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Russia के राष्ट्रपति Putin के भारत आने की तारीख हुई तय! जानें कब और क्यों आ रहे?

Russia के राष्ट्रपति Putin के भारत आने की तारीख हुई तय! जानें कब और क्यों आ रहे?
  • PublishedNovember 28, 2025

नई दिल्ली, 28 नवंबर, 2025 : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की भारत यात्रा का इंतजार अब खत्म हो गया है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs – MEA) ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के निमंत्रण पर 4 और 5 दिसंबर को भारत (India) के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (23rd India-Russia Annual Summit) में हिस्सा लेंगे, जहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा होगी।
4 साल बाद भारत आ रहे पुतिन

यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि व्लादिमीर पुतिन 2021 के बाद पहली बार भारत आ रहे हैं। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात इसी साल सितंबर में चीन (China) के तियानजिन में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी, जहां पीएम मोदी ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) भी रूसी राष्ट्रपति का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में एक विशेष भोज (Banquet) का आयोजन करेंगी।

रक्षा सौदों और S-400 पर रहेगी नजर

इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग (Military and Technical Cooperation) पर विशेष ध्यान रहेगा। माना जा रहा है कि भारत रूस से अतिरिक्त एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली (S-400 Air Defence Missile System) खरीदने पर भी बात कर सकता है। गौरतलब है कि 2018 में हुए 5 अरब डॉलर के सौदे के तहत भारत को तीन रेजिमेंट मिल चुकी हैं, जबकि दो अभी बाकी हैं। रूस की इस प्रणाली ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान पाकिस्तान के हवाई हमलों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई थी।

अमेरिकी दबाव के बीच हो रही यात्रा

पुतिन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका (USA) लगातार भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है। इसके बावजूद, भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी है। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों की ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ (Special and Privileged Strategic Partnership) को और मजबूत करने का काम करेगी।

जयशंकर ने तैयार की थी जमीन

इस शिखर सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) पिछले हफ्ते ही मॉस्को (Moscow) गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। क्रेमलिन (Kremlin) ने इस यात्रा को दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया है, जिसमें राजनीतिक, व्यापारिक, ऊर्जा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।