प्रमुख खबरें

वंदे मातरम के विरोध पर राजनाथ का कांग्रेस पर हमला, कहा- देशभक्ति पर उठता है सवाल

वंदे मातरम के विरोध पर राजनाथ का कांग्रेस पर हमला, कहा- देशभक्ति पर उठता है सवाल
  • PublishedAugust 21, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम के सम्मान से औपचारिक रूप से इंकार करने और इसके विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण तथा संवैधानिक दृष्टि से गंभीर विषय बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान करने से इनकार करने पर देशभक्ति पर सवाल उठता है और संविधान के प्रति निष्ठा भी संदेह के घेरे में आ जाती है।

संसद से पारित कानून बाध्यकारी

राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि भारत के संविधान के अनुसार संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी कानून हर व्यक्ति के लिए बाध्यकारी होता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून को मानने से इनकार करता है तो संविधान के प्रति उसकी निष्ठा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

राष्ट्रगीत के सम्मान को देशभक्ति से जोड़ा

राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि कोई राष्ट्रगीत का सम्मान करने से मना करता है तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है। उन्होंने कांग्रेस के वंदे मातरम को लेकर लिए गए निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे संवैधानिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से गंभीर बताया।

कांग्रेस ने 1937 के प्रस्ताव का दिया हवाला

दरअसल, कांग्रेस ने वर्ष 1937 में पार्टी द्वारा पारित एक प्रस्ताव का हवाला देते हुए वंदे मातरम के शुरुआती दो छंद ही गाने का निर्णय किया है। कांग्रेस का कहना है कि उस समय यह निर्णय महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे शीर्ष नेताओं की सहमति से लिया गया था।

मुस्लिम लीग के दबाव का लगाया आरोप

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के 1937 के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगों के आगे झुककर पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा देश को आगे चलकर विभाजन के रूप में भुगतना पड़ा।

कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता घातक

रक्षा मंत्री ने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस भी कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है और यह देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

कांग्रेस के फैसले को बताया निंदनीय

राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस का यह निर्णय पूरी तरह असंवैधानिक और निंदनीय है। उन्होंने इसे राजनीतिक दृष्टि से भी भविष्य में गंभीर संकट पैदा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का विरोध कर कांग्रेस ने अपने खतरनाक इरादों को देश के सामने जाहिर कर दिया है।

वंदे मातरम को वैधानिक सुरक्षा देने वाला विधेयक पारित

गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न संसद के मानसून सत्र में राष्ट्र-गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया था। विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक दर्जा और सुरक्षा प्रदान करना था। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट भी किया था।

अपमान पर कार्रवाई का प्रावधान

विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के अपमान को दंडनीय बनाने का प्रावधान किया गया है। यानी राष्ट्रीय गीत का अपमान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई और दंड का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है।