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स्कूलों और कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना पर पोस्ट-बजट वेबिनार में चर्चा

स्कूलों और कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना पर पोस्ट-बजट वेबिनार में चर्चा
  • PublishedMarch 10, 2026

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पोस्ट-बजट वेबिनार के तहत “सबका साथ, सबका विकास – लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति: शिक्षा, कौशल और विश्वविद्यालय टाउनशिप” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में “स्कूलों और कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब” पर एक ब्रेकआउट सत्र आयोजित किया। इस सत्र में केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषित योजना के तहत देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 उच्च शिक्षण संस्थानों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की रूपरेखा पर चर्चा की गई।

वेबिनार श्रृंखला का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि भारत एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से उद्योग के साथ सहयोग और शोध आधारित शिक्षा को मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि परिसर नवाचार और उद्योग सहभागिता के केंद्र बन सकें और छात्रों को वास्तविक अनुभव मिल सके।

कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) की स्थापना की है, जो आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रमुख संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में विश्व स्तर की आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जो रचनात्मक, मीडिया और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में युवाओं को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि दूरदर्शन ने “क्रिएटर्स कॉर्नर” शुरू किया है, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी सामग्री प्रदर्शित करने, आय अर्जित करने और देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने भी संबोधित किया और कहा कि रचनात्मक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना जरूरी है, जिससे भारत AVGC क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सके।

सत्र का संचालन व्हिस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी चैतन्य चिंचलीकर ने किया। इसमें नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और छात्रों ने भाग लिया और पाठ्यक्रम विकास, बुनियादी ढांचे, उद्योग सहयोग तथा कौशल विकास के अवसरों पर चर्चा की।

चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होने से छात्रों को एनीमेशन, गेमिंग, वीएफएक्स और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे क्षेत्रों में करियर तलाशने का अवसर मिलेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहु-विषयक शिक्षा, रचनात्मकता और डिजाइन थिंकिंग के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

बैठक में चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू करने पर जोर दिया गया, जिसमें पहले पायलट संस्थानों में प्रयोग किया जाएगा और बाद में देशभर में इसका विस्तार किया जाएगा। साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों के संस्थानों को भी इसमें शामिल करने पर बल दिया गया। प्रमुख सुझावों में उपयुक्त संस्थानों की पहचान, AVGC पाठ्यक्रम का विकास, शिक्षकों के लिए उद्योग समर्थित प्रशिक्षण और मानकीकृत तकनीकी ढांचे की स्थापना शामिल रहे।

इस सत्र में देशभर से 16,600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 500 स्कूलों और 50 कॉलेजों के प्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ, अभिभावक और छात्र शामिल थे।

वेबिनार के समापन सत्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि क्रिएटर इकॉनमी नागरिकों को भारत की समृद्ध संस्कृति और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के लिए एक लोकतांत्रिक मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान की विशेषज्ञता का उपयोग देशभर में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में किया जाएगा, जिससे युवाओं को रचनात्मक और डिजिटल कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा और भारत की वैश्विक AVGC क्षेत्र में स्थिति और मजबूत होगी।