महाशिवरात्रि पर शिवालयों में भक्तों की भीड़, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
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चंडीगढ़,26 फरवरी। महादेव की उपासना का सबसे पावन पर्व महाशिवरात्रि आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। भक्तजन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने और जलाभिषेक करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। विशेष रूप से कुंवारी कन्याएं इस दिन व्रत रखती हैं, जिससे उन्हें मनचाहा वर मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, आज ही के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था।
शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़
महाशिवरात्रि के अवसर पर हरियाणा और चंडीगढ़ के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु दूध, दही, गंगाजल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। हालांकि, बारिश के बावजूद शिव भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।
महाशिवरात्रि पर पूजा के शुभ मुहूर्त
पंचकूला के पंडित सोहन के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी को सुबह 11:08 बजे से शुरू हुआ और इसका समापन 27 फरवरी को सुबह 8:54 बजे होगा। शिवजी के पहले जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त सुबह 6:48 से 9:41 तक रहेगा। वहीं, रात के विशेष मुहूर्त में 12:09 से 12:59 बजे तक पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
चार पहरों में शिव पूजा का महत्व
महाशिवरात्रि की रात को चार पहरों में शिव जी की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
पहला पहर: 8:15 से 10:00 बजे
दूसरा पहर: 10:00 से 12:00 बजे
तीसरा पहर: 12:00 से 2:00 बजे
चौथा पहर: 2:00 से 4:00 बजे
व्रत पारण का समय
महाशिवरात्रि के व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 27 फरवरी को सुबह 6:48 से 8:54 बजे तक है। इस समय व्रत खोलने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
कैसे करें भोलेनाथ का जलाभिषेक?
पंडित राकेश के अनुसार, भगवान शिव का जलाभिषेक करने से एक साल की पूजा के बराबर फल मिलता है। भक्त दूध, दही, शहद और गंगाजल मिलाकर अभिषेक कर सकते हैं। इसके अलावा, गन्ने के रस से जलाभिषेक करना भी बेहद शुभ माना जाता है।
भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा और अक्षत चढ़ाने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
रात के चारों पहर शिवजी की पूजा करने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि आध्यात्मिक साधना, भक्ति और मोक्ष प्राप्ति का पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी दोष समाप्त होते हैं, घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।