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Trump का एक और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! इस चीज पर लगाया 100% का भारी-भरकम Tariff

Trump का एक और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! इस चीज पर लगाया 100% का भारी-भरकम Tariff
  • PublishedSeptember 30, 2025

नई दिल्ली, 30 सितंबर, 2025 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा संरक्षणवादी कदम उठाते हुए अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100% टैरिफ (Tariff) लगाने की घोषणा की है। इस फैसले से वैश्विक मनोरंजन जगत में खलबली मच गई है, और इसे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो अमेरिका में अपनी फिल्मों का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है।
यह कदम ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में फार्मास्यूटिकल उत्पादों और फर्नीचर पर लगाए गए भारी टैरिफ के बाद आया है, जो उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को और मजबूत करता है।

ट्रंप ने अपने फैसले पर क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर एक पोस्ट में इस फैसले का ऐलान किया।

1. ट्रंप ने लिखा: “हमारा फिल्म बनाने का व्यवसाय दूसरे देशों द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका से चुरा लिया गया है, ठीक वैसे ही जैसे किसी बच्चे से ‘कैंडी’ चुराई जाती है।”

2. कैलिफोर्निया पर निशाना: उन्होंने विशेष रूप से कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम पर निशाना साधते हुए उन्हें “कमजोर और अक्षम” बताया और कहा कि उनके राज्य को इससे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

3. समाधान: ट्रंप ने आगे कहा, “इस लंबे समय से चली आ रही, कभी न खत्म होने वाली समस्या को हल करने के लिए, मैं अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाऊंगा।”

भारतीय फिल्म उद्योग पर क्या होगा असर?

अमेरिका भारतीय फिल्मों के लिए सबसे बड़े विदेशी बाजारों में से एक है, और इस फैसले का भारतीय सिनेमा पर गहरा असर पड़ सकता है।

1. राजस्व का नुकसान: अमेरिका में एक बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी (Diaspora) है, जो बॉलीवुड, टॉलीवुड और अन्य क्षेत्रीय भारतीय फिल्मों की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देती है। एक अनुमान के अनुसार, यह दर्शक वर्ग भारतीय फिल्मों पर सालाना लगभग 100 मिलियन डॉलर खर्च करता है। यह टैरिफ भारतीय निर्माताओं के राजस्व में भारी कटौती कर सकता है।

2. टिकट की कीमतें बढ़ेंगी: इस 100% टैरिफ का बोझ संभवतः दर्शकों पर डाला जाएगा, जिससे अमेरिका में भारतीय फिल्मों के टिकट काफी महंगे हो सकते हैं। इससे दर्शकों की संख्या में कमी आ सकती है।

3. डिजिटल और सैटेलाइट अधिकार: यह टैरिफ सिर्फ थिएट्रिकल रिलीज तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका से आने वाले डिजिटल और सैटेलाइट अधिकारों के राजस्व को भी प्रभावित करेगा, जिससे निर्माताओं की कमाई और कम हो जाएगी।

क्या यह टैरिफ लगाना संभव है?

कई उद्योग विशेषज्ञ ट्रंप के इस ऐलान की व्यावहारिकता पर सवाल उठा रहे हैं।

1. वैश्विक फिल्म निर्माण: आज के दौर में फिल्में कई देशों में बनती हैं। एक हॉलीवुड फिल्म की शूटिंग किसी दूसरे देश में हो सकती है, जबकि उसके स्पेशल इफेक्ट्स भारत जैसे किसी तीसरे देश में तैयार किए जा सकते हैं। ऐसे में यह तय करना मुश्किल होगा कि कौन सी फिल्म “अमेरिका के बाहर बनी” है।

2. डिजिटल डिलीवरी: फिल्में अब भौतिक प्रिंट के बजाय डिजिटल सिनेमा पैकेज (Digital Cinema Packages) के माध्यम से वितरित की जाती हैं, जो इसे एक डिजिटल सेवा बनाता है। इस पर टैरिफ कैसे लागू किया जाएगा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है।

फिल्म निर्माता कबीर खान ने इस घोषणा पर हैरानी जताते हुए कहा कि हॉलीवुड की अपनी अधिकांश फिल्में अमेरिका के बाहर शूट होती हैं, इसलिए यह समझना मुश्किल है कि ट्रंप का असली इरादा क्या है। फिलहाल, पूरा वैश्विक मनोरंजन उद्योग इस पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहा है।