गंगा के उफान से साहिबगंज में बाढ़ का संकट, शहर के कई मुहल्लों में पानी घुसा, स्कूल दो दिन बंद

झारखंड के साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर सोमवार को खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। नदी का दियारा इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया है और शहर के कई हिस्सों में पानी घुस आया है। खतरे को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन के निर्देश पर 11 और 12 अगस्त को जिला मुख्यालय के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
सोमवार सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 28.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से 1 मीटर 37 सेंटीमीटर ऊपर है। यह अब एचएफएल (हाई फ्लड लेवल) की ओर बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। उपायुक्त हेमंत सती ने लोगों से अपील की है कि दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोग अपनी और अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में पहुंचें। शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 9006963963, 9631155933 और 9065370630 जारी किए हैं।
लोगों से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों व घाटों से दूर रहने, आवश्यक सामान ऊंचाई पर रखने और बहते पानी में पैदल या वाहन से न जाने की सख्त हिदायत दी है।
प्रशासन का कहना है कि हर जरूरतमंद तक समय पर राहत पहुंचाने के लिए टीम तैनात है। गंगा के उफान से नगर परिषद के 28 वार्डों में से 11 वार्ड बुरी तरह प्रभावित हैं। लगभग डेढ़ हजार घरों में पानी भर गया है। वार्ड नंबर 13 हबीबपुर और वार्ड नंबर 22 चानन गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
इसके अलावा वार्ड नंबर 2, 3, 4, 7, 11, 17, 18, 23 और 24 के लोग भी बाढ़ से घिरे हैं। भरतिया कॉलोनी में पानी कमर तक भर जाने से लोग एएमके बड़ी धर्मशाला में शरण ले रहे हैं। यहां 104 कॉलोनियों के निवासी सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। कई स्कूलों में पानी घुस जाने से पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।
साहिबगंज के सिटी मैनेजर बिरेश कुमार ने बताया कि नगर परिषद प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और नावों की व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रहा है। दियारा क्षेत्र में पशुओं के लिए चारा संकट न हो, इसके लिए साहेबगंज प्रखंड के शंकुतला घाट, रामपुर दियारा (छोटा-बड़ा), और रामपुर टोपरा में बिचाली व कुट्टी वितरित की जा रही है।
