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प्रधानमंत्री ने बजट पश्चात वेबिनार में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने बजट पश्चात वेबिनार में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर दिया जोर
  • PublishedMarch 6, 2026

प्रधानमंत्री ने “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर आयोजित बजट पश्चात वेबिनार के तीसरे सत्र में प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण में दिए गए सुझावों का परिणाम अब दिख रहा है, और अब महत्वपूर्ण यह है कि बजट का पूरा लाभ देश को मिले।

एमएसपी सुधार और किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने बताया कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार और दीर्घकालीन विकास का स्ट्रैटेजिक पिलर है। करीब 10 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 4 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। MSP सुधारों से किसानों को डेढ़ गुना तक अधिक रिटर्न मिल रहा है, जबकि इंस्टिट्यूशनल क्रेडिट कवरेज 75% से अधिक हो चुकी है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के क्लेम सेटल किए गए हैं। ऐसे प्रयासों से किसानों का रिस्क कम हुआ है और उन्हें बेसिक आर्थिक सुरक्षा मिली है।

नई ऊर्जा और हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर

प्रधानमंत्री ने हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर, जैसे नारियल, काजू, कोको और चंदन पर विशेष जोर दिया। दक्षिणी राज्यों के किसानों के लिए अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित करने के उपाय किए गए हैं। नॉर्थ ईस्ट और हिमालयन राज्यों में टेम्परेट नट और अगरवुड क्रॉप्स को बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है। एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड प्रोडक्शन बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन होगा।

फिशरीज और पशुपालन: ग्रामीण आय के नए स्रोत

फिशरीज सेक्टर में 4 लाख टन उत्पादन है, लेकिन इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना मौजूद है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। पशुपालन भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हाई ग्रोथ पिलर है। देश दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है और एग प्रोडक्शन में दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री ने गोबरधन योजना और एनिमल हसबेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड जैसे उपायों का उल्लेख किया।

क्रॉप डायवर्सिफिकेशन और प्राकृतिक खेती

प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा है। इसलिए क्रॉप डायवर्सिफिकेशन, नेचुरल फार्मिंग और केमिकल-फ्री खेती पर जोर दिया गया। ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स से वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

डिजिटल और तकनीकी पहल

e-NAM और एग्रीस्टैक जैसी डिजिटल पहलें किसानों और रिसर्च संस्थाओं को जोड़ रही हैं। अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की डिजिटल आईडी बनाई जा चुकी है और 30 करोड़ भूमि पार्सलों का डिजिटल सर्वे किया गया है। प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और इनोवेशन पर सुझाव देने का आग्रह किया।

ग्रामीण समृद्धि और महिलाओं का सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री ने ग्रामीण समृद्धि के लिए पीएम आवास योजना, ग्रामीण सड़क योजना और स्वयं सहायता समूहों की मदद का उल्लेख किया। लखपति दीदी अभियान में अब तक 3 करोड़ महिलाएं शामिल हुई हैं और 2029 तक 3 करोड़ और जोड़ने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि वेबिनार में निकले सुझाव बजट प्रावधानों को जमीन पर लागू करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा लाने में मदद करेंगे।