PM Modi ने अरुणाचल को दिया 5100 करोड़ का तोहफा, कांग्रेस पर साधा निशाना

इटानगर (अरुणाचल प्रदेश), 22 सितंबर 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के लक्ष्य के साथ कई मेगा परियोजनाओं (Mega Projects) का शुभारंभ किया। इटानगर के इंदिरा गांधी पार्क (Indira Gandhi Park) में आयोजित समारोह में उन्होंने सियोम उप-बेसिन में बनने वाले दो प्रमुख जलविद्युत प्रोजेक्ट्स — हीओ (240 मेगावाट) और तातो-I (186 मेगावाट) की आधारशिला रखी।
इसके साथ ही पीएम ने तवांग में कन्वेंशन सेंटर (Convention Centre) और स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) तथा महिला छात्रावास जैसी योजनाओं के लिए 1,290 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की शुरुआत की।
कांग्रेस पर वार और ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की नीतियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लम्बे समय तक अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों को पिछली सरकारों ने नज़रअंदाज़ किया। “कांग्रेस की सोच ने इस पूरे क्षेत्र का नुकसान किया। जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी पूजता है।”
मोदी ने साफ किया कि उनकी सरकार वोट और सीटों की राजनीति पर आधारित नहीं है बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) की सोच पर चलती है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्र है—“नागरिक देवो भव,” यानी हर नागरिक का उत्थान ही राष्ट्र की प्रगति है।
अरुणाचल दौरे को क्यों बताया खास
प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा को तीन कारणों से विशेष बताया।
1. नवरात्रि के पहले दिन हिमालय की गोद में मां शैलपुत्री का आशीर्वाद मिलना।
2. देश में Next-Gen GST Reforms लागू होना और GST बचत उत्सव (GST Savings Festival) का शुभारंभ।
3. अरुणाचल प्रदेश के लिए ऊर्जा, पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास परियोजनाओं का उपहार।
‘शौर्य की भूमि है अरुणाचल’
पीएम ने कहा, “जैसा तिरंगे का पहला रंग केसरिया वीरता का प्रतीक है, उसी तरह अरुणाचल का रंग भी साहस और शौर्य का प्रतीक है। यह भूमि राष्ट्र गौरव और समृद्ध संस्कृति की धरोहर है।”
व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों से संवाद
इटानगर में पीएम मोदी ने स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों से मुलाकात की। उन्होंने GST में हुए हालिया बदलावों को लेकर उनके अनुभव सुने और कहा कि ये सुधार कारोबारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लाभदायक होंगे। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) को मज़बूत बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में अहम कदम है।
नई परियोजनाओं का विस्तृत विवरण
1. हीओ हाइड्रो प्रोजेक्ट (Heo Project): 240 मेगावाट की क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट करीब 1,939 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा और प्रतिवर्ष लगभग 1,000 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा।
2. तातो-I हाइड्रो प्रोजेक्ट (Tato-I Project): 186 मेगावाट क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट लगभग 1,750 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और हर साल करीब 802 मिलियन यूनिट बिजली देगा।
3. तवांग कन्वेंशन सेंटर: 145 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाला सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और पर्यटन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को नए आयाम देगा।
4. अन्य योजनाएं: स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और महिला छात्रावास जैसे क्षेत्रों में कुल 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की नींव डाली गई।
