articles

- देवेंद्रराज सुथार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की न्याय व्यवस्था के लिए सुझाव दिया है कि न्यायालय को अपने निर्णय स्थानीय एवं हिंदी भाषा में देने चाहिए। इस दिशा में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कदम भी बढ़ा दिए है, जो सराहनीय है। अब अन्य न्यायालयों की बारी है। गौरतलब है कि देश में आज भी 95 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो अंग्रेजी बोलने और समझने में पूरी तरह से…
-अमरीश सरकानगो(सामाजिक मामलों के जानकार) मध्यप्रदेश में बच्चों से दुष्कर्म के मामलों में मौत की सजा के प्रावधान के आने के बाद अब इस तरह की घटनाएं कम होने की उम्मीद जगी है. देश में अभी भी महिलाओं-बच्चियों के साथ लगातार घटित हो रही दुष्कर्म और दूसरे अपराधों की घटनाओं ने उनके लिए समाज में मौजूद असुरक्षित वातावरण, अपराध और उस पर समाज और कानून-व्यवस्था के जिम्मेदारों के उदासीन रुख…
-सुरेश हिन्दुस्थानी(वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक) गुजरात के चुनाव परिणामों ने जहां भारतीय जनता पार्टी के कान खड़े कर दिए हैं, वहीं बर्फीले प्रदेश हिमाचल में कांग्रेस को बहुत बड़ा सबक दिया है। इन दोनों चुनावों के परिणामों के नेपथ्य से कुल मिलाकर यह संदेश तो प्रवाहित हो रहा है कि कांग्रेस धीरे-धीरे ही सही, परंतु सत्ता मुक्त पार्टी की ओर कदम बढ़ा रही है। वर्तमान में कांग्रेस के पास…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय अभी तक तो हम सभी यह मानते आये हैं कि जो लोग डरपोक होते हैं, कमजोर दिल वाले होते हैं या फिर कहें कि भीरू प्रकृति के होते हैं; वे ही आत्महत्या करने जैसे कदम उठाते हैं लेकिन हम लोगों की यह गलतफहमी देश के ह्रदय स्थल माने जाने वाले प्रदेश के मंत्रीजी ने दूर कर दी।अब जब उनके जैसे माननीय व्यक्ति ने यह बात कही है…
-तनवीर जाफ़री ‘बांटो और राज करो’ की जिस नीति पर चलते हुए ब्रिटिश राज ने लगभग पूरे विश्व में अपने साम्राज्य का विस्तार कर लिया था ठीक उसी नीति का अनुसरण आज अमेरिका द्वारा किया जा रहा है। परंतु बड़े आश्चर्य की बात है कि दुनिया का हर देश तथा वहां के बुद्धिमान समझे जाने वाले शासक भी अमेरिका की इस चाल से वा$िक$फ होने के बावजूद किसी न किसी…
-गुरिन्द्र भरतगढिय़ा,हिन्दुस्तान के प्राचीन इतिहास का यदि अध्ययन किया जाए तो हमारा इतिहास अनेक अविस्मरणीय घटनाओं से भरा पड़ा है। इन्हीं घटनाओं में एक बहुत ही रोचक प्रसंग दिल्ली के सुल्तान मोहम्मद तुगलक के काल को मिलता है, जब उसने सन् 1326 ई. में दिल्ली से अपनी राजधानी उठाकर दौलताबाद (देवगिरी) ले जाने का प्रयास किया था। कुछ समय के लिए तो दिल्ली की गलियां पूर्णत: सुनसान, वीरान और अनाथ…
-डॉ प्रदीप उपाध्याय मौका भी रहता है और दस्तुर भी,तभी तो खाने-खिलाने की बात होती है।अब खाने-खिलाने पर भी यदि प्रश्नचिन्ह लग जाएं,पाबन्दी की बात करेंगे,तब तो हो गया काम!आखिर सार्वजनिक जीवन में काम करने कोई क्यों आयेगा!ठीक है आप सत्ता में आये तब आपने कहा था कि न खाऊंगा और न ही खाने दूंगा लेकिन खाने वालों को क्या रोक पाये हैं!खाने वालों को और खिलाने वालों को आज…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) ब्यूनस आयर्स में विश्व व्यापार संगठन(WTO) की 11 वीं मंत्रिस्तरीय बैठक अमेरिका के अड़ियल रवैया से आज देर रात विफल हो गई।फलत:सम्मेलन बिना किसी बाध्यकारी घोषणापत्र के ही समाप्त हो गया। जेनेवा 2011 के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के बाद ऐसा दूसरी बार हुआ है,जब सम्मेलन कोई बाध्यकारी आउटकम देने में विफल रहा है।अमेरिका ने सार्वजनिक भंडारण के मुद्दे के स्थायी समाधान के किसी भी प्रयास…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार) मानव जाति की मूल आवश्यकताओं की बात करें तो रोटी, कपड़ा और मकान का ही नाम आता है। इनमे रोटी सर्वोपरि है। रोटी यानी भोजन की अनिवार्यता के बीच आज विश्व के लिए शर्मनाक तस्वीर यह है कि वैश्विक आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब भी भुखमरी का शिकार है। अगर भुखमरी की इस समस्या को भारत के संदर्भ में देखे तो संयुक्त राष्ट्र द्वारा…
-राहुल लाल (कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ) रूस और चीन के रणनीतिक भागीदारी में वृद्धि तथा भारत के पश्चिमी देशों के करीब आने के बावजूद नई दिल्ली में रुस,भारत और चीन(आरआईसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई,तो भारत ने स्पष्ट कर दिया बहुध्रुवीय विश्व में हर मंच की उपयोगिता है तथा भारत आरआईसी के साथ वैश्विक कूटनीति में बड़ी साझेदारी करने से पीछे नहीं हटेगा।रूस,भारत और चीन ने आतंकवाद को वैश्विक…

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें