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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 संपन्न, ‘सरस शक्ति’ कलेक्शन और कॉफी टेबल बुक लॉन्च

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 संपन्न, ‘सरस शक्ति’ कलेक्शन और कॉफी टेबल बुक लॉन्च
  • PublishedJune 30, 2026

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (आरजीवीएस) 2026 का 29 जून को समापन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ विजन के अनुरूप आयोजित दो-दिवसीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग, समुदाय-आधारित विकास तथा प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के जरिए ग्रामीण विकास को गति देने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में ग्रामीण परिवर्तन के अगले चरण के लिए रोडमैप पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन में कई राज्यों के मंत्री और अधिकारी शामिल हुए

सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान की मौजूदगी में किया। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के प्रतिनिधि तथा विकास साझेदार शामिल हुए।

प्रमुख योजनाओं की हुई समीक्षा

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम), ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की प्रगति पर भी व्यापक समीक्षा की गई।

महिला आजीविका और लखपति दीदी मिशन पर फोकस

बैठक में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने, महिला-नेतृत्व वाली आजीविकाओं का विस्तार, ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क और जलवायु अनुकूल आजीविका को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। वर्ष 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य हासिल करने के लिए डिजिटल हस्तक्षेपों और राज्यों के नवाचारों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

‘सरस शक्ति’ कलेक्शन और कॉफी टेबल बुक का शुभारंभ

मंत्रालय ने सम्मेलन के दौरान ‘सरस शक्ति कलेक्शन’ और ‘सरस शक्ति’ कॉफी टेबल बुक लॉन्च की। ‘सरस शक्ति कलेक्शन’ में देशभर के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार प्रीमियम उत्पादों को शामिल किया गया है, जबकि कॉफी टेबल बुक में इन उत्पादों की विविधता, गुणवत्ता और बाजार क्षमता को प्रदर्शित किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और उनके उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाना है।

‘सरस आजीविका’ की बढ़ती पहचान

सम्मेलन में डीएवाई-एनआरएलएम की राष्ट्रीय विपणन पहल ‘सरस आजीविका’ की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। वर्ष 1999 में शुरू हुए पहले सरस मेले के बाद यह पहल अब 25 से अधिक राज्य ब्रांडों के साथ एक राष्ट्रीय विपणन नेटवर्क बन चुकी है और हर वर्ष 200 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार करती है।

सरस आजीविका गैलरी में दिखी देशभर की हस्तशिल्प विरासत

गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मेघालय, बिहार, केरल, तेलंगाना समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने सरस आजीविका गैलरी का अवलोकन किया। इसमें हथकरघा, वस्त्र, गृह सज्जा, स्वास्थ्य उत्पाद, पारंपरिक खाद्य सामग्री तथा पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत एवं तेलिया वस्त्र, मिजोरम के पौंचेई सहित विभिन्न क्षेत्रीय शिल्प प्रदर्शित किए गए। गैलरी में लखपति दीदियों के सफल उद्यमों को भी प्रदर्शित किया गया।

ग्रामीण आर्थिक विकास पर सहयोग बढ़ाने पर जोर

सम्मेलन में सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत करने, सतत आजीविका के विस्तार और ग्रामीण उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया गया।