Delhi Blast : पुलिस के हाथ लगा ‘अहम CCTV फुटेज’! पढ़ें पूरी ख़बर

नई दिल्ली, 11 नवंबर, 2025 : दिल्ली (Delhi) में लाल किला (Red Fort) के पास सोमवार (10 नवंबर) शाम हुए भीषण कार धमाके में 8 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह धमाका शाम करीब 6:52 बजे सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती पर रुकी एक Hyundai i20 कार में हुआ था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली पुलिस ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
CCTV में दिखा ‘अकेला’ संदिग्ध
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें एक अहम CCTV फुटेज हाथ लगा है। सीसीटीवी फुटेज में कार को सोमवार शाम करीब 4 बजे दरियागंज बाजार इलाके से निकलते हुए देखा गया। इसके बाद यह कार सुनहरी मस्जिद के पास पार्किंग में पहुंची। कैमरों में इसे छत्ता रेल चौक पर यू-टर्न लेते और लोअर सुभाष मार्ग की ओर जाते हुए भी कैद किया गया।
एक अधिकारी ने बताया, ‘छत्ता रेल चौक पर यू-टर्न लेने के बाद कार लोअर सुभाष मार्ग की ओर बढ़ रही थी। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कार एक सिग्नल के पास धीमी हुई थी तभी धमाका हो गया।’ अब पुलिस द्वारा आसपास के टोल प्लाजा (toll plazas) समेत 100 से ज्यादा CCTV क्लिप्स को खंगाला जा रहा है, ताकि गाड़ी की पूरी मूवमेंट का पता लगाया जा सके।
कौन है ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई कार का मालिक?
बताया जा रहा है कि कार हरियाणा नंबर की थी। पुलिस ने I-20 कार के मालिक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कार का मालिक सलमान नाम का शख्स है। वहीं कार मालिक ने पूछताछ में बताया कि वह अपनी कार बेच चुका था। फिलहाल पुलिस मौजूदा कार मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
गृह मंत्री ने की थी पुष्टि
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने घटना की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया था कि शाम करीब 7 बजे यह धमाका हुआ, जिससे कुछ राहगीर घायल हुए और आसपास के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
उन्होंने कहा था, “हम सभी संभावनाओं (all possibilities) पर विचार कर रहे हैं और पूरी जांच करेंगे।”
अस्पताल में 8 ‘मृत’ लाए गए थे
इस धमाके के तुरंत बाद घायलों को LNJP (लोक नायक जय प्रकाश नारायण) अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (Medical Superintendent) ने पुष्टि की थी कि 15 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 8 को अस्पताल पहुंचने से पहले ही “मृत घोषित” (dead before arrival) कर दिया गया था।
