Putin की भारत यात्रा से पहले PM मोदी से मिला उनका ‘खास’ सहयोगी! कई मुद्दों पर हुई चर्च

नई दिल्ली, 19 नवंबर, 2025 : दिसंबर की शुरुआत में होने वाले 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन (23rd Annual India-Russia Summit) से पहले, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी निकोलाई पात्रुशेव से मुलाकात की। इस अहम बैठक में द्विपक्षीय सहयोग, विशेषकर समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर
रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर बात की। विशेष रूप से, दोनों पक्षों ने रूस और भारत के बीच अपनी समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने और इस क्षेत्र में आपसी संपर्क को गहरा करने में अपनी साझा रुचि जताई।
पात्रुशेव के साथ हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी (strategic partnership) के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाना था।
मास्को में विदेश मंत्रियों की मुलाकात
इससे पहले, सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मास्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें राष्ट्रपति पुतिन भारत आएंगे।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर बताया कि उनकी बातचीत में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कृषि, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे कई मुद्दे शामिल थे। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
“रिश्ते स्थिरता का कारक” – जयशंकर
रूसी विदेश मंत्री के साथ बैठक में जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस संबंध लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता (stability) का एक कारक रहे हैं।
उन्होंने कहा, “विभिन्न क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौतों, पहलों और परियोजनाओं पर चर्चा चल रही है। हम आने वाले दिनों में इन्हें अंतिम रूप दिए जाने की आशा करते हैं। ये निश्चित रूप से हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूती देंगे।”
