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*कायम है भूख और कुपोषण की जकड़न -जावेद अनीस सामाजिक और आर्थिक विकास के पैमाने पर देखें तो भारत की एक विरोधाभासी तस्वीर उभरती है, एक तरफ तो हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खाद्यान्न उत्पादक देश है तो इसी के साथ ही हम कुपोषण के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर हैं. विश्व की सबसे तेज से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के साथ ही दुनिया की करीब एक-तिहाई गरीबों…
-जावेद अनीस लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव, सरकार के गठन या शासन से नहीं है. लोकतंत्र की परिभाषा इससे व्यापक है जिसमें राज्य, समाज और परिवार सहित हर प्रकार के समूह पर सामूहिक निर्णय का सिद्धांत लागू होता है. केवल राज्य के स्तर पर लोकतंत्र के लागू होने से हम लोकतान्त्रिक नहीं हो जायेंगें इसे सामाज के अन्य संगठनों पर लागू करना भी उतना ही जरूरी है. इस सम्बन्ध में…
--प्रकाश दर्पेएक बार चौधरीजी का स्थानांतरण ग्वालियर से शुजलपुरमंडी हुआ । जिस दिन उन्हें वहाँ से निकलना था , उस दिन शाम को ही उन्होंने सारा समान ट्रक से शुजलपुरमंडी के लिए रवाना कर दिया था। ताकि सुबह उनके वहाँ पहुँचने पर मिल जाए। इसलिए वे रात को मालवा एक्सप्रेस से सहपरिवार रवाना हो गए। तक़रीबन सुबह आठ बजे गाड़ी शुजलपुरमंडी स्टेशन पर पहुँची। जैसे तैसे उन्होंने अपना सूटकेस व…
-ओम प्रकाश उनियालदेश में न जाने कितने प्रकार के अभियान चलते रहते हैं। अभियानों का अनुसरण करने के बजाय आम नागरिक ठेंगा दिखाता नजर आता है। अभियान चलाने वाले कितना भी प्रयास करें लेकिन दिलचस्पी दिखाने को कोई तैयार नहीं होता। कई अभियान तो मात्र खानापूर्ति के लिए चलाए जाते हैं। अर्थात कागजों पर ही चलते रहते हैं। चाहे सरकारी हों या गैर-सरकारी। किसी भी अभियान चलाने के पीछे कुछ…
-रमेश सर्राफ धमोरा (स्वतंत्र पत्रकार)ऊर्जा यानि बिजली आज पूरी दुनिया की सबसे अहम जरूरत बन गयी है। बिजली के बिना कोई भी देश मौजूदा समय में किसी भी तरह से तरक्की नहीं कर सकता है। बिजली हमारे जीवन को एक प्रमुख हिस्सा बन चुकी है। थोड़े से समय के लिये बिजली चली जाने पर हमारे अधिकतर जरूरी काम रूक जाते हैं। बिजली हमारे जनजीवन का कब मुख्य हिस्सा बन गयी…
दिल्ली/भवानीमण्डी (हम हिंदुस्तानी)-साहित्य संगम संस्थान एवम नवसृजन कला साहित्य एवं संस्कृति न्यास दिल्ली द्वारा दिनांक 9 दिसम्बर 2018 को नवसृजन सहित्यसंगम का आयोजन अमीर खुसरो सभागार , दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में किया गया । संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह मन्त्र ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश पुरोहित को बताया कि इस कार्यक्रम के पहले सत्र में नवसृजन द्वारा देश के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकारों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम…
-राजीव डोगरा भारतीय इतिहास का मध्यकालीन समय ऐसे सामाजिक-सांस्कृतिक विसंगतियों और धर्मिक अन्तद्र्वन्द्वों का युग था, जहाँ पर हिन्दू जनता जटिल वर्ण व्यवस्था और जातिवाद के कठोर नियमों में बन्ध्ी हुई थी। हिन्दू मुसलमान दोनों ही गलत मार्ग पर चल पड़े थे। वे ध्र्म के सार-तत्त्वों के स्थान पर सारहीन एवं झूठे रीति-रिवाज़्ाों, आडम्बरों, पाखण्डों में विश्वास रखते थे। निजवाद और रस्मवाद उस समय का ध्र्म बन चुका था।डाॅ. त्रिलोक…
-सुरेन्द्र कुमार (लेखक एवं विचारक) बीते रविवार दिल्ली के राम लीला मैदान में राम भक्तों का जो हुजूम उमड़ा उसे देख कर समस्त देशवासी सोचने पर मजबूर हो गए। हजारों की संख्या में यहाँ एकत्रित जनसैलाब ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक विशाल रैली आयोजित की थी। आक्रोशित भीड़ ने स्पष्ट रूप से सरकार,न्यायपालिका और संसद को अपने नारों के माध्यम से संदेश दिया कि अब वे…
- राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित" चन्दन वन में आज बड़ी चहल पहल थी। आज शेर सिंह का जन्म दिन है। जंगल के सभी जानवर तैयारी में व्यस्त है। टिंकू बन्दर फूलों से सजावट कर रहा तो चंचु भालू जायकेदार भोजन बनाने में मस्त है। हाथी दादा सबका ध्यान रख मार्गदर्शन कर रहे हैं। सब अपने अपने काम मे लगे हैं। वनराज का जन्मदिन मनाने की उनके साथ वक़्त बिताने की सबकी…
-डॉ नीलम महेंद्र(Best editorial writing award winner) द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सम्पूर्ण विश्व में मानव समाज एक बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा था। यह वो समय था जब मानव सभ्यता और मानवता दोनों ही शर्मसार हो रही थीं। क्योंकि युद्ध समाप्त होने के बाद भी गरीब और असहायों पर अत्याचार, जुल्म, हिंसा और भेदभाव जारी थे। यही वो परिस्थितियाँ थीं जब संयुक्त राष्ट्र ने प्रत्येक मानव के मनुष्य…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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