भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बना, 99.6% ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत: अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है। इस मामले में भारत केवल स्विट्जरलैंड (100 प्रतिशत) से थोड़ा पीछे है, हालांकि स्विट्जरलैंड का रेलवे नेटवर्क भारत की तुलना में काफी छोटा है।
रेल मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि रेलवे विद्युतीकरण के मामले में भारत- चीन (82 प्रतिशत), स्पेन (67 प्रतिशत), जापान (64 प्रतिशत), फ्रांस (60 प्रतिशत) और यूनाइटेड किंगडम (39 प्रतिशत) जैसे देशों से आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने दुनिया के सबसे तेज रेलवे विद्युतीकरण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक लागू किया है। जहां अधिकांश देश केवल व्यस्त यात्री और मालवाहक रेल मार्गों का ही विद्युतीकरण करते हैं, वहीं भारत ने अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य अपनाया है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच मिशन मोड में 48,072 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। इसके विपरीत, इससे पहले के लगभग 60 वर्षों में केवल 21,801 किलोमीटर रेल मार्ग का ही विद्युतीकरण हो सका था। उन्होंने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम हुई है, डीजल की खपत में उल्लेखनीय गिरावट आई है और कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। साथ ही, इससे ट्रेनों की भार वहन क्षमता और गति में वृद्धि हुई है, जिससे यात्रा समय कम होने के साथ परिचालन दक्षता भी बेहतर हुई है।
रेल मंत्री के अनुसार, रेलवे ट्रैक्शन के लिए डीजल की खपत 2015-16 में 293 करोड़ लीटर से घटकर 2024-25 में लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई है। इस प्रकार करीब 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है, जिससे विदेशी मुद्रा की भी उल्लेखनीय बचत हुई है, क्योंकि पहले इस ईंधन का आयात करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 1,260 मेगावाट से अधिक सौर और पवन ऊर्जा क्षमता भी स्थापित की है। रेलवे नेटवर्क का विस्तार स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करता है, क्योंकि रेल परिवहन से सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 89 प्रतिशत कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होती है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क सौर, पवन तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को ट्रैक्शन पावर प्रणाली में प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के लिए सबसे उपयुक्त है। भारतीय रेलवे लगभग पूर्ण विद्युतीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और रणनीतिक विद्युत खरीद योजना के माध्यम से सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल परिचालन के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
