केंद्र सरकार का सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल को विदेश भेजने का फैसला सही : विवेक तन्खा

पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित की गई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का पहला ग्रुप आज बुधवार को विदेश दौरे पर रवाना होगा। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने प्रतिनिधिमंडल को विदेश भेजे जाने के केंद्र सरकार के निर्णय की तारीफ की।उन्होंने सुझाव दिया कि इस चर्चा में कश्मीरी पंडितों का मुद्दा भी शामिल होना चाहिए।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह एक अच्छा प्रयास है और सरकार दुनिया को जागरूक करना चाहती है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ क्यों हुआ। भारत किस तरह से आतंकवाद से ग्रसित है और हमने ऑपरेशन के जरिए सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाया। ये प्रतिनिधिमंडल विदेश जाकर भारत का पक्ष रखेगा और मुझे लगता है कि इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “मेरा सवाल है कि कश्मीरी पंडितों को जिस तरीके से कश्मीर में आतंकित करके बाहर निकाला गया, इस पर चर्चा क्यों नहीं होती? यहां सिर्फ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बात होती है, मगर जब तक कश्मीरी पंडितों को उनके घर वापस नहीं भेजा जाएगा, तब तक वहां ऐसा ही होता रहेगा। एक बार जब कश्मीरी पंडितों को कश्मीर अपना लेगा तो इससे ये साफ हो जाएगा कि अब पाकिस्तान को किसी तरीके का कोई सपोर्ट सिस्टम हासिल नहीं है। जिस तरह से कश्मीरी हिंदुओं को वहां से निकाला गया है, उस पर बात होनी चाहिए।”
वहीं, राजनीतिक दलों द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग पर विवेक तन्खा ने कहा कि यह बात सही है, क्योंकि अगर विशेष सत्र बुलाते हैं और भारतीय संसद को जानकारी देते तो उससे सबसे बड़ा संदेश दुनियाभर में जाता। संसद से बढ़िया कोई मैसेज कम्युनिकेट नहीं कर सकता है।
