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2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार में 5% हिस्सेदारी का लक्ष्य, केंद्र ने बनाई टास्क फोर्स

2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार में 5% हिस्सेदारी का लक्ष्य, केंद्र ने बनाई टास्क फोर्स
  • PublishedJuly 28, 2026

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार में भारत की 5 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ टॉय सेक्टर के लिए एक विशेष टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। यह घोषणा नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा आयोजित “Team Up for Toys: Driving SCALE, Innovation and Exports” कार्यक्रम के दौरान की गई।

नई टास्क फोर्स वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ाव, विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को दूर करने, कुशल कार्यबल तैयार करने, डिजाइन और नवाचार को बढ़ावा देने तथा कारोबार सुगमता में सुधार जैसे छह प्रमुख उद्देश्यों पर काम करेगी।

इस अवसर पर टॉय सेक्टर प्लेबुक भी जारी की गई, जो निर्माताओं, स्टार्टअप, एमएसएमई, निवेशकों और उद्यमियों के लिए एक व्यापक रोडमैप का काम करेगी। इसमें विनिर्माण इकोसिस्टम, वैल्यू चेन, गुणवत्ता मानक, नियामकीय अनुपालन, कौशल विकास, उत्पाद नवाचार, बौद्धिक संपदा, निर्यात और उभरते बाजारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का खिलौना उद्योग विकसित भारत की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र विनिर्माण क्षमता, नवाचार, रचनात्मकता और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने उद्योग जगत से नवाचार, डिजाइन उत्कृष्टता, टिकाऊ उत्पादन, बड़े पैमाने पर विनिर्माण और निर्यात पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

गोयल ने कहा कि सरकार की विभिन्न पहलों, जैसे बीआईएस (BIS) गुणवत्ता प्रमाणन, क्लस्टर विकास कार्यक्रमों तथा एमएसएमई और स्टार्टअप को दिए जा रहे सहयोग से घरेलू खिलौना उद्योग को मजबूती मिली है। उन्होंने उद्योग जगत से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाले भारतीय ब्रांड विकसित करने और तकनीक का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव काजल ने बताया कि देश में वर्तमान में 21,000 से अधिक एमएसएमई, 770 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त टॉय स्टार्टअप, लगभग 50 टॉय क्लस्टर और 1,800 से अधिक बीआईएस लाइसेंसधारी इकाइयां कार्यरत हैं।

स्केल (SCALE) समिति के अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा कि भारत को वैश्विक खिलौना विनिर्माण केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में हो रहे बदलाव का लाभ उठाते हुए भारत 2032 तक वैश्विक खिलौना बाजार में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का प्रयास करेगा।

कार्यक्रम के अंत में डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव सुमीत जरंगल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य का लक्ष्य ऐसे खिलौने तैयार करना है जो “Made in India, Designed in India, Innovated in India और Branded in India” हों।