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‘गोल्डन बॉय’ Neeraj Chopra बने लेफ्टिनेंट कर्नल! सेना की वर्दी में आए नजर

‘गोल्डन बॉय’ Neeraj Chopra बने लेफ्टिनेंट कर्नल! सेना की वर्दी में आए नजर
  • PublishedOctober 22, 2025

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर, 2025 : भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के गौरवशाली करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक “पिपिंग समारोह” (Pipping Ceremony) में नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि (honorary rank) प्रदान की गई।

यह सम्मान उन्हें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना अध्यक्ष (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में दिया गया। नीरज इस दौरान सेना की वर्दी में नजर आए। भारत के राजपत्र (Gazette of India) के अनुसार, यह नियुक्ति 16 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हुई है।

नीरज का सेना में सफर

हरियाणा के पानीपत निवासी 27 वर्षीय नीरज चोपड़ा 26 अगस्त, 2016 को नायब सूबेदार के पद पर एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (Junior Commissioned Officer) के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुए थे।

1. 2016 : नायब सूबेदार के पद पर सेना में शामिल हुए।

2. 2021 : सूबेदार के पद पर पदोन्नत हुए।

3. 2022 : सूबेदार मेजर के पद पर पदोन्नत हुए।

4. 2025 : अब उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद दिया गया है।

नीरज से पहले, भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को भी 2011 में प्रादेशिक सेना (Territorial Army) में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद दिया गया था।

ओलंपिक से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कारों तक

नीरज चोपड़ा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार देश का मान बढ़ाया है। उन्हें उनके शानदार करियर के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

1. ओलंपिक: टोक्यो ओलंपिक (2020) में स्वर्ण पदक और पेरिस ओलंपिक (2024) में रजत पदक जीता।

2. राष्ट्रीय सम्मान:

2.1 2018 : अर्जुन पुरस्कार

2.2 2021 : खेल रत्न पुरस्कार

2.3 2022 : परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) – (टोक्यो गोल्ड के बाद सेना का सर्वोच्च शांतिकालीन पुरस्कार)

2.4 2022 : पद्म श्री (भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार)

हालिया प्रदर्शन: सीजन अच्छा नहीं रहा

यह सम्मान नीरज चोपड़ा को ऐसे समय में मिला है जब उनका मौजूदा एथलेटिक्स सीजन बहुत अच्छा नहीं रहा।

1. वर्ल्ड चैंपियनशिप: हाल ही में हुई विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज अपना स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सके और 84.03 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवें स्थान पर रहे।

2. टूटा 26 इवेंट का सिलसिला: इस प्रदर्शन के साथ, नीरज का 26 इवेंट (प्रतियोगिताओं) में लगातार टॉप-2 में रहने का सिलसिला भी टूट

गया।

3. पीठ की समस्या: नीरज ने खुद अपने निराशाजनक प्रदर्शन पर आश्चर्य व्यक्त किया था और कहा था कि उन्हें पीठ की कुछ समस्या (back issue) है।

4. साथी का बेहतर प्रदर्शन: इसी चैंपियनशिप में, भारत के दूसरे खिलाड़ी सचिन यादव ने 86.27 मीटर का थ्रो किया, और वह चौथे स्थान पर रहे, हालांकि वह भी पदक से चूक गए।