Bangladesh हिंसा पर Shashi Tharoor ने दी सलाह, ‘मोहम्मद यूनुस खुद दें दखल, भीड़तंत्र को हावी..’

नई दिल्ली, 20 दिसंबर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर (MP Shashi Tharoor) ने पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) में मीडिया संस्थानों पर हो रहे हमलों और जारी हिंसा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। थरूर ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वहां की अंतरिम सरकार को कड़े कदम उठाने की सलाह दी है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘प्रोथोम आलो’ और ‘डेली स्टार’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया हाउस के दफ्तरों में आगजनी और तोड़फोड़ केवल दो इमारतों पर हमला नहीं, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
वीजा सेवाएं रुकने से आम लोग परेशान
थरूर ने न केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि बिगड़ते हालात के कारण खुलना और राजशाही में भारतीय सहायक उच्चायोगों द्वारा वीजा सेवाएं निलंबित किए जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर वहां के छात्रों, मरीजों और उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो भारत और बांग्लादेश के बीच सामान्य होती आवाजाही से राहत महसूस कर रहे थे। उन्होंने ‘डेली स्टार’ के संपादक महफूज अनाम और अन्य पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी डर जताया।
अंतरिम सरकार से की 3 बड़ी मांगें
एक स्थिर और समृद्ध पड़ोस के लिए थरूर ने बांग्लादेश सरकार और उसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के सामने तीन प्रमुख सुझाव रखे हैं:
1. पत्रकारों की सुरक्षा: भीड़तंत्र को किसी भी कीमत पर हावी न होने दिया जाए और मीडिया कर्मियों की जान-माल की रक्षा हो।
2. राजनयिक सुरक्षा: दूतावासों और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क न टूटे।
3. शांति की बहाली: हिंसा को छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाया जाए और इसमें मोहम्मद यूनुस को खुद नेतृत्व करना चाहिए।
चुनावों पर पड़ सकता है असर
शशि थरूर ने आगाह किया कि बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय चुनाव (National Elections) होने हैं। ऐसे में हिंसा और असहिष्णुता का यह माहौल निष्पक्ष चुनावों के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की स्थिरता (Regional Stability) के लिए बांग्लादेश में जल्द ही शांति लौटेगी और जनता की आवाज बैलेट पेपर के जरिए सुनी जाएगी, न कि हिंसा के जरिए
