राष्ट्रपति Droupadi Murmu पहुंची बोत्सवाना, 21 तोपों की सलामी के साथ हुआ भव्य स्वागत

नई दिल्ली/गबोरोने, 12 नवंबर, 2025 : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) मंगलवार को अफ्रीका के दो देशों (अंगोला और बोत्सवाना) की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में बोत्सवाना की राजधानी गबोरोने (Gaborone) पहुंचीं। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है। इस दौरे का मुख्य मकसद दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करना और ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत 8 चीतों को भारत लाने के समझौते को अंतिम रूप देना है।
एयरपोर्ट पर हुआ ‘भव्य स्वागत’
गबोरोने के सर सेरेत्से खामा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर राष्ट्रपति मुर्मू का 21 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) के साथ भव्य स्वागत किया गया। बोत्सवाना के राष्ट्रपति डूमा गिडियन बोको (Duma Gideon Boko) ने स्वयं उनकी अगवानी की।
‘चीता प्रोजेक्ट’ पर लगेगी मुहर
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा भारत-बोत्सवाना वन्यजीव संरक्षण सहयोग (wildlife conservation cooperation) के लिए बहुत अहम है। दोनों नेता गबोरोन से 10 किमी दूर मोकोलोदी नेचर रिजर्व (Mokolodi Nature Reserve) में एक प्रतीकात्मक समारोह में शामिल होंगे, जहां से 8 चीतों को भारत भेजा जाना है।
संसद को करेंगी संबोधित
अपने तीन दिवसीय दौरे में, राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति बोको के साथ प्रतिनिधि स्तर की वार्ता करेंगी और कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर करेंगी। इसके बाद, राष्ट्रपति मुर्मू बुधवार को बोत्सवाना की संसद (Parliament) को भी संबोधित करेंगी और वहां बसे भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगी।
‘हीरा’ व्यापार है अहम कड़ी
भारत और बोत्सवाना के बीच राजनयिक संबंध 1966 में स्थापित हुए थे (जो 2026 में 60 वर्ष पूरे करेंगे)। बोत्सवाना दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश है और भारत को कच्चे हीरे (raw diamonds) निर्यात करता है, जबकि भारत उन्हें फार्मास्यूटिकल्स मशीनरी और लोहे-इस्पात भेजता है।
