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वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत बढ़ाएगा ऑयल रिफाइनिंग क्षमता, 300 एमएमटीपीए का लक्ष्य

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत बढ़ाएगा ऑयल रिफाइनिंग क्षमता, 300 एमएमटीपीए का लक्ष्य
  • PublishedAugust 21, 2026

वैश्विक स्तर पर युद्ध और अस्थिरता के कारण रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होने के बीच भारत अपनी ऑयल रिफाइनिंग क्षमता को 272 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारत मौजूदा समय में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनर है।

23 रिफाइनरियां सालाना 270 एमएमटी प्रोसेस करती हैं

पुरी ने कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग हब में से एक बनकर उभरा है। देश में 23 रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल क्षमता सालाना करीब 270 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की है। अब इस क्षमता को बढ़ाकर 300 एमएमटीपीए करने की तैयारी है।

भारत को भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार के रूप में स्थापित करने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के शुद्ध निर्यातक के रूप में भारत अपनी रिफाइनिंग क्षमता को केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि दुनिया भर में, विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने मित्र देशों के लिए भरोसेमंद, पारदर्शी और स्थिर ऊर्जा साझेदार बनने की जिम्मेदारी के रूप में देखता है। पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की इस भूमिका की दुनिया में तारीफ और सम्मान हो रहा है।

भारत-मॉरिशस ऊर्जा साझेदारी को बताया अहम पड़ाव

भारत और मॉरिशस के बीच ऊर्जा क्षेत्र में हुए समझौतों का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा कि भारत-मॉरिशस एनर्जी पार्टनरशिप दोनों देशों की भरोसेमंदता, स्थिरता और आपसी समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को हुआ समझौता दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों में एक अहम पड़ाव है और भारत-मॉरिशस की गहरी दोस्ती का एक और प्रमाण है, जो आने वाली पीढ़ियों तक मजबूत होती रहेगी।

जी2जी और बी2बी समझौतों से सहयोग का नया अध्याय

पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार से सरकार (जी2जी) और व्यापार से व्यापार (बी2बी) समझौते भारत-मॉरिशस ऊर्जा सहयोग में एक नया अध्याय शुरू करते हैं। इन समझौतों से मॉरिशस को स्थिर और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि इंडियनऑयल अगले तीन वर्षों के लिए मॉरिशस के लिए एक भरोसेमंद मुख्य आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित होगा।

पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए पांच साल का समझौता

भारत और मॉरिशस ने गुरुवार को तेल और गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही इंडियनऑयल और मॉरिशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (एसटीसी) के बीच द्वीपीय देश को पेट्रोलियम उत्पादों की सुनिश्चित आपूर्ति के लिए पांच साल का समझौता भी हुआ।

वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में बढ़ेगी भारत की भूमिका

रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और मॉरिशस जैसे साझेदार देशों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते करने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार में भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है। मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच बढ़ी हुई रिफाइनिंग क्षमता भारत को घरेलू जरूरतों के साथ-साथ मित्र देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी अधिक सक्षम बनाएगी।