IndiGo संकट पर Rajya Sabha में बोले नागरिक उड्डयन मंत्री, बताया क्यों बिगड़े हालात?

नई दिल्ली, 8 दिसंबर, 2025 : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) में चल रहे उड़ानों के रद्दीकरण के संकट पर सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र में जोरदार चर्चा हुई। राज्यसभा में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारपु ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह अव्यवस्था क्यों फैली। उन्होंने साफ किया कि उड़ानों के रद्द होने की मुख्य वजह पायलटों के नए नियम (एफडीटीएल) नहीं, बल्कि एयरलाइन की आंतरिक योजना और प्रबंधन में हुई गंभीर चूक है।
मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार इस संकट को हल्के में नहीं ले रही है और नियमों का उल्लंघन करने पर एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य के लिए एक नजीर पेश की जा सके।
‘रोस्टर मैनेजमेंट में हुई गलती’
मंत्री ने इंडिगो प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें अपने दैनिक संचालन के तहत क्रू रोस्टर को बेहतर तरीके से संभालना चाहिए था। आंतरिक जटिलताओं और खराब प्रबंधन ने संचालन को बाधित कर दिया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार यात्रियों, पायलटों और क्रू की सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। साथ ही, इंडिगो के सॉफ्टवेयर संबंधी मुद्दों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
3 दिसंबर को अचानक बिगड़े हालात
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। 1 दिसंबर को एफडीटीएल को लेकर इंडिगो के साथ एक बैठक हुई थी, जिसमें एयरलाइन ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे जो उन्हें दे दिए गए थे। उस समय सब कुछ सामान्य था, लेकिन 3 दिसंबर को अचानक स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद मंत्रालय ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
आज भी 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द
मंत्री ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिनों में यात्रियों को काफी परेशानी हुई है। सरकार का लक्ष्य भारतीय विमानन क्षेत्र को दुनिया के सर्वोच्च मानकों पर ले जाना है, इसलिए किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, यह संकट आज लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। सूत्रों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली (Delhi) और बेंगलुरु एयरपोर्ट (Bengaluru Airport) से 250 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। अकेले दिल्ली से 134 और बेंगलुरु से 117 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जिससे यात्रियों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
