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भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को नई गति, सह-विकास और सह-उत्पादन पर जोर

भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को नई गति, सह-विकास और सह-उत्पादन पर जोर
  • PublishedApril 23, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक में टेक्नोलॉजी के सह-विकास और सह-उत्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

बर्लिन में उद्योग जगत के साथ महत्वपूर्ण बैठक

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित इस बैठक में दोनों देशों के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान रक्षा उत्पादन, उन्नत तकनीक और उद्योगों के बीच साझेदारी को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

भारत की रक्षा नीति और निवेश माहौल की सराहना

रक्षा मंत्री ने बताया कि जर्मन उद्योग जगत ने भारत में रक्षा क्षेत्र में हो रहे सुधारों और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की है। उन्होंने जर्मन कंपनियों से अपील की कि वे भारत के साथ मिलकर आधुनिक और विशेष तकनीकों के क्षेत्र में संयुक्त विकास और उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ें।

वैश्विक सुरक्षा में सहयोग की भूमिका

राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह का सहयोग न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि विश्वसनीय साझेदारों के साथ मिलकर भारत रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप पर हस्ताक्षर

इस दौरान बोरिस पिस्टोरियस के साथ बैठक में ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तीन दिवसीय जर्मनी दौरे का अहम एजेंडा

रक्षा मंत्री की यह बैठक उनके तीन दिवसीय जर्मनी दौरे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।

प्रवासी भारतीयों को बताया ‘जीवंत सेतु’

रक्षा मंत्री ने जर्मनी में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए उन्हें भारत और जर्मनी के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों को करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

भारत की तेज़ प्रगति का जिक्र

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी सराहना की और कहा कि देश के युवा नए विचारों के साथ नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।