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Punjab Cabinet Meeting में लिए गए ये अहम फैसले, पढ़ें…

Punjab Cabinet Meeting में लिए गए ये अहम फैसले, पढ़ें…
  • PublishedNovember 28, 2025

चंडीगढ़, 28 नवंबर, 2025 : पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रशासनिक ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार का पूरा जोर सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर है। कैबिनेट ने अवैध खनन पर नकेल कसने से लेकर डॉक्टरों की कमी दूर करने तक कई अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है।
165 साल बाद बदला सोसाइटी एक्ट

सरकार ने सोसायटियों और ट्रस्टों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने ‘सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट’ में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जो मूल रूप से 1860 में बना था।

1. क्यों पड़ी जरूरत: वित्त मंत्री ने बताया कि लोग अपनी सोसाइटी या ट्रस्ट रजिस्टर्ड करवाकर उसे आगे लीज पर दे देते थे या बेच देते थे, जिससे धोखाधड़ी होती थी।

2. अब क्या होगा: अब पंजाब में चल रही सभी सोसायटियों और ट्रस्टों का सालाना ऑडिट (Audit) अनिवार्य होगा। इनकी वित्तीय जांच के लिए प्रबंधक नियुक्त किए जाएंगे। यह 1860 के बाद किया गया पहला संशोधन है, जिससे लोगों के साथ होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी।

माइनिंग गाड़ियों की होगी लाइव ट्रैकिंग

खनन विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

1. GPS अनिवार्य: माइनिंग में लगी सभी गाड़ियों पर जीपीएस (GPS) सिस्टम लगाना अब अनिवार्य होगा। इससे वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि रेत कहां से उठाई गई और कहां जा रही है।

2. नई अथॉरिटी: विभाग में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने और निगरानी रखने के लिए एक नई अथॉरिटी (Authority) बनाई जाएगी।

300 प्राइवेट स्पेशलिस्ट डॉक्टर होंगे भर्ती

सेहत के क्षेत्र में सरकार ने एक अनूठा फैसला लिया है। सरकारी अस्पतालों में अब प्राइवेट स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को इंपैनल (Empanel) किया जाएगा। कुल 300 डॉक्टर इंपैनल होंगे, जिन्हें ‘ऑन कॉल’ बुलाया जाएगा।

इन डॉक्टरों को ओपीडी और इंडोर मरीजों को चेक करने के लिए कम से कम 100 रुपये फीस मिलेगी। अगर किसी स्पेशलिस्ट को दिन में अतिरिक्त समय के लिए बुलाया जाता है, तो उसे 1000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि रात के समय यह इंसेंटिव डबल हो जाएगा।

बॉर्डर एरिया स्टाफ के लिए ‘इंसेंटिव’

कैबिनेट ने सीमावर्ती इलाकों (Border Areas) में तैनात कर्मचारियों की सुध ली है। 7 सीमावर्ती जिलों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों और डॉक्टरों को ‘स्पेशल इंसेंटिव’ दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मान ने अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रपोजल तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसे अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।

खरीद नियम और सहकारिता विभाग में बदलाव

काम में तेजी लाने के लिए ‘प्रिक्योरमेंट रूल’ में संशोधन किया गया है। अब बिना टेंडर के सामान खरीदने की सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। सहकारिता विभाग में अब एक अधिकारी के पास दो-दो जिम्मेदारियां नहीं होंगी। अधिकारों का बंटवारा कर दिया गया है ताकि काम में पारदर्शिता आए और लोगों की शिकायतों का सही निवारण हो सके।