार ,स्वाइन फ्लू , स्क्रब टाइफस और डेंगू के मरीजों में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी…
लौटेंगे देश में न्यायिक सक्रियता के दिन? - योगेश कुमार गोयल न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद आखिरकार सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने 3 अक्तूबर को देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया। दरअसल जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट के उन चार जजों में शामिल थे, जिन्होंने इसी साल 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट…
-अनीता वर्मा(अंतरराष्ट्रीय मामलों की विशेषज्ञ) भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति है।जिसके माध्यम से अपने राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करता है।हाल के दिनों में अमेरिका अपने सहयोगियों पर अपनी नीति को , अपने हितों की पूर्ति हेतु थोपने का प्रयास कर रहा है।जो किसी भी संप्रभु और स्वतंत्र विदेश नीति वाले देश को नागवार होगा।ईरान के संदर्भ में देखें तो ईरान और भारत के घनिष्ठ संबंध…
अमेरिकन डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये के तेजी से हो रहे अवमूल्यन से समूचे देश में चिंता का माहौल है तथा रुपये का अवमूल्यन रोकने की दिशा में भारत सरकार की सारी कोशिशें टांय-टांय-फिस्स होती नजर आ रही हैं। रुपये के सिंबल में वास्तु दोष के चलते रुपये का लगातार अवमूल्यन हो रहा है तथा सिंबल को वास्तु सम्मत बनाये बिना रुपये की सेहत में सुधार की उम्मीद नहीं।…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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