जयशंकर मिले रूसी विदेश मंत्री लावरोव से, द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर की चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को मॉस्को में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय संवेदनशील मुद्दों, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने यूक्रेन, ईरान और अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श किया।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत में अंतरराष्ट्रीय एजेंडे से जुड़े मौजूदा मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहे। दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान, ईरान और यूक्रेन की स्थिति को लेकर अपने दृष्टिकोण में समन्वय किया।
बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय जारी रखने पर सहमति
तास के अनुसार, भारत और रूस ने संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), ब्रिक्स और जी20 के भीतर करीबी समन्वय जारी रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों मंत्रियों ने सभी स्तरों पर विश्वास पर आधारित संवाद को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लावरोव के साथ व्यापक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय संवेदनशील मुद्दों, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई।
दो दिवसीय रूस यात्रा पर जयशंकर
जयशंकर दो दिवसीय रूस यात्रा के तहत रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने की उम्मीद है।
पुतिन से भी हुई थी मुलाकात
जयशंकर ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
मंतुरोव के साथ अंतर-सरकारी आयोग की बैठक
जयशंकर ने मॉस्को में रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी) की बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। इसमें व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में प्रयास
जयशंकर और लावरोव की बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और रूस अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद के जरिए द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय को आगे बढ़ाया जा रहा है।
